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  • देशभर में ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ पोस्टर पर भड़का विवाद, मस्जिदों और मंदिरों के बाहर प्रदर्शन जारी

    देशभर में ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ पोस्टर पर भड़का विवाद, मस्जिदों और मंदिरों के बाहर प्रदर्शन जारी

    देश में “I Love Muhammad” और “I Love Mahadev” पोस्टरों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की नमाज़ के बाद मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। वहीं हिंदू संगठनों ने “I Love Mahadev” अभियान शुरू कर दिया है। कई शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि शांति बनी रहे। दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर भारी संख्या में लोग “I Love Muhammad” पोस्टर के साथ प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

    मुस्लिम संगठनों की आपत्ति और कानूनी कार्रवाई

    मुस्लिम संगठन कहते हैं कि कानपुर में “I Love Muhammad” पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई गलत है। उनका आरोप है कि यह कदम सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहा है और निर्दोष नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। बरेली में मौलाना तौकीर रज़ा ने शुक्रवार के बाद इस्लामिया ग्राउंड पर इकट्ठा होकर कलेक्टर ऑफिस तक मार्च करने की घोषणा की। प्रशासन ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और धारा 163 लागू कर दी।

    देशभर में ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ पोस्टर पर भड़का विवाद, मस्जिदों और मंदिरों के बाहर प्रदर्शन जारी

    प्रशासन के सुरक्षा इंतजाम

    बरेली में डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में 1,000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। तौकीर रज़ा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया बल्कि केवल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का इरादा था। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की आवाज़ देश में सुनी नहीं जा रही है। प्रशासन ने देशभर के अन्य शहरों में भी सुरक्षा बल तैनात किए हैं ताकि तनाव को नियंत्रित किया जा सके।

    हिंदू संगठनों का ‘I Love Mahadev’ अभियान

    मुस्लिम पोस्टर के जवाब में हिंदू संगठनों ने ‘I Love Mahadev’ अभियान शुरू किया। मुंबई, वाराणसी, गुजरात और असम जैसे राज्यों में सड़क, पोल और घरों पर पोस्टर लगाए जा रहे हैं। हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को गरबा पंडालों में भव्य आरती आयोजित करने की भी योजना बनाई है। मुंबई में गरबा नाइट में आए लोगों को ‘I Love Mahadev’ पोस्टर वितरित किए जा रहे हैं। काशी के साधु और संत भी “I Love Mahadev” के नारों के साथ सड़कों पर उतरे।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया और शांति का आह्वान

    बीजेपी के विधायक नितीश राणे ने कहा कि इस विवाद के माध्यम से मुंबई का माहौल खराब करने का कोई प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी ने कानपुर में पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

  • मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    मुंबई में भारतीय नौसेना के रिहायशी क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात नौसेना के एक अग्निवीर के पास से उसकी ड्यूटी खत्म होने के नाम पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने राइफल और 40 जिंदा कारतूस छीन लिए। इस व्यक्ति ने नौसेना का यूनिफॉर्म पहन रखा था। बाद में पता चला कि यह व्यक्ति नौसेना का कर्मी नहीं था बल्कि एक अज्ञात शख्स था। अब भारतीय नौसेना और मुंबई पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

    नौसेना प्रवक्ता ने दी जानकारी

    इस घटना के बारे में नौसेना प्रवक्ता ने जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि “06 सितंबर 2025 की रात मुंबई के नौसेना के रिहायशी क्षेत्र में एक पोस्ट से राइफल और गोला-बारूद गायब होने की रिपोर्ट मिली है। ड्यूटी पर तैनात एक जूनियर नाविक को एक अन्य व्यक्ति, जो नौसेना का यूनिफॉर्म पहने था, ने ड्यूटी से मुक्त कर दिया। उसने दिखाया कि उसे भी वही ड्यूटी करने के लिए भेजा गया है। बाद में उस व्यक्ति को उसके पोस्ट से राइफल और गोला-बारूद के साथ गायब पाया गया।”

    मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    खोज अभियान जारी

    नौसेना प्रवक्ता ने आगे बताया कि “गायब हुई चीजों को खोजने के लिए मुंबई पुलिस के सहयोग से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस घटना के कारणों की जांच के लिए एक जाँच बोर्ड का गठन किया गया है। अन्य सरकारी एजेंसियां भी इस मामले की जांच कर रही हैं। भारतीय नौसेना इस प्रयास में सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।”

