Tag: Ed Raid

  • Gopal Kanda के घर ED की रेड में बड़ी मात्रा में कैश और विदेशी डॉलर मिले

    Gopal Kanda के घर ED की रेड में बड़ी मात्रा में कैश और विदेशी डॉलर मिले

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पणजी क्षेत्रीय कार्यालय ने हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री Gopal Kanda और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है। रविवार और सोमवार को दिल्ली, गुरुग्राम, गोवा, मुंबई और राजकोट में तलाशी ली गई।

    जानकारी के अनुसार, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के प्रावधानों के तहत ईडी की लगभग 20 टीमों द्वारा 15 परिसरों में की गई छापेमारी में 2.25 करोड़ रुपये की नकदी, 14,000 डॉलर, 9 लाख रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा और आपत्तिजनक दस्तावेजों के बंडल बरामद किए गए।

    ईडी अधिकारियों द्वारा लक्षित परिसरों में मेसर्स गोल्डन ग्लोब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स वर्ल्डवाइड रिसॉर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड और बिग डैडी कैसीनो, गोवा से संबंधित परिसर शामिल थे।

    ईडी की जांच से पता चला कि ग्राहकों को विदेशी मुद्रा के बदले पोकर चिप्स उपलब्ध कराए जा रहे थे, और ग्राहकों की आवश्यकताओं के आधार पर जीत की राशि विदेशी मुद्रा में वितरित की जा रही थी।

    Gopal Kanda के घर ED की रेड में बड़ी मात्रा में कैश और विदेशी डॉलर मिले

    इसके अलावा, यह पाया गया कि कई ऑनलाइन कैसीनो प्लेटफॉर्म, जैसे rolex777.co, iCasino247.com, play247s.com, Win Daddy, Poker Daddy, आदि को मेसर्स गोल्डन ग्लोब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के तहत कैसीनो के स्टाफ सदस्यों द्वारा सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया गया था।

    यह भी पता चला कि पोकर खिलाड़ियों के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट का इस्तेमाल वित्तीय लेन-देन के लिए किया जाता था। दुबई और दुनिया भर के विभिन्न स्थानों पर यूएसडी टेथर (एक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी) हस्तांतरण की सुविधा के लिए क्रिप्टो वॉलेट के माध्यम से अंगडिया सेवाओं के उपयोग का भी पता चला। इसके अलावा, ईडी अधिकारियों ने बताया कि जुए की जीत की राशि जमा करने और निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले और बाद में विदेशों में विभिन्न व्यक्तियों को हस्तांतरित किए जाने वाले कई खच्चर खातों की भी पहचान की गई है।

    संपर्क करने पर गोपाल कांडा के परिजनों ने इसकी पुष्टि की, लेकिन विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि गोपाल कांडा भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री थे। अब उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है और भाजपा नेताओं से नजदीकियां बढ़ा ली हैं। 2012 में विमान परिचारिका गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में भी उनका नाम आया था।

  • चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचकूला पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर करते हुए चार आईपीएस, दो एचपीएस और तीन इंस्पेक्टरों सहित कुल 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना कार्रवाई शुरू कर दी है। अवमानना नोटिस जिन अधिकारियों को जारी किया गया है, उनमें राकेश कुमार आर्य (पूर्व पुलिस आयुक्त, पंचकूला- वर्तमान में आईजीपी क्राइम), सिवाश कविराज (पुलिस आयुक्त पंचकूला), हिमाद्री कौशिक और मनप्रीत सिंह (पूर्व डीसीपी पंचकूला), विक्रम नेहरा और सुरेंद्र सिंह (एसीपी पंचकूला), इंस्पेक्टर हितेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह तथा एसआई प्रकाश चंद (आर्थिक अपराध शाखा पंचकूला) शामिल हैं।

    इन पुलिस अधिकारियों पर आठ माह तक धोखाधड़ी व ठगी के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन माना गया है।

    चार IPS सहित 10 पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस – 18 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

    जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन ने स्वयं संज्ञान लेते हुए इन सभी अधिकारियों को 18 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। यह कार्रवाई जस्टिस सुमित गोयल द्वारा एक सितंबर को दिए आदेश के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने मामले को चीफ जस्टिस के पास संदर्भित किया था। चीफ जस्टिस ने नौ सितंबर को अवमानना कार्रवाई की अनुमति दी थी।

    हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2014) फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो एफआईआर तुरंत दर्ज करना अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच सात दिन से अधिक नहीं हो सकती और यदि देरी हो तो उसका कारण सामान्य डायरी में दर्ज होना चाहिए। यह मामला एफआईआर नंबर 265, दिनांक 19 जून 2025, थाना चंडीमंदिर, पंचकूला से संबंधित है।

    शिकायतकर्ता मलकीयत सिंह ने आरोप लगाया कि 23 जनवरी 2024 को ईडी की छापेमारी के बाद कुछ लोगों ने खुद को मोहाली जिले के एक विधायक के पीए के रूप में प्रस्तुत कर एक करोड़ रुपये मांगे और एफआईआर दर्ज नहीं होने का आश्वासन दिया। बाद में उन्होंने रकम हड़प ली और अतिरिक्त आठ करोड़ रुपये की मांग कर शिकायतकर्ता व उसके परिवार को धमकाया।

    शिकायत 23 अक्टूबर 2024 को दी गई थी, लेकिन एफआईआर आठ माह बाद 19 जून 2025 को दर्ज की गई। पुलिस द्वारा 30 जुलाई 2025 को दाखिल हलफनामे में देरी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया। इस पर जस्टिस गोयल ने पुलिस की कार्यप्रणाली को अड़ियल और हठी बताते हुए चीफ जस्टिस से अवमानना कार्रवाई की सिफारिश की थी। अब सभी आरोपी पुलिस अधिकारियों को अदालत में जवाब दाखिल करना होगा।

  • कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    राजनीति वही होती है जो कोई भी नेता किसी मामले को भुनाने और उसे जनता के बीच लोकप्रिय करने में सफल हो जाए। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर कुछ दिन पहले ईडी की रेड के बाद अब सौरभ भारद्वाज में इस मामले को एक नए अंदाज में भुनाना शुरू कर दिया है। जहां ईडी की रेड से आम आदमी दुखी होता है वही सौरभ भारद्वाज इस समय इस मामले को लेकर अपने ही अंदाज में खुश नजर आते हैं।

    सुनो, सुनो, सुनो… जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा। 21 लाख, 21 लाख, 21 लाख… मामला नई दिल्ली का है। गली-गली घूमकर ऐलान कराने वाला ये वीडियो आप नेता सौरभ भारद्वाज द्वारा शेयर किया गया है, जिसमें आप नेता अपने समर्थकों संग गली-गली घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानिए आखिर क्या मामला है?

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    दरअसल कुछ दिन पहले ईडी ने आम आदमी पार्टी के कई ठिकानों पर छापामारी की थी। सामने आया था कि ईडी द्वारा आप के 13 ठिकानों पर छापामारी की गई है। पूछताछ के बाद आप नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि भाई हमको भी तो बताओ कि मेरे 13 ठिकाने कौन से हैं। ये रैली और इनाम को देने का ऐलान इसी छापेमारी से जोड़कर बताया जा रहा है।

    ईडी द्वारा की गई रेड के मामले को आगे बढ़ाते हुए सौरभ भारद्वाज अपने समर्थकों संग गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले घूमते नजर आए। रैली में साथ मौजूद लोगों ने नारे लगाए, सुनो, सुनो, सुनो… सौरभ भारद्वाज की कोठी ढूंढो, 21 लाख इनाम पाओ। कोठी ढूंढो 21 लाख पाओ। चूक न जाना, सुनहरा मौका है। जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा।

    आपको बताते चलें कि ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ये छापामारी हुई थी। इसमें स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कथित घोटाला से जुड़े मामले में हुई थी। आरोप है कि 2018-19 के दौरान, 5590 करोड़ रुपये की 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। हालांकि ये परियोजनाएं अत्यधिक और अस्पष्ट लागत वृद्धि के साथ, काफी हद तक अधूरी रहीं। सौरभ भारद्वाज ने साफ किया कि अगर ईडी मेरे तेरह ठिकाने बताती है तो, वह इन ठिकानों का कम से कम उन्हें कब्जा तो दिल दे।

