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  • राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के एक प्रवक्ता द्वारा एक न्यूज चैनल पर लाइव कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दी गई मौत की धमकी अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है।

    राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी, लोकतंत्र पर हमला, कुमारी शैलजा ने कड़ी निंदा कर जांच की मांग की

    मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी और देश की जनता यह सवाल पूछ रही है कि क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है जो राहुल गांधी जैसे जननेता के खिलाफ रची जा रही है? क्या भाजपा अब खुलेआम हिंसा और डराने-धमकाने की राजनीति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रही है? क्या प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी इस घृणित कृत्य की मौन स्वीकृति नहीं है? कुमारी शैलजा ने कहा कि अगर राहुल गांधी ने सरकार के समक्ष कुछ सवाल उठाए है तो सरकार को उनका जवाब देना चाहिए, केंद्र सरकार जनहित में उठाए गए सवालों से पल्ला नहीं झाड़ सकती। जब केंद्र सरकार राहुल गांधी के सवालों के जवाब नहीं दे रही है तो राहुल गांधी ने ये सवाल जनता की अदालत में रख दिए है। इसी से भाजपा बौखलाई हुई है।

    सासंद कुमारी शैलजा ने कहा है कि वे केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से मांग करती है कि राहुल गांधी को मौत की धमकी देने वाले भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई हो। भाजपा नेतृत्व को इस कुकृत्य के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। कुमारी शैलजा ने कहा कि यह याद रखना होगा कि राहुल गांधी का परिवार पहले ही राष्ट्र की एकता और लोकतंत्र की रक्षा में दो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को शहादत के रूप में खो चुका है। ऐसे में इस प्रकार की धमकियां केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी निडर होकर आरएसएस-भाजपा की विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और जनता की आवाज़ को उठा रहे हैं। उन्हें डराने या धमकाने से उनका संकल्प और मज़बूत ही होगा। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। जितना भाजपा वाले हमें डराएंगे उतना ही हमारा हौसला और मज़बूत होगा।

  • राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने भाजपा के प्रवक्ता द्वारा किए गए विवादास्पद बयान का उल्लेख किया, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मौत की धमकी देने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    पत्र में लगाए गए आरोप

    वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि भाजपा प्रवक्ता और पूर्व एबीवीपी नेता प्रिंटु महादेव ने एक मलयालम टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी को लक्षित किया। उन्होंने कहा कि महादेव ने स्पष्ट रूप से कहा, “राहुल गांधी को सीने में गोली मार दी जाएगी।” कांग्रेस नेता का कहना है कि यह न केवल एक भाषण की गलती या अनजाने में कहा गया बयान नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया भयावह और घातक धमकी है।

    राहुल गांधी को टीवी डिबेट में मौत की धमकी, कांग्रेस ने अमित शाह को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की

    सुरक्षा और संवैधानिक चिंता

    कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भाजपा के आधिकारिक प्रवक्ता के ऐसे जहरिले शब्द राहुल गांधी के जीवन के लिए खतरा हैं। साथ ही, ऐसे बयान संविधान, कानून और हर नागरिक की सुरक्षा की बुनियादी गारंटी के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष के नेता के खिलाफ यह खुला और घातक बयान पूरी तरह अस्वीकार्य है।

    सीआरपीएफ को भी लिखे पत्र

    वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) को पहले भी कई पत्र लिखे गए हैं। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखा गया एक समान पत्र मीडिया में लीक हुआ था, जो गंभीर सवाल खड़े करता है कि इसकी गुप्त भूमिका क्या है। कांग्रेस नेताओं ने इसे गंभीर और चिंताजनक बताया।

    बड़ी साजिश की आशंका

    वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता की यह घोर और खुली धमकी सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि व्यापक और कुटिल साजिश की झलक देती है। उनका कहना है कि इस तरह की धमकियां हिंसा को जायज ठहराने की कोशिश जैसी लगती हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री से तत्काल कार्रवाई करने और प्रवक्ता के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की है, ताकि लोकतंत्र और विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • संत Premanand Maharaj को जान से मारने की धमकी! फेसबुक पर युवक ने दी गर्दन उतारने की चेतावनी

    संत Premanand Maharaj को जान से मारने की धमकी! फेसबुक पर युवक ने दी गर्दन उतारने की चेतावनी

    वृंदावन के जाने माने संत Premanand Maharaj को फेसबुक पोस्ट के ज़रिए जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी मध्यप्रदेश के सतना जिले के एक युवक ने दी है जिसने लिखा कि अगर मेरे घर की लड़की के बारे में ऐसा बोला होता तो गर्दन उतार देता। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और समाज में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने तुरंत युवक की प्रोफाइल और लोकेशन ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

     संत प्रेमानंद महाराज की टिप्पणी बनी विवाद की वजह

    इस पूरे विवाद की जड़ प्रेमानंद महाराज की वह टिप्पणी है जिसमें उन्होंने कहा था कि आज के समय में 100 में से 2 से 4 लड़कियां ही पवित्र होती हैं। उनकी इस टिप्पणी का भारी विरोध हुआ। कई सामाजिक और महिला संगठनों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया और सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना शुरू हो गई। हालांकि संत समाज का एक वर्ग अभी भी उनके बयान को धर्म की दृष्टि से सही ठहराता है।

