पुलिस ने पंजाब के रूपनगर जिले से गिरफ्तार यूट्यूबर जसबीर सिंह के खिलाफ गंभीर जासूसी के आरोप में अदालत में 1700 पृष्ठों की चार्जशीट पेश की है। चार्जशीट में खुलासा किया गया है कि जसबीर सिंह पर पाकिस्तान के लिए खुफिया जानकारी साझा करने का आरोप है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने भाखड़ा नांगल डैम, एक महत्वपूर्ण फाइटर एयरबेस और बड़े सैन्य ठिकानों की संवेदनशील तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तान को भेजी। पुलिस जांच में सामने आए इन तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया।
पाकिस्तान के साथ संपर्क और ISI एजेंट
जांच में यह भी पता चला कि जसबीर सिंह का पाकिस्तान में लगभग 120 लोगों से संपर्क था, जिसमें कई ISI अधिकारी भी शामिल थे। वह लगातार पाकिस्तान के ISI एजेंट शाकिर से संपर्क में था, जिसका नंबर उसने अपने फोन में ‘जाट रंधावा’ नाम से सेव कर रखा था। पाकिस्तान की अपनी यात्राओं के दौरान उसने कई होटलों में ISI अधिकारियों से मुलाकात की। इसके अलावा जांच में यह भी पता चला कि जसबीर सिंह के पास दो पासपोर्ट थे और अब तक वह पाकिस्तान तीन बार जा चुका है।

पाकिस्तान एंबेसी और सेना अधिकारियों से मुलाकात
जसबीर सिंह ने यूट्यूबर नसीर ढिल्लों के माध्यम से पाकिस्तान एंबेसी से जुड़े अधिकारी दानिश से मुलाकात की। जसबीर और दानिश कई बार मिले। इसके अलावा जसबीर ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के साथ पाकिस्तान एंबेसी भी गए थे। ज्योति मल्होत्रा पहले ही पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी हैं। जांच में यह भी सामने आया कि जसबीर ने एंबेसी में पाकिस्तान सेना के अधिकारियों से भी मुलाकात की।
लैपटॉप और डेटा की सफाई
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जसबीर ने अपने लैपटॉप और मोबाइल से कई संवेदनशील डेटा डिलीट कर दिए थे। दानिश ने जसबीर से भारतीय सिम कार्ड की मांग की थी, लेकिन वह उसे प्रदान नहीं कर सका। इसके अलावा जसबीर ने अपने लैपटॉप को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के अधिकारी को सौंप दिया था। पुलिस की तकनीकी टीम अब डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है।
गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया
जसबीर सिंह को जून में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी का कारण यह था कि वह यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से संपर्क में था, जिसे पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था। अब पुलिस ने चार्जशीट में सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और सबूतों को अदालत में पेश किया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच को और आगे बढ़ा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि जसबीर ने पाकिस्तान को कितनी संवेदनशील जानकारी भेजी और किस हद तक जासूसी की योजना बनाई थी।