  • Gurugram: कंपनी एक लाख की सौदा साढ़े सात करोड़ का, ईडी ने खोल दी रॉबर्ट वाड्रा के झूठ की पोल

    Gurugram: कंपनी एक लाख की सौदा साढ़े सात करोड़ का, ईडी ने खोल दी रॉबर्ट वाड्रा के झूठ की पोल

    Gurugram: केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने गुरुग्राम में साढ़े 3 एकड़ जमीन रिश्वत में लेने के मामले में प्रियंका गांधी के पति एवं कांग्रेस नेता रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ अदालत में दायर चार्जशीट में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां बता दे की 16 जुलाई को वीडियो ने 37 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अटैच की थी और इसके ठीक अगले दिन 17 जुलाई को गुरुग्राम जमीन सौदे में चार्जशीट दाखिल की थी। धन शोधन के मामलों की देखरेख करने वाली विशेष अदालत 28 अगस्त को इस पर सुनवाई कर आरोप तय करने पर फैसला करेगी। इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा और ओपीपीएल के प्रमोटर सत्यनंद यादव, केवल सिंह विर्क समेत कल 11 आरोपी हैं।

    ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि रॉबर्ट वाड्रा ने गुरुग्राम में साढ़े तीन एकड़ जमीन रिश्वत के रूप में ली थी। रॉबर्ट वाड्रा का कहना था कि इसके लिए उसने साढ़े सात करोड़ रुपए का भुगतान किया था। बाद में यह जमीन रियल स्टेट कंपनी डीएलएफ को 58 करोड़ में बेच दी गई थी। ईडी ने कहा है कि ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड ने यह जमीन रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड को बिना भुगतान के दी थी ताकि रॉबर्ट वाड्रा अपनी व्यक्तिगत पहुंचकर इस्तेमाल कर हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से ओपीपीएल को हाउसिंग लाइसेंस दिला सकें। चार सीट में यह भी कहा गया है कि वाड्रा तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद होने के कारण भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर व्यक्तिगत प्रभाव रखते थे।

    Gurugram: कंपनी एक लाख की सौदा साढ़े सात करोड़ का, ईडी ने खोल दी रॉबर्ट वाड्रा के झूठ की पोल

    ईडी का कहना है की जमीन की रजिस्ट्री 12 फरवरी 2008 को हुई। इस रजिस्ट्री के लिए एक चेक दिया गया जो कभी क्लियर ही नहीं हुआ। बाद में कहा गया कि भुगतान 6 महीने बाद किसी अन्य चेक से किया गया। ईडी ने साफ किया कि बाद में जो चेक दिए जाने की बात कही गई वह स्काईलाइट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड का था न की खरीददार कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का। एडी का कहना है कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड पूंजी केवल एक लाख थी और स्काईलाइट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में भी साढ़े सात करोड़ रुपए नहीं थे। 45 लख रुपए की स्टांप ड्यूटी भी जमीन बेचने वाले ने दी न की वाड्रा की कंपनी ने। ईडी का कहना है कि रजिस्ट्री में झूठा भुगतान दिखाकर सौदा बेनामी तरीके से किया गया।

    ईडी ने वाड्रा से जुड़ी कम से कम तीन महंगी संपत्तियां अटैच की हैं। यह वह संपत्तियां हैं जिनका जिक्र प्रियंका गांधी ने नवंबर 2024 में आयोजित लोकसभा चुनाव के समय दिए गए शपथ पत्र में नहीं किया है। यहां बता दें कि केरल हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रियंका गांधी को नोटिस जारी किया है। जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत चुनावी हलफनामे में झूठी या अधूरी जानकारी देना भ्रष्ट आचरण में आता है और इसमें जेल और जुर्माना या दोनों सजा हो सकती हैं।

  • ED Raid: ईडी की बड़ी कार्रवाई, गुरुग्राम में चार ठिकानों पर छापे, प्रोबो ऐप से हो रहा था जुआ कारोबार

    ED Raid: ईडी की बड़ी कार्रवाई, गुरुग्राम में चार ठिकानों पर छापे, प्रोबो ऐप से हो रहा था जुआ कारोबार