    संत Premanand Maharaj को जान से मारने की धमकी! फेसबुक पर युवक ने दी गर्दन उतारने की चेतावनी

     धमकी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

    धमकी को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ा दी है। उनके आश्रम के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है। आश्रम के अंदर और बाहर आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने युवक की फेसबुक प्रोफाइल को खंगालना शुरू कर दिया है और उसकी लोकेशन ट्रेस करने का काम तेजी से किया जा रहा है।

    संत समाज ने जताई कड़ी आपत्ति

    इस मामले में संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाही बाबा ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज ब्रज की आत्मा हैं और उनकी रक्षा करना हर सनातनी का धर्म है। वहीं संत मोहिनी बिहारी शरण ने सोशल मीडिया पर संतों के प्रति गंदी भाषा के प्रयोग को चिंताजनक बताते हुए कड़ा विरोध किया है।

    संतों की गरिमा और समाज की जिम्मेदारी

    यह घटना ना केवल एक संत की सुरक्षा का विषय है बल्कि समाज में संतों की गरिमा और धार्मिक नेताओं के प्रति लोगों के दृष्टिकोण पर भी सवाल उठाती है। ऐसे मामलों में कानून को सख्ती से कार्य करना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की धमकी या

  • Haryana News: जेल में बंद शूटर की कॉल से दहशत! 10 दिन में परिवार सहित जान से मारने की धमकी

    Haryana News: जेल में बंद शूटर की कॉल से दहशत! 10 दिन में परिवार सहित जान से मारने की धमकी

    Haryana News: जींद के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद बंसल पर एक बार फिर मौत का साया मंडराने लगा है। 30 जुलाई की सुबह वह अपने चैंबर में बैठे ही थे कि अचानक उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। ट्रू कॉलर पर कॉल करने वाले का नाम प्रदीप लिखा था। कॉल उठाते ही उन्हें गालियां दी गईं और फिर 10 दिन के अंदर पूरे परिवार सहित गोली मारकर हत्या की धमकी दी गई। यह धमकी देने वाला कोई और नहीं बल्कि जिला कारागार में बंद कुख्यात शूटर प्रदीप उर्फ गट्टा था।

    धमकी देने वाला वही जिसने ली थी भाई की जान

    विनोद बंसल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यही प्रदीप गट्टा वही है जिसने 2016 में उनके बड़े भाई पुरुषोत्तम की हत्या की थी। उस समय बलजीत पोकरीखेड़ी और धर्मेंद्र पहलवान गैंग ने किराए के शूटरों से गोली चलवाकर भाई की जान ली थी। इसके बाद 2021 में उनके दूसरे भाई श्याम सुंदर बंसल की भी इसी गैंग ने 9 गोलियां मारकर हत्या कर दी। दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज हैं और कुछ को सजा भी हो चुकी है लेकिन अब भी ये गैंग विनोद बंसल को केस से हटाने के लिए जान से मारने की धमकियां दे रहा है।

    Haryana News: जेल में बंद शूटर की कॉल से दहशत! 10 दिन में परिवार सहित जान से मारने की धमकी

    अदालत में कोई नहीं देता गवाही

    विनोद बंसल का कहना है कि यह गैंग इतना खतरनाक है कि इनके खिलाफ कोई भी अदालत में गवाही देने की हिम्मत नहीं करता। सभी गवाह या तो डर जाते हैं या फिर अदालत में जाकर अपने बयान बदल लेते हैं। उन्होंने खुद दो भाइयों को खोने के बाद भी इन अपराधियों के खिलाफ आवाज उठाई है। अब यह गैंग चाहता है कि वह डर जाएं और केस से हट जाएं। लेकिन विनोद बंसल का कहना है कि वह इन अपराधियों को सजा दिलाकर ही चैन लेंगे।

    सुरक्षा में भारी लापरवाही का आरोप

    विनोद बंसल को पुलिस सुरक्षा तो मिली हुई है लेकिन वह इसे नाकाफी मानते हैं। उनका कहना है कि उन्हें रिकॉर्ड में पांच पुलिसकर्मी दिए गए हैं लेकिन असल में गनमैन अक्सर मोबाइल चलाते रहते हैं और ड्यूटी पर तैनात नहीं रहते। ऐसे में कभी भी उनके या उनके परिवार पर हमला हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें उच्चस्तरीय सुरक्षा दी जाए और सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति की नियमित जांच हो।

    पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

    शिकायत मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रदीप गट्टा और उसके भाई के खिलाफ बीएनएस की धारा 232, 296 और 351(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन अब यह तय करने में जुटा है कि जेल के अंदर से कॉल कैसे की गई और मोबाइल कैसे पहुंचा। ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या जेल प्रशासन भी इस साजिश में शामिल है।