देश में “I Love Muhammad” और “I Love Mahadev” पोस्टरों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की नमाज़ के बाद मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। वहीं हिंदू संगठनों ने “I Love Mahadev” अभियान शुरू कर दिया है। कई शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि शांति बनी रहे। दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर भारी संख्या में लोग “I Love Muhammad” पोस्टर के साथ प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
मुस्लिम संगठनों की आपत्ति और कानूनी कार्रवाई
मुस्लिम संगठन कहते हैं कि कानपुर में “I Love Muhammad” पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई गलत है। उनका आरोप है कि यह कदम सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहा है और निर्दोष नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा ने शुक्रवार के बाद इस्लामिया ग्राउंड पर इकट्ठा होकर कलेक्टर ऑफिस तक मार्च करने की घोषणा की। प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और धारा 163 लागू कर दी।

प्रशासन के सुरक्षा इंतजाम
बरेली में डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में 1,000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। तौकीर रज़ा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया बल्कि केवल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का इरादा था। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की आवाज़ देश में सुनी नहीं जा रही है। प्रशासन ने देशभर के अन्य शहरों में भी सुरक्षा बल तैनात किए हैं ताकि तनाव को नियंत्रित किया जा सके।
हिंदू संगठनों का ‘I Love Mahadev’ अभियान
मुस्लिम पोस्टर के जवाब में हिंदू संगठनों ने ‘I Love Mahadev’ अभियान शुरू किया। मुंबई, वाराणसी, गुजरात और असम जैसे राज्यों में सड़क, पोल और घरों पर पोस्टर लगाए जा रहे हैं। हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को गरबा पंडालों में भव्य आरती आयोजित करने की भी योजना बनाई है। मुंबई में गरबा नाइट में आए लोगों को ‘I Love Mahadev’ पोस्टर वितरित किए जा रहे हैं। काशी के साधु और संत भी “I Love Mahadev” के नारों के साथ सड़कों पर उतरे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और शांति का आह्वान
बीजेपी के विधायक नितीश राणे ने कहा कि इस विवाद के माध्यम से मुंबई का माहौल खराब करने का कोई प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने कानपुर में पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।


