    ED Raid: गुरुग्राम ज़ोनल ऑफिस की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने 8 और 9 जुलाई को हरियाणा के गुरुग्राम और जींद में स्थित कुल चार जगहों पर छापा मारा। ये कार्रवाई M/s Probo Media Technologies Private Limited और इसके प्रमोटर सचिन सुभाषचंद्र गुप्ता और आशीष गर्ग के खिलाफ की गई। छापेमारी का मकसद देशभर में चल रहे एक बड़े अवैध सट्टेबाज़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ करना था।

    प्रोबो ऐप के ज़रिए सट्टेबाज़ी का कारोबार

    ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि यह कंपनी Probo नामक ऐप और वेबसाइट के ज़रिए पूरे भारत में अवैध सट्टेबाज़ी और जुए का कारोबार कर रही थी। यह ऐप देखने में एक सामान्य प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म जैसा लगता है, लेकिन इसकी आड़ में कंपनी कथित रूप से लाखों लोगों से पैसे लेकर अवैध रूप से मुनाफा कमा रही थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस ऐप के माध्यम से हुए ट्रांजैक्शनों का कोई कानूनी हिसाब-किताब नहीं रखा जा रहा था।

    ED Raid: ईडी की बड़ी कार्रवाई, गुरुग्राम में चार ठिकानों पर छापे, प्रोबो ऐप से हो रहा था जुआ कारोबार

    284.5 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, बैंक लॉकर सील

    प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छापे के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल डाटा जब्त किए हैं। इसके अलावा कंपनी द्वारा निवेश किए गए ₹284.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है, जिसमें फिक्स्ड डिपॉज़िट और शेयरों का पैसा शामिल है। साथ ही तीन बैंक लॉकरों को भी सील कर दिया गया है। जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।

    सट्टेबाज़ी नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं

    ईडी का कहना है कि यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है और जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। छापेमारी के दौरान जो सुराग मिले हैं, उनसे यह संकेत मिल रहे हैं कि इस नेटवर्क में और भी कई बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस केस में कई और नाम सामने आ सकते हैं। ईडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं और पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

  • Rewari: कप्तान अजय बोले बीजेपी का राष्ट्रवाद झूठा,सतपाल मालिक ने खोली पोल

    Rewari: कप्तान अजय बोले बीजेपी का राष्ट्रवाद झूठा,सतपाल मालिक ने खोली पोल

    Rewari: पूर्व मंत्री कप्तान अजय सिंह यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुये कहा है कि बीजेपी ने कभी राम के नाम पर, कभी दो करोड़ रोजगार के नाम पर तो कभी शहीदों के नाम पर वोट हासिल किया है। वर्ष 2019 में बीजेपी ने पुलवामा शहीदों के नाम पर वोट मांगा था लेकिन पूर्व गवर्नर सतपाल मालिक ने भाजपा के झूठे राष्ट्रवाद कि सच्चाई बयां कर दी है।

    उन्होने कहा कि सतपाल मालिक ने सच कहा इसलिए उनपर ईडी की कार्रवाई की गई। कप्तान अजय (Rewari)  ने कहा कि वो लालू यादव के समधी है। इसलिए उनके घर भी ईडी दो बार मेहमान बन चुकी है।

    बता दें कि कॉंग्रेस 7 जुलाई को दिल्ली में ओबीसी का एक बड़ा सम्मेलन करने जा रही है। पूर्व मंत्री कप्तान अजय यादव (Rewari) कॉंग्रेस ओबीसी सेल के चेयरमैन है। इसलिए वो लगातार अलग-अलग स्थानों पर जनसभाएं कर रहे है। कप्तान अजय यादव ने कहा कि जातिगत जनगणना कराना बेहद जरूरी है, तभी पिछड़े को उसका हक दिया जा सकता है।

    पूर्व मंत्री कप्तान अजय यादव ने कहा कि यौन शोषण के आरोपी बृज भूषण को तुरंत गिरफ्तार करें। जैसे यूपी में योगी सरकार बुलडोजर की कार्रवाई करती है। वैसे बृजभूषण के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएँ।