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  • हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण का नया अभियान, 592 टीमों से राज्यभर में पराली और निर्माण साइटों की निगरानी

    हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण का नया अभियान, 592 टीमों से राज्यभर में पराली और निर्माण साइटों की निगरानी

    हरियाणा सरकार ने प्रदूषण पर कड़ा नियंत्रण करने के लिए विशेष तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। इस बार केवल फरीदाबाद जिले में ही 149 टीमों को तैनात किया जाएगा, जो पराली जलाने वाले किसानों पर नजर रखेंगे। पूरे प्रभाग में लगभग 592 टीमें सक्रिय होंगी, जो करीब 3,000 किसानों की गतिविधियों पर निगरानी रखेंगी। अगर कोई किसान पराली जलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पूरे राज्य में ऐसी ही टीमें पराली जलाने वालों पर निगरानी रखती रहेंगी।

    फसल कटाई और अवशेष रिपोर्टिंग

    इन टीमों का एक महत्वपूर्ण काम फसल कटाई और बचे हुए पराली अवशेषों की रिपोर्ट तैयार करना भी है। यह रिपोर्ट जिला उपायुक्त के माध्यम से उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत की जाएगी। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा इन टीमों के गठन और नियुक्ति की जिम्मेदारी ली जाएगी। आवश्यकतानुसार ग्रेइटेड रेस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के विभिन्न चरणों में टीमों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

    हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण का नया अभियान, 592 टीमों से राज्यभर में पराली और निर्माण साइटों की निगरानी

    निर्माण स्थलों पर कड़ी निगरानी

    प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण गतिविधियां भी प्रदूषण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। अब केवल बोर्ड द्वारा अनुमोदित निर्माण स्थल ही काम कर सकेंगे। किसी भी निर्माण स्थल के मालिक के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे बोर्ड से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्राप्त करें। मौजूदा निर्माण स्थलों को भी प्रदूषण नियंत्रण मानकों को पूरा करना होगा। FMDA, नगर निगम क्षेत्रीय कार्यालय और HSVP जैसी विभागीय एजेंसियां NOC जारी करने में सहयोग करेंगी ताकि GRAP लागू होने से पहले सभी मानक पूरे हों।

    कड़ी कार्रवाई और जुर्माना

    पलवल के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के अनुसार, पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर ₹5,000 से ₹30,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा और FIR दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, ऐसे किसान अगले दो वर्षों तक MSP पर अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे। यह कदम प्रदूषण पर अंकुश लगाने और किसानों को सतर्क करने के लिए उठाया गया है।

    सहायता और हेल्पलाइन

    सरकार किसानों को पराली जलाने के बजाय आय के स्रोत में बदलने के विकल्प भी उपलब्ध कराएगी। आम जनता भी कृषि और किसान कल्याण विभाग को पराली जलाने की सूचना दे सकती है। इस उद्देश्य के लिए 01275-254060 नंबर की हेल्पलाइन जारी की गई है। इससे न केवल प्रदूषण पर नियंत्रण रहेगा बल्कि किसानों को जागरूक और समर्थ बनाने में भी मदद मिलेगी।

  • Haryana News: फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के पीएसओ करतार की सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने से दर्दनाक मौत

    Haryana News: फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के पीएसओ करतार की सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने से दर्दनाक मौत

    Haryana News: फरीदाबाद में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के पीएसओ करतार की सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने से मौत हो गई। घटना रात 11 बजे सेक्टर-तीन में हुई।

    पुलिस के अनुसार करतार अपनी सर्विस रिवॉल्वर साफ कर रहे थे तभी दुर्घटनावश गोली चल गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    Haryana News: फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के पीएसओ करतार की सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने से दर्दनाक मौत

    इससे पहले हरियाणा के मंत्री राव नरवीर सिंह की कोठी पर तैनात एक सिपाही ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। हरियाणा से जुड़े मंत्रियों की सुरक्षा में तैनात दो पुलिस कर्मचारियों की एक सप्ताह में मौत होना अपने आप में बड़ी बात है।

    फरीदाबाद में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के पीएसओ करतार की अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने के कारण मौत हो गई। यह घटना रात 11 बजे की है।

