Haryana News: हरियाणा सरकार पूरी तरह से समाज के बनाए नियम और कायदे कानून पर चलने वाली सरकार है। नायब सरकार भले ही लिव इन रिलेशन, जीवनसाथी के जिंदा रहते हुए दूसरी शादी को मान्यता देने से रोकने का काम नहीं कर पा रही हो, लेकिन उसने सेवा सुरक्षा कानून में एक ऐसा प्रावधान कर दिया है जिससे कि प्रदेश में लिव इन रिलेशन में रहने वाले लोगों को जबरदस्त झटका लगा है।
सरकार ने लाखों संविदा कर्मियों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा की सुरक्षा) अधिनियम, 2024’ को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। इसके अंतर्गत जिन संविदा कर्मचारियों ने न्यूनतम पांच वर्षों तक 240 दिनों की सेवा की शर्तें पूरी की हैं, उन्हें सेवा सुरक्षा का कानूनी दर्जा मिलेगा।
नई व्यवस्था से संविदा कर्मियों को वे सभी लाभ मिलेंगे, जो अब तक केवल नियमित कर्मचारियों को प्राप्त थे- जैसे वेतन की वार्षिक वृद्धि, महंगाई भत्ता, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, सेवा पुस्तिका, स्थानांतरण और पदोन्नति में पारदर्शिता आदि। एक से अधिक शादी करने वाले इसके दायरे में नहीं आएंगे।

दूसरा विवाह करने वाले या लिव-इन में रहने वालों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। अगर तलाकशुदा है और दूसरा विवाह किया है तो इस तरह के मामलों में सरकार छूट दे सकती है। शपथ-पत्र भी देना होगा कि शादी में दहेज नहीं लिया। देश में कहीं भी ट्रांसफर हो सकेगा। कर्मचारियों का एक वर्ष उनकी नियुक्ति की तारीख से माना जाएगा। जहां पद नहीं है, वहां पद सर्जित होंगे। जहां कर्मचारी सरप्लस हैं, उन्हें दूसरे विभागों में एडजस्ट किया जाएगा।
अधिसूचना में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारी जिनका विवाह ऐसे व्यक्ति से हुआ है, जिसका जीवनसाथी जीवित है तो उन्हें सेवा सुरक्षा का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि सरकार को यह छूट देने का अधिकार भी रखा गया है यदि यह विवाह उस व्यक्ति के व्यक्तिगत कानून के अनुसार मान्य है। यानी सरकार के पास तय करने का अधिकार रहेगा कि किसी धर्म या समुदाय विशेष का विवाह कानून मान्य है या नहीं।
अगर बात की जाए हरियाणा की खापों की तो प्रदेश की खापों ने प्रदेश सरकार के इस फैसले की जमकर सराहना की है। खाप नेताओं का कहना है कि अगर सरकार इसी प्रकार से अन्य नीतियों में भी इस चीज को लागू कर दे तो प्रदेश से लिव इन रिलेशन पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।





