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  • Haryana: थम नहीं रहा चेतराम से इकराम बनने का विवाद, एससी समाज के लोगों ने की एनआईए जांच की मांग

    Haryana: थम नहीं रहा चेतराम से इकराम बनने का विवाद, एससी समाज के लोगों ने की एनआईए जांच की मांग

    Haryana: नूंह जिले के गांव मरोड़ा में अनुसूचित जाति के चेतराम, उनकी पत्नी रेखा व उनके बच्चे के धर्मांतरण मामले की जांच अब एनआईए से करवाए जाने की मांग के बाद इस मामले में नाटकीय मोड़ आ गया है। अनुसूचित जाति के लोगों ने डीसी अखिल पिलानी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि चेतराम के नाबालिग बच्चों सहित सभी को लालच एवं दबाव में धर्मांतरण कराया गया है।

    ज्ञापन में बताया गया कि नूंह में हिंदू अल्पसंख्यक विशेष तौर पर अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को जबरन प्रताड़ित, दबाव व प्रलोभन देकर व टारगेट कर मेवात से पलायन करने के लिए लव-जिहाद, धर्मांतरण करके पलायन पर मजबूर किया जा रहा है। जिससे यहां रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदू समाज में भय का माहौल पनप रहा है। सुरक्षा व पलायन की भय की भावना को दूर करने के लिए नूंह जिले में सुरक्षा एजेंसी स्थापित की जाए। इसके साथ ही नूंह में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ अत्याचार व धार्मिक उत्पीड़न की जांच किसी उच्च स्तरीय एजेंसी जैसे एनआईए (NIA) से कराई जाए।

    Haryana: थम नहीं रहा चेतराम से इकराम बनने का विवाद, एससी समाज के लोगों ने की एनआईए जांच की मांग

    डीसी से मिलने पहुंचे एससी समाज के लोगों ने कहा कि धर्मांतरण कराने वाले आरोपियों के विदेशी ताकतों व मुस्लिम देशों से तार जुड़े हुए हैं। मेवात में पूरे देश से हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फंसा कर धर्मांतरण व तस्करी करते हैं। उन्होंने कहा कि मेवात में अनुसूचित जाति एक्ट प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, धर्मांतरण करने वाले सदस्यों के अलावा पीड़ित पक्ष की सुरक्षा मुहैया की जाए। उन्होंने कहा कि चेतराम के भाई सतबीर के परिवार को सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया की जाए।

    बता दें कि जिस मरोड़ा गांव के चेतराम और उसके परिवार ने धर्म परिवर्तन किया है उसे गांव की आबादी करीब 6000 है और यहां दो सौ से भी कम हिंदू वोटर हैं। यहां मुस्लिम समाज के अलावा केवल एससी समाज के 15 परिवार हैं। एससी समाज के लोगों की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं होने के चलते मुस्लिम समुदाय के लोग इन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाते हैं। अब चेतराम का परिवार धर्म परिवर्तन कर चुका है ऐसे में इस बात की भी संभावना बलवती हो रही है कि भविष्य में यहां के और लोग भी धर्म परिवर्तन कर सकते हैं। इसीलिए अब समाज के लोग इस मामले को उठाकर भविष्य में इस प्रकार की घटना को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

    इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए धर्म परिवर्तन निषेध कानून के उल्लंघन की बात भी कही जा रही है। इसीलिए अब इस मामले में समाज के लोगों ने एनआईए से जांच करवाने की मांग करके इसे और तूल देने का काम किया है। इस मामले में आगे क्या होगा यह तो समय बताएगा लेकिन इतना जरूर है कि चेतराम और उसके परिवार के धर्म परिवर्तन का मामला मेवात में लगातार सुर्खियों में है।

  • Haryana में विवाद! चेतराम ने जनवरी में किया धर्म परिवर्तन, कानून के अनुसार मामला अब भी असंगत

    Haryana में विवाद! चेतराम ने जनवरी में किया धर्म परिवर्तन, कानून के अनुसार मामला अब भी असंगत

