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  • Rajasthan News: राजस्थान को मिली एक और बड़ी सौगात, यहाँ बनेगा 963 करोड़ की लागत से नया बाईपास

    Rajasthan News: राजस्थान को मिली एक और बड़ी सौगात, यहाँ बनेगा 963 करोड़ की लागत से नया बाईपास

    Rajasthan News: जब भी किसी शहर में बाईपास (Bypass) बनता है तो उसके कई फायदे होते हैं। सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि शहर के बीच से गुजरने वाला भारी ट्रैफिक बाहर से ही डायवर्ट हो जाता है जिससे ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) से राहत मिलती है। दूसरा बड़ा फायदा होता है कि यात्रा का समय घट जाता है और साथ ही सड़क हादसों में भी कमी आती है।

    राजस्थान को अब ऐसा ही एक बड़ा बाईपास प्रोजेक्ट मिलने जा रहा है जिसकी घोषणा खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने की है।

    अब बात करते हैं इस नए बाईपास की जो राजस्थान के करौली और गंगापुर सिटी के लिए वरदान साबित होने वाला है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस 33.48 किलोमीटर लंबे बाईपास को बनाने की स्वीकृति दे दी है।

    इसकी लागत करीब ₹963.37 करोड़ आएगी। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा बल्कि दो शहरों के बीच की कनेक्टिविटी को भी जबरदस्त बढ़ावा देगा।

    दो शहरों की दूरी अब होगी आसान

    नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत यह बाईपास प्रोजेक्ट NH-23 (National Highway-23) पर बनेगा। इस बाईपास की खास बात यह है कि यह पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन रोड होगी जिससे गाड़ियों को ओवरटेक करने में आसानी होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। करौली और गंगापुर सिटी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रैफिक से जूझते लोगों के लिए यह बाईपास किसी राहत से कम नहीं है।

    गडकरी ने X (Ex-Twitter) पर जानकारी देते हुए लिखा “राष्ट्रीय राजमार्ग-23 पर करौली और गंगापुर सिटी के बाईपास के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ ट्रैफिक कम करेगा बल्कि लोगों का सफर भी आसान बनाएगा।”

    यह नया बाईपास जयपुर जिले के कोथुन में NH-52 से शुरू होता है और धौलपुर जिले में खत्म होता है। इसका मतलब यह है कि इस रोड के बनने से सिर्फ करौली और गंगापुर सिटी ही नहीं बल्कि जयपुर से धौलपुर तक सफर करने वाले लाखों यात्रियों को भी फायदा मिलेगा।

    यह बाईपास ट्रैफिक की दृष्टि से बेहद अहम है क्योंकि NH-23 पर ट्रक बस और प्राइवेट गाड़ियों की आवाजाही बहुत अधिक होती है। घनी आबादी और तंग गलियों से गुजरने के कारण अभी यात्रियों को न केवल जाम का सामना करना पड़ता है बल्कि हादसों का खतरा भी बना रहता है।