Tag: fund misuse

  • कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    राजनीति वही होती है जो कोई भी नेता किसी मामले को भुनाने और उसे जनता के बीच लोकप्रिय करने में सफल हो जाए। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के ठिकानों पर कुछ दिन पहले ईडी की रेड के बाद अब सौरभ भारद्वाज में इस मामले को एक नए अंदाज में भुनाना शुरू कर दिया है। जहां ईडी की रेड से आम आदमी दुखी होता है वही सौरभ भारद्वाज इस समय इस मामले को लेकर अपने ही अंदाज में खुश नजर आते हैं।

    सुनो, सुनो, सुनो… जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा। 21 लाख, 21 लाख, 21 लाख… मामला नई दिल्ली का है। गली-गली घूमकर ऐलान कराने वाला ये वीडियो आप नेता सौरभ भारद्वाज द्वारा शेयर किया गया है, जिसमें आप नेता अपने समर्थकों संग गली-गली घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानिए आखिर क्या मामला है?

    कोठी बताओ, 21 लाख पाओ, आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज का नया पैंतरा

    दरअसल कुछ दिन पहले ईडी ने आम आदमी पार्टी के कई ठिकानों पर छापामारी की थी। सामने आया था कि ईडी द्वारा आप के 13 ठिकानों पर छापामारी की गई है। पूछताछ के बाद आप नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि भाई हमको भी तो बताओ कि मेरे 13 ठिकाने कौन से हैं। ये रैली और इनाम को देने का ऐलान इसी छापेमारी से जोड़कर बताया जा रहा है।

    ईडी द्वारा की गई रेड के मामले को आगे बढ़ाते हुए सौरभ भारद्वाज अपने समर्थकों संग गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले घूमते नजर आए। रैली में साथ मौजूद लोगों ने नारे लगाए, सुनो, सुनो, सुनो… सौरभ भारद्वाज की कोठी ढूंढो, 21 लाख इनाम पाओ। कोठी ढूंढो 21 लाख पाओ। चूक न जाना, सुनहरा मौका है। जो कोई भी साथी सौरभ भारद्वाज की कोठी को ढूंढ़कर लाएगा, 21 लाख का नकद इनाम पाएगा।

    आपको बताते चलें कि ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ये छापामारी हुई थी। इसमें स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कथित घोटाला से जुड़े मामले में हुई थी। आरोप है कि 2018-19 के दौरान, 5590 करोड़ रुपये की 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। हालांकि ये परियोजनाएं अत्यधिक और अस्पष्ट लागत वृद्धि के साथ, काफी हद तक अधूरी रहीं। सौरभ भारद्वाज ने साफ किया कि अगर ईडी मेरे तेरह ठिकाने बताती है तो, वह इन ठिकानों का कम से कम उन्हें कब्जा तो दिल दे।

  • Haryana News: पंचकूला में ED की बड़ी कार्रवाई! अल्केमिस्ट और ओजस अस्पताल की 127 करोड़ की संपत्ति जब्त

    Haryana News: पंचकूला में ED की बड़ी कार्रवाई! अल्केमिस्ट और ओजस अस्पताल की 127 करोड़ की संपत्ति जब्त

    Haryana News: प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में हरियाणा के पंचकूला स्थित दो प्रमुख अस्पतालों की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई अल्केमिस्ट और ओजस अस्पताल पर हुई है जिनकी कुल संपत्ति 127.33 करोड़ रुपये आंकी गई है। ये दोनों संस्थान पूर्व राज्यसभा सांसद कंवर दीप सिंह के बेटे करण दीप सिंह के अधीन हैं। ईडी ने यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 यानी PMLA के तहत उठाया है।

    जांच की शुरुआत और कोलकाता पुलिस की एफआईआर

    इस मामले की जड़ें कोलकाता पुलिस की ओर से दर्ज की गई एक प्राथमिकी यानी एफआईआर में हैं। यह मामला बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने अपने हाथ में ले लिया और जांच की जिम्मेदारी लखनऊ यूनिट को सौंप दी गई। जांच में सामने आया कि अल्केमिस्ट ग्रुप ने फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लगभग 1,848 करोड़ रुपये लोगों से इकट्ठा किए। इस धन का इस्तेमाल अस्पतालों के निर्माण और संचालन के नाम पर किया गया लेकिन असल में यह एक सुनियोजित मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश थी।

    Haryana News: पंचकूला में ED की बड़ी कार्रवाई! अल्केमिस्ट और ओजस अस्पताल की 127 करोड़ की संपत्ति जब्त

    शेयरधारिता और फंड के दुरुपयोग का खुलासा

    जांच के अनुसार करण दीप सिंह की कंपनी सॉरस एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के पास अल्केमिस्ट अस्पताल में 40.94% और ओजस अस्पताल में 37.24% शेयर हैं। यह भी पता चला है कि फर्जी निवेश योजनाओं से जो पैसा आया उसे जटिल लेनदेन के जरिए अस्पतालों में निवेश दिखाकर सफेद किया गया। यानी सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग को मेडिकल क्षेत्र की आड़ में अंजाम दिया गया।

    पहले भी हुई थी कुर्की और गिरफ्तारी

    यह कोई पहली बार नहीं है जब इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इससे पहले ईडी ने इसी केस में 238.42 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी और जनवरी 2021 में पूर्व सांसद कंवर दीप सिंह को गिरफ्तार किया था। उन पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए 2 मार्च 2021 को एक विशेष PMLA कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई थी। इसके बाद 19 जुलाई 2024 को एक पूरक चार्जशीट भी दाखिल की गई जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मामले में गहरी साजिश और बारीकी से पैसा हेरफेर हुआ है।

    जांच अब भी जारी है और आगे हो सकते हैं बड़े खुलासे

    हालांकि संपत्ति की कुर्की और पूर्व सांसद की गिरफ्तारी के बावजूद ईडी की जांच अभी भी जारी है। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं और भविष्य में और संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। यह मामला देश के हेल्थ सेक्टर में मनी लॉन्ड्रिंग की गंभीरता को उजागर करता है और सवाल खड़े करता है कि कैसे अस्पतालों जैसे पवित्र कहे जाने वाले संस्थानों का इस्तेमाल काले धन को सफेद करने में किया जा रहा है।