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  • Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता धर्म सिंह छोकर को फटकारा, 600 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में तुरंत सरेंडर का आदेश

    Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता धर्म सिंह छोकर को फटकारा, 600 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में तुरंत सरेंडर का आदेश

    Haryana News: हरियाणा की राजनीति में हलचल मचाने वाले कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक धरम सिंह छोकर को अदालत से लगातार झटके मिल रहे हैं। रियल एस्टेट घोटाले और 600 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से घिरे छोकर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

    पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी रद्द करने से इंकार कर दिया, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी मेडिकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत बढ़ाने की उनकी याचिका ठुकरा दी। अदालत ने न केवल छोकर को तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया, बल्कि गलत दलीलों के आधार पर अंतरिम राहत हासिल करने पर कड़ी फटकार भी लगाई। यह पूरा मामला 600 करोड़ रुपए से अधिक के रियल एस्टेट घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

    Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता धर्म सिंह छोकर को फटकारा, 600 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में तुरंत सरेंडर का आदेश

    धरम सिंह छोकर ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी रद्द करने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने साफ कहा कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा की गई गिरफ्तारी सही है। कोर्ट ने माना कि छोकर ने जांच एजेंसी के साथ लगातार सहयोग नहीं किया। उनके खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है। इस फैसले से कांग्रेस नेता को बड़ा झटका लगा, क्योंकि वे गिरफ्तारी से राहत की उम्मीद कर रहे थे।

    ईडी ने अदालत के सामने तगड़े सबूत पेश किए। एजेंसी का आरोप है कि धरम सिंह छोकर ने अपनी कंपनी साईं आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए करीब 3,700 घर खरीदारों से धोखाधड़ी की। इस फर्जीवाड़े के जरिए 616 करोड़ रुपए से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। छोकर और उनकी कंपनी ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेशकों को फंसाकर पैसा हड़पा। ईडी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क संगठित धोखाधड़ी और अवैध धन शोधन का मामला है।

    धरम सिंह छोकर को पहले मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी गई थी ताकि वे सर्जरी करवा सकें। लेकिन अदालत ने पाया कि उन्होंने अब तक कोई सर्जरी नहीं करवाई और इस आधार पर दी गई राहत का दुरुपयोग किया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग ठुकरा दी। अदालत ने कहा कि आरोपी ने गलत दलीलों से अंतरिम राहत हासिल कर अदालत को गुमराह किया। कोर्ट ने तुरंत आत्मसमर्पण का आदेश दिया। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गलत बयान देने के लिए छोकर के वकील को भी फटकार लगाई।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छोकर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अदालत ने साफ कहा है कि वे अब तुरंत सरेंडर करें। उनकी ओर से जमानत अवधि बढ़ाने की अपील भी सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी। अदालत के रुख को देखते हुए छोकर ने खुद ही यह याचिका वापस ले ली। धरम सिंह छोकर हरियाणा के समालखा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। उन पर लगे गंभीर आरोप और अदालत के सख्त रुख ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है।

    यहां बता दें कि पिछले दिनों गुरुग्राम के डीएलएफ फेज 2 में बिल्डर की आवाज के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया था और इन लोगों का कहना था कि कांग्रेस नेता और उनके बेटे ने उन्हें ऐसा फंसाया कि अब वह इच्छा मृत्यु की मांग करने के अलावा और कुछ नहीं मांग सकते। यह लोग पिछले 7 साल से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। 7 साल पहले अफोर्डेबल फ्लैट लॉन्च किए गए थे। सेक्टर 68 में बनने वाले इन फ्लैट्स को अभी तक नहीं बनाया गया है और 1500 लोग इनके चंगुल में फंस कर रह गए हैं।

  • झज्जर में पत्नी बनी पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता, 70 दिन बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

    झज्जर में पत्नी बनी पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता, 70 दिन बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

    झज्जर जिले के गांव छोची में 10 जून 2025 को व्यवसायी विकास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। 70 दिन बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी पूजा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि महिला ने अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। इससे पहले दो आरोपी, विकास के व्यवसायी साथी अक्षय और जेसीबी ऑपरेटर शालू राम को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    मृतक का शव दलदली गड्ढे में मिला

    विकास, जो गांव सम्सापुर माजरा का निवासी था, का शव ईंट भट्ठे के पास एक दलदली गड्ढे में मिला। शव मिलने के बाद ग्रामीणों और परिवार ने उसके व्यापारिक साझेदारों अक्षय और शालू राम पर हत्या का शक जताया। मृतक की माता कुसुमलता ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

    झज्जर में पत्नी बनी पति की हत्या की मुख्य साजिशकर्ता, 70 दिन बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

    पत्नी बनी मुख्य साजिशकर्ता

    पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक और उसके व्यवसायिक साथी के बीच पुरानी दुश्मनी थी। अब पुलिस ने मृतक की पत्नी पूजा को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि महिला का आरोपी अक्षय के साथ गुप्त संबंध भी था।

