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  • Karur Stampede: करूर भगदड़ में 39 की मौत, विजय ने मुआवजे का ऐलान किया और जताया गहरा दुख और सहानुभूति

    Karur Stampede: करूर भगदड़ में 39 की मौत, विजय ने मुआवजे का ऐलान किया और जताया गहरा दुख और सहानुभूति

    Karur Stampede: तमिलनाडु के करुर जिले में अभिनेता और राजनीतिज्ञ विजय की रैली के दौरान हुए भगदड़ ने पूरे राज्य को शोक में डाल दिया है। इस हादसे में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 9 बच्चे और 16 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। वहीं, लगभग 70 लोग घायल हुए हैं। हादसे की तस्वीरें और वीडियो देखकर लोगों के दिल दहल गए हैं। रैली में भारी भीड़ और अनुशासनहीनता के कारण यह दुखद घटना घटित हुई।

    घायल और मृतकों के लिए विजय ने घोषित की मुआवजा राशि

    विजय ने इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की और मृतकों के परिवारों और घायल हुए लोगों के लिए मुआवजे की घोषणा की। उनके अनुसार, मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये और घायल लोगों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। विजय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि करुर में हुए इस दुखद हादसे ने उनका मन और हृदय झकझोर दिया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह क्षति किसी भी तरह से पूरी नहीं हो सकती।

    Karur Stampede: करूर भगदड़ में 39 की मौत, विजय ने मुआवजे का ऐलान किया और जताया गहरा दुख और सहानुभूति

    विजय का भावुक संदेश

    विजय ने कहा, “मैं अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। यह हानि इतनी बड़ी है कि इसे कोई भी मुआवजा नहीं भर सकता। फिर भी, एक परिवारजन के नाते मैं मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये और घायल लोगों को 2 लाख रुपये देने का कार्य कर रहा हूँ।” उन्होंने घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना भी की और आश्वासन दिया कि सभी संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

    समाज और प्रशासन की भूमिका

    विजय ने इस हादसे के बाद प्रशासन और राज्य सरकार से भी समन्वय किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार और उनकी टीम सभी घायल और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पूरी तरह से तत्पर हैं। इसके अलावा, उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया। उनका यह संदेश राज्य और समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन गया है।

    विजय की प्रतिबद्धता और आगे की योजनाएँ

    विजय ने यह स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि दुख की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन यह एक परिवारजन के नाते उनका कर्तव्य है। उन्होंने मृतकों के परिवारों और घायल लोगों के लिए सभी प्रकार की कानूनी और चिकित्सा सहायता प्रदान करने का वादा किया। विजय की यह संवेदनशील प्रतिक्रिया उनके प्रशंसकों और जनता के बीच एक मजबूत संदेश बन गई है कि संकट के समय नेतृत्व और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है।

  • Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: नूंह जिले के सालाहेडी गांव में शनिवार दोपहर बाद एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह घटना दोपहर 2:00 बजे के बाद गांव के एक खेत के पास बने जोहड़ में हुई, जहां मिट्टी की खुदाई के कारण जलभराव हो गया था।

    मिली जानकारी के मुताबिक, 2 महिलाएं कपड़े धोने के लिए इस जोहड़ पर गई थीं, आपस में दोनों महिलाएं देवरानी जेठानी थी। उनके साथ दो बच्चे भी थे। अचानक बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे, जिन्हें बचाने की कोशिश में दोनों महिलाएं भी कूद गईं। इस हादसे में दोनों महिलाओं और दोनों बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जिससे गांव में मातम छा गया।

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    स्थानीय लोगों ने बताया कि जोहड़ का किनारा असुरक्षित था और मिट्टी की खुदाई के कारण पानी की गहराई बढ़ गई थी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। शवों को जोहड़ से निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए नूंह के सिविल अस्पताल भेजा गया।

    मृतकों की पहचान जमशीदा पत्नी नसीम 38 वर्ष व उसकी देवरानी मदीना पत्नी समीम (35 वर्ष) अपनी बच्चियां सुमैया (10 वर्ष) व सोफिया (11 वर्ष) के रूप में हुई है।

