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  • Haryana: अगर आपकी फसल को हुआ है नुकसान तो आज ही करें यह काम वरना नहीं मिलेगा मुआवजा

    Haryana: अगर आपकी फसल को हुआ है नुकसान तो आज ही करें यह काम वरना नहीं मिलेगा मुआवजा

    Haryana: हरियाणा में बाढ़ और जलभराव से बड़ी संख्या में फसलों को नुकसान हुआ है। अभी तक की जानकारी के अनुसार आज सुबह 8:00 बजे तक 6274 गांव के 4,79,580 किसानों ने अपनी 28,10,784.65 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल खराब होने की जानकारी दी है।

    हरियाणा में बाढ़ और जलभराव से खराब हुई फसलों का मुआवजा देने के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल रखा है। ‌ किसानों को इस पोर्टल पर अपनी खराब हुई फसल की जानकारी देनी है। इसके बाद पटवारी और कानूनगो की रिपोर्ट होगी और उसके बाद सरकार मुआवजा जारी करेगी।

    Haryana: अगर आपकी फसल को हुआ है नुकसान तो आज ही करें यह काम वरना नहीं मिलेगा मुआवजा

    अगर आपकी फसल भी खराब हुई है तो आज आपके पास आखिरी मौका है क्योंकि आज रात 12:00 बजे यह पोर्टल बंद हो जाएगा। उसके बाद इस पर किसान अपनी खराब हुई फसल की जानकारी अपलोड नहीं कर पाएंगे। जिस व्यक्ति की जानकारी इस पोर्टल पर नहीं आएगी उसकी गिरदावरी नहीं की जाएगी और न ही उसे मुआवजा मिल पाएगा।

    ऐसे में प्रदेश के किसानों के लिए कुछ घंटे का समय बाकी है। वह इस दौरान इस पोर्टल पर अपनी खराब हुई फसल की जानकारी अपलोड करके फसल के मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    यहां बता दें कि प्रदेश के 22 जिलों के 7354 गांव में 16 लाख किसान 89 लाख एकड़ जमीन पर फसल की पैदावार करते हैं। ऐसे में अब तक 31% से ज्यादा फसल की बर्बादी का डाटा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज हो चुकी है।

  • CM Nayab Singh Saini पहुंचे गांव-गांव, बारिश से तबाह फसलों का हाल जानकर दिया मुआवजे का भरोसा

    CM Nayab Singh Saini पहुंचे गांव-गांव, बारिश से तबाह फसलों का हाल जानकर दिया मुआवजे का भरोसा

    हरियाणा के CM Nayab Singh Saini ने कहा है कि मौजूदा बारिश और प्राकृतिक आपदा के दौर में राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ किसानों और आम जनता के साथ खड़ी है। भारी बरसात के कारण जिन इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ है, उसकी पूरी भरपाई की जाएगी। इसके लिए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में गाँव स्तर पर ई-कंपेंसेशन पोर्टल शुरू किया है, जहाँ किसान अपनी फसलों के नुकसान का ब्यौरा अपलोड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य के किसानों, गरीब मज़दूरों और प्रभावित लोगों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और वह स्वयं हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।

    गाँव-गाँव जाकर लिया हालात का जायज़ा

    रविवार को नारवाना से टोहाना जाते समय मुख्यमंत्री नैब सिंह सैनी ने रास्ते में विभिन्न गाँवों में रुककर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने बाबा जामिन नाथ गौशाला, धारौदी गाँव में रुककर ग्रामीणों से बारिश के हालात की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी और किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    CM Nayab Singh Saini पहुंचे गांव-गांव, बारिश से तबाह फसलों का हाल जानकर दिया मुआवजे का भरोसा

    किसानों को मिला भरोसा और समर्थन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी। फसलों के नुकसान की उचित मुआवज़ा राशि जल्द उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन के अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है। इससे किसानों का मनोबल भी बढ़ा है और उन्हें भरोसा है कि सरकार उनके साथ है।

    ग्रामीणों ने जताया आभार

    मुख्यमंत्री नैब सिंह सैनी ने इसके बाद गाँव लोन, धमतान साहिब और कलवां का भी दौरा किया। यहाँ ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और सरकार तथा प्रशासन द्वारा बारिश के समय किए गए राहत कार्यों की सराहना की। लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री का सीधे गाँवों में आकर हालात का जायज़ा लेना और किसानों से संवाद करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और भरोसा जताया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

  • Haryana: हरियाणा में इन किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, सैनी सरकार ने सभी DC को दिए ये सख्त निर्देश

    Haryana: हरियाणा में इन किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, सैनी सरकार ने सभी DC को दिए ये सख्त निर्देश