    पुलिस ने दर्ज की FIR

    मुंबई पुलिस ने भी इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है। पुलिस के अनुसार, नौसेना अधिकारी की शिकायत पर कफ़ परेड थाना में FIR दर्ज की गई है। अभी तक उस संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। राइफल और जिंदा कारतूस भी बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस और नौसेना मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।

    सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

    इस घटना ने नौसेना के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। एक अज्ञात व्यक्ति का नौसेना का यूनिफॉर्म पहनकर ड्यूटी पर तैनात जवान से हथियार छीन लेना चिंता का विषय है। यह मामला न केवल नौसेना बल्कि सामान्य नागरिकों के बीच सुरक्षा के प्रति भी सतर्कता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न केवल सैन्य प्रतिष्ठा को खतरा होता है बल्कि सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत करने की आवश्यकता सामने आती है।

  • महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन हादसे! करंट और डूबने से कई लोगों की मौत, कई लापता

    महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन हादसे! करंट और डूबने से कई लोगों की मौत, कई लापता

    महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का जश्न हर साल बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। यहां का उत्सव सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि दुनियाभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। लोग अलग-अलग जिलों से इस महापर्व को देखने आते हैं और भक्तिमय वातावरण का आनंद लेते हैं। हालांकि, विसर्जन के समय सुरक्षा की कमी और भारी भीड़ के कारण कई हादसों की खबरें भी सामने आती हैं। इस साल भी विभिन्न जिलों में विसर्जन के दौरान कई दुर्घटनाएं हुईं। कहीं लोग डूबने से मारे गए, तो कहीं बिजली के करंट की चपेट में आने से श्रद्धालुओं की जान चली गई।

    विरार में समुद्र में फंसे तीन लोगों की बचाव

    विरार के मारंबळ पाडा जेट्टी पर विसर्जन के दौरान तीन लोग समुद्र की गहराई में फंस गए। इन लोगों में एक महिला भी शामिल थी। मौके पर मौजूद सुवर्णदुर्ग रो-रो सेवा के कर्मचारी और स्थानीय मछुआरों ने तुरंत स्पीड बोट की मदद से तीनों की जान बचाई। इस तरह का त्वरित बचाव कार्य हादसे की गंभीरता को कम करने में सहायक साबित हुआ। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले में राहत और बचाव कार्य में तेजी दिखाई।

    महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन हादसे! करंट और डूबने से कई लोगों की मौत, कई लापता

    मुंबई में हाई टेंशन वायर का हादसा, एक की मौत

    मुंबई के साकीनाका क्षेत्र में खैरानी रोड स्थित एस. जे. स्टूडियो के पास टाटा पावर की हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आने से पांच श्रद्धालु करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे में बिनू शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, चार अन्य लोगों का इलाज पैरामाउंट हॉस्पिटल और सेवन हिल्स हॉस्पिटल में जारी है। प्रशासन ने इस हादसे के बाद सुरक्षा के उपायों को और कड़ा करने की बात कही।

    नांदेड और पुणे में डूबने की घटनाएं

    नांदेड के गाडेगांव शिवार स्थित आसना नदी में विसर्जन के दौरान तीन लोग डूब गए। इनमें से एक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि बालाजी उबाळे और योगेश उबाळे अब भी लापता हैं। SDRF टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है। वहीं पुणे के चाकण क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर चार श्रद्धालुओं की पानी में डूबने से मौत हो गई। इन घटनाओं ने राज्य में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ठाणे में पांच लोग डूबे, एक का शव बरामद

    ठाणे के शहापुर क्षेत्र के आसनगांव मुंडेवाड़ी स्थित भारंगी नदी के गणेश घाट पर विसर्जन के दौरान पांच लोग डूब गए। दो को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि प्रतिक मुंढे (24) का शव बरामद हुआ। दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं और अंधेरा होने की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

    प्रशासन और रेस्क्यू टीमें अलर्ट

    गणेश विसर्जन के दौरान हुई इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में और सुधार की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने कहा है कि एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और मछुआरों के सहयोग से कई लोगों की जान बचाई गई, लेकिन अभी भी कई लोग लापता हैं। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और नदी या समुद्र में भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अत्यधिक जोखिम न लें। सुरक्षित उत्सव के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीम पूरी तरह अलर्ट हैं।

