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  • हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

    हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

    हरियाणा में बाढ़ के कारण 10,000 करोड रुपए से ज्यादा का नुकसान होने की संभावना है। अब तक प्रदेश में वर्षा की वजह से 27 लोग जान गंवा चुके हैं और 138 मकान जलभराव से ढह चुके हैं। अभी तक आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसल नष्ट होने का डाटा पोर्टल पर दर्ज हुआ है।

    हरियाणा में इस बार मानसून के मौसम में सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है। राज्य के 12 जिले भारी बारिश, बाढ़ की स्थिति और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। इनमें फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल रखा है।

    हरियाणा में भारी बारिश से 10,000 करोड़ का नुकसान, 27 मौतें और लाखों एकड़ फसल बर्बाद

     

    इस क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से 2,687 गांवों में होने वाले नुकसान को दर्ज किया जाएगा। किसानों अभी तक आठ लाख 66 हजार 927 एकड़ कृषि भूमि पर फसलों के नुकसान की जानकारी दी गई है। 15 सितंबर तक नुकसान तीन से चार गुणा तक दर्ज होने की संभावना है।

    हरियाणा सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए 3.06 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि स्वीकृत की है। हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी और विभाग के मंत्री विपुल गोयल और अधिकारी बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

  • Haryana News: 1 अगस्त को बदलने वाली थी जमीन की कीमतें लेकिन अचानक सरकार ने लिया यू-टर्न

    Haryana News: 1 अगस्त को बदलने वाली थी जमीन की कीमतें लेकिन अचानक सरकार ने लिया यू-टर्न

    Haryana News: हरियाणा में 1 अगस्त 2025 से नए कलेक्टर रेट लागू किए जाने की तैयारी चल रही थी। रेवेन्यू विभाग ने इसको लेकर एक आदेश भी जारी कर दिया था जिसमें राज्यभर में जमीन की नई कीमतें तय की गई थीं। लोगों को उम्मीद थी कि नए रेट के लागू होने से जमीन खरीदने और बेचने में पारदर्शिता आएगी।

     आदेश वापस लेने से मचा हड़कंप

    हाल ही में रेवेन्यू विभाग ने उस आदेश को वापस ले लिया है जिसमें 1 अगस्त से नए कलेक्टर रेट लागू करने की बात कही गई थी। इस फैसले ने कई जिलों में रजिस्ट्रियों से जुड़े कार्यों को प्रभावित किया है। लोग कन्फ्यूजन में हैं कि आखिर अब उन्हें किस रेट के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

    Haryana News: 1 अगस्त को बदलने वाली थी जमीन की कीमतें लेकिन अचानक सरकार ने लिया यू-टर्न

    अब आपत्तियों के बाद तय होंगे रेट

    रेवेन्यू विभाग ने साफ कर दिया है कि नए कलेक्टर रेट अब बिना आपत्तियां लिए लागू नहीं किए जाएंगे। अब लोगों से राय ली जाएगी और यदि किसी क्षेत्र के लोग रेट्स पर आपत्ति जताते हैं तो उनका समाधान किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम दरें तय होंगी और उन्हें लागू किया जाएगा।

     खरीदारों और विक्रेताओं पर असर

    इस बदलाव का सीधा असर जमीन के खरीदारों और विक्रेताओं पर पड़ेगा। जो लोग 1 अगस्त से पहले खरीदारी करने की योजना बना रहे थे वे अब असमंजस में हैं। बहुत से लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि नए रेट लागू होने से पहले खरीदारी कर ली जाए लेकिन अब स्थिति एकदम उलट हो गई है।

    सरकार की रणनीति और पारदर्शिता

    हरियाणा सरकार ने यह फैसला शायद इसलिए लिया ताकि जनता की भागीदारी बढ़े और कोई भी रेट मनमाने ढंग से तय न हों। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार पर लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। हालांकि इस प्रक्रिया से थोड़ी देरी जरूर होगी लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह फायदेमंद साबित हो सकता है।