हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को दोपहर दो बजे से शुरू होगा। सत्र को लेकर विस सचिवालय की ओर से सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। सत्र में तीन ही सीटिंग होने की उम्मीद है। छोटा होने के बाद भी यह सत्र काफी प्रभावी और हंगामेदार रहने के आसार हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सदन में बड़ा गतिरोध देखने को मिल सकता है। प्रमुख विपक्षी दल – कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर ‘काम रोको प्रस्ताव’ दिया जा चुका है। अब गेंद स्पीकर हरविन्द्र कल्याण के पाले में है कि वे सदन के सभी काम रोककर इस प्रस्ताव को मंजूर करते हुए चर्चा करवाते हैं या नहीं।
माना जा रहा है कि कांग्रेस हर हाल में काम रोको प्रस्ताव को मंजूर करवाने की कोशिश करेगी। ऐसे में इसी मुद्दे पर ही सदन में गरमा-गरमी होनी लगभग तय है। भिवानी की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत के अलावा व्यापारियों को फिरौती, जनप्रतिनिधियों को धमकियों के अलावा आम लोगों के साथ बढ़ी क्राइम की घटनाओं पर विपक्ष, सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

वहीं दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने भी विपक्ष के हर हमले से निपटने की प्लानिंग बना ली है। सत्र को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार की शाम छह बजे मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा विधायक दल की अहम बैठक होगी। इस बैठक में तय होगा कि विपक्ष से कैसे निपटना है। मानसून सत्र का अधिकारिक कार्यक्रम तय करने के लिए शुक्रवार को सुबह 11 बजे स्पीकर हरविन्द्र कल्याण की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक होगी।
मानसून सत्र में उठाए जाने वाले सवालों के जवाब को लेकर भी मुख्यमंत्री ने मीटिंग बुला ली है। बैठक शुक्रवार को 12 बजे विधानसभा के कमेटी हॉल में होगी। इस बैठक में उन सभी प्रश्नों पर चर्चा होगी, जो शुक्रवार के प्रश्नकाल में लगाए गए हैं। मानसून सत्र की शुरूआत से पहले मुख्यमंत्री रोजाना ही मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे ताकि उनमें प्रश्नों के साथ-साथ दूसरे प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सके। कई बार ऐसा होता है कि प्रश्नों के जरिये विधायकों द्वारा उठाई जाने वाली मांगों को लेकर इसी बैठक के दौरान मंजूरी भी दी जाती है।
साइबर सिटी गुरुग्राम में इस मानसून में भी जलभराव की वजह से बुरा हाल हुआ। कई-कई घंटे के जाम के साथ-साथ लोगों के वाहनों व निजी प्रॉपर्टी का पानी की वजह से नुकसान हुआ। यही नहीं, इस बार बारिश की वजह से प्रदेश के अन्य शहरों में भी जलभराव की समस्या देखने को मिली। किसानों के खेतों में जलभराव से फसलों के खराबे का मुद्दा भी विपक्ष उठा सकता है। विधानसभा में विनेश फौगाट अधिकारियों की मनमानी का मामला उठाने वाली हैं।


