Tag: Disaster Management

  • हरियाणा: मोरनी काजड़ गांव में भूस्खलन का खतरा, घर और जमीन को बड़ा नुकसान होने का डर

    हरियाणा: मोरनी काजड़ गांव में भूस्खलन का खतरा, घर और जमीन को बड़ा नुकसान होने का डर

    हरियाणा में बाढ़ और जलभराव से जो नुकसान हुआ है, वह तो एक तरफ लेकिन इसके बावजूद अब भी लोगों पर भारी नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र में इस मानसून में लगातार हुई बारिश से कई गांवों में घरों व जमीनों का भारी नुकसान देखने में आया है और खतरा अभी भी टला नहीं है।

    भोज जब्याल पंचायत के काजड़ गांव के नीचे हुए भूस्खलन से गांव के दर्जनों घर संकट में आ गए हैं। इस गांव के नीचे बारिश के दौरान काफी बड़े एरिया में भूस्खलन से मिट्टी खिसक गई जिसके बाद गांव को धंसने का खतरा पैदा हो गया था।

    हरियाणा: मोरनी काजड़ गांव में भूस्खलन का खतरा, घर और जमीन को बड़ा नुकसान होने का डर

    ग्रामीण भगवान दास, हेत राम, दुर्गा राम, पुरुषोत्तम और दीपक का कहना है कि गांव के नीचे से मिट्टी लगातार खिसक रही है। ऐसे में गांव में बने घर संकट में आ गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भूस्खलन की वजह से न केवल मकानों की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि उनकी जमीन भी धंसने का संकट है।

    पहाड़ी क्षेत्र में कई गांव पहले ही भूस्खलन से नुकसान झेल चुके हैं और अब काजड़ गांव भी उसी जोखिम से गुजर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम उठाए तो बड़ा नुकसान टल सकता है।

    उन्होंने मांग की है कि पंचायत व वन विभाग मिलकर गांव के नीचे मजबूत बचाव दीवारें लगवाए जिससे घरों और जमीन को भूस्खलन से सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जहां से भूस्खलन हुआ है उसके ऊपर गांव है और काफी ग्रामीण यहां निवास करते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रदेश की सरकार इस तरफ ध्यान देकर इस गांव को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

  • भारी बारिश से उत्तराखंड में तबाही, छह घर क्षतिग्रस्त और सात लोग लापता, SDRF-NDRF बचाव में जुटे

    भारी बारिश से उत्तराखंड में तबाही, छह घर क्षतिग्रस्त और सात लोग लापता, SDRF-NDRF बचाव में जुटे

    उत्तराखंड में एक बार फिर बादल फटने की घटनाएँ सामने आई हैं। चमोली जिले में रात भर हुई भारी बारिश के बाद कुंटरी लंगफली और धुरमा गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई। नंदानगर घाट क्षेत्र में कई घर और वाहन मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया।

    कुंटरी लंगफली में नुकसान और रेस्क्यू ऑपरेशन

    चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी के अनुसार, कुंटरी लंगफली वार्ड में छह घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और सात लोग लापता हैं। राहत और बचाव टीमों ने दो लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

    भारी बारिश से उत्तराखंड में तबाही, छह घर क्षतिग्रस्त और सात लोग लापता, SDRF-NDRF बचाव में जुटे

    धुरमा गांव में तबाही

    धुरमा गांव में भी बादल फटने के कारण व्यापक नुकसान हुआ। कई वाहन, दुकानों और घरों को मलबे में दबते देखा गया। सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और तहसील प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र गोपेश्वर ने पुष्टि की कि भूस्खलन के मलबे ने कई घरों को नष्ट कर दिया।

    देहरादून में भी बादल फटने की घटनाएँ

    इससे पहले मंगलवार को देहरादून और राज्य के अन्य हिस्सों में भी बादल फटने और भारी बारिश ने तबाही मचाई थी। बढ़ती नदियों ने कई भवन, सड़क और पुल बहा दिए। इस घटना में छह लोगों की मृत्यु हुई, सात लोग लापता हैं और 600 से अधिक लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं।

    मौसम विभाग की चेतावनी और सुरक्षा उपाय

    मौसम विभाग ने अगले 20 घंटों के लिए उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इससे भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

  • हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही साफ कह चुके हैं कि किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बाढ़ और बारिश के कारण मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने, भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने का भी आश्वासन दिया है। भाजपा ने अपने विधायकों और चुनाव में हार गए उम्मीदवारों को पहले ही मैदान में उतार दिया था। भाजपा के कार्यकर्ता भी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया।

    हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    ‌मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वर्तमान प्राकृतिक आपदा की घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। प्रदेश के जिन भी इलाकों भारी बरसात की वजह से फसलों इत्यादि का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाएगी। इसके लिए प्रभावित इलाकों में गांव स्तर पर ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर किसान बरसात की वजह से हुए फसलों के नुकसान का ब्योरा अपलोड करवा रहे हैं। किसान, गरीब मजदूर तथा प्रभावित प्रदेशवासियों के हित पूर्णतया सुरक्षित हैं और वे स्वयं बरसात से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नरवाना से टोहाना जाते हुए विभिन्न गांवों के ग्रामीणों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री गांव धरोदी में बाबा जमीन नाथ गउशाला पर रूके और ग्रामीणों से वर्तमान बरसाती सीजन के हालात के बारे जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री गांव लोन, धमतान साहिब तथा कालवन में भी ग्रामीणों से मिले। सभी गांवों के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और सरकार व प्रशासन द्वारा बरसाती मौसम के दौरान किए गए राहत कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बारिश को देखते हुए पहले से काफी व्यवस्था की थी लेकिन इस बार पूरे हरियाणा में हो सकते डेढ़ गुना बारिश हुई है और इस कारण व्यवस्थाएं कम पड़ गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सभी पीड़ित लोगों के साथ है और किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • अमृतसर जिले के लोगों के लिए उम्मीद की किरण साक्षी साहनी, परिवार के लोगों की तरह बाढ़ पीड़ितों से मिल रही डीसी

    अमृतसर जिले के लोगों के लिए उम्मीद की किरण साक्षी साहनी, परिवार के लोगों की तरह बाढ़ पीड़ितों से मिल रही डीसी

    पंजाब के अमृतसर जिले में बाढ़ से परेशान लोगों के लिए आईएएस साक्षी साहनी उम्मीद की किरण बनकर आईं हैं। 2014 बैच की आईएएस अधिकारी और अमृतसर की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी राहत कार्यों का जायजा लेने पहुंचीं। लोगों ने उन्हें गले लगाया और आशीर्वाद दिया। साक्षी साहनी ने 2013 में यूपीएससी परीक्षा में 6वीं रैंक हासिल की थी। उनका लोगों के प्रति स्नेह और मदद करने का तरीका सराहनीय है।

    साक्षी साहनी अमृतसर जिले की डिप्टी कमिश्नर हैं। साक्षी साहनी 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने यूपीएससी 2013 में 6वीं रैंक हासिल की थी। वह पंजाब की रहने वाली हैं। उनके परिवार में कई सरकारी अधिकारी हैं। साक्षी साहनी के पिता IRS अधिकारी थे। अब वे रिटायर हो चुके हैं। उनकी मां एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उनकी बहन बैंकिंग सेक्टर में काम करती हैं। इस तरह साक्षी को बचपन से ही सरकारी सेवा में जाने का माहौल मिला। साक्षी साहनी ने एक प्राइवेट स्कूल से पढ़ाई की। फिर उन्होंने हैदराबाद के नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से बीए एलएलबी की डिग्री हासिल की। उन्होंने आठ गोल्ड मेडल जीते और टॉप किया।

    अमृतसर जिले के लोगों के लिए उम्मीद की किरण साक्षी साहनी, परिवार के लोगों की तरह बाढ़ पीड़ितों से मिल रही डीसी

    साक्षी साहनी का मन शुरू से कानून में पढ़ाई का था। लेकिन पढ़ाई के दौरान उन्हें लगा कि सिविल सेवा में जाकर लोगों की मदद करना ज्यादा जरूरी है। इसलिए उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। लॉ उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट था। उन्होंने 2012 में कॉलेज में रहते हुए पहली बार यूपीएससी परीक्षा दी। लेकिन निबंध में कम नंबर आने की वजह से उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया।

    साक्षी साहनी ने एक इंटरव्यू में बताया कि दूसरे अटेम्प्ट की तैयारी में उन्हें गीतांजलि बैंडन (रैंक 6, 2011) से प्रेरणा मिली। गीतांजलि ने भी ऐसी ही मुश्किलों का सामना किया था। साक्षी ने उनसे प्रेरणा ली और अच्छे से तैयारी की। 2014 में उन्होंने फिर 6वीं रैंक हासिल की।
    बाढ़ से जूझते अमृतसर जिले में राहत और बचाव के काम में आईएएस साक्षी साहनी सबसे आगे रहीं। उन्होंने मौके पर जाकर और लोगों से बातचीत करके उनका हौंसला बढ़ाया। साथ ही उन्होंने जरूरी राहत और बचाव के काम को प्राथमिकता से करवाया।

