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  • Haryana: जींद रोड के नए अनाज बाजार में पके हुए धान की व्यवस्था हुई नई, किसानों के लिए समय तय, अब नहीं होगा हंगामा!

    Haryana: जींद रोड के नए अनाज बाजार में पके हुए धान की व्यवस्था हुई नई, किसानों के लिए समय तय, अब नहीं होगा हंगामा!

    Haryana: शहर के जींद रोड स्थित नए अनाज बाजार में धान की आवक बढ़ने के साथ, श्री कृष्णा फूडग्रेन डीलर्स एसोसिएशन ने धान की खरीद और उठान के लिए नए प्रबंध किए हैं। अब किसान सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने वाहनों में लदे धान के साथ बाजार में प्रवेश कर सकते हैं। इसके बाद बाजार किसानों के लिए बंद रहेगा और खरीदे गए धान की उठान शुरू होगी। धान की उठान अगले दिन सुबह 5 बजे तक जारी रहेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को सुविधा प्रदान करना और बाजार में अराजकता से बचना है।

    एसोसिएशन की बैठक और निरीक्षण

    सोमवार को एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामलाल वशिष्ठ और वरिष्ठ कमीशन एजेंट रामधारी जिंदल ने की। बैठक के दौरान एसोसिएशन की टीम ने बाजार का दौरा किया और धान की खरीद, उठान और व्यवस्था की समीक्षा की। प्रतिनिधियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को धान की खरीद में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो और उनकी सुविधा को पूरी तरह ध्यान में रखा जाए। अध्यक्ष वशिष्ठ ने बताया कि बाजार में धान की आवक बढ़ने लगी है और अगले सप्ताह दैनिक आवक और बढ़ेगी।

    Haryana: जींद रोड के नए अनाज बाजार में पके हुए धान की व्यवस्था हुई नई, किसानों के लिए समय तय, अब नहीं होगा हंगामा!

    धान की खरीद और उठान का समय निर्धारित

    एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन, जिनमें धान लदा हो, केवल सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे तक बाजार में प्रवेश कर सकेंगे। इसके बाद खरीदे गए धान की उठान शुरू होगी। धान की उठान रोजाना दोपहर 3 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक की जाएगी। कमीशन एजेंट यह सुनिश्चित करेंगे कि खरीदी गई धान की पूरी मात्रा उसी दिन उठाई जाए। इससे किसानों को अगले दिन अपने उत्पादन को बाजार में जमा करने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी और बाजार में भी अराजकता नहीं होगी।

    उपस्थित सदस्य और सहयोग

    बैठक में कई प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें गुलशन बजाज, रमेश अग्रवाल, राममहार रोहिल्ला, सुरेंद्र गर्ग, सूरज भान बंसल, संतलाल बजाज, मनोज बजाज, सत्यनारायण मित्तल, बालकृष्ण मंगल, संदीप छपरा, सुशील जैन, मिंटू पहलवान, हैप्पी जैन, बिजेंद्र देशवाल और कृष्ण शर्मा शामिल थे। सभी उपस्थित सदस्यों ने धान की उचित खरीद और उठान व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस नए समय सारिणी के लागू होने से किसानों को सुविधा मिलेगी और बाजार में व्यवस्थित धान की आवक और उठान सुनिश्चित होगी।

  • Anurag Dhanda: बारदाना कमी, तौल कांटे गायब, मंडियों में अफरातफरी- धान खरीद का पहला दिन बना किसानों के लिए दुखदायी

    Anurag Dhanda: बारदाना कमी, तौल कांटे गायब, मंडियों में अफरातफरी- धान खरीद का पहला दिन बना किसानों के लिए दुखदायी

    आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने सोमवार को बयान जारी कर एमएसपी से कम खरीद को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में आज से धान खरीद की शुरुआत तो कर दी गई, लेकिन यह केवल दिखावे की कार्रवाई रही। किसानों को न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य मिला और न ही मंडियों में कोई ठोस व्यवस्था दिखी।

    Anurag Dhanda ने कहा कि इस बार केंद्र ने धान का MSP 2389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन किसानों को मंडियों में 1500 रुपये प्रति क्विंटल पर फसल बेचनी पड़ी। यह सरकार की खुली लूट है, जिसने किसानों को उनकी मेहनत का हक़ देने की बजाय बिचौलियों के हवाले छोड़ दिया है।

    उन्होंने कहा कि किसानों की हालत पहले ही खराब है। इस सीज़न में जलभराव की वजह से हजारों एकड़ फसल का उत्पादन घट चुका है। किसानों ने लागत और मेहनत लगाकर जो थोड़ा बहुत उत्पादन निकाला, उसे भी मंडियों में मिट्टी के भाव बेचना पड़ रहा है। यह किसानों के साथ दोहरी मार है, पहले प्राकृतिक आपदा, अब सरकारी लापरवाही।

    Anurag Dhanda: बारदाना कमी, तौल कांटे गायब, मंडियों में अफरातफरी- धान खरीद का पहला दिन बना किसानों के लिए दुखदायी

    ढांडा ने कहा कि धान की खरीद का ज़िम्मा हैफेड जैसी एजेंसियों को दिया गया है, लेकिन अब तक इन एजेंसियों को चावल मिलों का आवंटन नहीं हुआ है। अगर आवक बढ़ी और समय पर मिल आवंटन नहीं किया गया, तो मंडियों में धान सड़ जाएगा और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह साबित करता है कि सरकार की तैयारी शून्य है।

    उन्होंने बताया कि कई मंडियों में आज बारदाना की कमी रही, तौल कांटे तक सही से उपलब्ध नहीं थे और खरीद प्रक्रिया बेहद धीमी रही। किसानों को घंटों मंडियों में भटकना पड़ा लेकिन सरकार कहीं दिखाई नहीं दी।

