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  • कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा सहित देशभर की करोड़ों महिलाओं के साथ भाजपा सरकार बार-बार छलावा कर रही है। अब लाड़ो लक्ष्मी योजना और 2100 रुपये देने का जो शोर मचाया जा रहा है, वह भी जनता को गुमराह करने का एक और चुनावी हथकंडा है। योजना में आय सीमा रखकर अधिकतर गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने की बात करता है, लेकिन हकीकत में योजना इतनी शर्तों से बंधी है कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। योजना में आय सीमा रखकर अधिकांश गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है।

    कुमारी शैलजा का आरोप, भाजपा की 2100 रुपये की घोषणा सिर्फ चुनावी जुमला, महिलाओं के साथ छलावा

    केवल कुछ गिनी-चुनी महिलाएं ही इसका लाभ ले पाएंगी, जबकि संकल्प पत्र में सभी महिलाओं को लाभ देने की बात कही गई थी। महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण और सम्मान की जगह मात्र चुनावी लालच देकर गुमराह किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए ठोस और दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, न कि केवल चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए ऐसी घोषणाएं की जाए।

    कुमारी शैलजा ने कहा है कि इस योजना लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके परिवार की आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आय का निर्धारण परिवार पहचान पत्र के आधार पर किया जाएगा। कुमारी शैलजा ने कहा कि इस योजना के तहत आयु सीमा दूसरे राज्यों की अपेक्षा हरियाणा में कम रखी है। दूसरे राज्य में यह आय सीमा 1.20 लाख रुपपे से 2.50 रुपये तक रखी गई है। सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार से पूछा है कि जब उनका संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने का था, तो फिर आय सीमा की शर्त क्यों लगाई गई? क्या भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है या केवल चुनावी राजनीति करना चाहती है? क्या महिलाओं की गरिमा और अधिकार महज 2100 रुपये से खरीदे जा सकते हैं? सांसद ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए नीतियां बनाईं और जमीन पर उतारी हैं। आने वाले समय में कांग्रेस महिलाओं को उनका वास्तविक हक और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है। 

  • Flood-Affected States: बाढ़ से तबाही! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक दौरा, सेना राहत और बचाव में जुटी!

    Flood-Affected States: बाढ़ से तबाही! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक दौरा, सेना राहत और बचाव में जुटी!

    Flood-Affected States: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और नदियों के उफान ने स्थिति और भयावह बना दी है। पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सेना की टीमें राज्य सरकारों के साथ जुटी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे और वहां की स्थिति का जायजा लेंगे। उनकी यात्रा से राहत और बचाव कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

    पंजाब में तबाही का दृश्य

    सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब में हुआ है। यहां स्थिति भयावह है। अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 1,900 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अनुमान है कि करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पंजाब में 25 वर्षों का सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड टूट गया है, जिससे फसलें भी भारी नुकसान झेल रही हैं। अमृतसर, कपूरथला, फरीदकोट, संगरूर और होशियारपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने 159 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इन क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

    Flood-Affected States: बाढ़ से तबाही! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक दौरा, सेना राहत और बचाव में जुटी!

    दिल्ली-एनसीआर में यमुना का प्रकोप

    राजधानी दिल्ली भी बाढ़ से अछूती नहीं रही। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रहा है। सामान्य खतरे का स्तर 205 मीटर है जबकि नदी का जलस्तर 207 मीटर तक पहुंच गया है। इस वजह से मयूर विहार, अक्षरधाम और आसपास के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। मंदिरों, बाजारों और सड़कों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई है। लगभग 20 हजार लोगों को अपने घर छोड़कर अस्थायी शिविरों में जाना पड़ा। सरकार ने इन शिविरों में भोजन और चिकित्सकीय सुविधाओं की व्यवस्था की है।

    राहत कार्य और प्रशासन की कोशिशें

    NDRF और सेना की टीमें लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के पानी से हजारों हेक्टेयर फसलें नष्ट हो गई हैं और कई गांवों में जलभराव है। केंद्रीय सरकार लगातार राज्यों के संपर्क में है और अतिरिक्त मदद भेज रही है।

    प्रधानमंत्री मोदी का दौरा और अपेक्षाएँ

    प्रधानमंत्री मोदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे से प्रभावित लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। उनकी यात्रा से न केवल लोगों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि राहत और पुनर्वास कार्यों में भी तेजी आएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरे से प्रशासनिक स्तर पर फैसले तेजी से लिए जाएंगे और प्रभावित लोगों के लिए दीर्घकालिक राहत योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।