    जब अमृतसर के लोग साक्षी साहनी से बात करते हैं तो उन्हें यह लगता ही नहीं है कि वह किसी डीसी से बात कर रहे हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि जैसे वह अपने किसी परिवार के सदस्य के साथ बात कर रहे हैं और इस संकट की घड़ी में डीसी भी इन लोगों के साथ ऐसे ही बात कर रही है जैसे वह उनके परिवार की सदस्य हों।

  • Haryana News: कुमारी सैलजा का भाजपा सरकार पर हमला, बोलीं- बारिश में डूबे गांव, नेता और अफसर गायब

    Haryana News: कुमारी सैलजा का भाजपा सरकार पर हमला, बोलीं- बारिश में डूबे गांव, नेता और अफसर गायब

    Haryana News: लगातार हो रही बारिश के कारण सिरसा जिले में घग्गर नदी उफान पर है। बारिश व घग्गर का पानी कई गांवों व खेतों में भरा हुआ है। लोग परेशान हैं। किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो चुकी हैं। लोगों को सरकारी मदद की सख्त जरूरत है, मगर अफसोस की बात है कि इस मुसीबत के वक्त ग्रामीणों के बीच न तो सरकार की ओर से कोई राहत पहुंचाई जा रही है और न ही बाढ़ से बचाव के लिए कोई पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

    सरकार ने लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया है जो बहुत ही चिंतनीय व निंदनीय है। यह बात अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने आज सिरसा के गांवों का दौरा करने के दौरान कही।

    Haryana News: कुमारी सैलजा का भाजपा सरकार पर हमला, बोलीं- बारिश में डूबे गांव, नेता और अफसर गायब

    सांसद सैलजा ने आज सिरसा जिले के कई गांवों का दौरा किया और जलभराव से हो रहे नुकसान का जायजा लिया तथा पीड़ित लोगों से बात की। सांसद सैलजा आज सुबह गाँव मीरपुर (सिरसा) पहुँची और बाँध टूटने से उत्पन्न जलभराव की जमीनी स्थिति को समझा। इसके अलावा भी कई अन्य गांवों में पहुंची।

    ग्रामीणों ने बताया कि रिंग बाँध टूटने से खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है और आशंका है कि शीघ्र ही जलस्तर और बढ़ेगा, जिससे फसलें पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं। इसके बाद वे गाँव केलनियाँ (सिरसा) पहुँची और जमीनी स्थिति की जानकारी ली। सांसद ने कहा कि घग्घर नदी का रिंग बाँध टूट जाने से किसानों के खेतों में भारी मात्रा में पानी भर गया है।

    फसलें डूब चुकी हैं, कई घर जलमग्न हैं और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। स्थिति इतनी गंभीर होने के बावजूद भाजपा सरकार पूरी तरह से नदारद है। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत राहत कार्य शुरू करे और प्रभावित किसानों व परिवारों को इस भीषण संकट से बाहर निकालने की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे।

    प्रशासन को चाहिए कि पूरी मुस्तैदी के साथ तैयार रहे और समय रहते आवश्यक कदम उठाए, ताकि हालात नियंत्रण से बाहर न हों। उन्होंने कहा कि बारिश व बाढ़ से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार की बचाव कार्यों को लेकर कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही।

    प्रशासन को चाहिए कि तत्काल बाँध की मरम्मत एवं पानी निकासी की ठोस व्यवस्था करे, ताकि किसानों को भारी नुकसान से बचाया जा सके। उनके साथ कालांवाली के एमएलए शीशपाल केहरवाला, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष कृष्णा फौगाट, वीरभान मेहता, राजेश चाडीवाल, संदीप नेहरा, लाल बहादुर खोवाल सहित अन्य नेता थे।

  • हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

    हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

    हरियाणा में बाढ़ के कारण 10,000 करोड रुपए से ज्यादा का नुकसान होने की संभावना है। अब तक प्रदेश में वर्षा की वजह से 27 लोग जान गंवा चुके हैं और 138 मकान जलभराव से ढह चुके हैं। अभी तक आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसल नष्ट होने का डाटा पोर्टल पर दर्ज हुआ है।

