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  • बावल में प्राइवेट बस ने बाइक सवार छात्र को कुचला, गुस्साएं लोगों ने किया रोड़ जाम 

    बावल में प्राइवेट बस ने बाइक सवार छात्र को कुचला, गुस्साएं लोगों ने किया रोड़ जाम 

    मृतक के मामा सुशील ने बताया कि उसका भांजा विकास  गुरुग्राम जिले के गाँव पातली का रहने वाला था और बावल के निजी स्कूल में 12वीं क्लास का छात्र था और  रेवाड़ी जिले के गाँव तिहाड़ा में रहता था. आज स्कूल की छुट्टी होने के कारण वो  सुबह अपने घर गाँव पातली जाने के लिए बाइक पर सवार होकर निकला था. जहाँ बावल में बिजली कार्यालय के पास प्राइवेट बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी. बस के निचे आने से छात्र की मौत हो गई.

    इस हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई से नाराज लोगों ने रोड़ जाम करके रोष व्यक्त किया. लोगों को के गुस्से को देखते हुए एसडीएम बावल , डीएसपी और नगर पालिका चेयरमैन मौके पर पहुंचे , जिन्होंने उचित कार्रवाई करके का भरोसा दिया. जिसके बाद करीबन दो घंटे बाद जाम खोल दिया गया.

     

    बावल नगर पालिका के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह ने कहा कि रेहड़ीवालों ने सड़क पर अतिक्रमण किया हुआ था. जिसके कारण सड़क हादसा हुआ है. नगर पालिका अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी कर रही है. लेकिन कुछ लोग नहीं मान रहे है. लेकिन अब सभी अतिक्रमण करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

  • हरियाणा में पंचायती राज संस्थानों में पिछड़ा वर्ग (ए) को मिलेगा आरक्षण

    हरियाणा में पंचायती राज संस्थानों में पिछड़ा वर्ग (ए) को मिलेगा आरक्षण

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में पंचायती राज संस्थानों में पिछड़ा वर्ग (ए) के राजनीतिक आरक्षण अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए इस संबंध में हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की गई। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व जज, न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) दर्शन सिंह के नेतृत्व में गठित आयोग ने पिछड़े वर्गों के नागरिकों के राजनीतिक पिछड़ेपन का आकलन करने के लिए गहन जांच की। आयोग ने पाया कि पिछड़ा वर्ग ब्लॉक-ए (बीसी-ए) के लोगों को राजनीतिक सेटअप में पर्याप्त प्रतिनिधित्व न होने के कारण उन्हें पंचायती राज संस्थानों में राजनीतिक आरक्षण प्रदान करने की आवश्यकता है।

     ग्राम पंचायत में अनुशंसित आरक्षण

    प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंच के पदों को पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए कुल सीटों के उसी अनुपात में आरक्षित किया जाएगा जो ग्राम सभा क्षेत्र की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग (क) की आबादी के आधे प्रतिशत के रूप में होगी। यदि डेसिमल वैल्यू 0.5 या अधिक है तो इसे अगले उच्च पूर्णांक में पूर्णांकित किया जाएगा। बशर्ते कि यदि पिछड़े वर्ग (ए) की आबादी सभा क्षेत्र की कुल आबादी का दो प्रतिशत या अधिक है तो प्रत्येक ग्राम पंचायत में पिछड़े वर्ग (ए) से संबंधित कम से कम एक पंच होगा। इसी प्रकार, एक ब्लॉक में सरपंच के पदों की कुल संख्या का आठ प्रतिशत और  यदि डेसिमल वैल्यू 0.5 या अधिक है तो इसे अगले उच्च पूर्णांक में पूर्णांकित करते हुए पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए आरक्षित किया जाएगा।

    पंचायत समिति में अनुशंसित आरक्षण

    प्रत्येक पंचायत समिति में सदस्य के पद पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए कुल सीटों के उसी अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे जो ब्लॉक की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग (ए) की आबादी के आधे प्रतिशत के रूप में होगी। यदि डेसिमल वैल्यू 0.5 या अधिक है तो इसे अगले उच्च पूर्णांक में पूर्णांकित किया जाएगा।

