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  • हरियाणा: सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चे बनेंगे राम-रावण, लक्ष्मण और सीता, प्रदेश के 4000 स्कूलों में होगी रामलीला

    हरियाणा: सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चे बनेंगे राम-रावण, लक्ष्मण और सीता, प्रदेश के 4000 स्कूलों में होगी रामलीला

    हरियाणा की राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं के बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता, रावण और हनुमान बनकर स्कूल में ही रामलीला का मंचन करेंगे। 15-16 सितंबर को पेपर के बाद रामलीला के मंचन की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर साझा करें। इसके लिए विशेष हैशटैग भी तय किए गए हैं।

    #NIPUN_Haryana_Mission #NIPUN_Ramleela #FLNHaryana #Student_Learning_Outcome ‘निपुण हरियाणा मिशन’ के तहत इस बार बच्चों को अभिनय और संवाद बोलने की कला सिखाने के लिए ‘निपुण रामायण’ का आयोजन होगा। 22 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में करीब 4000 स्कूलों के छोटे-छोटे बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता, रावण और हनुमान के किरदार निभाएंगे। बता दें कि हरियाणा में करीब साढ़े आठ हजार राजकीय प्राथमिक पाठशाला हैं। ऐसे में औसतन आधे स्कूलों में रामलीला का मंचन किया जाएगा।

    हरियाणा: सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चे बनेंगे राम-रावण, लक्ष्मण और सीता, प्रदेश के 4000 स्कूलों में होगी रामलीला

    विद्यालयों में छोटे-छोटे मंच सजेंगे, जहां किसी बच्चे के पास होगा राम का रोल तो किसी के पास रावण का। बच्चे अपने-अपने संवाद को आत्मविश्वास के साथ बोलने की तैयारी करेंगे। राम-रावण संवाद और सीता-हनुमान के दृश्य भी स्कूलों में छोटे मंचन के जरिए प्रस्तुत किए जाएंगे।

    शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि इस आयोजन का मकसद बच्चों की भाषा अभिव्यक्ति, संवाद कला और आत्मविश्वास को मजबूत करना है। जब नन्हें छात्र-छात्राएं मंच पर आकर संवाद बोलेंगे तो उनकी झिझक टूटेगी और टीमवर्क के साथ नेतृत्व क्षमता भी निखरेगी।
    रामायण का यह मंचन सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहेगा। अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय को भी इसमें जोड़ा जाएगा। माता-पिता अपने बच्चों को मंच पर अभिनय करते देखेंगे, जिससे बच्चों का उत्साह और भी बढ़ेगा। विद्यालय प्रबंधन समिति को भी कार्यक्रम को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह पहल शिक्षा विभाग के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा, संस्कृति और परंपरा को जोड़कर बच्चों के समग्र विकास और आत्मविश्वास को नई उड़ान देने की कोशिश की जा रही है।

    कार्यक्रम की रिपोर्ट जिला और खंड स्तर पर मानीटर होगी। एफएलएन कोऑर्डिनेटर औचक निरीक्षण करेंगे और स्कूलों को फोटो व वीडियो विभागीय ग्रुप पर भेजने होंगे। पिछले साल इस कार्यक्रम को शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। इस बार इसे और बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस आयोजन के बाद अगले साल यह सभी राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में आयोजित किया जा सकता है।

  • नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    सोमवार को नेपाल में Gen-G प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस हिंसक प्रदर्शन में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए। इस घटना के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को अपने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की। मंत्रालय ने नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिकों से सावधानी बरतने और हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षित रहने का आग्रह किया।

    भारत का आधिकारिक बयान और संवेदना

    विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि “हम कल से नेपाल में घटनाओं पर नजदीकी नजर रख रहे हैं और कई युवाओं की मौत से गहरा दुखी हैं। हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी देश होने के नाते आशा करता है कि सभी संबंधित पक्ष संयम बरतें और शांति एवं संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करें।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि काठमांडू और अन्य शहरों में कर्फ्यू लागू किया गया है और भारतीय नागरिकों को नेपाल सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    काठमांडू में असीमित कर्फ्यू लागू

    नेपाल की राजधानी काठमांडू में मंगलवार को असीमित कर्फ्यू लगाया गया। यह आदेश पिछले कर्फ्यू हटाए जाने के कुछ ही घंटे बाद लागू किया गया। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने राजधानी में सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू का आदेश जारी किया। यह कदम सुरक्षा बलों और युवाओं के बीच सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर हुई झड़पों के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया। कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही, किसी भी प्रकार की सभा, धरना या प्रदर्शन पर रोक रहेगी। आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य कर्मी और मीडिया कर्मियों को सुरक्षा बलों के समन्वय में कार्य करने की अनुमति होगी।

    नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाया

    नेपाल सरकार ने अपने पहले निर्णय को वापस लेते हुए देश में सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध हटा दिया। यह निर्णय Gen-G के हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया जिसमें कम से कम 19 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए। नेपाल के संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रिथ्वी सुब्बा गुरुङ ने कहा कि आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया।

    सोशल मीडिया की बहाली और भविष्य की तैयारी

    मंत्री गुरुङ ने कहा कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को सोशल मीडिया साइटों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। Gen-G ने संसद के सामने काठमांडू के केंद्र में विशाल प्रदर्शन किया था और उनके अनुरोध के अनुसार यह कदम उठाया गया। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया साइटों जैसे Facebook और X पर प्रतिबंध लगाया था क्योंकि वे नेपाल सरकार के साथ पंजीकरण नहीं करवा पाए थे। इस घटना से स्पष्ट है कि सोशल मीडिया और युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच संवेदनशील संतुलन बनाए रखना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है।