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  • Noida International Airport: एक प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीद में दोहरे मापदंड, किसी को मिला सर्किल रेट पर मुआवजा तो किसी को मार्केट रेट पर

    Noida International Airport: एक प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीद में दोहरे मापदंड, किसी को मिला सर्किल रेट पर मुआवजा तो किसी को मार्केट रेट पर

    Noida International Airport के लिए बिछाई जाने वाली पाइप लाइन के लिए किसानों द्वारा दी गई जमीन के बदले मुआवजा अब तक नहीं मिल सका है। इस बाबत उपायुक्त ने अधिकारियों से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। ताकि उन किसानों को उचित मुआवजा दिया जा सके।

    किसानों ने पिछले दिनों जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में चेयरमैन व उद्योग एवं वन पर्यावरण मंत्री राव नरवीर सिंह के सामने मुद्दा रखते हुए बताया था कि उनकी भूमि और पलवल के किसानों की भूमि में से प्याला लेकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए पेट्रोल की पाइप लाइन बिछाई जा रही है।

    Noida International Airport: एक प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीद में दोहरे मापदंड, किसी को मिला सर्किल रेट पर मुआवजा तो किसी को मार्केट रेट पर

    लाइन के बिछाने के बाद वह न तो इस भूमि पर किसी तरह का निर्माण कर सकते हैं और न ही यहां पर कोई अन्य कार्य कर सकते हैं। उनकी भूमि को कोई खरीदेगा भी नहीं। भारत पेट्रोलियम ने पलवल के किसानों को उनके उपायुक्त के आदेश पर सर्कल रेट के चार गुणा मार्केट रेट पर मुआवजा दिया है। जबकि उन्हें सर्कल रेट के अनुसार ही मुआवजा दिया है। एक ही मामले में भारत पेट्रोलियम के अधिकारी दोहरा मापदंड अपना रहे हैं।

    इस मामले को मंत्री ने गंभीरता से सुनने के लिए उपायुक्त को आदेश दिए थे। इन आदेशों के बाद उपायुक्त ने बल्लभगढ़ एसडीएम मयंक भारद्वाज को मामले का अध्ययन करके रिपोर्ट बनाने के लिए कहा था। एसडीएम ने पलवल के अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर और भारत पेट्रोलियम व किसानों से बातचीत करके एक रिपोर्ट तैयार की, लेकिन किसान इस पर सहमत नहीं हुए।

    इस मामले में उपायुक्त ने बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने किसानों और भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों की बातचीत सुनने के बाद एसडीएम भारद्वाज को पलवल के एसडीएम द्वारा दिए मुआवजे के आदेश का अध्ययन करते हुए एक विस्तार से रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं।

    किसानों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा मार्केट रेट के अनुसार दिया जाए। उपायुक्त ने किसानों से कहा कि वह भी पाइप लाइन के बिछाने के कार्य को सुचारू रूप से चलने दें। बैठक में एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज, डीआरओ विकास, एडीए रोहित देसवाल सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण मौजूद थे।

    इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के ऑर्डर जारी होने के बाद अब किसानों को उम्मीद बंधने लगी है कि बल्लभगढ़ में भी उन्हें अपने जमीन का सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मिल सकता है। किसानों का कहना है कि अगर उन्हें पलवल की तरह मुआवजा नहीं मिला तो वह इस मामले को हाई कोर्ट में भी उठाने का काम करेंगे।

  • हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    आम आदमी पार्टी (AAP) ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार सिर्फ किसानों की जमीन ही नहीं ले रही, बल्कि उनकी पहचान, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार भी छीने जा रहे हैं। AAP ने कहा कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से चल रही पेपर डेवलपमेंट योजना असल में दलालों और बिल्डर लॉबी के लिए लूट का खुला रास्ता बन चुकी है।

    जमीन अधिग्रहण और कम कीमत का खेल

    AAP ने हरियाणा की भूमि पूलिंग नीति पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि भाजपा सरकार किसानों की जमीन सर्किल रेट से कम कीमत पर खरीदने की साजिश कर रही है। इस नीति में 10 एकड़ से कम जमीन वाले 90 प्रतिशत किसान जानबूझकर शामिल नहीं किए गए। सरकार द्वारा दी जा रही मुआवजा दरें बाजार की तुलना में बहुत कम हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और दलालों को फायदा हो रहा है।

    हरियाणा के किसानों की जमीन पर भाजपा की नई नीति, AAP ने लगाया बड़ा आरोप, दलालों और नेताओं को फायदा

    नेताओं की जमीन खरीद का शक

    जहां यह नीति ई-भूमि पोर्टल के जरिए लागू की जा रही है, वहां बड़े नेता और मंत्री पहले ही कई हेक्टेयर जमीन खरीद चुके हैं। AAP ने इस पर सवाल उठाया है कि क्या यह महज संयोग है या सत्ता का दुरुपयोग? जब किसान अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर होंगे, तो सबसे पहले यह नेता अपने खरीदे हुए भूखंड से लाभ कमाएंगे। AAP ने इसे किसानों के खून और मेहनत पर आधारित व्यावसायिक मॉडल बताया।

    मुख्यमंत्री की नीतियों पर सवाल

    AAP ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह पूरे राज्य को कॉरपोरेट प्रोजेक्ट में बदलने की जल्दी में हैं। वह न गांवों की चिंता कर रहे हैं और न किसानों की आवाज सुन रहे हैं। AAP ने यह भी कहा कि भाजपा ने पहले दिल्ली की सड़कों पर किसानों को मारने में संकोच नहीं किया था और अब हरियाणा में उनकी जमीन और अधिकार छीने जा रहे हैं।

    किसान और विपक्ष की भूमिका

    AAP ने विपक्षी कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पूरे राज्य में विपक्ष मौन है। नेता विपक्ष का चुनाव तक नहीं हुआ है। किसानों को अब तय करना होगा कि वह सत्ता पक्ष के खिलाफ खड़े होंगे या उसके साथ मिलकर अपनी जमीन गंवाएंगे। AAP ने सरकार से सवाल किया कि 2014 से अब तक कितनी जमीन छीनी गई, किस-किस कॉरपोरेट को बेची गई और कितने भाजपा नेता ने पहले से जमीन खरीदी। यह सवाल सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि हर किसान और मजदूर के जीवन से जुड़े हैं।