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  • अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन आज राज्य के किसान भाजपा की नीतियों से नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यवासियों के सामने असली सच्चाई 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली विशाल रैली में सामने आएगी।

    लैडपुर में रैली का आमंत्रण

    अभय चौटाला झज्जर के लैडपुर गांव पहुंचे और वहां रैली में शामिल होने के लिए लोगों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती के अवसर पर आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखे हमले किए और कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने किसानों के अधिकारों का हनन किया है और उनकी जमीन और संसाधनों पर कब्जा किया।

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    कांग्रेस और भाजपा पर निशाना

    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही है और अब भी इसका असर हरियाणा की राजनीति में देखने को मिलता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता में आते ही किसानों की अनदेखी की और उनकी समस्याओं को हल करने में कोई कदम नहीं उठाया। चौटाला ने कहा कि यह रैली किसानों के लिए एक मजबूत संदेश होगी और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक करेगी।

    किसानों और ग्रामीणों से अपील

    उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि वे रैली में ऐतिहासिक संख्या में पहुंचें। चौटाला ने कहा कि यह रैली हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। उनका कहना है कि रैली के माध्यम से जनता को यह संदेश मिलेगा कि सत्ता में बैठे लोग उनके हितों के प्रति कितने गंभीर हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

    हरियाणा की राजनीति में संभावित बदलाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली के बाद हरियाणा की राजनीति में बदलाव की संभावना है। किसान और ग्रामीण जनता अपनी असंतोषजनक भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। अभय सिंह चौटाला की अपील और रैली का व्यापक प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। यह रैली न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करेगी बल्कि हरियाणा की राजनीति में नई बहस और विमर्श को भी जन्म देगी।

  • कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि सरकार और पुलिस की हीलाहवाली के चलते हरियाणा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। सोमवार को एक ही दिन में सोनीपत, पलवल, बहादुरगढ़ और पानीपत में हुई चार हत्याएं यह साबित करती हैं कि प्रदेश में अपराधियों के हौंसले कितने बुलंद हैं। लोग और व्यापारी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। भाजपा सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। प्रदेश की जनता को सुरक्षा देने की बजाय सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रदेश में नशे का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। हरियाणा के गांव-गांव और शहर-शहर में नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है और अपराध को बढ़ावा दे रहा है। सरकार की शह पर चल रहे इस नशे के धंधे ने समाज को खोखला कर दिया है।

    कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि हरियाणा में सरकार चल नहीं रही, बल्कि सोई हुई है। केंद्र सरकार की सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स (एसपीआई) रिपोर्ट में हरियाणा देश के सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अपराध बड़ी तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं और अपराधी बेखौफ हैं। राज्य सरकार का ध्यान अपराध रोकने पर नहीं है और पुलिस पर सरकार का कोई अंकुश नहीं रह गया, जिस कारण अपराधी निरंकुश हो चुके हैं। हरियाणा में लापता हो रहे हैं लोगों का आंकड़ा बहुत चिंताजनक है। अपहरण की वारदातें भी बढ़ रही है। इसके साथ ही हत्या और गैर इरादतन हत्या की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में चौंकाने वाली वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़े प्रदेश की बीजेपी सरकार के तहत आने वाले सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र के विफल होने की गंभीर स्थिति का स्पष्ट प्रमाण हैं।

    कुमारी शैलजा ने कहा कि प्रदेश में लूट, डकैती, चोरी, महिलाओं से छेडछाड, बलात्कार व फिरौती की बढ़ रही है। सांसद कुमारी सैैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि कानून-व्यवस्था को तुरंत सख्ती से लागू किया जाए और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो, नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कसकर पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाए, पुलिस प्रशासन को राजनीतिक दबाव से मुक्त करके निष्पक्ष और मजबूत बनाया जाए और आम जनता को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार का 11 साल का कार्यकाल अपराधों से रंगा हुआ है। हरियाणा की जनता अब और असुरक्षा व भय में नहीं जी सकती। भाजपा सरकार की विफलताओं ने प्रदेश को अपराध और नशे की गिरफ्त में धकेल दिया है। कांग्रेस पार्टी जनता के साथ खड़ी है और इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ेगी। सरकार के ये कहने से कि अपराधों में कमी दर्ज की जा रही है से काम चलने वाला नहीं है, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनतता को भयमुक्त वातावरण तैयार करे।