    पुलिस इसे सर्विस रिवॉल्वर साफ करते समय गोली लगना बता रही है। करतार सेक्टर-तीन 1680 मकान नंबर में किराए पर रहता था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल में रखवाया है।

  • जनसुनवाई में आए मामले को देखकर महिला आयोग हैरान  कहा, ऐसा मामला जिंदगी में पहली बार देखा

    जनसुनवाई में आए मामले को देखकर महिला आयोग हैरान कहा, ऐसा मामला जिंदगी में पहली बार देखा

    महिला आयोग के सामने बहुत से मामले आते हैं लेकिन एक ऐसा अजब मामला महिला आयोग के सामने आया है जिसमें महिला आयोग ने भी कहा कि ऐसा मामला उनके सामने पहली बार आया है। सेक्टर-12 लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई हुई। इस दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जो हैरान करने वाले थे।

    पलवल की रहने वाली एक महिला ने आयोग के सामने अपने मायके वालों पर ही गंभीर आरोप लगाए। महिला ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बड़ी बेटियों को गुड़गांव मायके भेजा था। लेकिन अब उसके मां बाप और भाई बेटियों को बंधक बना रखा है। बेटियां शादी करने लायक हो गई हैं लेकिन उनकी शादियां नहीं होने दे रहे हैं। इस आयोग की चेयरमैन ने हैरानी जताते हुए कहा कि उनके सामने ऐसा पहला मामला आया है जहां नाना नानी और मामा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। आयोग ने गुड़गांव पुलिस के जरिए बेटियों को बुलाकर पूछताछ करने और उसके बाद फैसला सुनाने की बात कही।

    जनसुनवाई में आए मामले को देखकर महिला आयोग हैरान  कहा, ऐसा मामला जिंदगी में पहली बार देखा

    इस सुनवाई के दौरान एक खास बात यह रही कि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के मामले ज्यादा सक्रिय रहे। पति-पत्नी के रिश्तों में जब इतनी कड़वाहट आ जाए कि वे एक दूसरे की शक्ल तक देखना न चाहें तो मामला महिला आयोग या कोर्ट तक पहुंच जाता है। किसी ने अपने पति पर अवैध तरीके से सेक्सुअल मेडिसन की सप्लाई करने का आरोप लगाया तो बोला की पत्नी उसकी प्रॉपर्टी पर करना चाहती है।

    हरियाणा सरकार में एसडीओ ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उनका पति सेक्सुअल मेडिसन का अवैध कारोबार करता है। वो खुद को आईटी कर्मी बताता है। उसका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर भी है। ऐसे में इनके साथ रहना संभव नहीं हैं। पिछले पांच साल से वह घर का खर्च खुद चला रही है। उधर पति ने भी पत्नी पर भी पूर्व प्रेमी के संपर्क में रहने का आरोप लगाया है।

    आयोग की चेयरमैन रेणु भाटिया ने फरीदाबाद, पलवल, भिवानी, कुरुक्षेत्र आदि जिलों की कुल 40 से अधिक शिकायतें सुनीं। इनमें ज्यादातर घरेलु हिंसा के केस रहे। दिल्ली के एक केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाने वाली शिक्षिका ने अपने सास ससुर पर आरोप लगाया कि उनके पति की मौत के बाद दोनों ने उसे घर से निकाल दिया और गहने आदि सामान हड़प लिए। पति की मौत कोविड काल में हो गई थी। उधर सास और ससुर ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्रवधू बेटे के पीएफ आदि के पैसे हड़प लिए हैं। बच्चों से मिलने तक नहीं देती। वह हर तरीके से प्रताड़ित करती रहती है। इस पर आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि दादा दादी से बच्चों को मिलने से नहीं रोका जा सकता। आयोग ने कहा कि एक संडे गुड़गांव में और एक संडे भिवानी में दादा दादी बच्चों से मिलेंगे। इसके लिए आयोग की ओर से अधिकारी लगाए जाएंगे।

