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  • Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    Haryana News: नूंह जिले के सालाहेडी गांव में शनिवार दोपहर बाद एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह घटना दोपहर 2:00 बजे के बाद गांव के एक खेत के पास बने जोहड़ में हुई, जहां मिट्टी की खुदाई के कारण जलभराव हो गया था।

    मिली जानकारी के मुताबिक, 2 महिलाएं कपड़े धोने के लिए इस जोहड़ पर गई थीं, आपस में दोनों महिलाएं देवरानी जेठानी थी। उनके साथ दो बच्चे भी थे। अचानक बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे, जिन्हें बचाने की कोशिश में दोनों महिलाएं भी कूद गईं। इस हादसे में दोनों महिलाओं और दोनों बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई, जिससे गांव में मातम छा गया।

    Haryana News: मेवात में बड़ा हादसा, दो बच्चियां तालाब में डूबीं, बचाने के चक्कर में उनकी माओं की भी मौत

    स्थानीय लोगों ने बताया कि जोहड़ का किनारा असुरक्षित था और मिट्टी की खुदाई के कारण पानी की गहराई बढ़ गई थी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। शवों को जोहड़ से निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए नूंह के सिविल अस्पताल भेजा गया।

    मृतकों की पहचान जमशीदा पत्नी नसीम 38 वर्ष व उसकी देवरानी मदीना पत्नी समीम (35 वर्ष) अपनी बच्चियां सुमैया (10 वर्ष) व सोफिया (11 वर्ष) के रूप में हुई है।

    ग्रामीणों के अनुसार दोनों महिलाएं शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अपनी बच्चियों के साथ खेत में कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान बच्चियों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए दोनों महिलाएं भी पानी में कूद पड़ीं, लेकिन ज्यादा पानी होने के कारण चारों की डूबकर मौत हो गई।

    शाम करीब साढ़े 7 बजे गांव का एक व्यक्ति खेत से गुजर रहा था, तभी उसने पानी में तैरते हुए शव देखे। सूचना मिलते ही परिवारजन और ग्रामीण वहां पहुंचे और शव बाहर निकाले। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामला डूबने से मौत का है या इसमें कोई अन्य वजह जुड़ी है। फिलहाल शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

    पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर हादसे की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें शवों को निकालने का दृश्य दिख रहा है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चे और महिलाएं अकेले जोहड़ या तालाबों के पास न जाएं।

  • RCB: 17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    RCB: 17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न 17 साल बाद जबरदस्त अंदाज में मनाया जा रहा था, लेकिन यह खुशी महज एक दिन में मातम में बदल गई। 3 जून 2025 को अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को हराकर RCB ने पहला IPL खिताब अपने नाम किया, लेकिन 4 जून को बेंगलुरु में हुए विजय जुलूस के दौरान भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद RCB लंबे समय तक चुप रही, लेकिन अब तीन महीने बाद टीम ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया। RCB ने लिखा – “हमारी खामोशी गैरमौजूदगी नहीं थी, बल्कि गम था। 3 जून ने हमें खुशी दी, लेकिन 4 जून ने सब बदल दिया। तब से हम सिर्फ शोक में थे, सुन रहे थे और सीख रहे थे।”

    17 साल बाद मिली जीत, 24 घंटे में मातम में बदला जश्न, 11 मौतों पर तीन महीने बाद टूटी RCB की चुप्पी!

    टीम ने आगे लिखा कि यही वजह है कि RCB CARES की शुरुआत हुई। इसका मकसद है फैंस के साथ खड़ा रहना, उन्हें सिर्फ जीत की खुशी नहीं बल्कि मुश्किल वक्त में भी सहारा देना। RCB ने कहा कि “अब हम फैंस के साथ सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि देखभाल और जुड़ाव का रिश्ता कायम करेंगे। यही हमारी असली पहचान बनेगी।”

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    RCB ने हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी। वहीं, कर्नाटक सरकार ने जुलाई में RCB पर मुकदमा चलाने की अनुमति भी दी थी। हालांकि, अब टीम का कहना है कि वह इस दर्द को कभी नहीं भूलेगी और इसे ही नई ताकत और जिम्मेदारी में बदलेगी।