  • Priya Marathe: टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर! कैंसर से 38 साल की एक्ट्रेस का निधन, पवित्र रिश्ता में निभाया था यादगार किरदार

    Priya Marathe: टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर! कैंसर से 38 साल की एक्ट्रेस का निधन, पवित्र रिश्ता में निभाया था यादगार किरदार

    31 अगस्त 2025 को मुंबई में टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री Priya Marathe का निधन हो गया। प्रिया पिछले एक साल से कैंसर से जूझ रही थीं। 38 वर्ष की उम्र में उनका जाना न सिर्फ उनके परिवार और चाहने वालों के लिए बल्कि पूरे मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ा धक्का है। प्रिया मराठे ने अपने करियर में हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं में कई टीवी शोज और फिल्मों में काम किया। वे न सिर्फ एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री थीं बल्कि स्टैंड-अप कॉमेडियन के रूप में भी जानी जाती थीं।

    प्रिया का जन्म 23 अप्रैल 1987 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई और कॉलेज की पढ़ाई भी मुंबई से पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और जल्दी ही मराठी टीवी सीरियल ‘या सुखानया’ से डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने मराठी सीरियल ‘चार दिवस सासुचे’ में भी काम किया, जिसने उन्हें दर्शकों के बीच लोकप्रियता दिलाई।

    Priya Marathe: टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर! कैंसर से 38 साल की एक्ट्रेस का निधन, पवित्र रिश्ता में निभाया था यादगार किरदार

    प्रिया मराठे ने हिंदी टीवी शोज में भी अपने अभिनय का जादू बिखेरा। उन्हें ‘Bade Achhe Lagte Hain’ में ज्योति मल्होत्रा के किरदार के लिए याद किया जाता है। यह शो अप्रैल 2012 में Sony TV पर प्रसारित हुआ और दर्शकों ने उनके किरदार को बहुत पसंद किया। इसके अलावा उन्होंने ‘Tu Dasham Main’, ‘Bhaage Re Mann’, ‘Jayastute’ और ‘Bharat Ka Veer Putra – महाराणा प्रताप’ जैसे शोज में भी काम किया। उनके अभिनय की वजह से वह हर उम्र के दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाने में सफल रहीं।

    प्रिया मराठे ‘Pavitra Rishta’ में वर्षा सतीश के किरदार के लिए भी जानी जाती हैं। यह शो Zee TV पर प्रसारित हुआ और इसने उन्हें एक बड़े मंच पर पहचान दिलाई। उनके इस किरदार ने दर्शकों के बीच उन्हें खासा लोकप्रिय बनाया और उन्होंने अपनी सहज और प्रभावशाली अदाकारी से सभी का दिल जीता।

    सिनेमा की दुनिया में प्रिया ने 2008 में हिंदी फिल्म ‘Humne Jeena Seekh Liya’ में भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने मराठी फिल्म ‘Ti Ani Itar’ में भी अहम भूमिका निभाई। यह फिल्म प्रसिद्ध निर्देशक गोविंद निहालानी द्वारा निर्देशित थी और इसमें सुभोध भावे, सोनाली कुलकर्णी, अमृता सुभाष, भूषण प्रधान, गणेश यादव और अविष्कर दर्वेकर जैसे कलाकार भी शामिल थे। इस फिल्म में उनके अभिनय को भी दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

    प्रिया मराठे का निधन भारतीय टीवी और सिनेमा की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके अभिनय और हास्य की अद्भुत क्षमता ने हमेशा दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है। उनकी प्रतिभा, मेहनत और सरलता हमेशा याद की जाएगी। उनके जाने से टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में एक चमकदार सितारा हमेशा के लिए बुझ गया।

    प्रिया मराठे ने अपने करियर में जिस तरह की पहचान बनाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगी। उनकी कला, उनकी मुस्कान और उनकी मेहनत हमेशा याद रखी जाएगी। उनके चाहने वालों के लिए यह एक गहरा शोक का समय है, लेकिन उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

  • Ganesh Utsav: 100 करोड़ से ज्यादा की सोने चांदी से सजे हैं गणपति बप्पा, 474 करोड़ रुपए से ज्यादा का करवाया गणेश उत्सव का बीमा