    अनुराग ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह और उनकी बीजेपी सरकार किसानों के दर्द से पूरी तरह बेखबर है। पंजाब में धान खरीदी के लिए पहले से मजबूत व्यवस्थाएं की गईं, लेकिन हरियाणा सरकार किसानों की मेहनत को लूटने पर आमादा है। जलभराव से पहले ही उत्पादन घटा, अब MSP से कम रेट और अव्यवस्थित मंडियां… यह सरकार किसानों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात कर रही है।

  • हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    हरियाणा सरकार ने शनिवार, 20 सितंबर को चावल वितरण अवधि को 15 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस कदम से राज्य में लगभग 1,000 चावल मिलों को सीधे लाभ होगा। उन्होंने बताया कि मिल मालिकों को होल्डिंग फीस में लगभग 50 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।

    मिल मालिकों की मांगों को मिला मान्यता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार को सूचित किया था कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने चावल की आपूर्ति में लगभग 45 दिन की देरी की। इससे मिल मालिक समय पर अपना कार्य पूरा नहीं कर पाए। उनकी मांग को मान्यता देते हुए सरकार ने बोनस पात्रता अवधि को 15 मार्च से 30 जून तक बढ़ा दिया। इसके अलावा, मिल मालिकों के लिए चावल वितरण अवधि को भी 30 जून तक विस्तारित किया गया।

    हरियाणा में चावल वितरण की अवधि बढ़ी, CM सैनी ने मिल मालिकों को 50 करोड़ रुपये की राहत का किया ऐलान

    किसानों के हित में सरकार का निर्णय

    सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। इसी उद्देश्य से इस साल धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर की बजाय 22 सितंबर से शुरू होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है और दावा कर रही है कि भाजपा सरकार MSP प्रणाली को समाप्त कर देगी।

    MSP में निरंतर वृद्धि

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फसलों के लिए MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लगातार बढ़ाया है। 2014 में सामान्य धान का MSP 1,360 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इसी तरह, ग्रेड-ए धान का MSP 1,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,389 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।

    किसानों और मिल मालिकों के लिए सरकार का संदेश

    सैनी ने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को समझें और अफवाहों में न आएं। उन्होंने कहा कि मिलों को समय पर चावल वितरण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से न केवल मिल मालिकों को राहत मिलेगी बल्कि किसानों को भी उनकी उपज के लिए बेहतर मूल्य और सुरक्षित वितरण प्रणाली सुनिश्चित होगी।

  • Haryana News: आ गई तारीख, इस दिन से होगी धान की खरीद, 2369 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी सरकार

    Haryana News: आ गई तारीख, इस दिन से होगी धान की खरीद, 2369 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी सरकार

    Haryana News: केंद्र सरकार ने धान का MSP तय कर दिया है। हरियाणा में सामान्य धान 2,369 रुपए प्रति क्विंटल और ग्रेड ए का धान 2,389 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा। हरियाणा में धान की सरकारी खरीद मंगलवार से शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार ने इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

    नीति के मुताबिक टूटा चावल ग्रेड ए और सामान्य में अधिकतम 25 फीसदी होगा। राज्य में वर्किंग चावल मिलों की संख्या 1445 है। सीएमआर कार्य करने के लिए प्रत्येक चावल मिलर को संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा, ताकि वे ई-खरीद पोर्टल पर एजेंसियों के धान की कस्टम मिलिंग के लिए पात्र हो सकें। रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक चावल मिलर को प्रति मिल 3,000 रुपए का पंजीकरण शुल्क देना होगा। यह पंजीकरण एक साल के लिए होगा।

    प्रदेश भर में किसान लगातार धान और बाजरे की खरीद को लेकर धरना दे रहे हैं। करनाल में किसानों ने धान खरीद को लेकर एक दिन का उपवास रखा।

    Haryana News: आ गई तारीख, इस दिन से होगी धान की खरीद, 2369 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी सरकार

    राज्य सरकार ने धान खरीद को मिलिंग नीति 2025-26 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत यदि ठेकेदार समय पर धान का उठान नहीं करता है तो राइस मिलर्स धान उठा सकेंगे। इसमें जो भी खर्च होगा, उसका भुगतान हरियाणा सरकार करेगी। यह कदम धान की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए उठाया गया है। हालांकि कस्टम मिलर राइस (CMR) की कीमतें अभी तक तय नहीं की गई हैं। राज्य सरकार का कहना है कि सीएमआर की कीमतें भारत सरकार से प्राप्त नहीं हुई हैं। भारत सरकार से प्राप्त होने पर इसे संबंधितों को प्रसारित किया जाएगा।

    पॉलिसी के मुताबिक धान की खरीद एक अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक होगी। हालांकि राज्य सरकार ने पहले खरीद की अनुमति केंद्र सरकार से मांगी हुई है।

    बताया जा रहा है कि 22 या 23 सितंबर से धान की खरीद शुरू की जा सकती है। नीति में उल्लेख किया गया है कि कृषि विभाग के पूर्व अनुमानों के अनुसार हरियाणा की मंडियों और खरीद केंद्रों में लगभग 84 लाख मीट्रिक टन धान की आवक होगी। खरीद एजेंसियों की खरीद में हिस्सेदारी लगभग 54 लाख मीट्रिक टन होगी। खरीफ विपणन सत्र 2025-26 दौरान खरीद एजेंसियां केंद्रीय पूल में लगभग 36 लाख मीट्रिक टन कस्टम मिल राइस का योगदान देंगी।