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  • Haryana News: CMO ने महिला डॉक्टर को फोन पर कहा कि तेरे साथ सेक्स करना है, मामला दर्ज CMO फरार

    Haryana News: CMO ने महिला डॉक्टर को फोन पर कहा कि तेरे साथ सेक्स करना है, मामला दर्ज CMO फरार

    Haryana News: यमुनानगर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कामकाजी महिलाओं के कार्य स्थल पर होने वाले उत्पीड़न को सार्वजनिक करने का काम किया है। इस मामले में महिला डॉक्टर ने जिले के CMO पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल, पुलिस ने महिला डॉक्टर की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। केस दर्ज होने के बाद से आरोपी CMO फरार है और फोन भी बंद कर लिया है।

    जानकारी के अनुसार, महिला डॉक्टर ने SP से मिलकर CMO के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने महिला डॉक्टर के मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दर्ज कराए हैं। दरअसल, यमुनानगर नागरिक अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर ने CMO डॉक्टर मंजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाते बताया कि वह उन्हें कई दिन से परेशान कर रहा था और साथ ही कहता था कि उसके साथ सेक्स करना चाहता है। महिला डॉक्टर ने पूरे सबूत के साथ पुलिस के सामने पेश हुई और एक पेन ड्राइव में सबूत पुलिस को सौंपे हैं।

    महिला डॉक्टर अनुसूचित जाति से है और ऐसे में उसकी जाति को लेकर भी सीएमओ ने कई बार टिप्पणी की थी। साथ ही फोन पर महिला डॉक्टर के साथ अश्लील बातें की। ASP भूपेंद्र सिंह ने मामले की पुष्टि की है और कहा कि केस दर्ज करने के बाद पुलिस जांच कर रही है।

    Haryana News: CMO ने महिला डॉक्टर को फोन पर कहा कि तेरे साथ सेक्स करना है, मामला दर्ज CMO फरार

    क्या लिखा है FIR में

    महिला डॉक्टर ने अपनी शिकायत में लिखा कि CMO मंजीत सिंह ने उसके साथ कई बार अभद्र और अश्लीलता की। वह बातचीत में ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं, जो किसी महिला कर्मचारी के साथ करना अत्यंत आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सीएमओ के दफ्तर में जाने से उन्हें डर और असहजता महसूस होती रही।

    शिकायत में महिला डॉक्टर ने कहा कि अक्सर बिना कारण से आरोपी उसे अपने दफ्तर में बुलाते हैं। इस दौरान उस पर जातिसूचक टिप्पणियां भी की। 20 सितंबर को CMO ने उन्हें कई फोन किए। उन्होंने सारी बातें अपनी मां को बताई। इस पर मां के साथ उन्होंने सारी बातें रिकॉर्ड कर ली। महिला डॉक्टर ने कहा कि उसने प्रूफ से तौर पर पैन ड्राइव में सौंपी हैं।

    फोन पर कॉल में सीएमओ ने कहा कि It’s now or never, get ready in 10 to 15 minutes. क्यों घबरा रहे हो आप? आगे से किसी काम के लिए मत आना। मैं तुम्हारी मदद नहीं करूंगा। आरोपी CMO ने फोन पर कहा कि तेरे साथ सेक्स करना है और इस बारे में किसी से बात ना करना। महिला डॉक्टर ने शिकायत में कहा कि उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

    किन धाराओं में हुआ मामला दर्ज

    महिला थाना पुलिस यमुनानगर ने BNS की धारा 75(2), 78, 3(1) (1) SC/ST ACT (1989) में केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार CMO का फोन बंद आ रहा है और वह अपने घर तथा कार्यालय में भी नहीं मिला है। पुलिस का मानना है कि जैसे ही CMO को मामला सार्वजनिक होने और दर्ज होने की सूचना मिली वह फरार हो गया है।

  • कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    कैथल में आयोजित खाटू श्याम जागरण के दौरान ‘महाराजा सूरजमल स्टेडियम’ को “महाराजा सूरज खान स्टेडियम” बताने के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। जाट समाज के लोगों ने कन्हैया मित्तल के पोस्टरों पर कालिख पोतते हुए उनका कड़ा विरोध जताया है।

    यह जागरण कैथल के महाराजा सूरजमल स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल मुख्य गायक के रूप में शामिल हुए। विवाद तब शुरू हुआ जब कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में स्टेडियम का नाम गलत तरीके से “महाराजा सूरज खान स्टेडियम” लिखा गया। जैसे ही यह प्रसारण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जाट समाज में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसे महाराजा सूरजमल के सम्मान का अपमान बताया।

    कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    नाराज लोगों ने स्टेडियम के गेट पर ताला जड़ दिया और कार्यक्रम का सारा सामान रोक दिया। जाट समाज ने मांग की है कि कन्हैया मित्तल को अपने सोशल मीडिया पेज पर लाइव आकर सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जाएगी और कन्हैया मित्तल का कैथल में प्रवेश वर्जित रहेगा।

    जाट समाज के लोगों का कहना है कि यह मामला केवल एक नाम की गलती नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं का मुद्दा है। उन्होंने जाट समिति से भी स्पष्ट किया कि आगे से ऐसे आयोजनों में सावधानी बरती जाए ताकि क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक तनाव न फैले और माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।

    कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    इस मामले में कन्हैया मित्तल की प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस मामले में अभी तक कन्हैया मित्तल के पेज पर सार्वजनिक माफी भी नहीं मांगी गई है। लेकिन उनके पेज पर अब वह पोस्ट लाइव भी नजर नहीं आ रही है, जिसको लेकर विवाद चल रहा है। यह कार्यक्रम 22 सितंबर को आयोजित किया गया था।

  • पंजाब में आम आदमी पार्टी की बड़ी मुसीबत, एक और विधायक पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे , छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी करार

    पंजाब में आम आदमी पार्टी की बड़ी मुसीबत, एक और विधायक पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे , छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी करार

    पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आम आदमी पार्टी के चार विधायक पहले ही करप्शन के मामले में जेल जा चुके हैं। एक विधायक के खिलाफ रेप का मामला हाल ही में पटियाला में दर्ज हुआ था। यह विधायक पंजाब पुलिस की हिरासत से फरार भी हुआ और अब खडूर साहिब से आप के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को सजा सुनाई जानी है। उनके साथ छह पुलिसवालों समेत दस लोगों को कोर्ट ने दोषी पाया गया है। मामला 13 साल पहले एक महिला से छेड़छाड़ और मारपीट करने का है। फैसला तरनतारन की जिला अदालत ने सुनाया। दोषसिद्धि के बाद, विधायक और अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर तरनतारन जिले के पट्टी कस्बे की उप-जेल भेज दिया गया।

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेम कुमार ने सजा पर फैसला शुक्रवार के लिए सुरक्षित रखा है। पीड़िता के वकील अमित धवन ने बताया कि पुलिस ने विधायक समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। धवन के अनुसार, पीड़िता ने कहा कि वह खुश है कि न्याय मिला और उसका 13 साल और छह महीने का इंतजार रंग लाया।

    पंजाब में आम आदमी पार्टी की बड़ी मुसीबत, एक और विधायक पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे , छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी करार

    2013 में घटना के समय, लालपुरा टैक्सी चालक के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव तरनतारन जिले के खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र से आप के टिकट पर लड़ा, जिसमें उन्हें 55,756 वोट मिले और उन्होंने दो बार के कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की को लगभग 16,500 वोटों से हराया।

    यह घटना 4 सितंबर, 2013 को हुई थी। उस समय 19 वर्षीय दलित महिला और उसके परिवार के सदस्य एक शादी समारोह में गए थे, जब एक टैक्सी चालक और कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। उसने विरोध किया, लेकिन छेड़छाड़ करने वालों ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उन्होंने भी महिला के साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और अधिकारियों को पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया।