    एक एचआर पति ने पत्नी पर आरोप लगाया कि उनकी शादी 17 साल पहले हुई थी। साल 2011 में बेटी पैदा हुई तो वह घर में विवाद करने लगी। उसके नाम 300 वर्ग गज का प्लाट तक करा दिया। लेकिन पत्नी और उसका पूरा परिवार उनकी पूरी प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है। पति ने बताया कि उनके मां बाप अब इस दुनिया में नहीं है। इन सबके बावजूद वह पत्नी को अपनाना चाहता है। पत्नी ने आरोप लगाया कि पति ने साजिश के तहत उनके पिता को जान से मारने की कोशिश की थी। इस मामले में राजीनामा करने के लिए पांच बीघा जमीन उनके नाम किया था। इस पर आयोग ने नाराजगी जताई और कहा कि पति का संपत्ति पर पत्नी का ही अधिकार होता है। ऐसे में समझौते का दबाव बनाकर पत्नी का अपने नाम जमीन कराना न्यायसंगत नहीं है। दोनों पक्षों को शपथ पत्र देना होगा कि उनकी संपत्ति पर अधिकार बेटे बेटियों को होगा। आयोग ने शपथ पत्र देने के बाद फैसला करने का निर्णय लिया।

  • हरियाणा में मानसून का आखिरी झोंका! 19 सितंबर तक लगातार बारिश और गर्मी से मिलेगी राहत

    हरियाणा में मानसून का आखिरी झोंका! 19 सितंबर तक लगातार बारिश और गर्मी से मिलेगी राहत

    हरियाणा में मानसून अब अपने अंतिम दौर में है। अपनी विदाई से पहले मानसून तीन दिन हरियाणा में अच्छी बारिश करेगा। जाते हुए मानसून के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने आज पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर तक लगातार बारिश होगी। 20 सितंबर से मानसून की विदाई हो सकती है। मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से 39 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। यमुनानगर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने कहा कि मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक, सियोनी, राजनंदगांव होते हुए उत्तरपूर्व बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने के कारण नमी वाली हवाएं तराई वाले क्षेत्रों की तरफ चलने से राज्य में 19 सितंबर तक बारिश की संभावना है।

    हरियाणा में मानसून का आखिरी झोंका! 19 सितंबर तक लगातार बारिश और गर्मी से मिलेगी राहत

    खीचड़ ने बताया कि 19 सितंबर तक अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत में आंशिक बादलवाई व कहीं कहीं हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पश्चिमी क्षेत्र के जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, रोहतक, झज्जर और दक्षिणी क्षेत्र के जिलों महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, पलवल में हल्की बारिश की संभावना है।

    बीती शाम को भी हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई थी। आज की बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। अभी मौसम दिन में गर्म और रात में हल्की ठंड वाला है।

    बारिश के कारण 15 दिनों से हिसार में स्टेट व नेशनल हाईवे डूबे हुए हैं। हिसार-चंडीगढ़ नैशनल हाइवे के साथ-साथ हांसी से बरवाला, हिसार से राजगढ़, हिसार से तोशाम और हिसार से भादरा रोड पर पानी भरा है इसके कारण कई गांवों के रूट डायवर्ट हो चुके हैं। प्रशासनिक टीमें लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा ले रही हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि आज हिसार जिले में बारिश की संभावना नहीं है।

  • ऊंटों पर हो रही थी हरियाणा से दिल्ली में शराब तस्करी  रात को जंगल के रास्ते करते थे दिल्ली में एंट्री, पकड़े गए

    ऊंटों पर हो रही थी हरियाणा से दिल्ली में शराब तस्करी रात को जंगल के रास्ते करते थे दिल्ली में एंट्री, पकड़े गए

    हरियाणा : पुलिस को चकमा देने के लिए शराब की तस्करी करने वाले गिरोह ने बिल्कुल अनोखा तरीका अपनाया, लेकिन वह पुलिस की नजर से बच नहीं पाया। साउथ डिस्ट्रिक्ट दिल्ली पुलिस ने इस गिरोह के 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो ऊंटों के जरिए हरियाणा से दिल्ली तक शराब की खेप लाते थे।

    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फरीदाबाद से हरियाणा में बनी शराब को जंगल के रास्तों से दिल्ली में लाता था, ताकि किसी को शक न हो। तस्कर ऊंटों का इस्तेमाल इसलिए कर रहे थे, जिससे पुलिस की चेकिंग से बचा जा सके। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से कुल 42 पेटी अवैध शराब बरामद की है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए गए 3 ऊंट भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।

