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  • हरियाणा मानसून सत्र में होंगी सिर्फ तीन बैठकें, कांग्रेस ने दिया काम रोको प्रस्ताव का नोटिस, गेंद अब अध्यक्ष के पाले में

    हरियाणा मानसून सत्र में होंगी सिर्फ तीन बैठकें, कांग्रेस ने दिया काम रोको प्रस्ताव का नोटिस, गेंद अब अध्यक्ष के पाले में

    हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को दोपहर दो बजे से शुरू होगा। सत्र को लेकर विस सचिवालय की ओर से सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। सत्र में तीन ही सीटिंग होने की उम्मीद है। छोटा होने के बाद भी यह सत्र काफी प्रभावी और हंगामेदार रहने के आसार हैं। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सदन में बड़ा गतिरोध देखने को मिल सकता है। प्रमुख विपक्षी दल – कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर ‘काम रोको प्रस्ताव’ दिया जा चुका है। अब गेंद स्पीकर हरविन्द्र कल्याण के पाले में है कि वे सदन के सभी काम रोककर इस प्रस्ताव को मंजूर करते हुए चर्चा करवाते हैं या नहीं।

    माना जा रहा है कि कांग्रेस हर हाल में काम रोको प्रस्ताव को मंजूर करवाने की कोशिश करेगी। ऐसे में इसी मुद्दे पर ही सदन में गरमा-गरमी होनी लगभग तय है। भिवानी की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत के अलावा व्यापारियों को फिरौती, जनप्रतिनिधियों को धमकियों के अलावा आम लोगों के साथ बढ़ी क्राइम की घटनाओं पर विपक्ष, सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

    हरियाणा मानसून सत्र में होंगी सिर्फ तीन बैठकें, कांग्रेस ने दिया काम रोको प्रस्ताव का नोटिस, गेंद अब अध्यक्ष के पाले में

    वहीं दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने भी विपक्ष के हर हमले से निपटने की प्लानिंग बना ली है। सत्र को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार की शाम छह बजे मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा विधायक दल की अहम बैठक होगी। इस बैठक में तय होगा कि विपक्ष से कैसे निपटना है। मानसून सत्र का अधिकारिक कार्यक्रम तय करने के लिए शुक्रवार को सुबह 11 बजे स्पीकर हरविन्द्र कल्याण की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक होगी।

    मानसून सत्र में उठाए जाने वाले सवालों के जवाब को लेकर भी मुख्यमंत्री ने मीटिंग बुला ली है। बैठक शुक्रवार को 12 बजे विधानसभा के कमेटी हॉल में होगी। इस बैठक में उन सभी प्रश्नों पर चर्चा होगी, जो शुक्रवार के प्रश्नकाल में लगाए गए हैं। मानसून सत्र की शुरूआत से पहले मुख्यमंत्री रोजाना ही मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे ताकि उनमें प्रश्नों के साथ-साथ दूसरे प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सके। कई बार ऐसा होता है कि प्रश्नों के जरिये विधायकों द्वारा उठाई जाने वाली मांगों को लेकर इसी बैठक के दौरान मंजूरी भी दी जाती है।

    साइबर सिटी गुरुग्राम में इस मानसून में भी जलभराव की वजह से बुरा हाल हुआ। कई-कई घंटे के जाम के साथ-साथ लोगों के वाहनों व निजी प्रॉपर्टी का पानी की वजह से नुकसान हुआ। यही नहीं, इस बार बारिश की वजह से प्रदेश के अन्य शहरों में भी जलभराव की समस्या देखने को मिली। किसानों के खेतों में जलभराव से फसलों के खराबे का मुद्दा भी विपक्ष उठा सकता है। विधानसभा में विनेश फौगाट अधिकारियों की मनमानी का मामला उठाने वाली हैं।

  • यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का हंगामा, 12 घंटे की हड़ताल में जताया विरोध

    यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का हंगामा, 12 घंटे की हड़ताल में जताया विरोध

    यमुनानगर के प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों ने शुक्रवार को प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताते हुए 12 घंटे की हड़ताल की। यह हड़ताल उस घटना के विरोध में की गई जिसमें आरोप है कि आयुष्मान कार्ड के मरीजों की जांच के लिए आए रेड टीम के डॉक्टरों ने एक महिला डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार किया।

    काले बैंड पहनकर जताया विरोध

    घटना से गुस्साए प्राइवेट अस्पताल संचालक और डॉक्टर काले बैंड पहनकर जिला सचिवालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी और टीम के डॉक्टरों के असभ्य व्यवहार के कारण स्वास्थ्य सेवा बाधित हो रही है।

    यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों का हंगामा, 12 घंटे की हड़ताल में जताया विरोध

    डॉ. प्रियांका गर्ग ने किया खुलासा

    डॉ. प्रियांका गर्ग ने बताया कि जब रेड टीम के डॉक्टर उनके अस्पताल में पहुंचे, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं डॉक्टर हूँ। जब मैंने जवाब दिया, तो उन्होंने मुझे अपने कमरे से जाने के लिए कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि एक अस्पताल संचालक को इस तरह क्यों बाहर भेजा गया।

    आयुष्मान कार्ड वालों के मरीजों को गलत मार्गदर्शन

    डॉ. प्रियांका ने यह भी आरोप लगाया कि उनके अस्पताल ने भारतीय मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का इलाज नहीं किया। बावजूद इसके, मरीजों ने अपने स्वीकृति पत्र के साथ इलाज कराया। उन्हें गलत जानकारी दी गई और मरीजों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया।

    अस्पताल और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा

    इस घटना ने यमुनानगर में प्राइवेट अस्पताल और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ा दिया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे व्यवहार को रोका नहीं गया, तो वे और बड़े पैमाने पर विरोध करेंगे। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।