    Ganesh Utsav: 100 करोड़ से ज्यादा की सोने चांदी से सजे हैं गणपति बप्पा, 474 करोड़ रुपए से ज्यादा का करवाया गणेश उत्सव का बीमा

    Ganesh Utsav: आजकल धार्मिक आयोजनों में भगवान को इस प्रकार सजाया जाता है कि वह देखने वालों को आकर्षक लगे। एक से बढ़कर एक ऐसे आयोजन किए जाते हैं जिनमें करोड़ों-अरबों रुपए खर्च किए जाते हैं। अभी जन्माष्टमी पर मथुरा में 100 करोड रुपए की लागत से कृष्ण का श्रृंगार किए जाने की खबर थी लेकिन अब महाराष्ट्र के मुंबई से गणेश उत्सव को लेकर खबर है कि यहां गणपति बप्पा को 66 किलो सोने के आभूषणों और 336 किलो चांदी से सुशोभित किया गया है। पूरे कार्यक्रम का 474 करोड रुपए से ज्यादा का बीमा भी करवाया गया है।

    मुंबई के जीएसबी सेवा मंडल ने गणेश उत्सव का 474 करोड़ रुपए से ज्यादा का बीमा करवा कर नया रिकॉर्ड बनाया है। मंडल ने सार्वजनिक नहीं किया जा सकने वाले समझौते का हवाला देते हुए प्रीमियम की राशि का खुलासा नहीं किया है। न्यू इंडिया एश्योरेंस द्वारा दी गई बीमा पॉलिसी में सोने-चांदी की वस्तुएं, व्यक्तिगत दुर्घटना कवर, आग और भूकंप जैसे अन्य खतरे, और सार्वजनिक देयता शामिल हैं।

    Ganesh Utsav: 100 करोड़ से ज्यादा की सोने चांदी से सजे हैं गणपति बप्पा, 474 करोड़ रुपए से ज्यादा का करवाया गणेश उत्सव का बीमा

    जीएसबी सेवा मंडल, किंग्स सर्कल ने इस साल रिकॉर्ड 474.46 करोड़ रुपये का बीमा करवाया है, जबकि पिछले साल की पॉलिसी 400 करोड़ रुपये की थी। यह बढ़ोतरी सोने-चांदी की वस्तुओं के बढ़े हुए मूल्यांकन और ज्यादा स्वयंसेवकों व पुजारियों की भर्ती के कारण हुई है। 474 करोड़ रुपये की सभी जोखिम बीमा पॉलिसी, जिसमें सोना, चांदी और रत्न शामिल हैं। सोने की कीमत 67 करोड़ रुपये है, जो 2024 में 43 करोड़ रुपये और 2023 में 38 करोड़ रुपये थी। सबसे ज़्यादा 375 करोड़ रुपये व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के लिए हैं और इसमें स्वयंसेवकों, पुजारियों, रसोइयों, सेवकों और सुरक्षा गार्डों को कवर किया गया है।

    भूकंप सहित मानक अग्नि और विशेष जोखिम कवर 2 करोड़ रुपये का है, जो पिछले वर्षों से अपरिवर्तित है। पंडालों, स्टेडियमों और श्रद्धालुओं के लिए 30 करोड़ रुपये की सार्वजनिक देयता बीमा है। आयोजन स्थल परिसर के लिए मानक अग्नि और विशेष जोखिम कवर में 43 लाख रुपये शामिल हैं। जीएसबी सेवा मंडल के अध्यक्ष अमित पई ने कहा, “सोने और चांदी के मूल्यांकन में वृद्धि इस बढ़ी हुई राशि के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। स्वयंसेवकों और पुजारियों को भी इसमें जोड़ा गया है।”

    गणेशोत्सव 2024 में मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 77,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी. वर्तमान में कीमतें बढ़कर 1,02,000 रुपये हो गई हैं. जीएसबी के देवता को 66 किलो सोने के आभूषणों और 336 किलो चांदी से सुशोभित किया गया है। जीएसबी 27 से 31 अगस्त तक अपना पाँच दिवसीय गणेशोत्सव आयोजित करेगा। इस वर्ष मंडल ने प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किए हैं और पूजा दाताओं के लिए प्रवेश की व्यवस्था बढ़ा दी है। पई ने कहा, “हमने भीड़ प्रबंधन के लिए एक अलग एजेंसी नियुक्त की है।”