    धवन ने बताया कि 12 आरोपियों में से एक परमजीत सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में लालपुरा उर्फ सभा, रविंदर सिंह, कवलदीप सिंह और पूर्व पुलिसकर्मी दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्विनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह शामिल हैं। तीन अन्य दोषियों – गुरदीप राज, गगनदीप सिंह और नरिंदरजीत सिंह को अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है। इनमें नरिंदरजीत भी एक पुलिसकर्मी था।

  • Rewari News: सरपंच ने दोनों को गिराकर गला घोंटने की कोशिश की, वीडियो वायरल हुआ

    Rewari News: सरपंच ने दोनों को गिराकर गला घोंटने की कोशिश की, वीडियो वायरल हुआ

    Rewari News: रेवाड़ी के रासगन गांव में सरपंच करण सिंह ने अपने भाई विजयपाल और भाभी सुष्मा को एक विवाद के दौरान पीटा। यह विवाद गांव में एक सड़क (फिरनी) के निर्माण को लेकर हुआ। सरपंच ने दोनों को फेंकने के बाद गला दबाने की कोशिश भी की। पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना 29 अगस्त की है, लेकिन शिकायत 30 अगस्त की शाम को रेवाड़ी महिला थाना में दर्ज कराई गई।

    फिरनी निर्माण का विवाद

    रासगन गांव में फिरनी का निर्माण लगभग 4 महीनों से अटका हुआ था। 29 अगस्त को विजयपाल अपनी पत्नी सुष्मा के साथ अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य देख रहे थे। इस दौरान सरपंच करण सिंह वहां पहुंचे और अचानक बहस शुरू कर दी। करण सिंह ने अपने भाई और भाभी को जमीन पर फेंक दिया और दोनों का गला दबाने की कोशिश की। दोनों ने विरोध किया और मुश्किल से बचाए गए। इस दौरान एक व्यक्ति ने आकर उन्हें अलग किया।

    Rewari News: सरपंच ने दोनों को गिराकर गला घोंटने की कोशिश की, वीडियो वायरल हुआ

    वायरल वीडियो में क्या दिखा

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सरपंच करण सिंह अपने भाई और भाभी को जमीन पर फेंकते हैं। उसके बाद सरपंच का हाथ दोनों के गले पर है। दोनों प्रतिरोध करते हैं और संघर्ष करते हैं। वीडियो में एक व्यक्ति आकर उन्हें बचाता है। बचने के बाद दोनों पक्ष एक-दूसरे को थप्पड़ मारने की कोशिश करते दिखे। वीडियो में केवल विवाद का वह हिस्सा दिखाया गया, जिसमें सरपंच दबदबा दिखा रहे थे।

    भाई की दलील और घर गिराने का आरोप

    वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सरपंच के भाई विजयपाल ने कहा कि गांव के 36 घरों पर कोर्ट से स्टे आर्डर है। उनका कहना था कि उनका भाई चाहता था कि वे उन घरों को गिराकर फिरनी का निर्माण करें। लेकिन उन्होंने पूरे गांव के खिलाफ दुश्मनी नहीं बनानी चाही। उस दिन उनके भाई-भाभी पूरे योजना के साथ आए थे और केवल उस हिस्से का वीडियो बनाया गया जिसमें उन्होंने दबदबा दिखाया।

  • Haryana: चौटाला गांव में सड़क और सीवरेज कार्य में लापरवाही से नाराज़ ग्रामीणों ने SDO और JE को बनाया बंधक

    Haryana: चौटाला गांव में सड़क और सीवरेज कार्य में लापरवाही से नाराज़ ग्रामीणों ने SDO और JE को बनाया बंधक

    Haryana: राजनीतिक दृष्टि से अहम और देश को उपप्रधानमंत्री और हरियाणा को दो मुख्यमंत्री देने वाले गांव चौटाला में सड़क निर्माण और सीवरेज पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। निर्धारित तीन दिन के अल्टीमेटम के बाद भी काम शुरू न होने पर ग्रामीणों ने गांव पूरी तरह बंद कर लोक निर्माण विभाग (बीएण्डआर) विभाग के एसडीओ परमजीत सिंह भुल्लर और जेई हरपाल सिंह को धरनास्थल पर ही बंधक बना लिया।

