अंबाला कैंट विधानसभा चुनाव 2024 ने कई असली और नकली चेहरे उजागर कर दिए। जनता ने इस बार भी अनिल विज को सातवीं बार विधायक के रूप में चुना। लेकिन इस बार विज को दो मोर्चों पर लड़ना पड़ा। एक तरफ विपक्ष था और दूसरी तरफ विश्वासघाती लोग। यहां तक कि उनके अपने ही कुछ लोग गुपचुप तरीके से विपक्ष के साथ हाथ मिला रहे थे। विज ने जीत के बाद मंत्री पद संभाला, लेकिन उन्हें अपने ही लोगों के विश्वासघात से गहरा आघात लगा।
विश्वासघात और सोशल मीडिया पर विज की प्रतिक्रिया
विज ने अपने विश्वासघातियों के खिलाफ मंच से खुलकर मोर्चा खोल दिया। 1:17 बजे उन्होंने X (पूर्व Twitter) पर 33 शब्दों का पोस्ट किया और जनता से पूछा कि अब उन्हें क्या करना चाहिए क्योंकि पार्टी काफी प्रभावित हो रही है। यह पोस्ट शाम 10 बजे तक 62 हजार से अधिक लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने लाइक व रीट्वीट किया। कमेंट बॉक्स में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। विज ने स्पष्ट कर दिया कि अब उनका दृष्टिकोण केवल सख्ती और कार्रवाई की ओर है।

अधिकारी भी रहे लक्ष्य पर
विज ने जीत के तुरंत बाद सर्किट हाउस में अपनी पहली बैठक की और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीसी ने बैठक से अलग होकर छुट्टी ले ली जबकि दूसरे अधिकारी को बैठक से बाहर किया गया। चुनावों के दौरान केवल अपने ही लोगों का विश्वासघात नहीं, बल्कि अधिकारियों की नाकामी ने भी विज को परेशान किया था। सड़क निर्माण और अन्य कामों में रोड़े अटकाए गए ताकि जनता नाराज हो और अपना गुस्सा EVM के माध्यम से व्यक्त करे। विज ने साफ कहा कि जो अधिकारी चुनाव में उनके खिलाफ रहे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
अंबाला कैंट औद्योगिक क्षेत्र में विवाद
हाल ही में अंबाला कैंट औद्योगिक क्षेत्र में बाढ़ का मामला सुर्खियों में आया। विज ने अधिकारियों को पानी निकालने का आदेश दिया। जैसे ही पानी निकाला गया, पार्टी के ही एक काउंसलर ने विरोध शुरू कर हाइवे को ब्लॉक कर दिया। बाद में जिला अध्यक्ष और काउंसलर ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि औद्योगिक क्षेत्र का पानी कॉलोनियों में नहीं जाएगा। इसके बाद विज ने फिर से बैठक कर पानी निकालने की व्यवस्था शुरू करवाई।
जनता और पार्टी की प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर लोगों ने विज के कार्यों पर अपनी राय दी। सुमित पूनिया ने कहा कि जो विभाग विज को दिए गए हैं, उनमें लगातार हड़ताल और बिलों की भुगतान समस्या है। जस्मेर राणा ने कहा कि पार्टी हाई कमांड को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। वहीं, कई लोगों ने विज का समर्थन किया और उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने चुनाव में उनके खिलाफ विपक्ष के साथ हाथ मिलाया। कुल मिलाकर विज ने अपनी सख्ती और जनता की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।