  • हरियाणा में बाढ़ की विभिषिका! कुमारी शैलजा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, जनता करेगी अंतिम फैसला

    हरियाणा में बाढ़ की विभिषिका! कुमारी शैलजा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, जनता करेगी अंतिम फैसला

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि भाजपा की केेंद्र और राज्य की दोनों सरकार ने अभी तक हरियाणा को विशेष राहत पैकेज क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या भाजपा सरकार आम जनता की पीड़ा से मुंह मोड़ चुकी है? सांसद ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अब सरकार की कुनीतियों को, साजिशों को जनता के दरबार में रखेंगे और अब फैसला भी जनता ही करेगी।

    सांसद कुमारी शैलजा फरीदाबाद जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हरियाणा का एक बड़ा क्षेत्र इस समय बाढ़ की भयंकर चपेट में है। लोगों के घर ढह गए हैं, किसान की महीनों की मेहनत डूब गई है, छोटे दुकानदारों का सामान नष्ट हो गया है और छोटे उद्योग-धंधे पूरी तरह ठप हो गए हैं। बाढ़ की विभिषका झेल रहे कुछ गांवों में तो लोगों के घरों में चूल्हा तक नहीं जल रहा है। मकानों में दरारें आ चुकी हैं, फर्श  बैठ गए है, बाढ़ प्रभावित जिलों में कई कई हजार एकड़ फसले बरबाद हो गई है। सांसद ने कहा कि फरीदाबाद औैद्योगिक क्षेत्र है जहां पर उद्योगों को नुकसान हुआ है, काम धंधा ठप हो गया है श्रमिक भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए है। ऐसे में राज्य और केंद्र सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम आगे बढाऩा चाहिए और समय पर मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि लोग स्वयं को संभाल कर अगला कदम उठा सके।

    हरियाणा में बाढ़ की विभिषिका! कुमारी शैलजा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, जनता करेगी अंतिम फैसला

    भाजपा अभी तक अपना राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष नहीं चुन पाई हैै और संगठन को लेकर कांग्रेस पर बार बार सवाल उठा रही को लेकर सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा को किसी पर उंगली उठाने से पहले अपने बारे में सोचना चाहिए। भाजपा के वल दिखावा करती हैै। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते आते रह गई। सांसद ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की अनेक खामियों को उजागर किया, कई साजिशों का पर्दाफाश किया पर सरकार मनमानी कर रही है। सांसद ने कहा कि राहुल गांधी अब जनता के बीच जाकर मुद्दे उठाएंगे और जनता को बताएंगे कि ये भाजपा सरकार किस प्रकार उनके हितों पर कुठाराघात कर रही है, अब तो जनता को ही फैसला करना होगा। सांसद ने कहा कि इन विकट हालात में हरियाणा सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवज़ा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है, फिर भी केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा को विशेष राहत पैकेज क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या भाजपा सरकार आम जनता की पीड़ा से मुंह मोड़ चुकी है?

    सांसद कुमारी शैलजा मांग की हैै कि बाढ़ प्रभावित किसानों को फसल का सौ प्रतिशत मुआवजा तुरंत दिया जाए, जिन दुकानदारों का माल और दुकानें बर्बाद हो गई हैं, उन्हें उचित वित्तीय सहायता प्रदान की जाए, छोटे और मध्यम उद्योगपतियों को ब्याज मुक्त ऋण और आर्थिक पैकेज दिया जाए, ताकि वे अपना धंधा फिर से शुरू कर सकें, प्रभावित परिवारों को पुनर्वास सुविधा और आवश्यक राहत सामग्री तुरंत उपलब्ध कराई जाए। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रतिनिधियों को चाहिए कि वे सिर्फ कागज़़ी बयानबाज़ी न करें, बल्कि जमीन पर उतरकर वास्तविक स्थिति का आंकलन करें और हर प्रभावित परिवार तक पर्याप्त मदद पहुंचाएं।

  • मणिपुर दौरे पर पीएम मोदी पर कांग्रेस का बड़ा हमला, राहुल गांधी ने उठाया बड़ा सवाल

    मणिपुर दौरे पर पीएम मोदी पर कांग्रेस का बड़ा हमला, राहुल गांधी ने उठाया बड़ा सवाल

    कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीएम का मणिपुर जाना ठीक है, लेकिन असली मुद्दा ‘वोट चोरी’ का है। उन्होंने बार-बार केंद्रीय सरकार पर मणिपुर में हिंसा की गंभीरता के बावजूद मौन रहने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि मणिपुर की स्थिति सामान्य करने के लिए उन्होंने कौन-कौन से कदम उठाए हैं। उनका कहना है कि सिर्फ दौरा करना समस्या का हल नहीं है।

    पीएम के दौरे को ‘प्रतीकात्मक और अपमानजनक’ बताया गया

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने पीएम मोदी के दौरे की आलोचना करते हुए कहा कि 3 घंटे का दौरा न तो शोक व्यक्त करने वाला है और न ही पीड़ितों के लिए संवेदना दिखाने वाला। उन्होंने इसे ‘प्रतीकात्मक और अपमानजनक’ करार दिया। खर्गे ने पीएम से पूछा कि उनके अपने शब्दों में ‘राजधर्म’ कहां है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार मणिपुर के लोगों की तकलीफों को नजरअंदाज कर रही है।

    मणिपुर दौरे पर पीएम मोदी पर कांग्रेस का बड़ा हमला, राहुल गांधी ने उठाया बड़ा सवाल

    दो साल बाद दौरा, समय पर न आने की निंदा

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पीएम के मणिपुर दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दो साल बाद जाना ठीक है, लेकिन यह बहुत देर हो गई। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि केंद्र ने इतने लंबे समय तक वहां जो कुछ भी हुआ उसे रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए। उनका कहना था कि इस समय तक मणिपुर में जो हालात बने, उस पर केंद्र की चुप्पी निराशाजनक है।

    विकास परियोजनाओं पर प्रधानमंत्री की नजर

    प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर दौरे के दौरान चुराचंदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें मणिपुर शहरी सड़कें, जल निकासी और संपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना 3,600 करोड़ रुपये की, पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं 2,500 करोड़ रुपये की, मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टल शामिल हैं। इसके अलावा, पीएम इम्फाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।

    विकास और राजनीति का संगम

    प्रधानमंत्री का दौरा मणिपुर में विकास योजनाओं के उद्घाटन का संदेश दे रहा है। वहीं कांग्रेस नेताओं की आलोचना इसे राजनीति और प्रतीकात्मक कदम मान रही है। इस दौरे के साथ ही मणिपुर की समस्या और वोट चोरी के मुद्दे भी केंद्र में उठते रहे हैं। विकास और राजनीति का यह संगम राज्य में एक नई बहस को जन्म दे रहा है और इसे लेकर समाज में उत्सुकता बढ़ रही है।

  • मध्यप्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य का विवादित बयान, कहा- देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति आ सकती है, युवाओं को मिलिट्री ट्रेनिंग जरूरी

    मध्यप्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य का विवादित बयान, कहा- देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति आ सकती है, युवाओं को मिलिट्री ट्रेनिंग जरूरी

    मध्यप्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। हाल ही में राज्य स्तरीय जूडो और बॉक्सिंग प्रतियोगिता के समापन समारोह में दिए गए उनके बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छेड़ दी है। शाक्य ने इस समारोह में युवाओं की सुरक्षा और देश की सुरक्षा को लेकर ऐसी बातें कही, जिसने लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया और समाचार चैनलों में भी तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    युवाओं के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग की बात

    समारोह में संबोधन देते हुए पन्नालाल शाक्य ने कहा कि नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में जैसे हालात बने, वैसा कुछ भारत में भी हो सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि देश के भीतर कभी भी गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए उन्होंने 18 से 30 साल तक के युवाओं को अनिवार्य रूप से मिलिट्री ट्रेनिंग देने की सलाह दी। उनका यह बयान युवाओं के लिए सुरक्षा और राष्ट्रभक्ति की आवश्यकता पर जोर देता है, लेकिन इसे लेकर विवाद भी पैदा हो गया है।

    मध्यप्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य का विवादित बयान, कहा- देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति आ सकती है, युवाओं को मिलिट्री ट्रेनिंग जरूरी

    राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ

    पन्नालाल शाक्य के इस बयान को लेकर विपक्ष और आम जनता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी पार्टियों ने इसे असंवेदनशील और भय पैदा करने वाला बताया है। साथ ही कई सामाजिक संगठन और नागरिकों ने कहा कि ऐसे बयान समाज में अस्थिरता और डर पैदा कर सकते हैं। विपक्ष ने शाक्य के बयान को चुनावी मौसम में युवाओं को डराने और राजनीतिक लाभ लेने वाला करार दिया। वहीं, कुछ लोग इसे सुरक्षा और देशभक्ति के नजरिए से देखा जाने योग्य मान रहे हैं।

    भाजपा के अंदर प्रतिक्रियाएँ

    भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने कहा कि विधायक ने राष्ट्र की सुरक्षा और युवाओं के प्रशिक्षण की बात की है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणियाँ विवाद पैदा कर सकती हैं। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि नेताओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी और विवाद पैदा न हो। इस बयान ने पार्टी के लिए भी राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।

    भविष्य में संभावनाएँ और असर

    भविष्य में इस बयान का असर पन्नालाल शाक्य और भाजपा दोनों पर देखा जा सकता है। विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकता है। वहीं, विधायक को इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से संभालना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव के समय ऐसे बयान जनता के दृष्टिकोण और नेताओं की छवि पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में विधायक और पार्टी के लिए यह आवश्यक है कि वे बयान का स्पष्टीकरण दें और युवाओं में भय या असंतोष पैदा न होने दें।

  • बॉक्सर विजेंदर सिंह ने राहुल गांधी पर हरियाणवी अंदाज में कटाक्ष किया, वोट चोरी के विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

    बॉक्सर विजेंदर सिंह ने राहुल गांधी पर हरियाणवी अंदाज में कटाक्ष किया, वोट चोरी के विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

    बॉक्सर विजेंदर सिंह ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर अपनी राय दी है। उन्होंने अपने X (पहले Twitter) हैंडल पर राहुल गांधी के अभियान पर हरियाणवी अंदाज में हमला किया और लिखा- “नााच ना जाने आंगन टेढ़ा”। विजेंदर ने यह पोस्ट साझा करके साफ संकेत दिया कि वे इस विवाद में सक्रिय हो गए हैं।

    कांग्रेस में शामिल हुए और फिर खोई सीट

    विजेंदर सिंह ने साल 2019 में कांग्रेस जॉइन की थी। उसी साल उन्हें साउथ दिल्ली से लोकसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया गया। हालांकि, विजेंदर यह चुनाव हार गए। उनका राहुल गांधी के साथ बॉक्सिंग स्टांस में फोटो वायरल हुआ। 25 नवंबर 2022 को उन्होंने मध्य प्रदेश के खरगोन में राहुल गांधी के साथ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में लंबा मार्च किया और स्टाइल दिखाया- “मूंछ पर ताव, बाजू में दम”।

    बॉक्सर विजेंदर सिंह ने राहुल गांधी पर हरियाणवी अंदाज में कटाक्ष किया, वोट चोरी के विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

    भाजपा में शामिल होकर किया राजनीतिक बदलाव

    विजेंदर सिंह ने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि जनता की पसंद के साथ चलना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस हाई कमान पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी आवाज़ का कांग्रेस में कोई मूल्य नहीं है। उन्होंने साफ किया कि लोग कांग्रेस की बात सुनना नहीं चाहते।

    हरियाणा में वोट चोरी का मुद्दा

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर वोट हेरफेर का आरोप लगाते हुए हरियाणा में 22,779 वोटों की चोरी का दावा किया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अभियान शुरू किया। विजेंदर सिंह ने अपने हरियाणवी अंदाज वाले पोस्ट में राहुल गांधी की इस मुहिम पर कटाक्ष किया। इससे साफ संकेत मिलता है कि उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी को निशाना बनाया।

    खेल और सामाजिक मुद्दों पर विजेंदर का समर्थन

    विजेंदर ने जनवरी 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई पहलवानों की हड़ताल का भी समर्थन किया। पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। विजेंदर ने सवाल उठाया कि क्या साक्षी मलिक के रिटायरमेंट से भारत की विश्व स्तर पर छवि प्रभावित होगी। उन्होंने खेल उद्योग की निराशा पर भी चिंता जताई और कहा कि माता-पिता अब अपने बेटियों को स्टेडियम भेजने से हिचकिचाएंगे।

  • पूर्व सांसद Brijendra Singh ने कांग्रेस की हार का कारण बताया, कहा—ओवर कॉन्फिडेंस ले डूबा