     जिला परिषद में अनुशंसित आरक्षण

    प्रत्येक जिला परिषद में सदस्य के पद पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए कुल सीटों के उसी अनुपात में आरक्षित किए जाएंगे जो  जिला परिषद क्षेत्र की कुल आबादी में पिछड़ा वर्ग (ए) की आबादी के आधे प्रतिशत के रूप में होगी।

     

    आयोग ने कहा है कि  शीर्ष न्यायालय के निर्देशानुसार आरक्षण किसी भी पंचायती राज संस्थान में अनुसूचित जाति और बीसी (ए) के पक्ष में आरक्षित कुल सीटों के कुल 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। आगे स्पष्ट किया गया है कि पिछड़े वर्ग (ए)के लिए इस प्रकार आरक्षित सीटों की संख्या को अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या  के साथ जोडऩे पर यदि उनकी कुल संख्या पंचायती राज संस्थानों की कुल सीटों के 50 प्रतिशत से अधिक हो जाती है तो पिछड़े वर्ग (ए) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या को वहीं तक रखा जाएगा जिससे कि अनुसूचित जाति और बीसी (ए) का आरक्षण ग्राम पंचायत के पंच, पंचायत सीमित के सदस्य और जिला परिषद् के सदस्य की कुल सीटों के 50 प्रतिशत से अधिक न हो।

     

    आयोग द्वारा इन सिफारिशों को स्पष्ट करते हुए उदाहरण दिया गया है कि मान लीजिए गाँव में पिछड़े वर्ग ब्लॉक ए की आबादी ग्राम सभा की कुल आबादी का 25 प्रतिशत है तो 12.5 प्रतिशत सीटें पिछड़ा वर्ग ब्लॉक (ए) के नागरिकों के लिए आरक्षित होंगी। जहां किसी गांव में अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत या उससे अधिक है तो पिछड़े वर्ग (ए) को अपनी आबादी की प्रतिशतता के बावजूद भी कोई आरक्षण नहीं मिलेगा।

  • पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए हरियाणा सरकार ने तैयार किया रोडमैप

    पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए हरियाणा सरकार ने तैयार किया रोडमैप

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समाज के हर परिवार के उत्थान के साथ-साथ अंत्योदय दर्शन के अनुरूप पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने की प्रतिबद्धता के तहत राज्य सरकार ने एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है, जिसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वाभिमान और स्वावलंबन पर जोर देते हुए प्रत्येक नागरिक का सर्वांगीण विकास व कल्याण सुनिश्चित किया जाएगा।

    इसके लिए परिवार पहचान पत्र में एकत्रित नागरिकों के डाटा को आयु वर्ग के अनुसार 5 वर्गों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक वर्ग का जिम्मा एक विभाग को सौंपा गया है। प्रत्येक विभाग आयु वर्ग के अनुसार उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य  और रोजगार इत्यादि सभी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ इनका संपूर्ण रिकॉर्ड भी रखेगा। मुख्यमंत्री आज यहां परिवार पहचान पत्र के संबंध में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव भी मौजूद रहे।

    महिला एवं बाल विकास विभाग

    मनोहर लाल ने कहा कि 6 साल तक की आयु के बच्चों का जिम्मा महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया है। विभाग इन बच्चों  की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान रखेगा। साथ ही, विभाग हर बच्चे की ट्रैकिंग भी रखेगा कि वह बच्चा 6 साल तक की आयु तक घर पर, आंगनवाड़ी में या स्कूल में जा रहा है और उसे जरूरी पोषक आहार उपलब्ध  हो रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को यदि शुरुआत में ही अच्छा पोषण और शिक्षा मिलेगी तो उसकी बुनियाद मजबूत बनेगी और वे जीवन में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगे। उन्होंने ‌अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सब ‌गतिविधियों को अमल में लाने के लिए जल्द एक कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वित करें। इसके अलावा उन्होंने बच्चों की डे-केयर के लिए क्रैच स्थायपित करने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

