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  • फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सैनी को भेजी गई शिकायत के बाद की गई। शिकायत में कहा गया कि काजल देशवाल ने वार्ड-13 से चुनाव लड़ने के लिए बीसी-ए जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनाया था।

    BJP नेता की शिकायत पर जांच शुरू

    BJP नेता प्रदीप कुमार शर्मा ने शिकायत की थी कि काजल देशवाल ने वार्ड-13 से चुनाव जीतने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया और ज्योति शर्मा को हटाकर अध्यक्ष बनी। इस वार्ड को पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित किया गया था। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने के बाद जून 2025 में उन्हें पद से हटाया गया।

    फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर बड़ी कार्रवाई! पानीपत जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

    जांच अधिकारियों ने दी जानकारी

    ADC पंकज यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ACS से पत्र मिला जिसमें काजल की जाति पर संदेह जताया गया। इसके बाद DC ने जांच अधिकारी नियुक्त किया और DM से रिकॉर्ड प्राप्त कर पूरी रिपोर्ट ACS को सौंपी। DSP सतीश वत्स ने बताया कि मामले की जांच पहले से चल रही थी और अब आरोप साबित होने के बाद FIR दर्ज की गई है।

    अध्यक्ष पद पर अस्थिरता

    पिछले तीन सालों में पानीपत जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर दो बार बदलाव हुआ। पहली बार ज्योति शर्मा को BJP के समर्थन से अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन विरोध शुरू होने के बाद उन्हें मार्च 2024 में पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद जून 2024 में काजल देशवाल ने अध्यक्ष पद संभाला। हालांकि, उनका पद एक साल बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र साबित होने पर खाली हो गया।

    BJP सदस्य बनने के बाद विवाद

    काजल देशवाल ने अध्यक्ष बनने के बाद BJP का दामन थामा और राज्य अध्यक्ष मोहन लाल बरोली के निर्देशों पर काम करने की बात कही। उनके फर्जी प्रमाण पत्र का खुलासा होने के बाद अब अध्यक्ष पद रिक्त है और जिला परिषद में राजनीतिक हलचल जारी है।

  • Haryana Crime: जींद में फर्जी नौकरी का झांसा देकर 10 लाख की ठगी, कंप्यूटर सेंटर संचालिका पर केस दर्ज

    Haryana Crime: जींद में फर्जी नौकरी का झांसा देकर 10 लाख की ठगी, कंप्यूटर सेंटर संचालिका पर केस दर्ज

    Haryana Crime: जींद जिले के अलेवा क्षेत्र में एक महिला द्वारा चार युवाओं को नौकरी दिलवाने के नाम पर 10 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित रणबीर नाम के व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी महिला रीतू ने सरकारी विभागों में नौकरी का झांसा देकर न केवल बड़ी रकम ऐंठी बल्कि फर्जी ज्वाइनिंग लैटर और आईडी थमा दिए।

    ऐसे फंसा रीतू के झांसे में

    रणबीर ने बताया कि आरोपी रीतू अलीपुरा गांव की रहने वाली है और उचाना में बालाजी कंप्यूटर सेंटर चलाती है। रीतू ने उसे कहा कि अगर उसके जान-पहचान के लोग हों तो वह उन्हें दिल्ली के एग्रीकल्चर और इनकम टैक्स विभाग में नौकरी दिलवा सकती है। रणबीर ने अपनी पहचान के चार युवाओं को इस झांसे में डलवा दिया और कुल 14 लाख की मांग पर 10 लाख रुपए अलग-अलग किस्तों में रीतू को दे दिए।

    Haryana Crime: जींद में फर्जी नौकरी का झांसा देकर 10 लाख की ठगी, कंप्यूटर सेंटर संचालिका पर केस दर्ज

    नकली ज्वाइनिंग लैटर और आईडी

    रीतू ने दस्तावेज लेने के बाद फर्जी ज्वाइनिंग लैटर और पहचान पत्र बनाकर पीड़ितों को सौंप दिए। जैसे ही युवक दिल्ली में बताए गए पते पर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो उन्हें पता चला कि दिए गए कागज फर्जी हैं और वहां किसी भी तरह की नियुक्ति नहीं हुई है। इसी के साथ पीड़ितों को समझ आ गया कि उनके साथ बड़ा धोखा हो गया है।