    हत्या का भयानक तरीका

    पुलिस के अनुसार, अक्षय ने विकास को हथौड़े से सिर पर मारकर मारा और जेसीबी ऑपरेटर शालू राम ने जेसीबी की बाल्टी से वार किया। घटना उस दिन सुबह 9 बजे हुई जब विकास घर से काम पर जाने के लिए निकला था। उसके बाद अक्षय ने विकास की मौत की जानकारी फोन पर पत्नी पूजा को दी थी।

    पुलिस की जांच और गिरफ्तारी

    पुलिस की एफएसएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए और पूरी जांच की। झज्जर सीआईए इंस्पेक्टर विवेक ने बताया कि पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। वहीं, पहले ही अक्षय और शालू राम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

  • सोनीपत में 12 एकड़ जमीन पर 10 फर्जी मदन मोहन की अजीबोगरीब साजिश का खुलासा

    सोनीपत में 12 एकड़ जमीन पर 10 फर्जी मदन मोहन की अजीबोगरीब साजिश का खुलासा

    सोनीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक ऐसा मामला उजागर किया जिसने सभी को चौंका दिया। 12 एकड़ जमीन की रियल मालिकाना हक़दारी के लिए दस लोगों ने खुद को फर्जी मदन मोहन घोषित किया। यह जमीन सुल्तानपुर गांव में दिल्ली रोड पर स्थित थी। असली मालिक अमृतसर निवासी मदन मोहन थे, जिनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे नरेंद्र अग्रवाल को भी इस जमीन का पता नहीं था। इस स्थिति का फायदा उठाकर कई लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के साथ खुद को मदन मोहन बताया और जमीन हड़पने की साजिश रची।

    फर्जी मदन मोहनों की गिरफ्तारी

    ACB ने जनवरी 2021 से इस मामले की जांच शुरू की। अब तक नौ फर्जी मदन मोहन पकड़े जा चुके थे। हाल ही में दसवें फर्जी मदन मोहन और उनके साथी को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली निवासी राजेश जैन और गोहाना निवासी राजेश कुमार शामिल हैं। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया और दो दिन की रिमांड पर लिया गया ताकि अन्य आरोपी भी पकड़े जा सकें।

    सोनीपत में 12 एकड़ जमीन पर 10 फर्जी मदन मोहन की अजीबोगरीब साजिश का खुलासा

    सरकारी अफसरों की मिलीभगत का शक

    जांच में पता चला कि आरोपी राजेश जैन ने मदन मोहन का फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाए। इन दस्तावेजों के आधार पर उसने खुद को असली मदन मोहन बताया। आरोप है कि सरकारी अफसरों की मिलीभगत से उसने यह जमीन अपने नाम कराई और इसे अन्य लोगों को बेचने की कोशिश की। ACB इस मामले में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

    जमीन पर खेती जारी

    अभी यह 12 एकड़ जमीन असली वारिस नरेंद्र अग्रवाल के पास है। उन्होंने इसे गांव चौहान जोशी के दीपक को खेती के लिए पट्टे पर दे दिया है। दीपक नियमित रूप से इस जमीन पर खेती कर रहा है। जमीन के मामले में अब तक कई नाम सामने आए हैं और जांच में और खुलासे होने की संभावना है।

    जांच और कार्रवाई तेज

    ACB की टीम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कोर्ट परिसर की सड़क पर घूम रहे थे जब उन्हें पकड़ लिया गया। इससे पहले गिरफ्तार नौ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दसवें फर्जी मदन मोहन की गिरफ्तारी के बाद जांच को और तेज कर दिया गया है और कई अन्य नाम सामने आने की संभावना है।

  • Youtuber Jyoti Malhotra Case: एसआईटी ने तीन महीने की जांच के बाद दायर की चार्जशीट, सोमवार को अदालत में पेश होंगी ज्योति मल्होत्रा

    Youtuber Jyoti Malhotra Case: एसआईटी ने तीन महीने की जांच के बाद दायर की चार्जशीट, सोमवार को अदालत में पेश होंगी ज्योति मल्होत्रा

    Youtuber Jyoti Malhotra Case: ज्योति मल्होत्रा के वकील अधिवक्ता कुमार मुकेश ने कहा कि अब तक आरोपपत्र की कोई कॉपी ज्योति को नहीं दी गई है। ज्योति से सोमवार, 18 अगस्त को अदालत में पेश होने का अनुमान है, उसी दिन उसे चार्जशीट की कॉपी सौंपे जाने की संभावना है। यह मामला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट (JMIC) में चल रहा था, अब इसे सेशंस कोर्ट में भेजा जाएगा।

    एसआईटी ने पूरी की जांच, दायर की चार्जशीट

    अधिवक्ता कुमार मुकेश ने बताया कि एसआईटी ने तीन महीने की जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट दायर की है। एसपी शशांक कुमार सावन ने इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी के नेतृत्व में डीएसपी सुनील कुमार, इंस्पेक्टर निर्मला, साइबर सेल इंचार्ज अमित और स्पेशल स्टाफ के एसआई सतपाल शामिल थे। 14 अगस्त को चार्जशीट अदालत में पेश की गई।