    हरियाणा में इस बार मानसून के मौसम में सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है। राज्य के 12 जिले भारी बारिश, बाढ़ की स्थिति और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। इनमें फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल रखा है।

    हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

     

    इस क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से 2,687 गांवों में होने वाले नुकसान को दर्ज किया जाएगा। किसानों अभी तक आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसलों के नुकसान की जानकारी दी गई है। 15 सितंबर तक नुकसान तीन से चार गुणा तक दर्ज होने की संभावना है।

    हरियाणा सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए 3.06 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि स्वीकृत की है। हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी और विभाग के मंत्री विपुल गोयल और अधिकारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

  • Flood-Affected States: बाढ़ से तबाही! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक दौरा, सेना राहत और बचाव में जुटी!

    Flood-Affected States: बाढ़ से तबाही! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक दौरा, सेना राहत और बचाव में जुटी!

    Flood-Affected States: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और नदियों के उफान ने स्थिति और भयावह बना दी है। पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सेना की टीमें राज्य सरकारों के साथ जुटी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे और वहां की स्थिति का जायजा लेंगे। उनकी यात्रा से राहत और बचाव कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

    पंजाब में तबाही का दृश्य

    सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब में हुआ है। यहां स्थिति भयावह है। अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 1,900 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अनुमान है कि करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पंजाब में 25 वर्षों का सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड टूट गया है, जिससे फसलें भी भारी नुकसान झेल रही हैं। अमृतसर, कपूरथला, फरीदकोट, संगरूर और होशियारपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने 159 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इन क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

    Flood-Affected States: बाढ़ से तबाही! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक दौरा, सेना राहत और बचाव में जुटी!

    दिल्ली-एनसीआर में यमुना का प्रकोप

    राजधानी दिल्ली भी बाढ़ से अछूती नहीं रही। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रहा है। सामान्य खतरे का स्तर 205 मीटर है जबकि नदी का जलस्तर 207 मीटर तक पहुंच गया है। इस वजह से मयूर विहार, अक्षरधाम और आसपास के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। मंदिरों, बाजारों और सड़कों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई है। लगभग 20 हजार लोगों को अपने घर छोड़कर अस्थायी शिविरों में जाना पड़ा। सरकार ने इन शिविरों में भोजन और चिकित्सकीय सुविधाओं की व्यवस्था की है।

    राहत कार्य और प्रशासन की कोशिशें

    NDRF और सेना की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के पानी से हजारों हेक्टेयर फसलें नष्ट हो गई हैं और कई गांवों में जलभराव है। केंद्रीय सरकार लगातार राज्यों के संपर्क में है और अतिरिक्त मदद भेज रही है।

    प्रधानमंत्री मोदी का दौरा और अपेक्षाएँ

    प्रधानमंत्री मोदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे से प्रभावित लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। उनकी यात्रा से न केवल लोगों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि राहत और पुनर्वास कार्यों में भी तेजी आएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरे से प्रशासनिक स्तर पर फैसले तेजी से लिए जाएंगे और प्रभावित लोगों के लिए दीर्घकालिक राहत योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।

  • Kumari Selja का अलर्ट, बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत और पुनर्वास सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी

    Kumari Selja का अलर्ट, बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत और पुनर्वास सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद Kumari Selja ने शुक्रवार को हिसार जिला के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करते हुए कहा कि प्रशासन को हर समय आपदा प्रबंधन के लिए तैयार रहना चाहिए। अभी बाढ़ का खतरा टला नहीं है। साथ ही सांसद ने कहा कि सरकार बाढ़-प्रभावित इलाकों का सर्वे कराए, किसानों और आम लोगों को उचित मुआवजा दे तथा भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए स्थायी समाधान तैयार करे।

    सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को हिसार जिला के बाढ़ प्रभावित गांव भाटला, गांव चानोत, गांव लितानी औैर गांव बिठमड़ा का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया साथ ही ग्रामीणों से अब तक हालात को लेकर बातचीत की।

    Kumari Selja का अलर्ट, बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत और पुनर्वास सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी

    सांसद ने कहा कि ग्रामीण ही रेत के बैग लगाकर गांव को बचाने में लगे हुए है जबकि इस कार्य प्रशासन को करना चाहिए था, प्रशासन के पास मशीनरी भी है और बचाव कार्य जल्द किया जा सकता है। ऐसा नहीं है कि जलस्तर कम हो गया तो हाथ पर हाथ रखकर बैठा जाए खतरा अभी टला नहीं है। पहाडों पर हो रही लगातार बरसात से अभी भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सब कुछ गांव वालों पर छोड़कर प्रशासन को आगे आना चाहिए, जान माल की सुरक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। शासन और प्रशासन को आपदा के लिए तैयार रहना चाहिए था, मानसून से पहले जो तैयारियों होती है वह केवल कागजों तक सीमित रही, अगर नदी, नालों और नहरों की समय पर सफाई की गई होती तो हालात इतने खराब न होने, विपक्ष तो बहुत पहले से सरकार से अनुरोध कर रहा था कि नहरों, नदी और नालों की सफाई पर जोर दिया जाए।

    सांसद कुमारी सैलजा ने जोर देकर कहा कि एक ठोस कार्य-योजना तैयार होनी चाहिए जिसमें यह स्पष्ट हो कि कितनी मात्रा में पानी आ रहा है और उसी के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई की जाए ताकि लोगों को कम से कम नुकसान हो। प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अब जागना होगा और तुरंत राहत कार्यों को गति देनी होगी। जनता की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए शीघ्र मुआवजा दिया जाए। सैलजा ने कहा कि खेत-खलिहान, मकानों और पशुधन को भारी नुकसान हुआ है, ऐसे में प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत राशि, पुनर्वास सहायता और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार बाढ़-प्रभावित इलाकों का सर्वे कराए, किसानों और आम लोगों को उचित मुआवजा दे तथा भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए स्थायी समाधान तैयार करे। इसके बाद सांसद कुमारी सैलजा फतेहाबाद जिला के गांव दहमान, गोरखपुर, खाराखेड़ी, चिंन्दड, खाबड़ा, रामसरा, गांव जाण्डवाला बागड़ में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने जाएंगी।

    गौरतलब हो कि हिसार में बारिश के कारण सभी ड्रेनेज खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आठ ड्रेन हिसार में टूट चुकी हैं। इनमें कैमरी गांव ड्रेन, बालसमंद की बासड़ा, गांव घिराय स्थित ड्रेन, टोकस-पातन, मात्रश्याम, दौलतपुर, न्योलीकलां, शाहपुर और लुदास ड्रेन शामिल हैं। हिसार के 307 गांवों में से 180 गांवों में पानी भरा। 100 से अधिक परिवारों को ऊंचे स्थानों पर पलायन करना पड़ा। 81 गांवों में करीब 65 हजार एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। हिसार में 10 से अधिक घर गिरे हैं। 05 लोगों की मौत बारिश से जुड़े कारण से हुई।

  • Monsoon Alert: भाखड़ा और पौंग डैम से छोड़ा गया पानी, पंजाब में बढ़ी परेशानी, हरियाणा-UP तक अलर्ट

    Monsoon Alert: भाखड़ा और पौंग डैम से छोड़ा गया पानी, पंजाब में बढ़ी परेशानी, हरियाणा-UP तक अलर्ट

    Monsoon Alert: सतलुज, रावी और ब्यास नदियों में आई बाढ़ से जूझ रहे पंजाब की चिंता बुधवार को उस समय और बढ़ गई जब बड़े पैमाने पर भाखड़ा नांगल डैम और पौंग डैम से पानी छोड़ा गया। अधिकारिक जानकारी के अनुसार भाखड़ा नांगल बांध से 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो आमतौर पर 65 हजार रहा करता है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते बांधों में बड़े पैमाने पर पानी जमा है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस पानी के छोड़े जाने से आसपास के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा पौंग डैम से भी बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा गया है। सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ ही रहा है और अब तक राहत के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इसके चलते पंजाब की समस्या कम होने की बजाय बढ़ रही है।

    पंजाब के रूप नगर जिले के प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अलर्ट रहने को कहा है। इसके अलावा भाखड़ा नंगल से निकले पानी ने भी समस्या को बढ़ाया है। घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से पटियाला का जिला प्रशासन ऐक्टिव मोड़ पर है। दरअसल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली से लेकर पश्चिम यूपी तक मुसीबत यह है कि बारिश का दौर लगातार जारी है। इसके चलते बाढ़ से प्रभावित लोगों के बचाव या फिर जल निकासी का काम भी देरी से हो रहा है।

    घग्गर नदी के तट पर ही बसे मोहाली के भी कई इलाकों में प्रशासन सतर्क है। सतलुज, रावी और ब्यास नदी में आई बाढ़ इतनी भीषण है कि भारतीय हिस्से के पंजाब के साथ ही पाकिस्तान में भी भारी बाढ़ आई है।