    ग्रामीणों ने अधिकारियों की सरकारी गाड़ी की टायरों की हवा भी निकाल दी और चेतावनी दी कि जब तक एसई सिरसा और एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचते, तब तक दोनों अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

    धरने की अगुवाई कर रहे किसान नेता राकेश फगोड़िया व कुंवरवीर हिटलर ने कहा कि 16 जुलाई को हुए धरने में एसडीओ ने लिखित आश्वासन दिया था कि जब तक निर्माण शुरू नहीं होता, सड़कों को मेन्टेन रखा जाएगा, लेकिन वह भी नहीं हुआ। अब बारिश से सड़कों कीचड़ में बदल चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    बता दें कि सीवरेज पाइपलाइन और जल सप्लाई पाइपलाइन बिछाने के लिए जन स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव की ज्यादातर सड़कों और गलियों को तोड़ा गया था। लेकिन पाइप लाइन बिछाने के महीनों बीएण्डआर विभाग के अधीनस्थ मुख्य सड़कों को मेंटेन व पुनर्निर्माण नहीं किया गया है, जिससे स्थिति और भी बदतर हो गई है। ग्रामीण कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

    Haryana: चौटाला गांव में सड़क और सीवरेज कार्य में लापरवाही से नाराज़ ग्रामीणों ने SDO और JE को बनाया बंधक

    जन स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए करीब 4.5 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग (बीएण्डआर) विभाग को जमा करवा रखे हैं। राकेश फगोड़िया ने यह भी आरोप लगाया कि बंधक एसडीओ ने बिना अनुमति के सड़कों को तोड़ने के आरोप में जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने का झूठा दावा किया, जबकि कोई मुकद्दमा दर्ज नहीं हुआ है।

    वहीं, एसडीओ परमजीत भुल्लर का कहना है कि चौटाला गांव की सड़कों के निर्माण हेतु एस्टीमेट मुख्यालय को भेजा जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया के संदर्भ में कार्यकारी अभियंता चंडीगढ़ में हैं।

    3 घंटे तक धरने में बंधक बने रहने के बाद एसई सिरसा व एसडीएम डबवाली द्वारा फोन पर आश्वासन दिया गया। वे जरूरी मीटिंग के चलते पहुंच पाएंगे। एसडीओ ने निर्माण न होने तक सड़क को मेंटेन रखने का पुनः लिखित आश्वासन दिया, इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया व एसडीओ व जेई को जाने किया गया। एसडीएम अर्पित संगल ने कहा कि मामला संज्ञान में है। सड़क निर्माण हेटी डीएनआईटी को अप्रूवल मिल चुकी है, अब टेंडर प्रक्रिया होगी।

  • Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद शहर के कुछ हिस्सों में हाल ही में लगे विवादास्पद पोस्टरों ने पूरे प्रदेश में बहस छेड़ दी है। इन पोस्टरों में महिलाओं को बलात्कार से बचने के लिए “घर में रहने” और “लेट नाइट पार्टी में न जाने” की सलाह दी गई थी। इन पर लिखा था कि अगर आप रात में बाहर जाएंगी तो आपके साथ कुछ गलत हो सकता है। यह संदेश महिलाओं को दोषी ठहराने की मानसिकता को उजागर करता है और समाज में गहराई तक फैली पितृसत्ता की सोच को सामने लाता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने झाड़ा पल्ला

    यह पोस्टर अहमदाबाद के सोल और चांदलोदिया इलाकों में सड़क के डिवाइडरों पर लगाए गए थे। शुरुआत में ऐसा माना गया कि ये अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस के अभियान का हिस्सा हैं। लेकिन बाद में ट्रैफिक पुलिस की डीसीपी नीता देसाई ने साफ किया कि इन पोस्टरों की भाषा और विषयवस्तु के लिए पुलिस जिम्मेदार नहीं है। पुलिस के अनुसार, ‘सतर्कता ग्रुप’ नाम के एक एनजीओ ने ट्रैफिक जागरूकता अभियान के लिए अनुमति ली थी लेकिन महिला सुरक्षा से जुड़े यह विवादास्पद पोस्टर बिना अनुमति लगाए गए थे।

