Tag: Civil Hospital

  • कुरुक्षेत्र के शाहाबाद अनाज मंडी में दूषित पानी से 100 से अधिक मजदूर बीमार, अस्पतालों में लगी देर रात लंबी कतारें

    कुरुक्षेत्र के शाहाबाद अनाज मंडी में दूषित पानी से 100 से अधिक मजदूर बीमार, अस्पतालों में लगी देर रात लंबी कतारें

    कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में उस समय बीती देर रात हड़कंप मच गया जब एक के बाद एक दर्जनों मजदूर सरकारी अस्पताल में दाखिल होने के लिए पहुंचने लगे। इन सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत थी। अनाज मंडी में दूषित दर्जन पानी पीने से एक के बाद मजदूरों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। सभी ने उल्टी व दस्त की एक समान शिकायत की।

    देखते ही देखते मध्य रात्रि जब मजदूरों की तबीयत बिगड़ने के मामलों की संख्या बढ़ी तो मंडी प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। सिविल अस्पताल के एडिशनल एस.एम.ओ. डा. कुलदीप राज ने बताया कि वर्तमान में सिविल अस्पताल में डायरिया के 38 मजदूर भर्ती हैं। बड़ी संख्या में मजदूर प्राइवेट हॉस्पिटल में भी दाखिल हैं। बीमार मजदूरों की संख्या 100 से ज्यादा बताई जाती है।

    कुरुक्षेत्र के शाहाबाद अनाज मंडी में दूषित पानी से 100 से अधिक मजदूर बीमार, अस्पतालों में लगी देर रात लंबी कतारें

    तबीयत ज्यादा बिगड़ने की वजह से एक मजदूर को कुरुक्षेत्र के एल.एन. जे. पी. अस्पताल में रैफर किया गया है। सरकारी अस्पताल में इतने मरीज को दाखिल करने की व्यवस्था भी नहीं है।

    सिविल अस्पताल में भर्ती मजदूर अरविंद, प्रवेश, राहुल व मलखान ने बताया कि दूषित पानी पीने की वजह उन्हें रात को दस्त और उल्टियां हुई। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।

    अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्णजीत सिंह कालड़ा ने बताया कि दूषित पानी पीने की वजह से अनाज मंडी में 100 से अधिक मजदूर बीमार हैं। ऐसे में सिविल अस्पताल के अलावा कुछ मजदूर प्राइवेट अस्पतालों से इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनाज मंडी में गोदाम के सामने पिछले 8 महीने से सीवरेज व पानी का पाइप लीक है। इस बारे मार्कीट कमेटी को कई बार शिकायत भी दी जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की।

    उधर, स्वास्थ्य विभाग सहित उपमंडल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए है। कुरुक्षेत्र के डिप्टी सिविल सर्जन डा. प्रदीप की अगुवाई में एस.एम.ओ. डा. कीर्ति शर्मा व एडिशनल एस.एम.ओ. डा. कुलदीप राज ने अपनी पूरी टीम के साथ शाहाबाद अनाज मंडी का दौरा किया व मैडीकल कैंप लगाकर मजदूरों की जांच करके उन्हें दवाइयां भी दी गई।

  • Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: नूंह जिले के सालाहेडी गांव में शनिवार दोपहर बाद एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह घटना दोपहर 2:00 बजे के बाद गांव के एक खेत के पास बने जोहड़ में हुई, जहां मिट्टी की खुदाई के कारण जलभराव हो गया था।

    मिली जानकारी के मुताबिक, 2 महिलाएं कपड़े धोने के लिए इस जोहड़ पर गई थीं, आपस में दोनों महिलाएं देवरानी जेठानी थी। उनके साथ दो बच्चे भी थे। अचानक बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे, जिन्हें बचाने की कोशिश में दोनों महिलाएं भी कूद गईं। इस हादसे में दोनों महिलाओं और दोनों बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जिससे गांव में मातम छा गया।

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    स्थानीय लोगों ने बताया कि जोहड़ का किनारा असुरक्षित था और मिट्टी की खुदाई के कारण पानी की गहराई बढ़ गई थी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। शवों को जोहड़ से निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए नूंह के सिविल अस्पताल भेजा गया।

    मृतकों की पहचान जमशीदा पत्नी नसीम 38 वर्ष व उसकी देवरानी मदीना पत्नी समीम (35 वर्ष) अपनी बच्चियां सुमैया (10 वर्ष) व सोफिया (11 वर्ष) के रूप में हुई है।

    ग्रामीणों के अनुसार दोनों महिलाएं शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी बच्चियों के साथ खेत में कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान बच्चियों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए दोनों महिलाएं भी पानी में कूद पड़ीं, लेकिन ज्यादा पानी होने के कारण चारों की डूबकर मौत हो गई।

    शाम करीब साढ़े 7 बजे गांव का एक व्यक्ति खेत से गुजर रहा था, तभी उसने पानी में तैरते हुए शव देखे। सूचना मिलते ही परिवारजन और ग्रामीण वहां पहुंचे और शव बाहर निकाले। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामला डूबने से मौत का है या इसमें कोई अन्य वजह जुड़ी है। फिलहाल शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

    पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर हादसे की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें शवों को निकालने का दृश्य दिख रहा है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चे और महिलाएं अकेले जोहड़ या तालाबों के पास न जाएं।

  • हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    मंगलवार को हरियाणा के हिसार में एक भयावह हादसा हुआ। भारी बारिश के बीच 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन वायर टूटकर चार युवाओं पर गिर गई। यह घटना मिर्जापुर रोड पर दर्शन एकेडमी के सामने हुई। इस हादसे में तीन युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। ये सभी युवा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी का दर्शन करने के बाद अपने गाँव लौट रहे थे। मृतकों की पहचान बंटी (सुलखानी गांव), राजकुमार (सैंडलाना गांव) और अमित (सैंडलाना गांव) के रूप में हुई।