    चेक भी बाउंस और धमकी भी

    जब रणबीर ने रीतू पर पैसे लौटाने का दबाव बनाया तो गांव में पंचायती समझौता हुआ जिसमें रीतू ने 9 लाख 40 हजार के चेक दिए लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए। इतना ही नहीं रीतू ने पीड़ित को धमकियां देना शुरू कर दिया। अब तक पीड़ित को सिर्फ करीब 2 लाख रुपए ही वापस मिल पाए हैं जबकि 10 लाख से ज्यादा की रकम अब भी नहीं लौटी है।

    पुलिस ने दर्ज किया केस

    अलेवा थाना पुलिस ने रीतू के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि नौकरी के नाम पर ठगी के गिरोह कैसे भोले-भाले लोगों को फंसा रहे हैं।

  • Jind: परीक्षा में चीटिंग के मामले में जींद अव्वल! जींद के युवक ने बनवाया फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट

    Jind: परीक्षा में चीटिंग के मामले में जींद अव्वल! जींद के युवक ने बनवाया फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट

    Jind। एक कहावत है जींद और नींद में कुछ भी हो सकता है। यह कहावत यूं ही नहीं बनी। जींद के लोग या यूं कहें कि जींद के युवा परीक्षा में चीटिंग करने में सबसे आगे खड़े दिखाई देते हैं। सीईटी एग्जाम में प्रदेश में तीन मामले दर्ज हुए हैं और तीनों ही मामलों में जींद के युवा शामिल हैं। इससे पहले यहां तक की इसरो की परीक्षा में भी चीटिंग करने के मामले में जींद चर्चा में रह चुका है।

    अलेवा थाना पुलिस ने राजकीय महाविद्यालय अलेवा में सीईटी एग्जाम के लिए बने केंद्र नंबर 20020 की अधीक्षक सुनीता दुग्गल ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में कहा है कि बितानी गांव के जितेंद्र ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाकर पॉलिटेक्निक पास ला की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट को पेपर देने के लिए सहायता के लिए लाने का काम किया। इस मामले में खास बात यह है कि जींद जिले के बिटानी गांव के जितेंद्र ने अपना पता झांसी का देकर वहां से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने का काम किया है, जबकि वह मूल रूप से जींद जिले का रहने वाला है।

    Jind: परीक्षा में चीटिंग के मामले में जींद अव्वल! जींद के युवक ने बनवाया फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट

    इस मामले का खुलासा उसे समय हुआ जब जितेंद्र उत्तर पश्चिम दिल्ली के बेगमपुर निवासी प्रकाश को लेकर पहुंचा। जितेंद्र के पास दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र था लेकिन जितेंद्र दिव्यांग नजर नहीं आ रहा था। शक होने पर सेंटर सुपरीटेंडेंट ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने इनके खिलाफ हरियाणा सार्वजनिक परीक्षा एक्ट और विभिन्न बीएनएस की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।

    दूसरा मामला कैथल जिले का है। कैथल के जींद रोड स्थित सनशाइन स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक युवक को दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि असली अभ्यर्थी अमित निवासी बड़ौदी (जिला जींद) की जगह उसका दोस्त मंजीत, निवासी बड़ौदी ही, परीक्षा देने पहुंचा था। मंजीत ने स्वीकार किया कि वह मित्रता के नाते अमित की जगह परीक्षा देने आया था।

    परीक्षा केंद्र अधीक्षक एसके मूसा कलीमुल्ला, जो वर्तमान में सनशाइन पब्लिक स्कूल में क्षेत्रीय अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, ने इस संबंध में थाना तितरम पुलिस को शिकायत सौंपी। पुलिस ने केस दर्ज कर जींद के बड़ौदी निवासी मंजीत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना तितरम के एएसआई रोहताश की टीम ने मौके से ही उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अमित के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है और अमित की तलाश कर रही है।

    तीसरा मामला करनाल के आर.एस. पब्लिक स्कूल में जींद वासी भगत सिंह की जगह जींद का ही राकेश परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कमाल की बात यह है कि जो तीन मामले सामने आए हैं। यह तीनों ही जींद के हैं। तीन मामलों में छह लोग आरोपी हैं उनमें से 5 युवक जींद के हैं।