    ऊंटों पर हो रही थी हरियाणा से दिल्ली में शराब तस्करी  रात को जंगल के रास्ते करते थे दिल्ली में एंट्री, पकड़े गए

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह लोग काफी समय से इस तरह शराब की तस्करी कर रहे थे। शराब को ऊंटों पर लादकर रात के समय जंगल के रास्तों से दिल्ली पहुंचाया जाता था। पुलिस का कहना है कि यह तरीका न सिर्फ नया था, बल्कि शातिर भी, क्योंकि खुले इलाके और सीमावर्ती जंगलों से गुजरना आसान नहीं होता।

    साउथ डिस्ट्रिक्ट पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया और जब तस्कर दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे, तभी उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे और कौन लोग जुड़े हुए हैं? दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

  • Haryana में नशा मुक्त हुई आधी से ज्यादा आबादी, पुलिस ने किए बड़े दावे, जानें पूरा हाल

    Haryana में नशा मुक्त हुई आधी से ज्यादा आबादी, पुलिस ने किए बड़े दावे, जानें पूरा हाल

    Haryana : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस ने नशे के खिलाफ जंग को एक आंदोलन का रूप दे दिया है। पुलिस की माने तो आधे से ज्यादा हरियाणा अब तक दशा मुक्त हो चुका है। जनवरी से अगस्त 2025 तक राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं। 4233 गांव और 910 शहरी वार्ड नशामुक्त घोषित हो चुके हैं, जबकि तस्करों की करोड़ों की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। पुलिस की सख्ती और न्यायिक प्रक्रिया की तेजी ने हरियाणा को देश में नशा उन्मूलन का मॉडल स्टेट बना दिया है।

    पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने दावा किया है कि नशा मुक्त हरियाणा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि जब प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर काम करें तो बदलाव संभव है। गांवों और वार्डों को नशामुक्त बनाने का अभियान इस बात का सबूत है कि सख्त कानून प्रवर्तन और समुदाय की सक्रियता से राज्य को नशे की जंजीरों से मुक्त कराया जा सकता है।

    Haryana में नशा मुक्त हुई आधी से ज्यादा आबादी, पुलिस ने किए बड़े दावे, जानें पूरा हाल

    उनका कहना है कि राज्य के 7354 गांवों में से 4233 गांव अब तक नशामुक्त घोषित किए जा चुके हैं। 1956 शहरी वार्डों में से 910 वार्ड इस सूची में शामिल हो चुके हैं। कुरुक्षेत्र जिले ने नशा मुक्ति अभियान में सबसे आगे रहते हुए 410 गांव नशामुक्त किए हैं, जबकि नूंह जिले में 310 और कैथल जिले में 232 गांवों को इस श्रेणी में शामिल किया। पुलिस ने सीआईडी और नारकोटिक्स कंट्रोल बयूरो की ट्रिपल लेयर सत्यापन प्रणाली लागू की है, जिससे नशामुक्त गांवों की स्थिति का निष्पक्ष आकलन हो सके।

    जनवरी से जुलाई 2025 के बीच 67 कमर्शियल क्वांटिटी मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 42 मामलों में आरोपियों को दोषी करार दिया गया। सजा दर 62.68 प्रतिशत रही। पिछले साल यह 71.53 प्रतिशत थी। जो पिछले साल की तुलना में बहुत कम है। हिसार, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और सिरसा जैसे जिलों में 100 प्रतिशत दोषसिद्धि दर्ज की गई। इस प्रकार बाकी हरियाणा में यह 50% दोषसिद्धि दर्ज की गई है।

    हरियाणा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत तस्करों पर आर्थिक प्रहार किया। इस साल अब तक 1.75 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त और फ्रीज की जा चुकी है। 32.18 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि तस्करों के अवैध धन को खत्म करना उनके नेटवर्क को कमजोर करने का सबसे कारगर तरीका है।

    पुलिस का कहना है कि जनवरी से अगस्त 2025 तक कमर्शियल मामलों में 307 एफआईआर दर्ज हुईं। 783 आरोपियों को नामजद किया गया, जिनमें से 437 मौके पर ही दबोच लिए गए। 346 गिरफ्तारियां बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक के आधार पर हुईं। पिछले साल की तुलना में मौके पर गिरफ्तारी की दर और अधिक बढ़ गई है। यह बताता है कि खुफिया तंत्र और पुलिस की त्वरित कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी हो गई है।

  • हरियाणा में डेंगू का कहर! 367 मामले और पानीपत में पहली मौत की पुष्टि, सावधानी जरूरी!