    प्रारंभिक शिक्षा से अधिक स्कूली शिक्षा का महत्व

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा जितनी महत्वपूर्ण है, उससे भी कई अधिक स्कूली शिक्षा का महत्व है। इसलिए कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इस विजन के साथ 6 साल से 18 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों का जिम्मा स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपा गया है। विभाग हर बच्चे को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की विशेष ट्रैकिंग रखेगा, ताकि ड्रॉप आउट दर को कम किया जा सके। विभाग के पास हर बच्चे का डाटा रहेगा कि वह स्कूल या आईटीआई या अन्य किसी संस्थान में शिक्षा ग्रहण कर रहा है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को ट्रैकिंग के लिए विशेष सैल स्थापित करने तथा एसओपी बनाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार, 18 साल से 24 साल आयु वर्ग तक के बच्चों का जिम्मा उच्चतर शिक्षा विभाग और 25 साल से 60 वर्ष तक आयु वर्ग का जिम्मा रोजगार विभाग को सौंपा गया है। यह विभाग युवाओं के रोजगार के साथ – साथ उनके कौशल विकास पर भी जोर देंगे।

    परिवार पहचान पत्र ऑथोरिटी

    मनोहर लाल ने कहा कि परिवार पहचान पत्र ऑथोरिटी द्वारा इन विभागों को हर माह डाटा प्रेषित किया जाएगा। विभाग अपने स्तर पर यह गतिविधियां अमल में लाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पारदर्शी सिस्टम के साथ आगे बढ़ रही है और राज्य के प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए सभी सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ घर बैठे प्रदान कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिवार पहचान पत्र में डाटा गलत होने या डाटा में बदलाव करने संबंधित नागरिकों द्वारा आवेदन में आने वाली कठिनाईयों को दूर करने के लिए ‌जिला स्तर पर अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में शिकायत निवारण सैल स्थापित किया जाए। बैठक में बताया गया कि जल्द ही परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर चैटबॉट शुरू किया जाएगा, जिसमें आम बोल चाल की भाषा में बात करके नागरिक पीपीपी से संबंधित कोई भी सवाल का जबाब प्राप्त कर सकेंगे और अपनी शिकायत का समाधान कर सकेंगे। इस चैटबॉट में हिन्दी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषा को जोड़ा जाएगा।

    2.80 करोड़ सदस्यों का डाटा अपडेट

    बैठक में बताया गया कि परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर 70 लाख परिवारों और 2.80 करोड़ सदस्यों का डाटा अपडेट हो चुका है। अधिकतम परिवारों का जाति, जन्म तिथि, आय का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। पीपीपी के माध्यम से बिना किसी परेशान या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे बिना लगभग 11 हजार से अधिक नागरिकों की वृद्धवस्थाक पेंशन बनाई गई है। इसके अलावा, पीपीपी के माध्यम से लगभग 1.63 लाख अनुसूचित जाति तथा 24 हजार से अधिक पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण पत्र भी बनाए गए हैं। इससे नागरिकों को बहुत लाभ मिला है।

     

     

     

  • आयुष्मान भारत योजना का बढ़ेगा दायरा, 1.80 लाख आय वालों को जोड़ा जाएगा बीपीएल श्रेणी

    आयुष्मान भारत योजना का बढ़ेगा दायरा, 1.80 लाख आय वालों को जोड़ा जाएगा बीपीएल श्रेणी

    जानकारी के लिए बता दे कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या अब 10.50 लाख है जिसे बढ़ाकर अब 22 लाख किया जाएगा. पहले 1.20 लाख रुपये आय वालों को बीपीएल श्रेणी में रखा गया था लेकिन अब 1.80 लाख रुपये आय वाले परिवारों को भी इसमें शामिल किया जाएगा.

    सीएम शनिवार को अग्रोहा स्थित ओपी जिंदल ऑडिटोरियम में एक समारोह में शिरकत करने पहुँचे थे.इसके साथ ही सीएम ने मेडिकल कॉलेज परिसर में अस्पताल के नवनिर्मित ब्लॉक-डी का भी लोकार्पण किया. उन्होंने अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को 81.50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का एलान किया. उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में चिकित्सा सुविधाओं को और भी बेहतर किया जाएगा.