  • 28 वर्षों का दर्दनाक अध्याय! जीतेश्वर मंदिर में हुई थी टी-सीरीज के संस्थापक Gulshan Kumar की हत्या की सनसनीखेज वारदात

    28 वर्षों का दर्दनाक अध्याय! जीतेश्वर मंदिर में हुई थी टी-सीरीज के संस्थापक Gulshan Kumar की हत्या की सनसनीखेज वारदात

    12 अगस्त 1997 को भारतीय संगीत जगत और म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक काला दिन था। इस दिन टी-सीरीज के संस्थापक और मशहूर संगीत निर्माता Gulshan Kumar की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या ने न केवल संगीत प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि पूरे देश को एक गहरे सदमे में डाल दिया। गुलशन कुमार एक सफल उद्यमी थे जिन्होंने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। लेकिन उसी दिन उनकी जान चली गई जब वे मुंबई के साउथ अंधेरी स्थित अपने पसंदीदा जीतेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बाहर निकले।

    मंदिर के बाहर हुई निर्मम हत्या

    गुलशन कुमार उस दिन भी अपने रोज के अनुसार मंदिर में पूजा करने गए थे, जहां वे नियमित रूप से जाते थे। यह मंदिर उन्होंने अपनी मेहनत और पैसों से बनवाया था। पूजा संपन्न कर जब वे बाहर निकले, तो घात लगाए बैठे हथियारबंद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। कुछ ही सेकंड में गुलशन कुमार गिर पड़े। उनके ड्राइवर ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन उस पर भी गोली चलाई गई। हमलावरों ने निडर होकर वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। यह घटना मुंबई के आपराधिक इतिहास में एक बड़ी क्रूर हत्या के रूप में दर्ज हो गई।

    28 वर्षों का दर्दनाक अध्याय! जीतेश्वर मंदिर में हुई थी टी-सीरीज के संस्थापक Gulshan Kumar की हत्या की सनसनीखेज वारदात

    हत्या के पीछे अंडरवर्ल्ड और रंगदारी का मामला

    इस हत्या के पीछे अंडरवर्ल्ड से जुड़े विवाद और रंगदारी मांगने के आरोप सामने आए। जांच एजेंसियों ने इस केस की गहराई से जांच की, क्योंकि गुलशन कुमार की हत्या केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं थी, बल्कि इससे जुड़ी थी बड़े स्तर की आपराधिक गतिविधियां। पुलिस और अन्य एजेंसियों ने लंबी और जटिल जांच के बाद भी अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की। इस हत्या ने मुंबई की आपराधिक दुनिया को भी उजागर किया और इस मामले ने कई राजनीतिक और सामाजिक सवाल खड़े किए।

    संगीत जगत और देश के लिए अपूरणीय क्षति

    गुलशन कुमार की मौत ने संगीत प्रेमियों के दिलों में एक अपूरणीय खालीपन छोड़ दिया। वह न केवल एक सफल व्यापारी थे बल्कि उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आवाज और उनकी संगीत कंपनी टी-सीरीज ने भारतीय संगीत उद्योग को नई दिशा दी। उनकी हत्या ने उद्योग को एक बड़ा झटका दिया, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। हर साल 12 अगस्त को उनके चाहने वाले उन्हें याद करते हैं और उनकी उपलब्धियों को सलाम करते हैं।

    यादें और श्रद्धांजलि का दिन

    आज, 28 वर्ष बाद भी 12 अगस्त का दिन गुलशन कुमार की याद में श्रद्धांजलि का दिन माना जाता है। लोग उनकी संगीत सेवा, उनके संघर्ष और उनके जीवन के सभी पहलुओं को याद करते हैं। संगीत प्रेमी उनकी मधुर आवाज को सुनकर भावुक हो जाते हैं। गुलशन कुमार की कहानी एक प्रेरणा है, जिसने अपने दम पर सफलता हासिल की और भारतीय संगीत को एक नई पहचान दी। उनकी हत्या ने सभी को सचेत किया कि सफलता के साथ-साथ सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।

  • Mumbai: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जैन संत आए आगे! जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय बोले- धर्म के खिलाफ किसी की नहीं सुनेंगे

