Kashmir Martyrs Day: जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस (JKPC) के अध्यक्ष और हंदवाड़ा से विधायक साजाद गनी लोन को 13 जुलाई को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी और कहा कि उन्हें शहीदों की कब्रगाह पर श्रद्धांजलि देने तक से रोका गया। 13 जुलाई को कश्मीर शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता था जो अब राज्य सरकार की आधिकारिक छुट्टी नहीं रह गई है।
साजाद लोन बोले – कुर्बानियों का अपमान कर रही सरकार
साजाद लोन ने अपनी पोस्ट में केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “मैं समझ नहीं पा रहा कि केंद्र सरकार कश्मीरियों की भावनाओं को बार-बार क्यों बदलना चाहती है। 13 जुलाई की कुर्बानियाँ हमारे लिए पवित्र हैं और हमें शहीदों को श्रद्धांजलि देने से रोकना उन कुर्बानियों का अपमान है।” उन्होंने आगे लिखा कि खून से लिखे इतिहास कभी नहीं मिटते।

JKPC ने साझा की बंद दरवाजों की तस्वीर
पीपुल्स कांफ्रेंस ने साजाद लोन के घर की तस्वीर भी साझा की जिसमें साफ देखा जा सकता है कि उनके दरवाज़े बंद हैं। पार्टी ने कहा कि एक शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि देने के अधिकार से भी इनकार किया जाना इस बात का संकेत है कि कश्मीर में लोकतांत्रिक स्थान लगातार सिकुड़ता जा रहा है। यह घटना क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर कई सवाल खड़े करती है।
साजाद लोन की राजनीतिक पृष्ठभूमि
साजाद लोन कश्मीर के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। वर्तमान में वे हंदवाड़ा विधानसभा सीट से विधायक हैं। हाल ही में उन्होंने ‘पीपुल्स अलायंस फॉर चेंज’ नामक एक नया गठबंधन भी बनाया जिसमें JKPC, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (PDF) और जस्टिस एंड डेवलपमेंट फ्रंट (JDF) शामिल हैं।
सरकार पर लगातार कर चुके हैं निशाना
साजाद लोन ने अब तक कई मौकों पर अब्दुल्ला परिवार की सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे हमले किए हैं। चाहे वह अनुच्छेद 370 का मुद्दा हो या कश्मीर में लोकतंत्र की स्थिति का, लोन ने हमेशा खुलकर बात की है। उनकी नजरबंदी एक बार फिर यह संकेत देती है कि कश्मीर की राजनीति में असहमति के लिए स्थान लगातार कम होता जा रहा है।