    हरियाणा में डेंगू का कहर! 367 मामले और पानीपत में पहली मौत की पुष्टि, सावधानी जरूरी!

    हरियाणा में इस साल डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 31 अगस्त 2025 तक राज्य में कुल 367 डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, पन्नीपत जिले में डेंगू से पहली मौत भी हुई है। मृतक एक बच्चा था, जो उत्तर प्रदेश के शामली जिले का निवासी था। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

    पिछले साल की तुलना में मामलों में वृद्धि

    पिछले साल 3 सितंबर 2024 तक राज्य में केवल 212 मामले दर्ज किए गए थे। इस बार 11 दिन में मामले 390 तक पहुँच गए। उस समय पंचकुला डेंगू का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया था, जहाँ 15 सितंबर 2024 तक 390 मामले दर्ज किए गए। इस साल भी प्रशासन सतर्क है और डेंगू पर काबू पाने के लिए कड़े कदम उठा रहा है।

    हरियाणा में डेंगू का कहर! 367 मामले और पानीपत में पहली मौत की पुष्टि, सावधानी जरूरी!

    प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारी

    राज्य में डेंगू से निपटने के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों की टीमें सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे जांच और उपचार के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करें। अधिकारियों के अनुसार, डेंगू फैलाने वाली एडिस मच्छर केवल 400 मीटर तक उड़ सकती है, लेकिन वाहन या लोगों के जरिए यह दूर-दराज के इलाकों तक फैल सकती है। यह मच्छर दिन और दोपहर के समय काटती है और घर के अंधेरे और ठंडे स्थानों जैसे कोनों या कारों में छिप जाती है।

    जिलेवार डेंगू के मामले

    31 अगस्त 2025 तक जिलों में डेंगू के मामले इस प्रकार हैं: रेवाड़ी-106, गुरुग्राम-51, करनाल-29, सोनीपत-25, रोहतक-23, झज्जर-15, पंचकुला-18, पन्नीपत-14, यमुनानगर-14, चरखी दादरी-9, हिसार-9, कैथल-8, फरीदाबाद-8, महेन्द्रगढ़-8, नूह-7, कुरुक्षेत्र-5, अंबाला-4, सिरसा-3, फतेहाबाद-2। रेवाड़ी और गुरुग्राम सबसे अधिक प्रभावित जिले बन चुके हैं।

    डेंगू से बचाव के उपाय

    डेंगू से बचाव के लिए पानी का ठहराव न होने दें। कूलर, गमले और अन्य पानी जमा होने वाली जगहों को नियमित रूप से साफ करें। दिन और दोपहर में मच्छरों से बचने के लिए लंबे हाथों की कपड़े पहनें। जागरूकता और सावधानी बरतने से डेंगू के संक्रमण को रोका जा सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

  • कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कैग की ताज़ा रिपोर्ट में सामने आई भारी लापरवाहियों और अनियमितताओं को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि इस रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि 64.86 लाख टन कचरा बिना निस्तारण डंप साइटों पर फेंका गया 79,967 मीट्रिक टन गेहूं खराब हुआ, और महिलाओं की योजनाओं में पुरुषों ने लाभ लिया। यह सब प्रदेश सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस ने बार-बार प्रदेश में कचरा प्रबंधन से लेकर स्मार्ट सिटी और अमृत योजना में हुए घोटालों पर जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। अब कैग की यह रिपोर्ट सरकार की कार्यप्रणाली का आईना है। कुमारी सैलजा ने विशेष रूप से कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सिरसा, रोहतक, हिसार, अंबाला, यमुनानगर जैसे शहरों में कचरा प्रबंधन और जलभराव की समस्या ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग में सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट को लेकर 2017-18 से 2021-22 का ऑडिट किया गया। इसके लिए सूबे के 18 शहरी स्थानीय निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के डॉक्यूमेंट की जांच की गई। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट की पॉलिसी और प्लानिंग में 15 महीने की देरी की गई। जांच में इसके अलावा भी कई खामियां मिलीं। 2017 से लेकर 2022 के दौरान टोटल वेस्ट 103.58 लाख टन बताया गया, जिसमें से 64.86 लाख टन अपशिष्ट (63 फीसदी) बिना किसी प्रोसैस के डंप साइटों पर फेंक दिया गया। निकाय विभाग द्वारा नगर निगम गुरुग्राम ने नवम्बर 2021 से मार्च 2022 तक प्रोजैक्ट में देरी के लिए 4.92 करोड़ रुपए की कंपनसैशन नहीं लगाया। गुरुग्राम और फरीदाबाद को तय समय पर लागू न होने के कारण 108.93 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। एन.जी.टी. ने बंधवाडी साइट पर लिगेसी वेस्ट का बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट न करने के लिए नगर निगम, गुरुग्राम पर 100 करोड़ का जुर्माना लगाया।

    कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    गेहूं खरीद से लेकर कई मामलों में मिलीं गड़बड़ियां

    गेहूं की खरीद, स्टोरेज और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई.) को डिलीवरी परफॉर्मेंस ऑडिट अप्रैल 2017 से मार्च 2022 तक 5 सालों में राज्य खरीद एजेंसियों (गेहूं के लिए) की जांच की गई। कुल 22 जिलों में से 8 जिलों की मंडियों को जांच के लिए चुना गया। जांच में पाया गया कि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं जैसे तौल कांटे, अग्निशमन व्यवस्था, किसान विश्राम गृह, कैंटीन पर्याप्त नहीं थी। कुछ मंडियों में तौल कांटे नहीं होने के कारण हैफेड द्वारा मंडियों के बाहर स्थित तौल कांटों तक गेहूं के परिवहन पर 2.93 करोड खर्च किया गया। इसके अलावा विभाग ने गेहूं की खरीद के लिए ऊंची दरों पर फंड्स की व्यवस्था की थी, जिसके कारण 222.24 करोड़ का ज्यादा ब्याज देना पड़ा। किसानों को भुगतान में देरी हुई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में गेहूं को ओपन प्लिंथ किराए पर लेकर अवैज्ञानिक तरीके से भंडारित किया गया, जिससे गेहूं का स्टॉक खराब हुआ। मंडियों में आढ़तियों को 48,12 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन दिया गया, जबकि निगम ने 46 प्रति क्विंटल कमीशन तय किया, जिससे एजेंसियों को 14.27 करोड़ नुकसान हुआ। इसके अलावा रखरखाव प्रभार को लागत शीट में शामिल न किए जाने के कारण खरीद एजेंसियों को 90.30 करोड़ का नुकसान हुआ।

    आपकी बेटी, हमारी बेटी योजना में अतिरिक्त भुगतान

    महिला एवं बाल विकास विभाग में आपकी बेटी हमारी बेटी योजना के तंत्र में स्वीकृति के लिए आवेदनों के चयन और फंड की मंजूरी की प्रक्रिया के दौरान, डबल आवेदनों को पहचानने और उन्हें हटाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण जीवन बीमा निगम को 15.54 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया। सांसद कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए तो जनता आंदोलन के लिए विवश होगी और कांग्रेस जनता के साथ खड़ी रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए।

    सांसद कुमारी सैलजा 29 अगस्त को रानियां में

    सांसद कुमारी सैलजा 29 अगस्त, 2025 को रानियां विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी, लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं जानेगी साथ ही पार्टी की नीतियों से उन्हें अवगत करवांएगी। सांसद 29 अगस्त की सुबह 10:00 बजे गांव सहुवाला प्रथम मे सुबह 11:00 बजे गांव खारियां में दोपहर 12:00 बजे गांव चक्कां में दोपहर 1: 00 बजे गांव मम्मड़ खेड़ा में दोपहर 2:00 बजे गांव ढुडियांवाली में, दोपहर 3:00 बजे जीवन नगर (पेट्रोल पम्प), शाम 4:00 बजे गांव नकौड़ा में और शाम 5:00 बजे रानियां में पहुंचेंगी।

  • हरियाणा चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई! 15 दलों के रजिस्ट्रेशन पर लटकी तलवार, 10 साल से नहीं लड़े इलेक्शन, 28 अगस्त तक डॉक्यूमेंट जमा करने के आदेश