    हादसे के समय की स्थिति

    आगंतुकों और ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय चारों बाइक पर सवार थे। बंटी, राजकुमार और अमित सुबह अपने गांव सुलखानी लौट रहे थे। इस दौरान मिर्जापुर रोड पर अचानक हाई टेंशन वायर गिर गई। जैसे ही शमशेर, जो उनके साथ बाइक पर था, को बिजली का झटका लगा, वह बाइक से कूद गया और सुरक्षित रहा। लेकिन बंटी, राजकुमार और अमित विद्युत झटके से बुरी तरह झुलस गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    बिजली निगम की लापरवाही पर सवाल

    ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद लोग बिजली हाउस को सूचना देने के लिए पहुंचे। लेकिन बिजली सप्लाई को काटने में आधे घंटे से अधिक समय लग गया। तब तक तीनों युवाओं की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह बिजली निगम की लापरवाही का नतीजा है। अगर समय रहते विद्युत आपूर्ति काट दी जाती तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

    मृतकों का परिवार और पृष्ठभूमि

    मृतकों की पहचान करने के बाद उनके परिवारों में मातम का माहौल है। राजकुमार (37) के दो छोटे बच्चे हैं। अमित (14) उनके भतीजे थे। बंटी (27) सुलखानी गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) चलाता था। सभी तीनों युवाओं ने 31 अगस्त को नवरात्रि की नवमी पर गोगामेड़ी का दर्शन किया था। दर्शन के बाद वे बंटी की दादी के गांव बधावद में रुके थे और सुबह अपने गांव लौट रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।

    हादसे से इलाके में चिंता और आक्रोश

    इस हादसे ने इलाके में भारी शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग बिजली निगम की लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल में रखा गया है और ग्रामीणों ने परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। इस हादसे ने एक बार फिर हाई टेंशन लाइनों और सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर किया है।

  • भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की अंतिम विदाई! छोटे भाई ने मुखाग्नि दी, पिता फूट-फूट कर रोए, लोगों ने अमर रहे के लगाए नारे

    भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की अंतिम विदाई! छोटे भाई ने मुखाग्नि दी, पिता फूट-फूट कर रोए, लोगों ने अमर रहे के लगाए नारे

    भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण में आज सुबह 8 बजे लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया। मनीषा को उनके छोटे भाई नितेश ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके पिता संजय फूट-फूट कर रोए। मनीषा के अंतिम संस्कार में गांव के लोगों की भारी उपस्थिति रही और उन्होंने मनीषा अमर रहे के नारे भी लगाए।

    शव का गांव में आगमन और सुरक्षा व्यवस्था

    मनीषा का शव सिविल अस्पताल से सीधे गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट लाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात रही। बंद रास्तों को जेसीबी की मदद से खोला गया ताकि ग्रामीणों और शव को लेकर आ रही वाहनों को कोई दिक्कत न हो।

    भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की अंतिम विदाई! छोटे भाई ने मुखाग्नि दी, पिता फूट-फूट कर रोए, लोगों ने अमर रहे के लगाए नारे

    पोस्टमॉर्टम और परिवार की मांगें

    मनीषा का शव बुधवार को दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। इसके पहले भिवानी के सिविल अस्पताल में शव रखा गया। परिवार ने सरकार से दो अहम मांगें रखी थीं। पहली, केस की जांच सीबीआई से कराना और दूसरी, शव का पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स में करवाना। परिवार की मांगों को सरकार ने दोपहर तक मान लिया।

    मुख्यमंत्री नायब सैनी का बयान

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि मनीषा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा। सरकार ने परिवार की दूसरी मांग भी मान ली और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए दिल्ली भेजा गया। इस दौरान परिवार को भी पुलिस की सुरक्षा में दिल्ली ले जाया गया।

    धरना खत्म और अंतिम विदाई

    मनीषा के दादा राम किशन ने धरने के दौरान कहा कि दोनों मांगें पूरी हो गई हैं। अब हम बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। मनीषा के अंतिम संस्कार में पूरे गांव के लोग भावभीनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

  • रेवाड़ी में जल्द ही बनेगा 200 बैड का नया नागरिक अस्पताल, प्रस्तावित जमीन का डीसी ने किया निरीक्षण

    रेवाड़ी में जल्द ही बनेगा 200 बैड का नया नागरिक अस्पताल, प्रस्तावित जमीन का डीसी ने किया निरीक्षण

    डीसी गर्ग ने कहा कि जिला के डेवलपमेंट प्लान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के रूप में नागरिक अस्पताल के नए भवन के लिए स्थान का चयन किया जाएगा और सुव्यवस्थित स्थान पर ही नया भवन तैयार किया जाएगा। उन्होंने रेवाड़ी जिला मुख्यालय के साथ लगते गांव माजरा श्योराज, फिदेडी, भगवानपुर-रामगढ़ रोड, गोकलगढ़, बैरियावास आदि का दौरा करते हुए तहसीलदार प्रदीप देशवाल को सभी चिह्नित स्थानों का नक्शा बनाते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

    उन्होंने कहा कि एम्स के रूप में जहां जिला के गांव माजरा भालखी में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है वहीं अब 200 बैड के नागरिक अस्पताल के लिए भी जमीन को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही विकासात्मक योजना के तहत सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि प्रस्तावित जमीन की हाईवे व शहर से कनेक्टिविटी पर पूरा फोकस रखा जाएगा और जनसुविधा के लिए बनने वाले इस नए भवन के हर पहलू पर प्रशासन पूरा केंद्रिंत है, समुचित व्यवस्था को देखते हुए जमीन को फाइनल किया जाएगा।