  • Haryana का बड़ा कदम! पड़ोसी धर्म निभाते हुए जम्मू-कश्मीर और पंजाब को 5-5 करोड़ की मदद

    Haryana का बड़ा कदम! पड़ोसी धर्म निभाते हुए जम्मू-कश्मीर और पंजाब को 5-5 करोड़ की मदद

    Haryana सरकार पड़ोसी राज्यों में बाढ़ से हुए नुकसान और बाढ़ की स्थिति में उनके साथ खड़ी है। प्रदेश सरकार ने जम्मू कश्मीर एवं पंजाब को पांच-पांच करोड रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एवं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर कहा है कि भारी वर्षा से उत्पन्न हुई कठिन परिस्थितियों में हरियाणा सरकार एवं प्रदेश की जनता पूरी संवेदना से लोगों को शीघ्र अति शीघ्र सरकारी सहायता पहुंचाने के आपके प्रयासों के साथ खड़ी है।

    Haryana का बड़ा कदम! पड़ोसी धर्म निभाते हुए जम्मू-कश्मीर और पंजाब को 5-5 करोड़ की मदद

    उन्होंने पत्र में कहा कि संकट की इस घड़ी में हरियाणा मुख्यमंत्री रात को से 5 करोड़ रुपए की राहत राशि उन्हें भिजवाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर फिर भी किसी भी तरह की राहत सामग्री यह सहायता की आवश्यकता हो तो आपके मुख्य सचिव हमारे मुख्य सचिव को निसंकोच बता दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश की ओर से तुरंत ऐसी तमाम राहत सामग्री आपके यहां भिजवा दी जाएगी।

    प्रदेश सरकार ने दोनों राज्यों को आज पांच-पांच करोड रुपए की आरटीजीएस के माध्यम से राहत राशि भेजने का काम किया है।

    हालांकि हरियाणा में भी वर्तमान में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है लेकिन यह अभी काफी नियंत्रण में है। हरियाणा में अब तक के आंकड़ों के अनुसार 5000 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान है लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा पड़ोसी राज्यों पर आए संकट में उनके साथ खड़े होने से यह बात साबित हो गई है कि हरियाणा संकट के समय में पड़ोसियों की मदद करने से पीछे नहीं हटेगा। यह मदद इस बात का भी सूचक है कि हरियाणा की सरकार पड़ोसी धर्म निभाने का में सबसे आगे खड़ी है।

  • RCB: 17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    RCB: 17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न 17 साल बाद जबरदस्त अंदाज में मनाया जा रहा था, लेकिन यह खुशी महज एक दिन में मातम में बदल गई। 3 जून 2025 को अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को हराकर RCB ने पहला IPL खिताब अपने नाम किया, लेकिन 4 जून को बेंगलुरु में हुए विजय जुलूस के दौरान भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद RCB लंबे समय तक चुप रही, लेकिन अब तीन महीने बाद टीम ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया। RCB ने लिखा – “हमारी खामोशी गैरमौजूदगी नहीं थी, बल्कि गम था। 3 जून ने हमें खुशी दी, लेकिन 4 जून ने सब बदल दिया। तब से हम सिर्फ शोक में थे, सुन रहे थे और सीख रहे थे।”

    17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    टीम ने आगे लिखा कि यही वजह है कि RCB CARES की शुरुआत हुई। इसका मकसद है फैंस के साथ खड़ा रहना, उन्हें सिर्फ जीत की खुशी नहीं बल्कि मुश्किल वक्त में भी सहारा देना। RCB ने कहा कि “अब हम फैंस के साथ सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि देखभाल और जुड़ाव का रिश्ता कायम करेंगे। यही हमारी असली पहचान बनेगी।”

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    RCB ने हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी। वहीं, कर्नाटक सरकार ने जुलाई में RCB पर मुकदमा चलाने की अनुमति भी दी थी। हालांकि, अब टीम का कहना है कि वह इस दर्द को कभी नहीं भूलेगी और इसे ही नई ताकत और जिम्मेदारी में बदलेगी।

    यह हादसा सिर्फ IPL के इतिहास में ही नहीं, बल्कि बेंगलुरु शहर के लिए भी एक काला दिन बन गया। जहां एक ओर 17 साल का इंतजार खत्म होने की खुशी थी, वहीं अगले ही दिन परिवार अपने अपनों को खोकर बेसहारा हो गए। अब देखना होगा कि RCB CARES के जरिए टीम फैंस का विश्वास और दिल फिर से जीत पाती है या नहीं।