    सीएम ने कहा कि प्रदेश में 13 मेडिकल कॉलेज हैं. 8 मेडिकल कॉलेज प्रक्रियाधीन हैं. प्रदेश में 13 हजार चिकित्सकों के पदों को बढ़ाकर 28 हजार किया जाएगा. चार साल बाद हर वर्ष 2650 डॉक्टर तैयार किए जा सकेंगे. सीएम ने चिकित्सकों से कहा कि चिकित्सा क्षेत्र को व्यवसाय न बनाकर सेवा-मिशन बनाएं. एलोपैथी और आयुर्वेद का बेहतर सामंजस्य बनाया जाए.

  • राज्य की प्रति व्यक्ति आय देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक: सीएम मनोहर लाल

    राज्य की प्रति व्यक्ति आय देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक: सीएम मनोहर लाल

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार को हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 7वीं बैठक में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने का हर प्रयास कर रही है और सतत आर्थिक विकास तथा समान सामाजिक व क्षेत्रीय विकास के एक नए युग का सूत्रपात करेगी।

     

    नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 7वीं बैठक में नीति आयोग की तरफ से विश्वास दिलाया गया कि देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन करने के लिए आयोग राज्य सरकारों को पूरा सहयोग करेगा। वहीं देश का इंपोर्ट कम करने और एक्सपोर्ट बढ़ाने की दिशा में भी नीति आयोग ने राज्यों को विश्वास दिलाया है।

     

    राज्य की प्रति व्यक्ति आय देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में हरियाणा का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 74 हजार 635 रुपये है, जो देश के बड़े राज्यों में सर्वाधिक है। आर्थिक विकास के मानदण्डों पर भी हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा की विकास दर वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक लगातर 6 प्रतिशत से अधिक है। मैनुफैक्चरिंग की विकास दर 10 प्रतिशत है, जो देश में सर्वाधिक है। विश्व की 400 फॉरच्यून कंपनियों के कार्यालय हरियाणा के गुरुग्राम में स्थापित हैं।

     

    सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा देश का सबसे बड़ा सॉफ्टवेयर निर्यातक राज्य है। उद्योगों को लॉजिस्टिक सुविधा देने में देश में दूसरे तथा उत्तर भारत में पहले स्थान पर है। हरियाणा का आधे से ज्यादा क्षेत्र NCR में आता है। हम इस क्षेत्र में उद्योग व व्यापार को बढ़ाने के लिए इसे लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित कर रहे हैं।

     

    हाल ही में जारी स्टेट ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में हरियाणा टॉप अचीवर्स कैटेगरी में शामिल है। एम.एस.एम.ई. के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए हरियाणा को देश में तीसरा स्थान मिला है। नीति आयोग के इनोवेशन इंडेक्स में हरियाणा देश के 3 शीर्ष राज्यों में शुमार है।

  • हरियाणा के इस जिले में होण्डा कंपनी के सहयोग से शुरू किया गया ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट

    हरियाणा के इस जिले में होण्डा कंपनी के सहयोग से शुरू किया गया ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ड्राइविंग के अच्छे प्रशिक्षण से हमें अच्छे चालक मिलेंगे व सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में यातायात की स्थिति गंभीर होती जा रही है। सड़कों पर काफी वाहनों का आवागमन रहता है। इस बढ़ते हुए यातायात की वजह से सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। ऐसे में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की सही जानकारी प्रत्येक वाहन चालक के लिए बड़ी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्र में सहयोग के लिए वाहन निर्माता कंपनी होंडा का आभार जताते हुए कहा कि होण्डा कंपनी के सहयोग से आज से शुरू किया जा रहा यह ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।

     

    लगभग 34 करोड़ रुपये की आई लागत

    इस संस्थान का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने ही 29 मार्च, 2018 को किया था। करनाल में इस संस्थान को खोलने की घोषणा भी उन्होंने ही 14 दिसम्बर, 2016 को की थी। लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से 9.25 एकड़ भूमि पर स्थापित यह सैंटर होण्डा मोटर स्कूटर इण्डिया लिमिटिड के सहयोग से स्थापित किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार इस संस्थान में ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण और कम्प्यूटरीकृत प्रणाली से युक्त क्लास रूम, वर्कशॉप, इंजन रूम और इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्प्ले बनाये गये हैं। यहां दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, लाइट मोटर तथा भारी वाहनों के चालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। परीक्षण ट्रैक पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए इस केंद्र में एक स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक भी होगा।

