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  • हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    प्रदेश सरकार की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना साइबर ठगी करने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए देने की हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर धोखाधड़ी शुरू हो गई है। फ्रॉड मोबाइल लिंक और फर्जी फॉर्म के मामले सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने लाभार्थियों को सचेत करते हुए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को अब इस मामले में सावधान रहने की जरूरत है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि विभाग के संज्ञान में आया है कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित कई फर्जी लिंक और फार्म प्रसारित किए जा रहे हैं। ऐसे सभी लिंक और फॉर्म धोखाधड़ी हैं। कृपया इन पर विश्वास न करें और न ही इनका उपयोग करें। इस योजना के लिए आवेदन केवल आधिकारिक मोबाइल ऐप्लीकेशन के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सही डाउनलोड लिंक सेवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। अपने माेबाइल पर अधिकृत ऐप से ही आवेदन करें।

    हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    साइबर ठगों द्वारा असली जैसे दिखने वाले फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर लोग अनजाने में क्लिक कर देते हैं। इसके बाद उनके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है। साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि किसी अनजान लिंक को ओपन न करें। किसी भी अनजान खाते में पैसा जमा न करें। संदिग्ध काल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और यदि कोई व्यक्ति छोटे कारोबार का हवाला देकर बड़े लेन-देन करता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत बैंक या पुलिस को दें। अगर ठगी हो भी जाए तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज कराएं। हालांकि अभी तक हरियाणा में इस प्रकार का कोई मामला साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज नहीं किया है, लेकिन जिस प्रकार सरकार ने एडवाइजरी जारी की है उससे लगता है कि आने वाले दिनों में इस प्रकार के मामलों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

    हाल ही में सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का मोबाइल एप लॉन्च किया है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने के लिए दो टोल-फ्री नंबर भी जारी किए, ताकि हरियाणा की कोई भी महिला योजना का लाभ लेने में अड़चन न महसूस करे। दो टोल-फ्री नंबर 01724880500 और 18001802231 जारी किए। हरियाणा दिवस पर एक नवंबर से महिलाओं के खातों में पैसे आने शुरू हो जायेंगे। प्रथम चरण में विवाहित-अविवाहित दोनों वर्ग की 20,97,256 महिलाएं इसमें शामिल हैं। एक लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की 23 से 60 साल की करीब 21 लाख महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 2,100 रुपये मासिक भत्ता मिलेगा। दूसरे चरण में 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को शामिल किया जा सकेगा। तीसरे चरण में 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकेगा। मोबाइल में लाडो लक्ष्मी योजना का एप डाउनलोड करें और अपना मोबाइल नंबर भर कर ओटीपी से वेरिफिकेशन करें। अब जिस महिला के नाम से फॉर्म भरना है, उसका पूरा विवरण दर्ज करें इसके बाद लाभार्थी महिला के घर का पूरा पता भरें फिर लाभार्थी महिला के परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें अगले चरण में परिवार की सालाना आय का पूरा विवरण दें अब अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी भरें।

  • यमुनानगर में साइबर ठगी का शिकार बने रिटायर्ड फौजी, डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर सैनिक से की 5 लाख रु की ठगी

    यमुनानगर में साइबर ठगी का शिकार बने रिटायर्ड फौजी, डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर सैनिक से की 5 लाख रु की ठगी

    यमुनानगर में थाना सदौरा क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 61 वर्षीय सेवानिवृत्त सैनिक को सायबर ठगों ने पैसे की धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर फंसा लिया। ठग ने खुद को CBI अधिकारी बताकर उसे डराया। सैनिक को दस दिनों तक “डिजिटल गिरफ्तारी” में रखा गया और हर दो घंटे में अपनी गतिविधियों की जानकारी देने को कहा गया।

    पुत्र की कोर्ट मार्शल का डर

    सैनिक ने बताया कि सबसे पहले उसे मनी लॉन्ड्रिंग के केस का डर दिखाया गया। फिर यह धमकी दी गई कि उसके बेटे, जो सेना में तैनात हैं, की कोर्ट मार्शल कर दी जाएगी। इस डर में वह मानसिक रूप से टूट गया और ठगों ने उससे 5 लाख रुपये भी ठग लिए। ठगों ने यह रकम 22 जुलाई को बताई गई बैंक अकाउंट में RTGS के माध्यम से जमा करवाई।