    ग्रामीणों के अनुसार दोनों महिलाएं शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी बच्चियों के साथ खेत में कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान बच्चियों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए दोनों महिलाएं भी पानी में कूद पड़ीं, लेकिन ज्यादा पानी होने के कारण चारों की डूबकर मौत हो गई।

    शाम करीब साढ़े 7 बजे गांव का एक व्यक्ति खेत से गुजर रहा था, तभी उसने पानी में तैरते हुए शव देखे। सूचना मिलते ही परिवारजन और ग्रामीण वहां पहुंचे और शव बाहर निकाले। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामला डूबने से मौत का है या इसमें कोई अन्य वजह जुड़ी है। फिलहाल शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

    पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर हादसे की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें शवों को निकालने का दृश्य दिख रहा है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चे और महिलाएं अकेले जोहड़ या तालाबों के पास न जाएं।

  • हरियाणा: सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चे बनेंगे राम-रावण, लक्ष्मण और सीता, प्रदेश के 4000 स्कूलों में होगी रामलीला

    हरियाणा: सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चे बनेंगे राम-रावण, लक्ष्मण और सीता, प्रदेश के 4000 स्कूलों में होगी रामलीला

    हरियाणा की राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं के बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता, रावण और हनुमान बनकर स्कूल में ही रामलीला का मंचन करेंगे। 15-16 सितंबर को पेपर के बाद रामलीला के मंचन की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर साझा करें। इसके लिए विशेष हैशटैग भी तय किए गए हैं।

    #NIPUN_Haryana_Mission #NIPUN_Ramleela #FLNHaryana #Student_Learning_Outcome ‘निपुण हरियाणा मिशन’ के तहत इस बार बच्चों को अभिनय और संवाद बोलने की कला सिखाने के लिए ‘निपुण रामायण’ का आयोजन होगा। 22 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में करीब 4000 स्कूलों के छोटे-छोटे बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता, रावण और हनुमान के किरदार निभाएंगे। बता दें कि हरियाणा में करीब साढ़े आठ हजार राजकीय प्राथमिक पाठशाला हैं। ऐसे में औसतन आधे स्कूलों में रामलीला का मंचन किया जाएगा।

    हरियाणा: सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चे बनेंगे राम-रावण, लक्ष्मण और सीता, प्रदेश के 4000 स्कूलों में होगी रामलीला

    विद्यालयों में छोटे-छोटे मंच सजेंगे, जहां किसी बच्चे के पास होगा राम का रोल तो किसी के पास रावण का। बच्चे अपने-अपने संवाद को आत्मविश्वास के साथ बोलने की तैयारी करेंगे। राम-रावण संवाद और सीता-हनुमान के दृश्य भी स्कूलों में छोटे मंचन के जरिए प्रस्तुत किए जाएंगे।

    शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि इस आयोजन का मकसद बच्चों की भाषा अभिव्यक्ति, संवाद कला और आत्मविश्वास को मजबूत करना है। जब नन्हें छात्र-छात्राएं मंच पर आकर संवाद बोलेंगे तो उनकी झिझक टूटेगी और टीमवर्क के साथ नेतृत्व क्षमता भी निखरेगी।
    रामायण का यह मंचन सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहेगा। अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय को भी इसमें जोड़ा जाएगा। माता-पिता अपने बच्चों को मंच पर अभिनय करते देखेंगे, जिससे बच्चों का उत्साह और भी बढ़ेगा। विद्यालय प्रबंधन समिति को भी कार्यक्रम को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह पहल शिक्षा विभाग के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा, संस्कृति और परंपरा को जोड़कर बच्चों के समग्र विकास और आत्मविश्वास को नई उड़ान देने की कोशिश की जा रही है।