    चालकों के पास कौशल की कमी

    यह संस्थान पूरी तरह से स्वचालित होगा और इसकी कार्य प्रणाली में किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। सेंटर में दूर के छात्रों के लिए छात्रावास भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक सड़क दुर्घटनाएं चालकों के पास कौशल और सड़क नियमों के ज्ञान की कमी के कारण होती हैं। इसलिए हमने चालक बनने के इच्छुक युवाओं को उपयुक्त प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है।

     

    करनाल के इस संस्थान सहित 4 संस्थान बनाए गए

    राज्य में चालकों के प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था के लिए राज्यभर में स्वचालित चालक प्रशिक्षण संस्थान व क्षेत्रीय चालक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके तहत कैथल, बहादुरगढ़ और रोहतक में आधुनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से लैस तीन चालक प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान स्थापित किए हैं। अशोक लीलैंड और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड जैसे मूल उपकरण निर्माता इन तीनों परियोजनाओं में भागीदार हैं। अब करनाल के इस संस्थान सहित 4 संस्थान हो गये हैं।

    रेवाड़ी सहित 8 और खुलेंगे संस्थान

    हरियाणा में करनाल के अलावा 8 अन्य संस्थान खुलने जा रहे हैं। इनमें जिला भिवानी में कालूवास, नूंह में छपेड़ा, रेवाड़ी में जयसिंहपुर खेड़ा, जींद में पेगा, सोनीपत में मुरथल, यमुनानगर में औरंगाबाद, पलवल में बहिन और जिला फरीदाबाद में खेड़ी गुजरां शामिल हैं। जिला गुरुग्राम में क्षेत्रीय चालक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। इन संस्थानों में मोटर वाहन चलाने के लिए प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद, आवेदक को संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरण के समक्ष खुद को पेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। आज देश-विदेश में प्रशिक्षित ड्राइवरों की बड़ी जरूरत है। इन सैंटरों की स्थापना से प्रदेश में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवकों को देश-विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

     

    सड़क दुर्घटनाओं में हरियाणा 13वें स्थान पर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख सड़क हादसे होते हैं। इनमें लगभग 1.5 लाख लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। देश में सड़क दुर्घटनाओं में हरियाणा राज्य 13वें स्थान पर आता है और राज्य सरकार, सड़क सुरक्षा के प्रति बहुत गम्भीर है। सड़क सुरक्षा के सभी कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा परिवहन विभाग, हरियाणा को लीड एजैंसी घोषित किया गया है।

     

    मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओ में कमी लाना

    मनोहर लाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के कारणों का सर्वेक्षण करके और उनके कारणों को सुधार करके राज्य में हो रही इन दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाना है, जिसके लिए हम सभी को और अधिक प्रयत्न करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक बहुआयामी विषय है। इसमें केवल मात्र सरकार की ही भूमिका नहीं है, बल्कि जनता, गैर-सरकारी संस्थाओं और उद्योगों को भी आगे आना होगा, तभी हम एक सुरक्षित सड़क तंत्र स्थापित कर सकते हैं।

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  • हरियाणा विधानसभा के लिए चड़ीगढ़ में अलग से मिलेगी जमीन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का ऐलान

    हरियाणा विधानसभा के लिए चड़ीगढ़ में अलग से मिलेगी जमीन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का ऐलान

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में ये मुद्दा उठाया कि विधानसभा भवन में हरियाणा का पूरा हिस्सा दिलाया जाएं। साथ ही वर्ष 2026 के प्रस्तावित परिसीमन को देखते हुए अतिरिक्त भवन की व्यवस्था करने की मांग भी रखी । जिसपर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि चड़ीगढ में हरियाणा विधानसभा के लिए जमीन दी जायेगी।

     

    आपको बता दें कि कई मामलो पर पंजाब और हरियाणा का विवाद अलग-अलग समय पर गरमाया रहता है। राजस्थान के जयपुर में हुई क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भी पंजाब और हरियाणा के जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई। जिनमें से एक विधानसभा भवन में हरियाणा का पूरा हिस्सा और हरियाणा के विधानसभा के लिए अतिरिक्त भवन की बाते भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रखी।