    यमुनानगर में साइबर ठगी का शिकार बने रिटायर्ड फौजी, डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर सैनिक से की 5 लाख रु की ठगी

    ठगी की पूरी प्रक्रिया

    सैनिक ने बताया कि 19 जुलाई को उसे एक लड़की ने व्हाट्सएप कॉल किया और खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि मुंबई में उसके खिलाफ केस दर्ज हो रहा है। जब सैनिक ने बताई गई संख्या पर कॉल किया, तो सामने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया और डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाया। 19 जुलाई से 29 जुलाई तक सैनिक ने ठगों के कहने पर हर दो घंटे में अपने स्थान और गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान ठगों ने घर, परिवार, जमीन और संपत्ति का पूरा विवरण जुटाया।

    सायबर क्राइम पुलिस ने दर्ज किया मामला

    सैनिक के किसी परिचित ने उसे सायबर ठगी के बारे में बताया और इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में सायबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने धोखाधड़ी, डर और धन हड़पने के आरोप में जांच शुरू कर दी है। पुलिस लगातार डिजिटल गिरफ्तारी के मामलों को लेकर नागरिकों को जागरूक कर रही है।

    पुलिस की एडवाइजरी जारी

    जिला पुलिस बार-बार चेतावनी जारी कर रही है कि कोई भी पुलिस या CBI अधिकारी डिजिटल गिरफ्तारी नहीं करता। यदि किसी को इस तरह के कॉल मिलते हैं तो घबराएं नहीं। तुरंत पुलिस को सूचित करें और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। बावजूद इसके लोग सायबर ठगों के जाल में फंस रहे हैं।

  • Crypto Currency: हरियाणा के कई जिलों में फैला ठगी का नेटवर्क, महिला समेत छह लोगों पर केस दर्ज

    Crypto Currency: हरियाणा के कई जिलों में फैला ठगी का नेटवर्क, महिला समेत छह लोगों पर केस दर्ज

    Crypto Currency: हरियाणा के कई जिलों में एक बार फिर लोगों की मेहनत की कमाई धोखाधड़ी करने वालों के हाथ लग गई। लाखों की प्रमोशनल कैंपेन के बावजूद भी लोग भारी मुनाफे के लालच में आकर ठगों के झांसे में आ गए। ठगों ने लोगों को क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये निवेश करवाए और फिर गायब हो गए। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।

    गारंटी चेक दिखाकर किया भरोसा फिर शुरू हुआ ठगी का खेल

    शुरुआत में ठगों ने लोगों को भरोसा दिलाने के लिए 4 लाख रुपये का गारंटी चेक भी दिया। उन्होंने दावा किया कि साल भर में उनका पैसा डबल हो जाएगा। पहले तो ठगों ने बड़े-बड़े वादे किए और निवेशकों को चकाचौंध वाले सपने दिखाए। जैसे ही निवेशकों को कोई फायदा नहीं हुआ और उन्होंने पैसे वापस मांगे, ठग टालमटोल करने लगे और बेबुनियादी बातें कहकर समय निकालते रहे।

    Crypto Currency: हरियाणा के कई जिलों में फैला ठगी का नेटवर्क, महिला समेत छह लोगों पर केस दर्ज

    धमकियों पर उतर आए ठग फिर खुला राज

    जब निवेशकों का धैर्य जवाब देने लगा और उन्होंने बार-बार पैसा मांगा तो ठगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। इस पर पीड़ितों ने थाने में शिकायत दी। पुलिस जांच में यह सामने आया कि राममेहर, देव सिंह और राजेश से ठगों ने मिलकर 3.43 लाख रुपये लिए और धीरे-धीरे किस्तों में और पैसे भी लिए। कुछ अन्य लोगों से तो 18 लाख रुपये तक ले लिए गए। ये ठग न केवल पानीपत बल्कि रोहतक, हिसार, जींद, देहरादून, बरेली, करनाल और चंडीगढ़ तक अपना नेटवर्क फैला चुके हैं।