    Mumbai: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जैन संत आए आगे! जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय बोले- धर्म के खिलाफ किसी की नहीं सुनेंगे

    Mumbai। मुंबई में कबूतरों को दाना डालने पर हाईकोर्ट ने जब से रोक लगाई है तब से बीएमसी एक्शन में है। बीएमसी ने कबूतरों को दाना डालने पर अब तक 142 लोगों पर जुर्माना लगाकर करीब 68,700 रुपये वसूले हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने दाना खिलाने पर लगी रोक को लेकर याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी थी।

    इस सब के बीच जैन समाज पांबदी को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है। अदालती रोक तथा पुलिस और महानगर पालिका की निरंतर चल रही कार्रवाई के बाद भी जैन समुदाय के लोग दादर सहित अन्य कबूतरखानों के आसपास पक्षियों को दाना डालने पहुंच रहे हैं। इनता ही नहीं जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर शस्त्र भी उठाएंगे। उन्होंने कहा है कि धर्म के खिलाफ किसी की नहीं सुनेंगे।

    Mumbai: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जैन संत आए आगे! जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय बोले- धर्म के खिलाफ किसी की नहीं सुनेंगे

    जैन मुनि ने जहां अपने स्टैंड को साफ कर दिया है तो वहीं दूसरी भूख हड़ताल की तैयारी भी हो रही है। जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय के अनुसार कबूतरखाना बंद करने के फैसले के खिलाफ जैन समाज 13 तारीख से भूख हड़ताल पर बैठेगा। उन्होंने कहा कि यदि अदालत धर्म के खिलाफ जाएगी तो हम नहीं मानेंगे। इसके साथ-साथ ये चेतावनी भी दी है कि यदि जरूरत पड़ी तो हमारा शांतिप्रिय समाज हथियार भी उठाएगा। मुनि ने यह चेतावनी ऐसे वक्त पर दी है जब यह पूरा मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में है। अभी तक कोर्ट ने कबूतर खाने को बंद करने तथा पक्षियों को दाना न डालने के आदेश को बरकरार रखा है।

    ऐसे में जैन मुनि नीलेशचंद्र विजय ने कहा है कि हम सत्याग्रह और भूख हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे. उन्होंने कहा जरूरत पड़ी तो हम धर्म के लिए हथियार उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हम भारत के संविधान, अदालत और देवेंद्र फडणवीस का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि बात हमारे धर्म के खिलाफ होगी तो हम अदालत का भी सम्मान नहीं करेंगे। मुनि ने कहा कि हम पर्युषण पर्व की समाप्ति होने के बाद अगला निर्णय लेंगे। अब हम शांत नहीं बैठेंगे। हम 13 तारीख को 10 लाख जैन बंधु भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

  • Mumbai: 12 साल की बच्ची से 3 महीने में 200 आदमियों ने किया गलत काम! एक सब्जेक्ट में फेल हुई तो माता-पिता से डरकर घर से भागी

    Mumbai: 12 साल की बच्ची से 3 महीने में 200 आदमियों ने किया गलत काम! एक सब्जेक्ट में फेल हुई तो माता-पिता से डरकर घर से भागी

    Mumbai: यहां एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नालासोपारा के पास नाईगांव में एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। इस रैकेट के खुलासे में एक 12 साल की बच्ची को रेस्क्यू कराया गया है। यह बच्ची बांग्लादेश की है। उसके साथ जो हुआ, वह रोंगटे खड़ा कर देने वाला है। बच्ची ने बताया कि तीन महीने में उसके साथ 200 से ज्यादा लोगों ने गलत काम किया।

    12 साल की यह बांग्लादेशी बच्ची 26 जुलाई को रेस्क्यू की गई थी। सेक्स रैकेट चलाने वालों को गिरफ्तार किया गया। यह छापा एक्सोडस रोड इंडिया फाउंडेशन और हार्मनी फाउंडेशन एनजीओ के साथ मिलकर किया गया। मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    हार्मनी फाउंडेशन के संस्थापक अब्राहम मथाई ने बताया कि रिमांड होम में लड़की की काउंसलिंग की गई। उसके बाद उस बच्ची ने आपबीती बताई तो हर किसी को रोंगटे खड़े हो गए। उसने बताया कि उसे गुजरात के नाडियाड ले जाया गया। वहां उसे तीन महीने रखा गया। इस दौरान 200 से ज्यादा लोगों ने उसके साथ गलत काम किया।