    
Ahmedabad Poster Controversy: अहमदाबाद के पोस्टर विवाद ने उठाए महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल! पोस्टर विवाद ने खोली आंखें

    राजनीतिक दलों का कड़ा विरोध

    इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि गुजरात सरकार महिला सशक्तिकरण की बात तो करती है लेकिन असल में महिलाओं को घर में रहने की सलाह देकर उनके अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। पार्टी ने इसे महिलाओं को डराकर घर में बंद करने की साजिश बताया और इसे सरकार की असफलता करार दिया।

    डर नहीं सुरक्षा चाहिए

    महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर इस तरह के संदेश देना समाज के लिए खतरनाक है। यह न केवल महिलाओं को गलत ठहराने की कोशिश है बल्कि अपराधियों को परोक्ष रूप से छूट देने जैसा है। महिलाएं बाहर निकलेंगी तो समाज खुलेगा और आगे बढ़ेगा। अपराध को रोकने का सही तरीका अपराधियों पर सख्त कार्रवाई है ना कि महिलाओं को बंद करना।

    सच्चाई के आंकड़े और ज़मीन की हकीकत

    आम आदमी पार्टी के मुताबिक, पिछले तीन सालों में गुजरात में 6500 से अधिक बलात्कार के मामले सामने आए हैं और 36 से ज्यादा गैंगरेप की घटनाएं हुई हैं। यह औसतन हर दिन पांच से ज्यादा केस बनते हैं। ऐसे में सरकार को महिला सुरक्षा के वास्तविक उपाय करने चाहिए ना कि पोस्टरों के जरिए उन्हें ही दोषी ठहराना चाहिए।

  • Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह जिले में ओवरलोडेड डंपरों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। कुछ डंपर मालिकों ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी अमन यादव हर महीने उनसे पैसे वसूलता था। इसके बदले में उन्हें अपने ओवरलोडेड वाहनों को बेरोकटोक चलाने की छूट दी जाती थी। यह लेन-देन महीने दर महीने चलता रहा और किसी ने कुछ नहीं कहा। लेकिन जब हदें पार हुईं तो मामला आखिरकार अदालत तक पहुंचा।

    हाईकोर्ट की सख्ती से टूटी चुप्पी

    डंपर मालिकों ने जब देखा कि पुलिस विभाग खुद इस भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में स्पष्ट आरोप लगाए गए कि SHO अवैध वसूली करता है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया।

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

     अमन यादव समेत कई पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। फिरोजपुर झिरका थाना के तत्कालीन प्रभारी अमन यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों और दलालों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के तहत केस दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है।

    टायर फाड़कर भड़की आग

    मामला उस समय और गर्मा गया जब 5 अप्रैल की रात SHO अमन यादव ने एक डंपर के सामने जानबूझकर कांटे डाल दिए जिससे उसके टायर फट गए। इस घटना ने डंपर मालिकों में आक्रोश भर दिया और उन्होंने मीडिया व अधिकारियों के सामने पूरी कहानी रख दी। लेकिन जब पुलिस ने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूरी में मामला हाईकोर्ट में ले जाया गया।

    अब जांच और सजा की उम्मीद

    इस मामले के सामने आने के बाद नूंह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई चेतना जगी है। स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस विभाग भी अब गंभीरता से जांच में जुट गया है और उम्मीद की जा रही है कि इस बार दोषियों को कानून का डर जरूर दिखेगा।

  • Haryana News: सावित्री जिंदल के घर घुसा बारिश का पानी, बाहर जमा हुए तीन फुट पानी ने बढ़ाई मुश्किलें

    Haryana News: सावित्री जिंदल के घर घुसा बारिश का पानी, बाहर जमा हुए तीन फुट पानी ने बढ़ाई मुश्किलें