    पुलिस कर रही है जांच निवेशक चिंतित

    मॉडल टाउन थाना प्रभारी जगमहेंद्र सिंह के अनुसार मामले में छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि ठगों ने निवेश के बदले किसी असली व्यापार में पैसा नहीं लगाया बल्कि उन्हें फंसाकर ठगी कर ली। अब ये सारे लोग पुलिस जांच के घेरे में हैं और जिन लोगों ने अपनी जमा पूंजी गंवाई है वे काफी चिंतित हैं।

  • Cyber Financial Fraud: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने के लिए डायल करें ये हेल्पलाइन नंबर

    Cyber Financial Fraud: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने के लिए डायल करें ये हेल्पलाइन नंबर

    Cyber Financial Fraud: डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने सोशल मीडिया के दौर में बढ़ते साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखते जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसे मामलों की तत्काल सूचना देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क सकते हैं।

    ऑनलाइन साइट्स से सामान मंगाते समय कैश ऑन डिलीवरी का चुने ऑप्शन

    उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज के चलते अक्सर लोग सोशल मीडिया पर बंपर डिस्काउंट, लॉटरी या फिर इनामी विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं। ऐसे में पहले यह सुनिश्चित कर लें कि इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि संभव है तो कोशिश करें कि ऑनलाइन साइट्स से सामान मंगाते समय कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुने ताकि आपकी बैंक और कार्ड डिटेल साइबर अपराधियों के हाथ न लग सके।

    डायल करें हेल्पलाइन नंबर 1930

    डीसी ने कहा कि यदि फिर भी किन्ही कारणों से आपके साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी (Cyber Financial Fraud) होती है तो आप सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें और अपनी शिकायत को साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करें। डीसी ने जिला के युवाओं से अपील की है कि वे साइबर अपराधों से सावधान रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें।

    वेबसाइट दर्ज कराए शिकायत

    साइबर धोखाधड़ी (Cyber Financial Fraud) जैसे अपराध की रिपोर्ट करने के लिए पुलिस स्टेशन जाकर पारंपरिक तरीके से एफआईआर कराने व उसकी जांच होना एक लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में तुरंत कार्रवाई के लिए हेल्पलाइन का विकल्प सबसे सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जितनी जल्दी सूचना दी जाए, उतना ही बढ़िया ताकि आगे की ट्रांजेक्शन को रोकने के लिए पीड़ित को त्वरित सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति साइबर क्राइम की वेबसाइट

    www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

  • त्योहारी सीजन पर रहे सतर्क, ई-शापिंग व 5 जी का झांसा देकर हो रही ठगी, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

    त्योहारी सीजन पर रहे सतर्क, ई-शापिंग व 5 जी का झांसा देकर हो रही ठगी, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

    साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बना कर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन सामान की बुकिंग करते समय ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि थोड़ी सी भी असावधानी बरतने पर आप भी साइबर ठगी का शिकार हो सकते है। खरीदारी करते समय सही कंपनी और अधिकृत वेबसाइट का ही चुनाव करें। अपनी निजी जानकारी देने से बचें साथ ही सर्च इंजन पर कस्टमर केयर नंबर ढूंढने से बचें।

    पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि साइबर ठगी से बचने का सबसे बेहतर उपाय तरीकों की जानकारी होना है, ऐसी किसी धोखाधड़ी से बचने के लिए आमजन का साइबर अपराध के प्रति सावधान रहना अति आवश्यक है। रेवाड़ी पुलिस की ओर से साइबर क्राइम से बचाने के लिए जागरूकता माह चलाया गया है। इसी तहत जिला पुलिस की विभिन्न टीमों द्वारा आमजन को साइबर क्राइम के विरूध ज्यादा से ज्यादा जानकारी देकर जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। जागरूकता ही साइबर क्राइम से बचने का बेहतर उपाय है।

    ई-शॉपिंग पर सावधान: 