    Mumbai: 12 साल की बच्ची से 3 महीने में 200 आदमियों ने किया गलत काम! एक सब्जेक्ट में फेल हुई तो माता-पिता से डरकर घर से भागी

    अब्राहम मथाई ने बताया कि यह बच्ची स्कूल में पढ़ती थी। वह एक सब्जेक्ट में फेल हो गई थी। वह अपने माता-पिता से डर गई। उसे लगा कि उसके माता-पिता उसे पीटेंगे। वह घर से भाग गई। इस दौरान वह किसी तरह बांग्लादेश से भारत आ गई। यहां उसे कुछ लोग मिले। उन्होंने मदद के नाम पर उसे देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया। मथाई ने पुलिस से अब उन सभी 200 लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की है जिन्होंने लड़की के साथ गंदी हरकत की।

    पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक ने कहा कि पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है। वहीं कमजोर बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने का काम भी किया जा रहा है। मथाई ने कहा कि इस तरह की यह अकेले बच्ची नहीं है। जब भी इस तरह का रेस्क्यू होता है तो ऐसी एक बच्ची जरूर मिलती है। बच्चियों को अकेला पाकर लोग बहलाते-फुसलाते हैं, मदद के नाम पर उन्हें धोखा देते हैं।

    एक्टिविस्ट मधु शंकर ने कहा, ‘मैंने वाशी और बेलापुर इलाकों में छोटी लड़कियों को भीख मांगते देखा है। ये बच्चियां अकसर गांवों से लाई जाती हैं। शहरों में उनका शोषण किया जाता है। उन्हें वेश्यावृत्ति में धकेल दिया जाता है। यहां तक कि उन्हें जल्दी जवान बनाने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन भी दिए जाते हैं।

  • Vice President Election: उपराष्ट्रपति पद की रेस में शेषाद्रि चारी का नाम सबसे आगे, दक्षिण भारत में बीजेपी को मिल सकता है बड़ा फायदा

    Vice President Election: उपराष्ट्रपति पद की रेस में शेषाद्रि चारी का नाम सबसे आगे, दक्षिण भारत में बीजेपी को मिल सकता है बड़ा फायदा

    Vice President Election:  जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिए जाने के बाद इस पद को भरने की कवायदें काफी तेज है। इस पद के उम्मीदवार के लिए नित नए कयास लगाए जा रहे हैं। भाजपा व आरएसएस दोनों सोच समझकर किसी सर्वमान्य नाम को सामने ला सकती है, जो दोनों की पटरी पर ठीक बैठ सकता हो। सूत्रों की माने तो इस कवायद में अनेकों नामों पर मंथन हो रहा है लेकिन इस पद को लेकर फिलहाल शेषाद्री चारी को मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। अगर शेषाद्री का इस पद पर चयन हो जाता है तो यह भाजपा के लिए दक्षिण भारत में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, बीजेपी के सूत्रों ने ऐसी किसी सूचना होने से इनकार कर दिया है।

    कौन हैं उपराष्ट्रपति पद के मजबूत दावेदार शेषाद्रि चारी

    दावेदार शेषाद्रि चारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से बताए जाते हैं। दक्षिण भारत से आने वाले चारी को भाजपा के लिए न सिर्फ वैचारिक मजबूती बल्कि राजनीतिक संतुलन का अहम चेहरा माना जा रहा है। शेषाद्रि चारी का जन्म मुंबई में हुआ है, लेकिन उनका परिवार तमिलनाडु के तंजावुर से जुड़ा है। वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं और विचारधारा के मजबूत समर्थक माने जाते हैं। चारी न केवल राजनीतिक विश्लेषक के रूप में पहचाने जाते हैं बल्कि विदेश नीति के मामलों में भी उनकी गहरी समझ है।

    Vice President Election: उपराष्ट्रपति पद की रेस में शेषाद्रि चारी का नाम सबसे आगे, दक्षिण भारत में बीजेपी को मिल सकता है बड़ा फायदा