    कार्यक्रम की रिपोर्ट जिला और खंड स्तर पर मानीटर होगी। एफएलएन कोऑर्डिनेटर औचक निरीक्षण करेंगे और स्कूलों को फोटो व वीडियो विभागीय ग्रुप पर भेजने होंगे। पिछले साल इस कार्यक्रम को शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। इस बार इसे और बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस आयोजन के बाद अगले साल यह सभी राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में आयोजित किया जा सकता है।

  • साधारण परिवार की असाधारण प्रतिभा करीना, CSIR-UGC NET परीक्षा में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया

    साधारण परिवार की असाधारण प्रतिभा करीना, CSIR-UGC NET परीक्षा में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया

    साधारण परिवार के बच्चों को भी असाधारण सपने देखने और उन्हें पूरा करने का पूरा अधिकार है। बस इसके लिए लगन और जुनून की जरूरत होती है। झज्जर जिले के माजरा गांव की करीना कादयान ने सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा में देशभर में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली करीना ने अपनी कड़ी मेहनत, समर्पण और सतत अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। यह न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    करीना के पिता सोमवीर सिंह एक किसान हैं, जबकि उनकी माता पिंकी देवी गृहिणी हैं। परिवार खेतीबाड़ी और पशुपालन के जरिए गुजर-बसर करता है। चार बहनों में सबसे बड़ी करीना शुरू से ही पढ़ाई के प्रति समर्पित रही हैं। उनके परिवार ने बचपन से ही उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। करीना कहती हैं मुझे शिक्षा के संस्कार जन्म से ही मिले।

    साधारण परिवार की असाधारण प्रतिभा करीना, CSIR-UGC NET परीक्षा में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया

    मेरे परिवार ने हर कदम पर मेरा साथ दिया। करीना ने अपनी स्कूली शिक्षा माजरा के सीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की, जहां उन्होंने मैट्रिक और बारहवीं की परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने महारानी किशोरी बाई जाट कॉलेज, रोहतक से बीएससी और चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी, सिरसा से माइक्रोबायोलॉजी में एमएससी में की डिग्री हासिल की। करीना की प्रोफेसर दूहन ने उन्हें जेआरएफ परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद करीना ने इसे अपना लक्ष्य बना लिया।

    करीना ने जेआरएफ और नेट की तैयारी के लिए प्रतिदिन 16 से 18 घंटे पढ़ाई की। वह नियमित रूप से मॉक टेस्ट और रविवार को टेस्ट सीरीज के जरिए अपनी तैयारी का आकलन करती थीं। दिन-रात की मेहनत और लगन के साथ उन्होंने इस परीक्षा में 100 परसेंटाइल और 178.5 अंकों के साथ देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया। करीना हरियाणा की पहली बेटी हैं, जिन्होंने यह गौरव प्राप्त किया।

    करीना की माता पिंकी देवी ने गर्व के साथ कहा भगवान ने हमें बेटी के रूप में सरस्वती देवी का उपहार दिया है। मेरी बेटी ने वह कर दिखाया, जो बेटे नहीं कर सकते। पिता सोमवीर सिंह ने कहा बेटी परिवार का सबसे बड़ा धन है। करीना ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल कर हमारा सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। वह न केवल हमारी, बल्कि पूरे देश और समाज की बेटी है। करीना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों और सीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, माजरा को दिया। उनके पिता ने भी स्कूल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज और विशेष रूप से इस स्कूल ने करीना को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • बहादुरगढ़ के केएमपी एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार की कैंटर ने मचाई तबाही, 4 मजदूरों की मौत और 33 घायल

    बहादुरगढ़ के केएमपी एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार की कैंटर ने मचाई तबाही, 4 मजदूरों की मौत और 33 घायल

    बहादुरगढ़ में एक बार फिर तेज रफ्तार की भयावहता देखने को मिली। केएमपी यानी कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक तेज रफ्तार कैंटर ने पीछे से महिंद्रा पिकअप वाहन को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 33 लोग घायल हो गए। मृतकों में एक महिला और तीन पुरुष शामिल हैं।