     

    परिसीमन के बाद 90 से बढ़ 126 हो सकते है हरियाणा में विधानसभा क्षेत्र

     

    मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने हरियाणा विधानसभा के लिए नए अतिरिक्त भवन का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2026 में नया परिसीमन प्रस्तावित है, जिसके आधार पर वर्ष 2029 में लोकसभा व विधानसभा चुनाव होंगे। अनुमान है कि नये परिसीमन में हरियाणा की जनसंख्या के अनुसार विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 126 और लोकसभा क्षेत्रों की संख्या 14 होगी।  हरियाणा विधानसभा में इस समय 90 विधायक हैं।

     

    मौजूदा भवन में इन 90 विधायकों के बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस भवन का विस्तार किया जाना भी संभव नहीं है, क्योंकि यह हैरीटेज बिल्डिंग है। इसलिए हरियाणा विधानसभा के लिए नया अतिरिक्त भवन बनाने के लिए चंडीगढ़ में पर्याप्त जगह दी जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा भवन में भी हरियाणा का पूरा हिस्सा दिलवाया जाए। लगभग 56 साल बीत जाने के बाद भी हमें अपना पूरा हक नहीं मिला है।

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    विधानसभा भवन में 24,630 वर्ग फुट क्षेत्र हरियाणा विधानसभा सचिवालय को दिया गया था। लेकिन हमारे हिस्से में आए 20 कमरे अभी भी पंजाब विधानसभा के कब्जे में हैं। हमारे कर्मचारियों के साथ-साथ विधायकों, मंत्रियों और समितियों की बैठक के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। अतः हरियाणा विधानसभा के अच्छी तरह से परिचालन के लिए अतिरिक्त भवन बनाने हेतु हमने चंडीगढ़ प्रशासन से भूमि की मांग की है। इसके लिए भूमि की पहचान भी कर ली गई है।

     

    गृह मंत्री से अनुरोध है कि इस मामले में दखल देकर हमें हरियाणा विधानसभा के अतिरिक्त भवन के लिए जमीन दिलवाई जाए। जिसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री की मांग पर चडीगढ में हरियाणा विधानसभा के जमीन देने की घोषणा की है ।

    बैठक में ये रहे मौजूद

    उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 30वीं बैठक की अध्यक्षता की। जयपुर में राजस्थान सरकार के सौजन्य से आयोजित की गई इस बार की बैठक में मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल के साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री  जयराम ठाकुर, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल  मनोज सिन्हा, चंडीगढ़ के प्रशासक  बनवारीलाल पुरोहित, लद्दाख के उपराज्यपाल  आर के माथुर, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शामिल रहे।

     

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  • हरियाणा से हिमाचल प्रदेश का सफ़र होगा सुहाना, सीएम ने की घोषणा

    हरियाणा से हिमाचल प्रदेश का सफ़र होगा सुहाना, सीएम ने की घोषणा

    मनोहर लाल ने कहा कि हम हरियाणा को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-105 के शीघ्र निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बारे में मनोहर लाल ने उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 30वीं बैठक में बताया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की लंबाई 31.71 किलोमीटर है, जिसमें से 13.30 किलोमीटर हरियाणा में पड़ता है।

     

    राष्ट्रीय राजमार्ग-105 का काम शुरू

    हम इस परियोजना को पूरा करने में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस परियोजना के लिए 18.6399 हैक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण जिला राजस्व अधिकारी, पंचकूला द्वारा किया जा चुका है। भूमि का कब्जा लेने उपरान्त काम शुरू कर दिया गया है। पेड़ काटने और ढांचों को गिराने के लिए अवार्ड्स की घोषणा प्रक्रियाधीन है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से प्रथम चरण की क्लीयरेंस प्राप्त कर ली गई है और दूसरे चरण की क्लीयरेंस भी शीघ्र मिलने की संभावना है।

     

    प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना कार्यक्रम के तहत तीन चरणों में हरियाणा में 1731 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण किया गया है और 175 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। इस योजना के तीसरे चरण में हाल ही में 590 किलोमीटर लम्बी और सड़कों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके कार्य का आवंटन किया जा रहा है।

     

     

  • उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उठाया एसवाईएल का मुद्दा

    उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उठाया एसवाईएल का मुद्दा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के निर्माण कार्य को पूरा करना हरियाणा और पंजाब राज्यों के बीच अत्यंत पुराना और गंभीर मसला है। यह नहर न बनने के कारण रावी, सतलुज और ब्यास का अधिशेष, बिना चैनल वाला पानी पाकिस्तान में चला जाता है।

     

    बैठक के बाद पंजाब ने नही की आगे कार्रवाई

    हरियाणा को भारत सरकार के 24 मार्च, 1976 के आदेशानुसार रावी-ब्यास के सरप्लस पानी में भी 3.50 मिलियन एकड़ फुट हिस्सा आबंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.वाई.एल. मुद्दे को हल करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ 18 अगस्त, 2020 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, पंजाब आगे कार्रवाई नहीं कर रहा है।

     दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक जल्द हो आयोजित

    मनोहर लाल ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उनकी ओर से एक अर्ध-सरकारी पत्र दिनांक 06.05.2022 के माध्यम से केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री से दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दूसरे दौर की बैठक जल्द से जल्द बुलाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने अमित शाह से कहा कि उन्हें भी इस विषय में एक अर्ध-सरकारी पत्र लिखा है, जिसमें दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले इस बैठक के लिए उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री को भी 3 अर्ध-सरकारी पत्र लिखे, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

     

    दिल्ली कर रहा पानी की अधिक मांग

    मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री से अनुरोध कर कहा है कि अब पंजाब में भी नई सरकार आ चुकी है। जल्द इस मुद्दे पर बैठक करवाएं और उसके निष्कर्ष से सर्वोच्च न्यायालय को भी अवगत करवाया जाए। मनोहर लाल ने जोर देकर कहा कि हरियाणा के लिए यह पानी अत्यंत आवश्यक है। एक तरफ हमें यह पानी नहीं मिल रहा है, जबकि दूसरी तरफ दिल्ली हमसे अधिक पानी की मांग कर रहा है।

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    देश में बनने जा रहे 11 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, देश की आर्थिक तरक्की में होने भागीदार

    हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुरुवार को अपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बोल रहे थे। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की। बैठक में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे।

     

    दो बड़े कॉरिडोर गुजर रहे हरियाणा से होकर

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एनसीआर का क्षेत्र हरियाणा में होने की वजह प्रदेश औद्योगिकरण का हब बना है। उद्योग की दृष्टि से हरियाणा निवेशकों की पहली पसंद रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट के नजदीक होने का हरियाणा के उद्योगों को बहुत फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि देश के दो बड़े कॉरिडोर- वेस्टर्न इकनॉमिक कॉरिडोर और इस्टर्न इकनॉमिक कॉरिडोर जो बन रहे हैं वे हरियाणा से होकर गुजरेंगे।

    886 एकड़ में बन रहा इंटीग्रेटिड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के नांगल चौधरी में प्रस्तावित इंटीग्रेटिड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब 886 एकड़ में बनाया जाना है। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी सड़क, पानी और बिजली आदि का काम शुरू हो गया है। इसे पूरा करने का टारगेट तय कर दिया है। इसे निश्चित समय पर पूरा किया जाएगा। इससे जुड़ी रेलवे लाइन का अवार्ड भी सुना दिया है। 40 प्रतिशत भूमि का कब्जा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को दे दिया है बाकि भूमि का कब्जा 15 अगस्त तक ले लिया जाएगा।

     

    हिसार में बन रहा इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

    इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) हिसार की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए 1605 एकड़ जमीन का चयन कर लिया गया है। आईएमसी, हिसार का मास्टर प्लान भी तैयार हो चुका है। पर्यावरण क्लियरेंस को भी जल्द पूरा करवाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भी गति से आगे बढ़ रहा है।

     

    केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के सामने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यमुनानगर जिले के कलानौर में इनलैंड कंटेनर डिपो की मांग रखी है। उन्होंने कहा कि अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर हरियाणा से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर पर यदि इनलैंड कंटेनर डिपो बनाया जाता है तो इसका फायदा न केवल हरियाणा को मिलेगा बल्कि आसपास के राज्य जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब को भी मिलेगा।