Tag: cleanliness campaign

  • Haryana: करनाल की कैंटीन में 500 ग्राम वेस्ट प्लास्टिक लाओ, भरपेट भोजन पाओ, महिलाओं का स्वच्छता में अनोखा प्रयास

    Haryana: करनाल की कैंटीन में 500 ग्राम वेस्ट प्लास्टिक लाओ, भरपेट भोजन पाओ, महिलाओं का स्वच्छता में अनोखा प्रयास

    Haryana: कई बार कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं जिससे समाज और देश को बहुत लाभ मिलता है। करनाल में स्थित अटल किसान मजदूर कैंटीन में 500 ग्राम वेस्ट प्लास्टिक के बदले में भर पेट खाना दिया जा रहा है। इसे महिलाओं के एक समूह द्वारा स्वच्छता को लेकर एक अलग मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। किसान और मजदूर के साथ गरीब लोग भी 500 ग्राम वेस्ट प्लास्टिक देकर खाना खाकर अपना पेट भरते हैं।

    कैसे आया आइडिया

    कैंटीन में काम करने वाली सुमन बताती है यहां मंडी में कुछ बच्चे आते थे और यहां पर लोगों से पैसे मांगते थे, ताकि खाना खा सकें। उन्होंने बच्चों को भीख मांगने से रोकने और समाज और शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए उन बच्चों को कहा आप लोगो से पैसे मांगने की बजाए जो इधर-उधर वेस्ट प्लास्टिक पड़ा रहता है, उसे लेकर आओ और यहां आकर खाना खाओ। तभी उन्होंने ये प्लानिंग की और 500 ग्राम प्लास्टिक लेकर आने वाले लोगों के लिए खाना खिलाने की बात आई। करनाल के गांव भूसली की महिला सुमन डांगी के अनोखे प्रयास ने स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच में बदलाव लाया है।

    Haryana: करनाल की कैंटीन में 500 ग्राम वेस्ट प्लास्टिक लाओ, भरपेट भोजन पाओ, महिलाओं का स्वच्छता में अनोखा प्रयास

    मजदूरों के लिए शुरू गई थी कैंटीन

    अटल किसान मजदूर कैंटीन में मौजूद सुमन डांगी नाम की महिला ने बताया किसान मजदूरों के लिए कैंटीन की शुरुआत की गई थी, लेकिन अब इसमें एक नई शुरुआत की गई है। 500 ग्राम वेस्ट प्लास्टिक लेकर आओ और भर पेट खाना खाओ। सुमन ने बताया 10 रुपये की प्लेट जो हम किसान मजदूर को देते हैं वही प्लेट हम उन्हें देते हैं जो 500 ग्राम प्लास्टिक लेकर आते हैं। उन्होंने बताया बुजुर्ग, बच्चे और गरीब तबके के लोग वेस्ट प्लास्टिक लेकर आते हैं।

    ‘सरकार से मिल रहा है सहयोग’

    सुमन बताती है कि स्वच्छता को देखते हुए हमने कदम उठाया है। जगह-जगह पर प्लास्टिक बिखरी रहती थी। जिसके बाद हमने एक विचार किया और साथ जुड़ी महिलाओं और हमारे सीनियर ने बहुत सहयोग किया। साथ-साथ सरकार की और से भी हमे पूरा सहयोग मिल रहा है। साफ सफाई के साथ लोगों का पेट भी भर रहा है। उन्होंने बताया यहां खाने में रोजाना दो सब्जी ,चावल, रोटी, लस्सी, सिर्फ 10 रुपये में मिलती है। 500 ग्राम वेस्ट प्लास्टिक लाने वालो को भी यही दिया जाता है।

    अब तक कितना प्लास्टिक आया

    अटल किसान मजदूर कैंटीन की शुरुआत 2019 में की गई थी। इधर-उधर वेस्ट प्लास्टिक लेकर आ रहे लोग अब तक 15 सौ किलो से ज्यादा प्लास्टिक ला चुके हैं। इन्हें तीन हजार से अधिक भोजन परोसे जा चुके हैं। यह प्लास्टिक वह कबाड़ी को बेच चुके हैं।

  • Haryana News: डिजिटल पत्रकारों को मिलेगा सरकारी साथ! सोशल मीडिया से जुड़े सीएम सैनी, अब सरकार भी रख रही है सोशल मीडिया पर नजर

    Haryana News: डिजिटल पत्रकारों को मिलेगा सरकारी साथ! सोशल मीडिया से जुड़े सीएम सैनी, अब सरकार भी रख रही है सोशल मीडिया पर नजर

    Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में सोशल मीडिया न्यूज चैनलों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। इस जनसंवाद में उन्होंने सोशल मीडिया की शक्ति को स्वीकार करते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा बल्कि जनहित की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने पत्रकारों से तथ्य आधारित और जमीनी रिपोर्टिंग की अपील भी की।

    सोशल मीडिया के जरिए नीतियों को मिलेगी रफ्तार

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘नशा मुक्त हरियाणा’, ‘पर्यावरण संरक्षण’ और ‘स्वच्छता अभियान’ जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन जनकल्याणकारी पहलों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार अकेले बदलाव नहीं ला सकती, इसमें डिजिटल मीडिया की सक्रिय भूमिका जरूरी है जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव तेज़ी से आए।

    Haryana News: डिजिटल पत्रकारों को मिलेगा सरकारी साथ! सोशल मीडिया से जुड़े सीएम सैनी, अब सरकार भी रख रही है सोशल मीडिया पर नजर

    डिजिटल पत्रकारों की मांगों पर होगा विचार

    डिजिटल मीडिया जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन, हरियाणा के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई मांगों पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इन सभी बिंदुओं की व्यवहारिकता की जांच कर उचित कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाएगा ताकि वे बिना किसी दबाव के निष्पक्ष पत्रकारिता कर सकें।

    विज्ञापन नीति 2023 बनी डिजिटल मीडिया के लिए संबल

    इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. एम. पांडुरंग ने बताया कि हरियाणा सरकार ने डिजिटल मीडिया के लिए ‘हरियाणा डिजिटल मीडिया विज्ञापन नीति-2023’ लागू की है। इस नीति के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय न्यूज चैनलों को इंपैनल किया जाता है और सरकारी विज्ञापन भी जारी किए जाते हैं। इससे न केवल डिजिटल पत्रकारों को पहचान मिलती है बल्कि उनकी आय का स्रोत भी मजबूत होता है।

    फेक न्यूज से बचें और सच्ची पत्रकारिता करें – सरकार का आह्वान

    पत्रकारों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री और अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पत्रकारिता की गरिमा बनी रहे और फेक न्यूज को बढ़ावा न दिया जाए। फेक्ट बेस्ड रिपोर्टिंग से न केवल समाज में विश्वास कायम होता है बल्कि सरकार को भी सही दिशा में फैसले लेने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे खुद सोशल मीडिया पर नजर रखते हैं और कई बार वहीं से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हैं।