    हरियाणा चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई! 15 दलों के रजिस्ट्रेशन पर लटकी तलवार, 10 साल से नहीं लड़े इलेक्शन, 28 अगस्त तक डॉक्यूमेंट जमा करने के आदेश

    भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा के उन राजनीतिक दलों पर सख्ती शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले 10 सालों में कोई चुनाव नहीं लड़ा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1961 के तहत इन दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी कागजात जमा करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने सभी दलों को सुनवाई का मौका देते हुए अलग-अलग तारीख और समय तय किए हैं।

    15 राजनीतिक दलों को आखिरी मौका

    हरियाणा में ऐसे 15 राजनीतिक दलों की सूची जारी की गई है। इनमें फरीदाबाद, सिरसा, हिसार, करनाल, रेवाड़ी, अंबाला, गुड़गांव, यमुनानगर, मेवात और भिवानी के दल शामिल हैं। सभी दलों को 28 अगस्त, 2025 तक आवश्यक दस्तावेज और लिखित आवेदन जमा करने के लिए कहा गया है। अगर ये दल समय पर अपना पक्ष नहीं रखते, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    हरियाणा चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई! 15 दलों के रजिस्ट्रेशन पर लटकी तलवार, 10 साल से नहीं लड़े इलेक्शन, 28 अगस्त तक डॉक्यूमेंट जमा करने के आदेश

    सुनवाई की प्रक्रिया और समय

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा ए. श्रीनिवास ने बताया कि सुनवाई 2 से 3 सितंबर, 2025 के बीच चंडीगढ़ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में होगी। प्रत्येक दल के लिए अलग-अलग तिथि और समय निर्धारित किया गया है। यह सुनवाई इन दलों को अपने पक्ष को प्रस्तुत करने का आखिरी अवसर है।

    कारण बताओं नोटिस का मकसद

    हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह कदम उन दलों को हटाने के लिए उठाया गया है, जो केवल कागजों पर मौजूद हैं और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय नहीं हैं। यह राजनीतिक दलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले 21 गैर मान्यता प्राप्त दलों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 6 ने आवश्यक कागजात जमा करवा दिए थे।

    जवाब न देने वालों की मान्यता रद्द

    जिन 15 दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें अपना राज फ्रंट झज्जर, हरियाणा स्वतंत्र पार्टी झज्जर, राष्ट्रीय बुजुर्ग शक्ति पार्टी झज्जर, भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक दल गुड़गांव, भारतीय जनहित विकास पार्टी गुड़गांव, गुड़गांव रेजिडेंट पार्टी गुड़गांव, हिन्द समदर्शी पार्टी गुड़गांव, कर्मा पार्टी गुड़गांव, मेरा गांव मेरा देश पार्टी गुड़गांव, नेशनल जनहित कांग्रेस (AB) गुड़गांव, समरस समाज पार्टी गुड़गांव, टोटल विकास पार्टी गुड़गांव, जनता उदय पार्टी फरीदाबाद, बेरोजगार आदमी अधिकार पार्टी फरीदाबाद, राष्ट्रीय आर्य राज सभा रोहतक, सेवा दल रोहतक, लोक परिवर्तन पार्टी (डीसी) पानीपत, हरियाणा जनरक्षक दल सोनीपत, हरियाणा कान्ति दल कुरुक्षेत्र, राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी करनाल और सुशासन पार्टी भिवानी शामिल हैं। यदि ये दल अपना जवाब नहीं देंगे, तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

  • उफान पर सोम नदी और यमुना! यमुनानगर और फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, फरीदाबाद के 50 गांवों में करवाई गई मुनादी

    उफान पर सोम नदी और यमुना! यमुनानगर और फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, फरीदाबाद के 50 गांवों में करवाई गई मुनादी

    हिमाचल व हरियाणा में हो रही भारी वर्षा से नदियां उफान पर हैं। एक तरफ हथिनी कुंड बैराज में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, वहीं सोम नदी उफान पर है, जिसके चलते सोम नदी के इलाके में कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इधर यमुना में उफान के चलते दिल्ली से फरीदाबाद तक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