    Youtuber Jyoti Malhotra Case: एसआईटी ने तीन महीने की जांच के बाद दायर की चार्जशीट, सोमवार को अदालत में पेश होंगी ज्योति मल्होत्रा

    ज्योति पर लगे गंभीर आरोप

    ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और संवेदनशील जानकारियों को साझा करने के गंभीर आरोप हैं। ये आरोप भारतीय दंड संहिता की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत लगाए गए हैं। अदालत ने 4 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छहवीं बार सुनवाई के दौरान उसकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी थी।

    सोमवार को ज्योति होगी अदालत में पेश

    अधिवक्ता ने कहा कि चार्जशीट की पूरी कॉपी पढ़ने के बाद ही हम अपना जवाब दाखिल करेंगे। सोमवार, 18 अगस्त को ज्योति अदालत में उपस्थित होंगी और इसी दौरान उसका मामला सेशंस कोर्ट में ट्रांसफर होगा। यह सुनवाई देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    जांच और कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण

    एसआईटी की जांच के बाद अब कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा। अदालत द्वारा चार्जशीट स्वीकार करने के बाद ज्योति के वकील पक्ष अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे। इस मामले में मीडिया और आम जनता की नजरें भी लगी हुई हैं क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों वाला मामला है।

  • Haryana News: जेल में बंद शूटर की कॉल से दहशत! 10 दिन में परिवार सहित जान से मारने की धमकी

    Haryana News: जेल में बंद शूटर की कॉल से दहशत! 10 दिन में परिवार सहित जान से मारने की धमकी

    Haryana News: जींद के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद बंसल पर एक बार फिर मौत का साया मंडराने लगा है। 30 जुलाई की सुबह वह अपने चैंबर में बैठे ही थे कि अचानक उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। ट्रू कॉलर पर कॉल करने वाले का नाम प्रदीप लिखा था। कॉल उठाते ही उन्हें गालियां दी गईं और फिर 10 दिन के अंदर पूरे परिवार सहित गोली मारकर हत्या की धमकी दी गई। यह धमकी देने वाला कोई और नहीं बल्कि जिला कारागार में बंद कुख्यात शूटर प्रदीप उर्फ गट्टा था।

    धमकी देने वाला वही जिसने ली थी भाई की जान

    विनोद बंसल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यही प्रदीप गट्टा वही है जिसने 2016 में उनके बड़े भाई पुरुषोत्तम की हत्या की थी। उस समय बलजीत पोकरीखेड़ी और धर्मेंद्र पहलवान गैंग ने किराए के शूटरों से गोली चलवाकर भाई की जान ली थी। इसके बाद 2021 में उनके दूसरे भाई श्याम सुंदर बंसल की भी इसी गैंग ने 9 गोलियां मारकर हत्या कर दी। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज हैं और कुछ को सजा भी हो चुकी है लेकिन अब भी ये गैंग विनोद बंसल को केस से हटाने के लिए जान से मारने की धमकियां दे रहा है।

    Haryana News: जेल में बंद शूटर की कॉल से दहशत! 10 दिन में परिवार सहित जान से मारने की धमकी

    अदालत में कोई नहीं देता गवाही

    विनोद बंसल का कहना है कि यह गैंग इतना खतरनाक है कि इनके खिलाफ कोई भी अदालत में गवाही देने की हिम्मत नहीं करता। सभी गवाह या तो डर जाते हैं या फिर अदालत में जाकर अपने बयान बदल लेते हैं। उन्होंने खुद दो भाइयों को खोने के बाद भी इन अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाई है। अब यह गैंग चाहता है कि वह डर जाएं और केस से हट जाएं। लेकिन विनोद बंसल का कहना है कि वह इन अपराधियों को सजा दिलाकर ही चैन लेंगे।

    सुरक्षा में भारी लापरवाही का आरोप

    विनोद बंसल को पुलिस सुरक्षा तो मिली हुई है लेकिन वह इसे नाकाफी मानते हैं। उनका कहना है कि उन्हें रिकॉर्ड में पांच पुलिसकर्मी दिए गए हैं लेकिन असल में गनमैन अक्सर मोबाइल चलाते रहते हैं और ड्यूटी पर तैनात नहीं रहते। ऐसे में कभी भी उनके या उनके परिवार पर हमला हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें उच्चस्तरीय सुरक्षा दी जाए और सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति की नियमित जांच हो।

    पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

    शिकायत मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रदीप गट्टा और उसके भाई के खिलाफ बीएनएस की धारा 232, 296 और 351(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन अब यह तय करने में जुटा है कि जेल के अंदर से कॉल कैसे की गई और मोबाइल कैसे पहुंचा। ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या जेल प्रशासन भी इस साजिश में शामिल है।