हरियाणा के फरीदाबाद और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ओखला बैराज से शनिवार रात को 50,273 क्यूसेक पानी फरीदाबाद की सीमा में छोड़ा गया। जलस्तर बढ़ने से बसंतपुर क्षेत्र की आबादी में जलभराव हो गया है। यह आबादी यमुना के तल में बसी हुई है और इसी वजह से पानी तेजी से जमा हो रहा है।
फरीदाबाद के गांवों में सतर्कता, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
यमुना के किनारे बसे गांवों में पंचायत सचिव और पटवारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। गांवों में मुनादी कर दी गई है और पुलिस भी चौकस है। सभी सरपंचों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीणों को बच्चों और पशुओं को यमुना के किनारे न ले जाने की हिदायत दें। सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी अरविंद शर्मा का कहना है कि पीछे हथनी कुंड बैराज में ज्यादा पानी नहीं है, इसलिए जलस्तर जल्द घटना शुरू हो जाएगा।

दिल्ली में जलस्तर खतरे के निशान के करीब
दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर शनिवार सुबह लगभग 205.22 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से केवल कुछ ही कम है। अधिकारियों का कहना है कि दो बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यमुना के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो कई इलाकों में जलभराव और परेशानी बढ़ सकती है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने उठाए एहतियाती कदम
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार हर घंटे हथिनीकुंड बैराज से 38,897 क्यूसेक और वजीराबाद बैराज से 45,620 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। शहर के लिए चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचते ही निचले इलाकों से लोगों की सुरक्षित निकासी शुरू कर दी जाएगी।
आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण, लोग रहें सतर्क
बराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे का समय लेता है। ऐसे में आने वाले एक-दो दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने और सतर्कता बरतने को कहा है। लोग यमुना के किनारे रहने वाले इलाकों में सुरक्षा और बचाव के उपाय अपनाएं।