    Haryana के मेवात में धर्म परिवर्तन का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मामले में पुलिस ने धर्म परिवर्तन करने वाले चेतराम के भाई की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ गलत तरीके से कारावास में रखने का मामला दर्ज किया है, लेकिन विश्व हिंदू परिषद इसे गंभीर मामला बता रही है।

    विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री खिलौनी राम शर्मा का कहना है कि हरियाणा विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन निवारण अधिनियम एवं नियम, 2022 के तहत किसी नाबालिग बच्चे, महिलाओं का या दो से ज्यादा लोगों का अगर धर्मान्तरण करते हैं, तो यह नियम के विरुद्ध और कानून के विरुद्ध मामला है। इस मामले में बता दें कि चेतराम के पूरे परिवार ने एक साथ धर्म परिवर्तन किया है जिसमें एक नाबालिग बच्चा भी शामिल है।

    खिलौनी राम शर्मा कहते हैं कि प्रशासन को इसमें एक्शन लेना चाहिए। धर्म बदलने के लिए 6 महीने पहले जिला के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी पड़ती है। जो शरारती लोग मेवात के भाईचारे को खराब करने और हिंदू मुस्लिम के बीच खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

    Haryana में विवाद! चेतराम ने जनवरी में किया धर्म परिवर्तन, कानून के अनुसार मामला अब भी असंगत

    मेवात में धर्म परिवर्तन का यह मामला भले ही अब सामने आया हो, लेकिन यह मामला काफी पुराना है। चेतराम से इकराम बने धर्म परिवर्तन करने वाले मिस्त्री की माने तो उसने जनवरी में ही धर्म परिवर्तन कर लिया था और वह पूरी तरह से मुस्लिम हो गया था और उसे समय से इस्लाम धर्म को फॉलो कर रहा है और नमाज पढ़ रहा है।

    चेतराम के भाई सतबीर का कहना है कि चेतराम ने कुछ समय से हिंदू तीज त्यौहार मनाने बंद कर दिए थे। ब्रज मंडल नजदीक होने के कारण क्षेत्र में होली धूमधाम से मनाई जाती है लेकिन इस साल चेतराम ने होली पर ने तो किसी पर रंग डाला उन्होंने किसी से रंग डलवाया। उसे समय परिवार को अजीत जरूर लगा था लेकिन यह सोचकर कि चेतराम का मन नहीं होगा इसलिए इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया। चेतराम पिछले कई मास्क से दाढ़ी बढ़ाने लगाना और उसे समय भी परिवार के लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

    जब चेतराम घर पर ताला लगा कर चला गया तब परिवार के लोगों की आंख खुली और उन्होंने इस पर ध्यान देना शुरू किया जिसके बाद धर्म परिवर्तन का यह मामला खुला।

    सतबीर बताते हैं कि बड़ा भाई चेतराम करीब दो साल पहले भी धर्म बदलने की बातें करने लगा था। तब पूरे परिवार ने उसे मिलकर समझाया था। इस पर चेतराम मान गया। परिवार को लगा अब ऐसी जिद नहीं करेगा। नहीं पता था कि उसके मन में क्या चल रहा था।

  • Haryana News: नूंह का शाहिद हो सकता है यूपी का छांगुर बाबा, मेवात में धर्म परिवर्तन के मामले से हिंदू समाज में फूट रहा गुस्सा

    Haryana News: नूंह का शाहिद हो सकता है यूपी का छांगुर बाबा, मेवात में धर्म परिवर्तन के मामले से हिंदू समाज में फूट रहा गुस्सा

    नूंह में एक अनुसूचित परिवार के धर्म परिवर्तन करने का मामला अब थम नहीं रहा है। चेतराम इकराम बन गया और उसकी पत्नी रेखा से रुखसार बन गई। इस मामले में चेतराम के भाई सतवीर की शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है लेकिन यहां अब पंचायत का दौर शुरू हो गया है।