    यह हादसा सिर्फ IPL के इतिहास में ही नहीं, बल्कि बेंगलुरु शहर के लिए भी एक काला दिन बन गया। जहां एक ओर 17 साल का इंतजार खत्म होने की खुशी थी, वहीं अगले ही दिन परिवार अपने अपनों को खोकर बेसहारा हो गए। अब देखना होगा कि RCB CARES के जरिए टीम फैंस का विश्वास और दिल फिर से जीत पाती है या नहीं।

  • भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की अंतिम विदाई! छोटे भाई ने मुखाग्नि दी, पिता फूट-फूट कर रोए, लोगों ने अमर रहे के लगाए नारे

    भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की अंतिम विदाई! छोटे भाई ने मुखाग्नि दी, पिता फूट-फूट कर रोए, लोगों ने अमर रहे के लगाए नारे

    भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण में आज सुबह 8 बजे लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार किया गया। मनीषा को उनके छोटे भाई नितेश ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके पिता संजय फूट-फूट कर रोए। मनीषा के अंतिम संस्कार में गांव के लोगों की भारी उपस्थिति रही और उन्होंने मनीषा अमर रहे के नारे भी लगाए।

    शव का गांव में आगमन और सुरक्षा व्यवस्था

    मनीषा का शव सिविल अस्पताल से सीधे गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट लाया गया। अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात रही। बंद रास्तों को जेसीबी की मदद से खोला गया ताकि ग्रामीणों और शव को लेकर आ रही वाहनों को कोई दिक्कत न हो।

    भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की अंतिम विदाई! छोटे भाई ने मुखाग्नि दी, पिता फूट-फूट कर रोए, लोगों ने अमर रहे के लगाए नारे

    पोस्टमॉर्टम और परिवार की मांगें

    मनीषा का शव बुधवार को दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। इसके पहले भिवानी के सिविल अस्पताल में शव रखा गया। परिवार ने सरकार से दो अहम मांगें रखी थीं। पहली, केस की जांच सीबीआई से कराना और दूसरी, शव का पोस्टमॉर्टम दिल्ली एम्स में करवाना। परिवार की मांगों को सरकार ने दोपहर तक मान लिया।

    मुख्यमंत्री नायब सैनी का बयान

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि मनीषा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा रही है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा। सरकार ने परिवार की दूसरी मांग भी मान ली और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए दिल्ली भेजा गया। इस दौरान परिवार को भी पुलिस की सुरक्षा में दिल्ली ले जाया गया।

    धरना खत्म और अंतिम विदाई

    मनीषा के दादा राम किशन ने धरने के दौरान कहा कि दोनों मांगें पूरी हो गई हैं। अब हम बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। मनीषा के अंतिम संस्कार में पूरे गांव के लोग भावभीनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

  • Jind: पहले युवक का किया अपहरण फिर लेली जान! तीन दिन बाद हिसार के माइनर में मिला शव

    Jind: पहले युवक का किया अपहरण फिर लेली जान! तीन दिन बाद हिसार के माइनर में मिला शव

    Jind। जिले के गांव अनूपगढ़ से एक युवक का अपहरण कर हत्या कर दी गई। युवक का तीन दिन बाद शव हिसार के राजगढ़ माइनर में मिला है। पुलिस ने युवक की हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने फिलहाल चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने मृतक के शव का जींद के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के हवाले कर दिया है।

    अनूपगढ़ के परमिंदर का रक्षाबंधन वाले दिन अपहरण कर लिया गया था। परमिंदर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परमिंदर का अपहरण गांव के बस अड्डे के पास से एक गाड़ी सवार कुछ लोगों ने कर लिया था। परमिंदर के अपहरण के पीछे की रंजिश अभी समझ से बाहर है। परिवार के लोगों का कहना है कि परमिंदर की आरोपियों से कुछ कहासुनी हुई होगी। जिसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया।

    Jind: पहले युवक का किया अपहरण फिर लेली जान! तीन दिन बाद हिसार के माइनर में मिला शव

    इस मामले में बताया गया है कि परिवार के लोगों ने पहले परमिंदर की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी। बाद में इस मामले में एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया जिसमें कुछ युवक परमिंदर का अपहरण करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि जब परमिंदर को देखकर उसका अपहरण करने का प्रयास किया गया तो उसने खुद को बचाने का प्रयास किया लेकिन अपहरणकर्ताओं की संख्या ज्यादा होने के चलते वह बच नहीं पाया।