    सोम नदी की क्षमता हालांकि 10000 क्यूसेक की है, लेकिन उसमें 23000 क्यूसेक से अधिक कृषि पानी बह रहा है। जो आने वाले कुछ समय में विभिन्न गांवों को प्रभावित करेगा। हिमाचल प्रदेश के इलाके से धनौरा में मैदानी इलाके में सोम नदी उतरती है। इसी के चलते हरियाणा के रणजीतपुर को हिमाचल से जोड़ने वाले पुल पर नदी का पानी बह रहा है। जिससे स्थानीय लोगों को पुल बहने का खतरा सता रहा है। इससे यमुनानगर के कई गांव प्रभावित हो सकते है।

    यमुना में उफान ने दिल्ली से फरीदाबाद तक टेंशन बढ़ाने का काम किया है। कई इलाकों के घरों में पानी घुस गया है। यमुना नदी में आए उफान ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे 42 से 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना एक बार फिर से उफान पर है। वहीं, फरीदाबाद में यमुना का पानी निचले इलाके में स्थित घरों में घुस गया है।

     उफान पर सोम नदी और यमुना! यमुनानगर और फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, फरीदाबाद के 50 गांवों में करवाई गई मुनादी

    सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह 6 बजे हथिनीकुंड बैराज से 42,000 और शाम छह बजे 45,736 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। सूर घाट सहित कई जगहों पर पानी भर गया है। यमुना बाजार, मजनूं का टीला सहित निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया।

    आईटीओ, ओखला, किशनकुंज, मजनू का टीला, लोहा पुल, सोनिया विहार सहित 14 स्थानों पर बोट के साथ टीमें तैनात की गई हैं। जानकारों के अनुसार, एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए अफसर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से फरीदाबाद में बसंतपुर इलाके के कई घरों में शनिवार दोपहर पानी घुस गया। लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही सभी से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की गई। बिजली निगम भी सुरक्षा के लिहाजा से क्षेत्र की बिजली काट दी है।

    घरों में पानी घुसने से सबसे अधिक दिक्कत यमुना के तलहटी में स्थित शिव एंक्लेव पार्ट तीन, अटल कॉलोनी में रह रहे लोगों को हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार को अधिकांश जन्माष्टमी की तैयारी करने में जुटे थे। इस दौरान देखा कि यमुना का जलस्तर बढ़कर कुछ ही देर में कई घरों तक पहुंच गया।

    लोगों ने तुरंत डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पल्ला, नवीन नगर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके अलावा जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रेां में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बताया जा रहा है कि इसके चलते हथिनीकुंड बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना में पानी का स्तर 50 हजार क्यूसेक से अधिक हो गया। इससे आसपास के इलाकों में घुस गया।

    जिस तरह से पहाड़ों पर बारिश हो रही है, इससे यमुना के जलस्तर में लगातार इजाफा होने की आशंका है। इससे बसंतपुर, ददसिया, किडावली, लालपुर, मौजमाबाद, भस्कोला, महावतपुर,अमीपुर, सिधोला, चिरसी, कबूलपुर पट्टी महताब, कबूलपुर पट्टी, परवरीश गांव आदि स्थानों में बाढ़ आने की आशंका है। डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि जानकारी के अनुसार बसंतपुर और इस्माइलपुर के आवासीय क्षेत्र तथा किडावली और लालपुर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। बसंतपुर-इस्माइलपुर में एक फीट तक पानी है। जबकि 50 घरों में जलस्तर अधिक है।

    पल्ला-ईस्माइलपुर रोड बसंतपुर गांव और पुस्ता को जोड़ता है। इस मार्ग के दोनों ओर एक दर्जन के आसपास कॉलोनियों व गांव बसे हैं। अगवानपुर, बसंतपुर गांव के अलावा कई नई-नई कॉलोनियां बसी हैं। यहां की आबादी एक लाख के आसपास है। साल-2023 में यमुना से लिंक नाले-सीवर का पानी बैक मारकर पुस्ता पार कई इलाकों में पहुंच गया था। पुस्ता के आसपास बसे ईस्माइलपुर, शिव एंक्लेव, पंचशील एंक्लेव,ज्ञान मंदिर रोड, नवीन नगर, जगमाल एंक्लेव, रोशन नगर आदि में खतरा है।