    मेवात में हो रही पंचायत में अब पलवल, फरीदाबाद, सोहना, गुरुग्राम सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग जुटने लगे हैं। एक 51 सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले की गहन जांच व परिवार की वापसी की मांग की गई है।

    हिंदू समाज का कहना है कि अगर सतबीर के भाई चेतराम सहित परिवार के सभी पांचों सदस्यों को जल्द नहीं लौटाया तो नूंह के विशाल सर्व हिंदू समाज के साथ पंचायत का आयोजन किया गया। इसके लिए सरकार व प्रशासन दोषी माने जाएंगे।

    Haryana News: नूंह का शाहिद हो सकता है यूपी का छांगुर बाबा, मेवात में धर्म परिवर्तन के मामले से हिंदू समाज में फूट रहा गुस्सा

    छज्जूराम पूर्व सरपंच मालब, रणजीत सिंह फरीदाबाद ने नूंह जिला के अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है। वर्षों से मेवात के बहुसंख्यक मुस्लिम समाज द्वारा उनकी बहन बेटियों के साथ लव जिहाद व धर्मांतरण का खेल खेला जा रहा है। इसके बावजूद यहां का मुसलमान समाज चुप तमाशा देख रहा है। उन्होंने कहा कि वैसे मुसलमान उनको भाई-भाई कहते हैं, लेकिन यह कैसा भाईचारा उनकी समझ से परे हैं। वह अब और अधिक सहन नहीं कर सकते। एक टारगेट के साथ उनका समाज निशाना बनाया जा रहा है।

    हिंदू समाज के लोग मानते हैं कि लंबे समय से नूंह जिला में धर्मांतरण कराया जा रहा है। शाहिद निवासी अटेरना के तार विदेशी ताकतों से जुड़े हुए हैं। यह उनकी जानकारी में आया है। इसकी संपति कुछ समय में कई गुणा हो गई है। जबकि यह एक छोटा सा बिरयानी का काम करता है। ऐसे में इसी बड़े स्तर पर जांच की जाए। उनके भाई चेतराम व उनके परिवार को इनके मकान में रखा गया है। उनको अंदेशा है कि यह मामला भी उतर प्रदेश के छांगुर बाबा की तरह ही निकल सकता है। अगर पुलिस इससे गहनता से जांच कराती है, तो एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।

  • Bhupendra Singh Hooda: किसानों की समस्याओं पर नाकाम रही सरकार, MSP और खाद में देरी को लेकर हुड्डा ने चेताया

    Bhupendra Singh Hooda: किसानों की समस्याओं पर नाकाम रही सरकार, MSP और खाद में देरी को लेकर हुड्डा ने चेताया

    चंडीगढ़, 28 अगस्त । पूर्व मुख्यमंत्री Bhupendra Singh Hooda ने कहा है कि पूरे विधानसभा सत्र के दौरान बीजेपी सरकार विपक्ष के सवालों से भागती नजर आई। सरकार द्वारा एक भी सवाल का सीधा और स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। कानून व्यवस्था से लेकर किसानों, सड़कों, अस्पतालों, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जল भराव व फसल को भारी नुकसान, आयुष्मान योजना व स्वास्थ्य सेवाए बद‌हाली, राइस शैलर की हो रही परेशानी व धान में बिमारी, फसल बीमा योजना, बी पी एल कार्ड में भारी कटौती, कर्मचारी सी पी एल ओ ऑफ क्रीड एम्प्लाइज अन्य विभाग कर्मचारीयो की, स्कूल शिक्षा, कालेज ,यूनिवर्सिटी व अन्य शिक्षा संस्थान समेत तमाम मुद्दों पर कांग्रेस विधायकों ने सवाल पूछे। लेकिन सरकार के पास ना तो किसी सवाल का जवाब था और ना ही किसी समस्या का समाधान। वर्तमान व बीजेपी के 11 साल की बात ना करके मुख्यमंत्री और मंत्री इधर उधर की बात कर सदन को गुमराह करते रहे ।

    अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यंमत्री ने कहा कि बार-बार बीजेपी के उस दावे की भी पोल खुल रही है, जिसमें वो 24 फसलों पर एमएसपी देने की बात करती है। मंडियों में किसान की धान के बाद मक्का और सूरजमुखी एमएसपी से बेहद कम रेट में पिटी। किसानों को 2400 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी की बजाए मक्का का सिर्फ 1000 से 1400 रुपये ही रेट मिला।

    जब भी किसान एमएसपी मांगते हैं तो सरकार उन्हें पोर्टल के जाल में उलझाकर रख देती है। अब खाद के लिए भी ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ के पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। यानी सरकार एमएसपी और खाद देने की जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ चुकी है।

    यही हाल मुआवजे का है। सरकार द्वारा ‘क्षतिपूर्ति पोर्टल” पर पंजीकरण तो करवा लिया जाता है। लेकिन मुआवजा नहीं दिया जाता। पीएम फसल बीमा योजना ने भी किसानों को कंगाल और बीमा कंपनियों को मालामाल बना दिया है। ये खुलासा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से हुआ। सरकार ने खुद बताया कि योजना के तहत मुआवजे की रकम में सीधे 90% की भारी गिरावट हुई है।

    आगे भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में बीपीएल कार्ड बनाने को लेकर करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है। चुनाव नजदीक आते ही आनन-फानन में लाखों बीपीएल कार्ड बनाए गए। उन लोगों के भी कार्ड बना दिए गए, जो इसके लिए अपात्र थे। ऐसा करके बीजेपी ने चुनाव में लाखों लोगों की वोट ली और अब तीसरी बार सरकार बनते ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। अब रोज हजारों परिवारों के बीपीएल कार्ड काटे जा रहे हैं। उन लोगों के भी कार्ड काटे जा रहे हैं, जो गरीबी रेखा से नीचे हैं। करीब 11 लाख परिवारों के राशन कार्ड काटकर उन्हें सरकारी योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है। इसलिए हुड्डा ने बीपीएल को काटने ओर जोड़ने को वोट चोरी की संज्ञा दी।

    वोटों में धांधली के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी साख गंवा चुका है और हरियाणा में उसने पूरी तरह बीजेपी के इशारे पर काम किया। यही वजह है कि वोटिंग के बाद, कुल मिलाकर 72 घंटे के भीतर, कुल वोट पोल में 7 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी दिखा दी गई।

    Bhupendra Singh Hooda: किसानों की समस्याओं पर नाकाम रही सरकार, MSP और खाद में देरी को लेकर हुड्डा ने चेताया

    बीजेपी द्वारा विधानसभा में खिलाड़ियों की नियुक्ति को लेकर बोले गए झूठ को उजागर करते हुए हुड्डा ने बाकायदा आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान 700 से ज्यादा खिलाड़ियों को नियुक्तियां दी गई थीं। इनमें 18 डीएसपी, 21 इंस्पेक्टर, 35 सब-इंस्पेक्टर, 326 कांस्टेबल और अन्य विभागों के पद शामिल हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों को तमाम नौकरियों में 3 प्रतिशत खेल कोटा देकर, उनके लिए रोजगार के रास्ते खोले थे। जबकि बीजेपी ने इस नीति को ही खत्म कर दिया।

    कलेक्टर रेट में बढ़ोत्तरी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने एक बार फिर जमीनों के रेट आसमान पर पहुंचने वाला फैसला लिया है। इससे स्पष्ट हो गया है कि भाजपा पूरी तरह गरीब और मध्यम वर्ग विरोधी पार्टी है। इससे पहले भी बीजेपी ने हुडा के प्लॉट का आवंटन नीलामी के आधार पर करने का फैसला लिया था। इसके चलते सेक्टर के प्लॉट्स के रेट भी रातों-रात बढ़ गए थे और गरीब व मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर हो गए थे।

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कानून व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि बीजेपी ने कैसे सदन को गुमराह किया। मौजूदा हालात पर बात करने की बजाए, बीजेपी कांग्रेस कार्यकाल के आंकड़े गिनवाने लगी और उसमें भी जमकर झूठ परोसा गया।

    हुड्डा ने बताया कि 2005 में कांग्रेस सरकार बनने से पहले इनेलो-बीजेपी राज में हालात इतने खराब थे के संगीन मामलों में भी एफआईआर तक नहीं होती थी। लेकिन कांग्रेस ने सत्ता में आते ही कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया। पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी और उसके बाद कांग्रेस ने हरियाणा से अपराध को खत्म करने का मिशन शुरू किया, जो कामयाब रहा। कांग्रेस ने प्रदेश से तमाम गैंगस्टर, माफिया और बदमाशों का सफाया करके संगठित अपराध को पूरी तरह खत्म कर दिया था।

    हुड्डा ने कहा कि अपराध दो तरह के होते हैं, एक ऑर्गेनाइज़्ड (संगठित) और दूसरा अनऑर्गेनाइज़्ड (असंगठित)। कांग्रेस सरकार के दौरान अगर कोई अपराध होता था तो वो असंगठित था, जैसे कोई आपसी विवाद, परिवार का झगड़ा, कोई जमीन का झगड़ा आदि। ऐसे मामलों में काफी हद तक सरकार और पुलिस की भूमिका अपराध होने के बाद शुरू होती है। यानी जब भी कोई ऐसा अपराध होता था तो सरकार कार्रवाई करती थी।

    लेकिन बीजेपी सरकार में ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ने सारी हदें पार कर दी हैं। प्रदेश में कई गैंग्स बन गई हैं, माफिया पैर पसार रहा है, लोगों को धमकियां दी जा रही हैं, फिरौती मांगी जा रही है, धमकियां देकर गोली मारी जा रही है, किसी के भी घर के ऊपर फायरिंग की जा रही है, सोशल मीडिया पर सरेआम धमकी देते हैं और अपराध करने के बाद अपराधी उसकी जिम्मेदारी ले रहे हैं। बदमाश इतने बेखौफ हैं कि अपराध करते हुए खुद की वीडियो डाल रहे हैं। तमाम व्यापारियों और यहां तक कि विधायकों नेताओं तक को बदमाशों की तरफ से धमकियां आ रही हैं। इसे ऑर्गेनाइज्ड क्राइम बोला जाता है।

    आज सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि सबसे ज्यादा संगठित अपराध हरियाणा में है। एसटीएफ ने बताया है कि हरियाणा में 80 से ज्यादा संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय हैं, जो कॉन्ट्रेक्ट किलिंग, फिरौती, वसूली, अपहरण और तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देते हैं। खुद केंद्र सरकार की एसपीआई रिपोर्ट ने भी प्रदेश की भाजपा सरकार को इसके बारे में चेतावनी दी है। बाकायदा सामाजिक प्रगति सूचकांक जारी करके केंद्र ने कहा है कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है।

    एनसीआरबी के सरकारी आंकड़े भी गवाही दे रही हैं कि हरियाणा महिलाओं के विरूद्ध अपराध के मामले में देश का नंबर वन राज्य बन गया है। रेप के मामले में भी हरियाणा तीसरे नंबर पर आकर खड़ा हो गया है। बदमाशों का इतना खौफ है कि हरियाणा से उद्योग पलायन कर रहे हैं और निवेशक यहां पैसा लगाने को तैयार नहीं है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुड्डा के साथ कई विधायको ने भी विभिन्न मुद्दों पर भी पत्रकारों से चर्चा की इनमे मुख्यतया रघुबीर कादयान, अशोक अरोड़ा ,गीता भूकल, बी बी बत्रा ,आफताब अहमद आदि थे।

  • Haryana News: विधानसभा में महफिल लूट ले गए नायब, मुख्यमंत्री के सामने विपक्ष की धार हुई कुंद