    पूर्व सांसद Brijendra Singh ने कांग्रेस की हार का कारण बताया, कहा—ओवर कॉन्फिडेंस ले डूबा

    जींद। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी Brijendra Singh के बेटे एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा है कि बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में सभी को लग रहा था कि कांग्रेस की सरकार बहुमत से आ जाएगी, इसलिए ओवर कॉन्फिडेंस हो गया कि दो-चार सीट इधर-उधर हो जाएं तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यही ओवर कॉन्फिडेंस कांग्रेस को ले डूबा। इस प्रकार के ओवर कॉन्फिडेंस के कारण पहले भी कई बार कांग्रेस ने बनती हुई सरकार खोने का काम किया है।

    पूर्व सांसद Brijendra Singh ने उचाना विधानसभा सीट पर मिली हार को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए कहा, ‘मुझे हराने के लिए पर्दे के पीछे बहुत खेल हुआ। 3 लोग इकट्ठे हुए। खुद चुनाव लड़ रहे दुष्यंत चौटाला ने निर्दलीय के फेवर में इशारा कर दिया था।’
    बृजेंद्र ने बगैर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लिए कहा- ‘2 निर्दलीय कैंडिडेट की निष्ठा एक व्यक्ति विशेष के प्रति थी। ये दोनों अंत तक खड़े रहे।’ असल में बृजेंद्र की हार में निर्दलीय कैंडिडेट बीरेंद्र घोघड़ियां और दिलबाग संडील की भूमिका रही। इससे जाट वोट बंट गए और भाजपा के देवेंद्र अत्री 32 वोट से चुनाव जीत गए।

    अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद Brijendra Singh ने पहली बार उचाना सीट पर अपनी हार को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें न केवल भाजपा, बल्कि जेजेपी और निर्दलीय उम्मीदवार भी हराना चाहते थे।

    पूर्व सांसद Brijendra Singh ने कांग्रेस की हार का कारण बताया, कहा—ओवर कॉन्फिडेंस ले डूबा

    बृजेंद्र ने कहा कि जेजेपी के दुष्यंत चौटाला ने तो मंच पर ये भी कह दिया था कि और कुछ न सूझे तो गिरड़े को ही दे देना। उसने कुछ सोच समझ कर ही कहा होगा। निर्दलीय बीरेंद्र घोघड़िया का चुनाव निशान रोड रोलर था। आम भाषा में इसे गिरड़ा कहते हैं। मैं उनकी बातों को वजन इसलिए नहीं देता, क्योंकि जेजेपी ने खुद ही अपना वजूद खत्म कर दिया, लेकिन मेरी हार में कहीं न कहीं दुष्यंत का भी रोल तो रहा ही है।

    कुमारी सैलजा को लेकर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में पूरा माहौल, विशेषकर एक समाज का बहुत बड़ा वर्ग, कांग्रेस के पक्ष में मजबूती से खड़ा था। उस दौरान कुछ ऐसी घटनाएं घटीं, जिससे उनके मन में संदेह पैदा हो गया और पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उस समय विशेष वर्ग के साथ सामाजिक गठबंधन ने जो राजनीतिक रूप लिया था, उसमें कमजोरी आ गई। नारनौंद रैली का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसकी मैंने कड़ी निंदा की थी।

    Brijendra Singh ने कहा कि ‘मैं IAS नहीं बनना चाहता था। नौकरी के दौरान मन में कहीं न कहीं ये था कि नौकरी तो छोड़नी ही है। फिर भी 21 साल नौकरी चल गई, क्योंकि नौकरी में कभी भी राजनीति को नहीं घुसने दिया। अपने दफ्तर को राजनीतिक दफ्तर नहीं बनने दिया। इसमें सबसे बड़ा रोल मेरे पिता बीरेंद्र सिंह का रहा। उन्होंने मेरी नौकरी में कभी मुझे डिस्टर्ब नहीं किया। कभी मेरे पास किसी तरह की पॉलिटिकल सिफारिश नहीं आई। मेरे लिए UPSC क्वालीफाई करना बहुत बड़ी बात थी। मैंने कभी इसे नौकरी का ऑप्शन नहीं माना था। नौकरी के साथ जो न्याय करना चाहिए था, शायद मैं उतना न्याय नहीं कर पाया। कहीं न कहीं मन में था कि छोड़नी है।