    पुलिस अधीक्षक ने साइबर जागरूकता माह अभियान के तहत जनता को नए ई-शॉपिंग ठगी के तरीके के बारे में आगाह किया जो पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों ने एक नया तरीका अपनाया है जिसके तहत घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों, दवाओं आदि जैसे कई दैनिक उपयोग के उत्पादों पर भारी छूट के नाम पर साइबर अपराधियों ने पीड़ितों के बैंक खातों तक पहुंच प्राप्त की है और बड़ी मात्रा में धोखाधड़ी की है।

    साइबर अपराधी आमतौर पर ऐसे उत्पादों का विज्ञापन एसएमएस/ऑनलाइन पॉप-अप विज्ञापनों के माध्यम से करते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने पर वे एक फिशिंग वेबसाइट पर रीडायरेक्ट हो जाते हैं। वे आम तौर पर ऐसे उत्पादों को नकली वेबसाइटों पर बेच रहे हैं जो प्रसिद्ध ई-कॉमर्स वेबसाइटों जैसे कि फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, अमेज़न के समान छद्म शब्द अपनाते हैं।

    उपचारात्मक उपायों के बारे में जानकारी देते हुए एसपी रेवाड़ी ने सोशल मीडिया साइटों पर ऐसे पॉप-अप विज्ञापनों/एसएमएस पर क्लिक करने के बारे में जनता को आगाह किया। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है या उसका शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी सूचना देनी होगी या cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज करें।

    फ्रॉड 5G कॉल्स से सावधान रहें:

    एसपी राजेश कुमार ने नए 5जी कॉलिंग घोटाले के बारे में जनता को आगाह किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधियों ने एक नया तरीका अपनाया है जिसके तहत वे उपयोगकर्ताओं को 5G नेटवर्क में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर कर रहे हैं क्योंकि उनका मौजूदा नेटवर्क शीघ्र ही समाप्त हो जाएगा।

    5G नेटवर्क में शिफ्ट करने के नाम पर, वे यह सुनिश्चित करते हैं कि पीड़ित के मोबाइल में एक स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड हो, जिसके माध्यम से वे अपने मोबाइल तक रिमोट एक्सेस प्राप्त कर सकें। इससे उनके बैंक खातों से धन की हानि होती है। ठगी होने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी सूचना देनी होगी या Cybercrime.gov.in पर या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करे।

    साइबर फ्रॉड से बचने के लिए निम्न बातों का रखें ध्यान :
    1. ऑनलाइन खरीदारी करते समय चेक करें वेबसाइट के यूआरएल में एचटीटीपीएस हो ना कि खाली एचटीटीपी।
    2. अगर कोई अपरिचित व्यक्ति किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो एप्लीकेशन डाउनलोड ना करें। केवाईसी करने के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं, तो ऐसा नहीं करें।
    3. एटीएम बूथ पर पैसे निकालते वक्त सावधान रहे, सजग रहें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे। कोई भी व्यक्ति कभी भी किसी एटीएम बूथ से कार्ड के द्वारा ट्रांजैक्शन करें तो अपना पिन किसी को ना बताए ना दिखाएं।
    4. ट्रांजैक्शन करने में असमर्थ होने पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति की सहायता ना लें।
    5. एटीएम से पैसे निकालने में कभी मदद लेनी पड़े तो केवल बैंक के कर्मचारियों या एटीएम बूथ में मौजूद गार्ड की सहायता लें।
    6. किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी एवं कार्ड पर पीछे लिखे 3 डिजिट के सीवीवी नंबर को किसी के साथ शेयर ना करें।
    7. धोखाधड़ी होने की स्थिति में बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर अपने बैंक को सूचित करें।
    8. ऑनलाइन नेट बैंकिंग इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि ट्रांजेक्शन हमेशा अपने पर्सनल कंप्यूटर/लैपटॉप या फोन पर करें।
    9. किसी अपरिचित नंबर से आपके पास फोन मैसेज या व्हाट्सएप मैसेज पर कोई लिंक या फोटो आए तो उस पर क्लिक ना करें।

    साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 या 112 पर तत्काल कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करायें या भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से जिसका URL- https://cybercrime.gov.in है पर शिकायत करें। इसके अतिरिक्त मैनुअल रूप में नजदीकी थाने में जाकर थाने पर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क या साइबर क्राइम थाना पर भी शिकायत कर सकते हैं।