    Haryana News: विधानसभा में महफिल लूट ले गए नायब, मुख्यमंत्री के सामने विपक्ष की धार हुई कुंद

    Haryana News: हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए काफी फायदेमंद रहा है। जब मानसून सत्र शुरू हुआ तब लगता था कि विपक्ष इस बार सरकार को घेर कर उसे कठघरे में खड़ा करेगा लेकिन पूरे सत्र में सरकार महफिल लूट ले गई।

    विधानसभा सत्र की शुरुआत में राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जिस आक्रामकता से आगाज किया था, अंजाम उसके लिए उतना सफल नहीं रहा। सदन के पहले ही दिन कांग्रेस काम रोको प्रस्ताव लाई। विधानसभा अध्यक्ष ने उसे स्वीकार भी कर लिया, मगर न तो काम रुका और न ही सत्ता पक्ष झुका।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने चिर परिचित अंदाज से न सिर्फ विपक्ष की धार को कुंद किया बल्कि शोक-शराबे के बीच लोक लुभावनी घोषणाएं कर पूरा माइलेज ले गए। उन्होंने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को आंकड़ेबाजी में ऐसा उलझाया कि पिछले कुछ महीनों में हुई अपराध की किसी भी बड़ी घटना पर कांग्रेस के दिग्गज विधायक सरकार को घेर नहीं पाए।

    पहले दिन आए स्थगन प्रस्ताव

    पहले दिन कांग्रेस के युवा विधायक बलराम डांगी, जस्सी पेटवाड़, इंदु राज नरवाल, विकास सहारण ने जिस तरह से स्थगन प्रस्ताव के मुद्दे मजबूती से रखा, उससे यही कयास लगाए जाने लगे कि इस बार सदन में सत्ता पक्ष पर विपक्ष पर भारी पड़ेगा। कोई कामकाज नहीं होगा, विपक्ष की मांग पर पहले कानून व्यवस्था पर सत्ता पक्ष को जवाब देना होगा।

    Haryana News: विधानसभा में महफिल लूट ले गए नायब, मुख्यमंत्री के सामने विपक्ष की धार हुई कुंद

    स्थगन प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया, मगर सदन की कार्यवाही चलती रही। कोई काम नहीं रुका। यहीं से विपक्ष के तेवर ढीले पड़ गए। जब सदन के अंदर कांग्रेस विधायक स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे तो उस दौरान मुख्यमंत्री मौजूद ही नहीं थे। गृह मंत्री का प्रभार भी उनके पास है। विपक्ष चाहता तो मुख्यमंत्री को सदन में बुलाने के लिए अड़ सकता था, मगर विपक्ष ने भी एक बार इसका विरोध नहीं किया। जब सीएम के जवाब देने की बारी आई तो रोहतक के चर्चित कांड उठाकर कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। दर्ज मामलों के आंकड़े पिछले साल की तुलना में कम थे, जो सरकार के ही पक्ष में गया।

    वहीं, मुख्यमंत्री ने 84 के दंगों के पीड़ितों को परिवारों के सदस्यों को नौकरी देने का एलान कर न सिर्फ हरियाणा के सिखों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की बल्कि इसकी गूंज पंजाब तक पहुंची है। बल्कि 84 के दंगों से प्रभावित परिवारों को नौकरी देने के मुद्दे को गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित बताकर अपने फैसले को पूरे देश में चर्चा में ला दिया है। वहीं, अवैध उद्योगों को नियमित करने का बिल पास कराकर सैकड़ों छोटे उद्यमियों को बड़ी राहत दी है।

    इसके साथ ही आखिरी दिन गरीबों को मिलने वाले प्लाट की स्टांप ड्यूटी खत्म कर मुख्यमंत्री संदेश दे गए कि वे अब गरीबों के सबसे बड़े हितैषी हैं। सदन में घमासान के बीच पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सम्मानित व पिता सामान बताकर वह संदेश देने में कामयाब रहे कि चाहे कितना भी तनाव भरा माहौल हो, वे अपनी जड़े नहीं भूलने वाले। कुल मिलाकर विपक्ष ने पहले दिन स्कोर किया, मगर बाजी सत्ता पक्ष मार ले गया।