    युवक के अपहरण के बाद पुलिस ने इस मामले में जांच करते हुए चार युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो जब युवकों से पूछताछ की गई तो उसके बाद हत्या की कलई खुल गई और पुलिस ने आज सुबह हिसार की राजगढ़ माइनर से मृतक के शव को बरामद कर लिया। पुलिस इस मामले में हत्या के कारणों की जांच कर रही है। जींद सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक की मां अनीता देवी की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।

    अभी 2 महीने पहले ही हुई थी शादी

    अभी हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी कि वह विधवा हो गई। 24 वर्षीय परमिंदर की शादी अभी 2 महीने पहले ही हुई थी। इस शादी को लेकर उसकी पत्नी ने कितने सपने देखे होंगे लेकिन अपहरण और हत्या करने वालों ने एक ही झटके में उन सपनों को चकनाचूर कर दिया।

    बहनों से छीन लिया रक्षाबंधन के दिन भाई

    रक्षाबंधन को बहाने अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और माना जाता है कि इस रक्षा सूत्र से बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और रक्षा की कामना करती है लेकिन दुर्भाग्य कि अपहरणकर्ताओं और हत्या के आरोपियों ने रक्षाबंधन के दिन ही बहनों को एक भाई की हत्या का दर्द दे दिया। अब यह पहले किस कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी।

  • Haryana Crime: शांतिनगर में मजदूर की खून से लथपथ लाश मिली! हत्या से इलाके में दहशत, मस्जिद के पास मिली लाश

    Haryana Crime: शांतिनगर में मजदूर की खून से लथपथ लाश मिली! हत्या से इलाके में दहशत, मस्जिद के पास मिली लाश

    Haryana Crime: शांतिनगर (कुर्डी) गांव में रहने वाले 34 वर्षीय अजयब सिंह की लाश सुबह मस्जिद के पास खून से लथपथ हालत में मिली। उसकी सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। मृतक मजदूरी करता था और अपने पीछे पत्नी व तीन बच्चों को छोड़ गया। उसकी पत्नी रीना देवी ने पुलिस को बताया कि रात करीब 9:30 बजे दो लोग उनके घर घुसे और धमकियां देने लगे। जब उसने विरोध किया तो उन्होंने गाली-गलौच की और धक्का भी दिया। चिल्लाने पर दोनों भाग गए।

    आधी रात को फिर दी गई जान से मारने की धमकी

    रीना देवी ने बताया कि उसी रात करीब 12 बजे आरोपी फिर से उनके घर आए और इस बार साफ कहा कि वे उसके पति को जान से मार देंगे। इस वक्त भी अजयब सिंह घर पर नहीं था। धमकी देने के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। इस पूरी घटना ने परिवार को डरा दिया लेकिन सबसे बड़ा झटका उन्हें सुबह मिला जब अजयब की लाश मिली।

    Haryana Crime: शांतिनगर में मजदूर की खून से लथपथ लाश मिली! हत्या से इलाके में दहशत, मस्जिद के पास मिली लाश

    सुबह मस्जिद के पास मिली लाश

    सुबह जब लोग मस्जिद के पास से गुजरे तो उन्होंने वहां खून से सनी लाश देखी। पुलिस को सूचना दी गई और थोड़ी ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि लाश अजयब सिंह की थी। उसके सिर पर गहरी चोट थी जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई और लोगों में दहशत का माहौल है।

    हत्या का मामला दर्ज, जांच जारी

    थाना झांसा के एसएचओ गुलाब सिंह ने बताया कि रीना देवी की शिकायत पर दोनों आरोपियों दिलबाग सिंह और शरीफ अली के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।

    बच्चों के सामने उजड़ गया पूरा संसार

    तीन छोटे बच्चों की आंखों के सामने से उनका पिता अचानक चला गया। घर में मातम का माहौल है और रीना देवी की हालत बदहवास है। वह बार-बार यही कह रही है कि अगर पुलिस पहले से सचेत होती तो शायद अजयब की जान बच सकती थी। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और गांववाले भी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।