    Monsoon Alert: भाखड़ा और पौंग डैम से छोड़ा गया पानी, पंजाब में बढ़ी परेशानी, हरियाणा-UP तक अलर्ट

    पाकिस्तानी पंजाब में तो लाखों लोगों का पलायन हुआ है और करीब ढाई हजार गांव डूब गए हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार भारत के पंजाब में सूबे में 30 लोग बाढ़ के चलते मारे गए हैं, जबकि 3.50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें पलायन तक करना पड़ा है।

    इस बीच मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पंजाब, उत्तरी हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम यूपी तक के लिए अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ, मीरपुर, राजौरी, रियासी, जम्मू, रामबन, उधमपुर, सांबा, कठुआ, डोडा के लिए अलर्ट जारी किया है।

    पंजाब के सीएम भगवंत मान ने आपदा के वक्त सहयोग न करने का आरोप केंद्र सरकार पर लगाया है। मान ने केंद्र पर बाढ़ प्रभावितों को राहत देने में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री से एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे के मौजूदा मानकों को बदलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत है ताकि पंजाब में बाढ़ से प्रभावित लोगों को ज्यादा मुआवजा दिया जा सके। मंगलवार को फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का नाव से दौरा करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि किसानों की बढ़ी हुई लागत और बाढ़ से हुए नुकसान को देखते हुए मुआवज़े की राशि बढ़ाना अब जरूरी हो गया है।

    इस बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब का गुरुवार को दौरा करने वाले हैं। वह बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाएंगे और प्रभावितों से बात भी करेंगे। केजरीवाल के साथ सीएम भगवंत मान भी रहेंगे। आम आदमी पार्टी की ओर से बताया गया कि अरविंद केजरीवाल प्रभावितों से मुलाकात करेंगे और उनसे बात करेंगे। इससे पहले केजरीवाल ने ऐलान किया कि आप की दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज राहत सामग्री लेकर पहुंचेंगे। केजरीवाल ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में पूरा देश पंजाब के साथ खड़ा होगा।

  • Haryana Weather: हरियाणा में आज भारी बारिश की चेतावनी, हरियाणा में सभी नदियां उफान पर, बिगड़ सकते हैं बाढ़ के हालात

    Haryana Weather: हरियाणा में आज भारी बारिश की चेतावनी, हरियाणा में सभी नदियां उफान पर, बिगड़ सकते हैं बाढ़ के हालात

    Haryana Weather: हरियाणा में मानसून अपनी विदाई पर है, लेकिन जाते-जाते इस बार जमकर बरस रहा है। मौसम विभाग, चंडीगढ़ ने 3 और 4 सितंबर को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, गुरुग्राम, भिवानी, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और झज्जर में तेज बारिश की संभावना है। इस कारण स्कूल-कॉलेजों को फिलहाल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। अभी यह आदेश 3 और 5 सितंबर तक के लिए हैं, लेकिन आवश्यक होने पर जिला उपायुक्त इसे आगे बढ़ा सकते हैं।

    नदियों का उफान और बाढ़ का खतरा

    राज्य की प्रमुख नदियां जैसे घग्गर, यमुना, सोम, टांगरी और भाखड़ा इस समय उफान पर हैं। तेज बारिश और नदियों के पानी की बढ़ती मात्रा के कारण हरियाणा के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। फिलहाल पूरे राज्य में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से नदी के किनारे न जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

    Haryana Weather: हरियाणा में आज भारी बारिश की चेतावनी, हरियाणा में सभी नदियां उफान पर, बिगड़ सकते हैं बाढ़ के हालात

    प्रशासन का हाई अलर्ट

    हरियाणा सरकार ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट मोड घोषित किया है। सभी फील्ड कर्मचारियों की छुट्टियां फिलहाल रद्द कर दी गई हैं और विशेष परिस्थितियों में केवल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को ही छुट्टी मंजूर करने का अधिकार दिया गया है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    नागरिकों के लिए सावधानियां

    राज्य प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी और नाले के पास न जाएं, वाहनों को जलभराव वाले इलाकों में न चलाएं और जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में लोगों से कहा गया है कि वे अपने जान-माल की सुरक्षा के लिए ऊँची जगहों पर रहें और आवश्यक सामान पहले से तैयार रखें। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून का यह आखिरी दौर कई जिलों में भारी नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।