    सरकार ने हरियाणा में आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के पदों को पदोन्नति से भरने का ऐलान कर आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्परों को शांत करने का काम किया है।

  • Gurugram: 1700 लोगों से फ्लैट के नाम पर लिए 1100 करोड़, ईडी ने कोर्ट में दायर की चार्जशीट

    Gurugram: 1700 लोगों से फ्लैट के नाम पर लिए 1100 करोड़, ईडी ने कोर्ट में दायर की चार्जशीट

    Gurugram के सेक्टर-89 स्थित बहुचर्चित ग्रीनोपोलिस हाउसिंग प्रोजेक्ट घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की गुरुग्राम जोनल इकाई ने थ्री सी शेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रमोटर्स निर्मल सिंह, विदुर भारद्वाज और सुरप्रीत सिंह सूरी, समूह की अन्य कंपनियों और सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट नई दिल्ली के साकेत स्थित पीएमएलए विशेष न्यायालय में दाखिल की गई। इस पर अदालत ने आरोपियों को नोटिस जारी कर दिया है।

    इस घोटाले की जांच की शुरूआत दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज एफआईआर से हुई थी। सैकड़ों होम बायर्स ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्रीनोपोलिस प्रोजेक्ट में उन्हें न तो फ्लैट दिया गया और न ही उनकी जमा रकम लौटाई गई। खरीददारों का आरोप था कि डेवलपर्स ने उनके साथ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात किया है।

    जांच में पता चला कि नवंबर 2011 में थ्री सी शेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने संयुक्त विकास समझौता किया था। 2012 में ग्रीनोपोलिस प्रोजेक्ट लॉन्च हुआ। इसमें 29 टावर और करीब 1700 फ्लैट बनाने का वादा किया गया था। कंपनी ने खरीदारों से 1100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वसूल ली। कई उपभोक्ताओं से 90 प्रतिशत तक वसूली की जा चुकी है लेकिन किसी को कब्जा नहीं दिया गया।

    Gurugram: 1700 लोगों से फ्लैट के नाम पर लिए 1100 करोड़, ईडी ने कोर्ट में दायर की चार्जशीट

    इस प्रोजेक्ट का निर्माण 2016 में पूरी तरह रुक गया और केवल अधूरे ढांचे खड़े रह गए। ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी और उसके प्रमोटर्स ने 600 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को विभिन्न तरीकों से हड़प लिया और दूसरे कामों में लगा दिया। यही नहीं, 214 करोड़ से अधिक की राशि समूह की अन्य कंपनियों में डायवर्ट की गई। इसी तरह 131 करोड़ से अधिक की राशि कोलकाता की शेल कंपनी – एनयू रुचि बर्टर प्राइवेट लिमिटेड के जरिए घुमाए।

    ईडी की जांच में साफ हुआ है कि 125 करोड़ 67 लाख रुपये ग्लोबस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से (सिपऑन) किए गए। करीब दो लाख वर्ग फुट अनसोल्ड इन्वेंट्री (90 करोड़ रुपए मूल्य) का गैर-प्रोजेक्ट कार्यों में दुरुपयोग किया गया। ईडी रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर हरमीत सिंह ओबेरॉय, मुख्य आरोपी निर्मल सिंह के साले हैं। यानी फंड हेराफेरी के लिए पारिवारिक कंपनियों का भी इस्तेमाल किया गया।

    ईडी ने 25 नवंबर, 2024 को आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज़, रिकॉर्ड और अचल संपत्तियों का पता चला। बाद में ईडी ने 506.45 करोड़ रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्तियां अटैच की। अब ईडी ने अदालत से मांग की है कि इन अटैच संपत्तियों को सरकारी खजाने में जमा किया जाए।