    घायल लोगों का इलाज

    हादसे में घायल लोगों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे। घायल लोगों को पहले बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में लाया गया। वहां सभी को प्राथमिक इलाज के बाद, आठ को छोड़कर बाकी सभी को पीजीआई रोहतक भेज दिया गया। अस्पताल में भर्ती लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

    बहादुरगढ़ के केएमपी एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार की कैंटर ने मचाई तबाही, 4 मजदूरों की मौत और 33 घायल

    हादसे का कारण और घटना का समय

    घायलों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के अमन नगर से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के घोड़ा कैमला गांव जा रहे थे। पिकअप वाहन में करीब 37 लोग सवार थे। ये लोग हर साल फसल कटाई के लिए हरियाणा आते हैं। हादसा कल रात करीब 3 बजे जम्मू कटरा एक्सप्रेसवे फ्लाईओवर पर हुआ। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कैंटर ने पिकअप वाहन को टक्कर मार दी।

    घटनास्थल पर पुलिस की कार्रवाई

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कैंटर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही मृतकों की पहचान करने के प्रयास भी जारी हैं। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

     गांव में मातम और भविष्य की चेतावनी

    सूत्रों के अनुसार, मृतक और घायल सभी एक ही गांव के निवासी हैं। हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। लोग हादसे के भयावह प्रभाव से सदमे में हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह हादसा तेज रफ्तार और सावधानी की कमी का नतीजा है। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • Yamuna Nagar: यमुना में डूबने से तीन किशोरों की मौत ! गोताखोरों ने तीनों के शव किए बरामद

    Yamuna Nagar: यमुना में डूबने से तीन किशोरों की मौत ! गोताखोरों ने तीनों के शव किए बरामद

    Yamuna Nagar जिले में रविवार की दोपहर एक ऐसा हादसा हुआ जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। पांच दोस्त गर्मी से राहत पाने के लिए नहर में नहाने गए थे। नहर का स्थान था बूड़िया के पास स्थित फतेहगढ़ पुल। हालांकि यह जगह पहले भी हादसों के लिए बदनाम रही है। इसके बावजूद बच्चों ने वहीं नहाने का फैसला किया।

    एक पल में बदला सब कुछ

    नहाते समय अचानक तीन लड़के गहरे पानी में चले गए। उनके दो साथी जैसे-तैसे खुद को बाहर निकालने में कामयाब हुए लेकिन तीनों दोस्तों को नहर की तेज धारा बहा ले गई। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाया और पुलिस व गोताखोरों को सूचना दी। मौके पर गोताखोर राजीव और उनकी टीम ने तेजी दिखाते हुए बच्चों की तलाश शुरू कर दी।

    Yamuna Nagar: यमुना में डूबने से तीन किशोरों की मौत ! गोताखोरों ने तीनों के शव किए बरामद

    शवों को निकाला गया बाहर

    कुछ ही समय में गोताखोरों ने तीनों बच्चों के शव पानी से बाहर निकाल लिए। उस समय पूरे इलाके में मातम छा गया। वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों की उम्र महज 12 से 15 साल के बीच बताई जा रही है।

    शिनाख्त अभी बाकी

    फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के इलाकों से जानकारी जुटा रही है और परिजनों तक सूचना पहुंचाने की कोशिश कर रही है। यह भी कहा जा रहा है कि ये बच्चे संभवतः आसपास की किसी बस्ती से ताल्लुक रखते होंगे। पुलिस की टीम बच्चों की शिनाख्त में पूरी तरह लगी हुई है ताकि उनके परिवारों तक सच्चाई पहुंचाई जा सके।

    खतरनाक स्थल बना हादसों का गवाह

    स्थानीय लोगों ने बताया कि फतेहगढ़ पुल के पास का यह हिस्सा बेहद गहरा और खतरनाक है। यहां पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा प्रबंध नहीं किए गए हैं। लोगों की मांग है कि प्रशासन यहां चेतावनी बोर्ड लगाए और बच्चों को नहर में नहाने से रोका जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।