    Haryana News: हिसार की तेज बारिश ने पूरे शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर की जानी-मानी विधायक और उद्योगपति सावित्री जिंदल के घर में भी पानी घुस गया है। उनके बंगले के बाहर करीब 3 फुट तक पानी जमा हो गया जिससे घर में आवाजाही मुश्किल हो गई। यह देखकर साफ हो गया कि चाहे आम हो या खास कोई भी इस जलभराव से अछूता नहीं रहा।

     दिल्ली रोड पर जाम और गाड़ियों की रफ्तार थमी

    भारी बारिश के चलते दिल्ली रोड पर लंबा जाम लग गया। पानी भरने से गाड़ियों की स्पीड कम हो गई और लोग घंटों फंसे रहे। बरसात के दौरान जलनिकासी का इंतजाम न होने के कारण यह समस्या सालों से चली आ रही है। सड़कों पर जगह-जगह पानी भरा मिला और ट्रैफिक की व्यवस्था चरमरा गई।

    Haryana News: सावित्री जिंदल के घर घुसा बारिश का पानी, बाहर जमा हुए तीन फुट पानी ने बढ़ाई मुश्किलें

    पानीपत में विधायक कार्यालय भी डूबा

    पानीपत में हालात और भी खराब दिखे। यहां नगर निगम कार्यालय के साथ-साथ विधायक प्रमोद कुमार विज के दफ्तर के बाहर भी पानी भर गया। यह दृश्य देखकर जनता हैरान रह गई कि जहां से व्यवस्था की उम्मीद होती है वहीं हालात सबसे खराब हैं। लोगों ने नगर निगम पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

    सोनीपत के सेक्टर 14 में बनी झील जैसी तस्वीर

    सोनीपत के सेक्टर 14 में बारिश ने सबकुछ पानी-पानी कर दिया। गलियों में पानी ऐसा भर गया जैसे किसी झील का हिस्सा हों। स्थानीय लोगों को घर से बाहर निकलने में दिक्कत होने लगी और कई घरों में पानी घुसने की खबरें आईं। नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर लोग नाराज दिखे और जल्द समाधान की मांग की।

    जनता में आक्रोश और निकासी व्यवस्था पर सवाल

    हरियाणा के कई शहरों में एक ही दिन की बारिश ने यह दिखा दिया कि जलनिकासी की व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर ही मौजूद हैं। जनप्रतिनिधियों के घर जब खुद पानी से भर जाएं तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाना आसान है। लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है और सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ सी आ गई है।

  • Haryana News: हरियाणा में कुत्तों का आतंक! अंबाला में सात साल के मासूम पर हमला, चीखों से कांप उठा गांव

    Haryana News: हरियाणा में कुत्तों का आतंक! अंबाला में सात साल के मासूम पर हमला, चीखों से कांप उठा गांव

    Haryana News: हरियाणा के अंबाला जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गांव टोबा में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक सात साल के मासूम पर 10 आवारा कुत्तों ने एक साथ हमला कर दिया। बच्चा गली में अपने दोस्त के साथ खेल रहा था तभी अचानक कुत्तों ने उसे घेर लिया। कुत्तों ने उसके सिर का हिस्सा तक फाड़ दिया जिससे वह लहूलुहान हो गया।

    बच्चे की चीखें सुनकर दौड़े लोग

    जैसे ही अवीराज की दर्दभरी चीखें सुनाई दीं वैसे ही आस-पास के लोग लाठियां लेकर दौड़े और किसी तरह कुत्तों को वहां से भगाया। बच्चा बुरी तरह घायल हो चुका था। लोगों ने तुरंत उसे अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन हालात गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया।

    Haryana News: हरियाणा में कुत्तों का आतंक! अंबाला में सात साल के मासूम पर हमला, चीखों से कांप उठा गांव Haryana News: हरियाणा में कुत्तों का आतंक! अंबाला में सात साल के मासूम पर हमला, चीखों से कांप उठा गांव