    Haryana News: हरियाणा जिसे भारत का अन्नदाता प्रदेश कहा जाता है देश की अर्थव्यवस्था में कृषि के माध्यम से अहम योगदान देता है। यहां की उपजाऊ मिट्टी मेहनती किसान और आधुनिक कृषि तकनीकों ने हरियाणा को गेहूं और धान की फसल उत्पादन में अव्वल बनाया है। लेकिन इन दिनों हरियाणा के खेतों में फसलों की कटाई (Harvesting Season) का समय चल रहा है और गर्मी के बढ़ते तापमान के साथ ही फसलों में आग लगने (Crop Fire) की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। इस संकट से निपटने के लिए हरियाणा की नवगठित सैनी सरकार ने एक्शन मोड (Action Mode) में आते हुए सख्त कदम उठाए हैं।

    खेतों में आग की घटनाओं ने मचाई अफरा-तफरी

    हरियाणा के विभिन्न जिलों से लगातार खेतों में आग लगने की खबरें आ रही हैं। गर्म हवा (loo) शॉर्ट सर्किट और कंबाइन हार्वेस्टर से निकल रही चिंगारी जैसे कई कारण इन घटनाओं के पीछे माने जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों में फतेहाबाद हिसार कैथल करनाल और सिरसा जैसे जिलों में सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल (Wheat Crop) जलकर राख हो गई। कुछ जगहों पर तो कटाई के बाद खुले में पड़े अनाज को बारिश (Unseasonal Rain) ने भी नुकसान पहुंचाया जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ी।

    इन घटनाओं से आहत होकर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सख्त रुख अपनाया है और सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) को निर्देश जारी किए हैं कि वो फायर सेफ्टी (Fire Safety) को लेकर तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाएं।

    हर शुक्रवार देनी होगी रिपोर्ट

    सरकार की तरफ से सभी जिलों के डीसी को पत्र भेजा गया है जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि गेहूं की कटाई पूरी होने तक हर शुक्रवार को आग की घटनाओं की जानकारी और उठाए गए सुरक्षा उपायों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी अनिवार्य होगी। यह रिपोर्ट उपायुक्तों को व्यक्तिगत तौर पर देनी होगी जिससे किसी भी तरह की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी किसान को फसल जलने की वजह से नुकसान न उठाना पड़े। रिपोर्ट में आग लगने के स्थान (location) समय (time) और कारण (cause) का पूरा विवरण मांगा गया है।

    कृषि विभाग को मिली बड़ी जिम्मेदारी

    सीएम सैनी ने कृषि विभाग को सख्त हिदायत दी है कि हर आग की घटना की विस्तृत जांच की जाए और एक ठोस रिपोर्ट तैयार कर उसे शासन को सौंपा जाए। इसके अलावा खेतों के पास फायर ब्रिगेड की तैनाती और जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    कृषि विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक कई बार किसान खुद भी एहतियात नहीं बरतते। कंबाइन चलाते वक्त अगर थ्रेशर में कोई तकनीकी खराबी हो जाए या पास में कोई ज्वलनशील वस्तु हो तो आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। अब इन बातों को लेकर भी ट्रेनिंग (Training) दी जाएगी।

    फायर सेफ्टी के लिए ग्राम स्तर तक पहुंचा संदेश

    गांवों में पंचायत स्तर पर फायर सेफ्टी मीटिंग कराई जा रही हैं। किसानों को बताया जा रहा है कि गेहूं के ढेर के पास बीड़ी-सिगरेट न पिएं कंबाइन में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) जरूर रखें और सूखी फसल के आसपास किसी भी प्रकार की चिंगारी या धुआं न आने दें।

    सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अगर किसी किसान की फसल जलती है तो तत्काल सर्वे कर मुआवजा निर्धारित किया जाए ताकि किसानों को आर्थिक सहायता मिल सके।

    अनाज मंडियों में भी विशेष सतर्कता

    फसलों के साथ-साथ अब मंडियों (Grain Markets) में भी सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में रोहतक और झज्जर की मंडियों में भारी बारिश के कारण खुले में रखा अनाज भीग गया था। इससे सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ा।

    अब सभी मंडी सचिवों को कहा गया है कि अनाज को ढककर रखें और मंडियों में जल निकासी व्यवस्था को सुधारें। साथ ही फायर अलार्म सिस्टम बाल्टियां रेत और पानी की सुविधा हर शेड में अनिवार्य की गई है।

    सीएम सैनी का साफ संदेश

    मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने अधिकारियों से साफ तौर पर कहा है हरियाणा का किसान मेहनतकश है। उसकी मेहनत को इस तरह आग में जलते नहीं देखा जा सकता। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि समय रहते हर संभव कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने यह भी कहा कि इस बार किसी भी किसान को मुआवजे के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी मामलों में फास्ट ट्रैक सर्वे कर मुआवजा राशि सीधे किसान के खाते में भेजी जाएगी।