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  • प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    हरियाणा की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। कांग्रेस के पूर्व नेता और जींद विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार रह चुके प्रदीप गिल, जो लंबे समय तक INLD में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे, आज अपनी मूल पार्टी में वापसी कर रहे हैं। यह “घर वापसी” रोहतक की नई अनाज मंडी में ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती समारोह के दौरान हुई।

    प्रदीप गिल की वापसी से इनैलो को जींद और रोहतक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। हरियाणा में 2029 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर यह आयोजन एक सियासी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। रोहतक, जो हमेशा से जाट और किसान वोट बैंक का गढ़ रहा है, में इनैलो का यह कदम कांग्रेस और बीजेपी के लिए चुनौती पेश कर सकता है।

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने इनैलो में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक काम किया और किसान-केंद्रित मुद्दों को युवाओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जींद सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकी। हालांकि, वे जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता ने उन्हें चर्चा में रखा। अब उनकी INLD में वापसी को पार्टी की रणनीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है।

    प्रदीप गिल को राजनीति में ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जाता है जो राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी नहीं बदलता है। जब हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार थी तब प्रदीप गिल की पत्नी अनीता गिल जिला परिषद की सदस्य बनी थी। हरियाणा में कांग्रेस सरकार ने जिला परिषद में अपना अध्यक्ष बनने के लिए पार्षदों को अपने पक्ष में कर रही थी। तब प्रदीप गिल को प्रदेश सरकार ने बड़े राजनीतिक पद का ऑफर भी किया था लेकिन प्रदीप गिल ने उसे स्वीकार नहीं किया था। जब तक उनकी पत्नी जिला पार्षद रही तब तक वह इनेलो में ही बने रहे। बाद में वह कांग्रेस में गए और टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 8000 वोट हासिल किए।

    हाल ही में रोहतक से बलवान सिंह सुहाग (पूर्व जजपा उपाध्यक्ष) और उनके परिवार की इनैलो में वापसी के बाद प्रदीप गिल का यह कदम पार्टी के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। जिस रास्ते पर इस समय इनेलो चल रही है, उसे हरियाणा की राजनीति में आने वाले समय में बड़ी हलचल देखने को मिलेगी।

  • अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन आज राज्य के किसान भाजपा की नीतियों से नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यवासियों के सामने असली सच्चाई 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली विशाल रैली में सामने आएगी।

    लैडपुर में रैली का आमंत्रण

    अभय चौटाला झज्जर के लैडपुर गांव पहुंचे और वहां रैली में शामिल होने के लिए लोगों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती के अवसर पर आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखे हमले किए और कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने किसानों के अधिकारों का हनन किया है और उनकी जमीन और संसाधनों पर कब्जा किया।

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    कांग्रेस और भाजपा पर निशाना

    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही है और अब भी इसका असर हरियाणा की राजनीति में देखने को मिलता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता में आते ही किसानों की अनदेखी की और उनकी समस्याओं को हल करने में कोई कदम नहीं उठाया। चौटाला ने कहा कि यह रैली किसानों के लिए एक मजबूत संदेश होगी और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक करेगी।

    किसानों और ग्रामीणों से अपील

    उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि वे रैली में ऐतिहासिक संख्या में पहुंचें। चौटाला ने कहा कि यह रैली हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। उनका कहना है कि रैली के माध्यम से जनता को यह संदेश मिलेगा कि सत्ता में बैठे लोग उनके हितों के प्रति कितने गंभीर हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

    हरियाणा की राजनीति में संभावित बदलाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली के बाद हरियाणा की राजनीति में बदलाव की संभावना है। किसान और ग्रामीण जनता अपनी असंतोषजनक भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। अभय सिंह चौटाला की अपील और रैली का व्यापक प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। यह रैली न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करेगी बल्कि हरियाणा की राजनीति में नई बहस और विमर्श को भी जन्म देगी।

  • हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 22 अगस्त से दोपहर दो बजे शुरू! हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 22 अगस्त से दोपहर दो बजे शुरू

    हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 22 अगस्त से दोपहर दो बजे शुरू! हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 22 अगस्त से दोपहर दो बजे शुरू

    हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र इस साल 22 अगस्त को दोपहर दो बजे से शुरू होगा। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने सत्र आयोजित करने की मंजूरी दे दी है। आम तौर पर विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होती थी, लेकिन इस बार समय बदलकर दोपहर कर दिया गया है। शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा।

    नेता प्रतिपक्ष का पद खाली

    सत्र की तैयारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस अब तक नेता प्रतिपक्ष तय नहीं कर पाई है। वर्तमान विधानसभा के गठन से अब तक कोई नेता प्रतिपक्ष नियुक्त नहीं हुआ। बजट सत्र भी विपक्ष बिना नेता के ही समाप्त हुआ था। इस स्थिति में सरकार को राजनीतिक तौर पर थोड़ी राहत मिल सकती है।

    हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 22 अगस्त से दोपहर दो बजे शुरू! हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 22 अगस्त से दोपहर दो बजे शुरू

    कांग्रेस की रणनीति और दबाव

    सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सत्र शुरू होने से पहले विधायक दल के नेता की घोषणा कर सकती है। कांग्रेस के पास नेता प्रतिपक्ष चुनने के लिए केवल दो दिन का समय बचा है। उम्मीद है कि आज देर रात या कल कांग्रेस अपने नेता प्रतिपक्ष का ऐलान कर सकती है। इस घोषणा से विपक्ष की ताकत बढ़ सकती है।

    सत्र की तैयारियां और मुद्दे

    विधानसभा सचिवालय ने विधायकों के सवालों के जवाब संबंधित विभागों से मंगवा लिए हैं। सरकार ने पहले ही विभागों से रिपोर्ट और जवाब तलब कर लिए हैं। इस सत्र में सरकार और विपक्ष आमने-सामने होंगे। कांग्रेस कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्या, बरसात से हुए नुकसान और एसवाईएल नहर जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।