    शेषाद्रि चारी एक भारतीय राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक और रणनीतिक और विदेश नीति विश्लेषक हैं। वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं। चारी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य हैं और पूर्व में भाजपा मुख्यालय में विदेश मामलों के प्रकोष्ठ के प्रमुख रह चुके हैं। आरएसएस के पुराने चेहरे शेषाद्रि चारी साल 1992 से 2004 तक संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर के संपादक रहे। इस दौरान उन्होंने संघ की नीतियों और विचारों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का काम किया। उनकी पहचान एक सख्त अनुशासन वाले और संगठन के प्रति समर्पित नेता के रूप में है। उन्होंने शिक्षा और अनुभव चारी की पढ़ाई साउथ इंडियन एजुकेशन सोसाइटी हाई स्कूल से शुरू हुई।

    इसके बाद उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से बी.कॉम, एलएलबी और इतिहास में एमए की डिग्री हासिल की। चारी ने यहीं से अपनी शैक्षणिक नींव मजबूत की और बाद में मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन से पीएचडी पूरी की। उनके शोध का विषय हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति और इस इलाके में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर भारत की रणनीति था। यह शिक्षा और शोध कार्य उन्हें विदेश नीति और रणनीतिक मामलों का गहरा जानकार बनाता है। वे हिंदी, तमिल, मराठी और अंग्रेजी भाषाओं में पारंगत हैं और विदेश नीति के मामलों में उनका विशेष अनुभव है।

    इस चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने शेड्यूल जारी कर दिया है। नॉटिफिकेशन के मुताबिक, 21 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की आखिरी तारीख है। इसके बाद 22 अगस्त को सभी दाखिल नॉमिनेशन की स्क्रूटनी की जाएगी। 25 अगस्त को कैंडिडेट द्वारा नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है। 9 सितंबर को इस पद के लिए वोट डाले जाएंगे। अगर विपक्ष इस चुनाव में अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं करेगा, तो उपराष्ट्रपति निर्विरोध चुन लिया जाएगा। चुनाव आयोग की तरफ से शेड्यूल जारी होने के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई थीं। इस चुनाव में राज्यसभा के 233 इलेक्टेड, 12 नॉमिनेटेड और लोकसभा के 543 सदस्य हिस्सा लेंगे।

  • Bhavya Gunwal  की जीत से गूंजा अटेली! इंटरनेशनल मंच पर रजत पदक से रचा इतिहास

    Bhavya Gunwal की जीत से गूंजा अटेली! इंटरनेशनल मंच पर रजत पदक से रचा इतिहास

    हरियाणा के अटेली की होनहार छात्रा Bhavya Gunwal ने 56वीं इंटरनेशनल बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO) में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता 20 से 26 जुलाई 2025 तक फिलीपींस के क्यूज़ोन सिटी में आयोजित की गई थी। इसमें 77 देशों के छात्रों ने भाग लिया। भव्या की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

    एक नहीं कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चमकी भव्या

    इससे पहले भव्या ने रोमानिया में आयोजित 21वीं इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड (IJSO) में भी स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा वह सिंगापुर, मलेशिया, दुबई और हांगकांग जैसी जगहों पर हुई शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। उनकी इन उपलब्धियों ने भारत के शिक्षा और विज्ञान क्षेत्र में छिपी प्रतिभा को दुनिया के सामने रखा है।

    Bhavya Gunwal  की जीत से गूंजा अटेली! इंटरनेशनल मंच पर रजत पदक से रचा इतिहास

    अटेली और मंडोला गांव में जश्न का माहौल

    भव्या की इस उपलब्धि से उनका गृहनगर अटेली और पैतृक गांव मंडोला खुशी से झूम उठे हैं। गांव में ढोल नगाड़ों के साथ लोग जश्न मना रहे हैं। 30 जुलाई को भव्या के अटेली पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। वे 29 जुलाई को मुम्बई होते हुए भारत लौटेंगी। यह गौरव का क्षण न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।

    दिल्ली में होगा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय राहतकर भव्या को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में विशेष सम्मान प्रदान करेंगे। भव्या के माता-पिता डॉ. अनिल यादव और डॉ. सुमन यादव ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार की है बल्कि देश की बेटियों की सामर्थ्य का प्रमाण है।

    बेटियां किसी से कम नहीं: दादा का गर्व

    भव्या के दादा मास्टर श्रद्धानंद ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं होना चाहिए। आज बेटियां स्पेस, चिकित्सा, खेल, राजनीति और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। भव्या की सफलता देश के हर परिवार की बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।