    अकेली मां की दास्तान

    मासूम की मां ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं और उसके पति की पहले ही मौत हो चुकी है। अवीराज पड़ोसी के बच्चे के साथ खेल रहा था जब यह घटना घटी। पड़ोसी का बच्चा कुत्तों को आता देख भाग गया और अवीराज अकेला रह गया। कुत्तों ने उसके हाथ पैर पीठ और कमर पर भी गंभीर चोटें पहुंचाई हैं।

    सर्जरी ही अब आखिरी उम्मीद

    डॉक्टरों ने कहा है कि अवीराज के सिर की सर्जरी जरूरी है क्योंकि चमड़ी बुरी तरह से फट चुकी है। इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर भी प्लास्टिक सर्जरी करनी होगी ताकि घाव भर सकें। परिवार पर पहले से ही आर्थिक संकट है और अब इलाज का खर्च उनकी चिंता का बड़ा कारण बन गया है।

    प्रशासन पर उठते सवाल

    इस दर्दनाक घटना के बाद लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक ये आवारा कुत्ते यूं ही लोगों की जान के दुश्मन बने रहेंगे। गांव वालों का कहना है कि पहले भी कई बार कुत्तों की शिकायत की गई थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब जब मासूम की जान पर बन आई है तो सभी लोग डरे हुए हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

  • Haryana News: विपक्ष के दबाव में झुकी सरकार, बराला को दिखाया बाहर का रास्ता

    Haryana News: विपक्ष के दबाव में झुकी सरकार, बराला को दिखाया बाहर का रास्ता

    Haryana News: हरियाणा सरकार ने हाल ही में जब अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर विकास बराला की नियुक्ति की तो यह फैसला तुरंत ही विपक्ष के निशाने पर आ गया। विकास बराला वही नाम है जो वर्ष 2017 में वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामले में सुर्खियों में आया था। उनके खिलाफ अब भी कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को लेकर पूरे राज्य में विवाद खड़ा हो गया।

    विपक्ष का हमला और सरकार की फजीहत

    जैसे ही सरकार ने विकास बराला का नाम अपनी लीगल टीम में शामिल किया वैसे ही कांग्रेस और इनेलो जैसे दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष ने सवाल उठाया कि एक आरोपी को सरकार का प्रतिनिधि कैसे बनाया जा सकता है। इस कदम को उन्होंने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया और बीजेपी की नीति और नीयत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।

    Haryana News: विपक्ष के दबाव में झुकी सरकार, बराला को दिखाया बाहर का रास्ता

    सरकार का यू-टर्न और हटाने का आदेश

    लगातार दबाव और आलोचना के बीच सरकार को आखिरकार बैकफुट पर आना पड़ा। सोमवार दोपहर सरकार ने विकास बराला को अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। ये वही सरकार थी जो कुछ दिन पहले तक उनकी नियुक्ति का बचाव कर रही थी। लेकिन जब राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ने लगी तो सरकार ने यू-टर्न ले लिया।

    विकास बराला की नियुक्ति पर बीजेपी की दलीलें

    जब विकास बराला की नियुक्ति पर बीजेपी नेताओं से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि नेताओं के बेटे भी तो कोई नौकरी या पेशा अपना सकते हैं। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह उचित है कि एक ट्रायल फेस कर रहा व्यक्ति राज्य का कानूनी अधिकारी बने तो वे सवालों से बचते नजर आए। इससे उनकी स्थिति और भी असहज हो गई।

    विपक्ष ने छीना सरकार का मुद्दा

    विकास बराला को हटाने के इस फैसले से यह साफ हो गया कि सरकार विपक्ष के हमलों को झेलने की स्थिति में नहीं थी। सरकार ने एक ऐसा फैसला वापस लिया जिसे लेकर विपक्ष ने माहौल बना लिया था। अब यह कहना गलत नहीं होगा कि विकास बराला का नाम सरकार के लिए राजनीतिक सिरदर्द बन गया था जिसे हटाकर ही राहत मिली।