    ग्रीनोपोलिस प्रोजेक्ट के पीड़ित होम बायर्स का कहना है कि वे वर्षों से न तो अपने सपनों का घर पा सके और न ही उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिली है। खरीददारों का कहना है कि आठ-दस साल हो गए, न घर मिला न पैसा वापस। अदालत से ही अब हमें न्याय की उम्मीद है। ईडी की चार्जशीट और ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट के आधार पर मामला फिलहाल साकेत कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट में जल्द ही आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

  • पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के साथ हरियाणा सरकार—CM Nayab Saini ने भेजा पंजाब के CM भगवंत मान को पत्र

    पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के साथ हरियाणा सरकार—CM Nayab Saini ने भेजा पंजाब के CM भगवंत मान को पत्र

    CM Nayab Saini: पंजाब में आई भीषण बाढ़ से जहां लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, वहीं हरियाणा सरकार ने इस कठिन समय में एकजुटता और सहयोग का संदेश दिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर गहरा दुख व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार पूरी तरह से पंजाब के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह समय इंसानियत और भाईचारे की भावना दिखाने का है, न कि राजनीतिक सीमाओं पर ध्यान देने का।

    हर तरह की मदद देने का भरोसा

    अपने पत्र में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्पष्ट किया है कि यदि पंजाब को किसी भी प्रकार की सहायता की जरूरत होगी, तो हरियाणा सरकार तुरंत वह उपलब्ध कराएगी। चाहे राहत सामग्री भेजनी हो, बचाव दल की तैनाती करनी हो या अन्य कोई सहयोग देना हो, हरियाणा हर मोर्चे पर मदद के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय राज्यों की सीमाओं का कोई महत्व नहीं होता, बल्कि संकट के समय सहयोग और संवेदनशीलता ही सबसे बड़ा धर्म होता है।

    पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के साथ हरियाणा सरकार—CM Nayab Saini ने भेजा पंजाब के CM भगवंत मान को पत्र

    मानवीय संवेदना को सर्वोपरि बताया

    मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि जब लोग बाढ़ जैसी आपदा से जूझ रहे हों, तब सरकारों का कर्तव्य है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत की मिसाल पेश करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता भी पंजाब के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है और हर कोई चाहता है कि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द अपने सामान्य जीवन में लौट सकें। नायब सैनी ने उम्मीद जताई कि पंजाब सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी शक्ति से जुटी है और इस आपदा से जल्द ही उबर लिया जाएगा।

    पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के साथ हरियाणा सरकार—CM Nayab Saini ने भेजा पंजाब के CM भगवंत मान को पत्र

    आपदा में भाईचारे का संदेश

    हरियाणा सरकार का यह कदम न केवल मानवीय संवेदनाओं को उजागर करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि किसी भी आपदा के समय राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री नायब सैनी का यह पत्र दोनों राज्यों के बीच सौहार्द और सहयोग की मिसाल पेश करता है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों की पीड़ा को कम करने में हरियाणा सरकार हरसंभव योगदान देगी। ऐसे समय में यह पहल निश्चित रूप से लोगों में भरोसा और एकता की भावना को मजबूत करेगी।

  • Haryana: राशनकार्डों की e-KYC करवाने में कैथल अव्वल, गुरुग्राम सबसे पीछे, e-KYC नहीं करवाने वालों का हो सकता है राशन बंद

    Haryana: राशनकार्डों की e-KYC करवाने में कैथल अव्वल, गुरुग्राम सबसे पीछे, e-KYC नहीं करवाने वालों का हो सकता है राशन बंद

    Haryana में अभी तक 57.30 फीसदी राशन कार्ड होल्डर्स ने अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) करवाई है। 3 से 4 बार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद लोग ई-केवाईसी करवाने नहीं आ रहे हैं। हालांकि, अभी ई-केवाईसी का पोर्टल बंद नहीं किया गया है। मगर ई-केवाईसी नहीं करवाने वालों की भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है। ई केवाईसी नहीं करवाने वाले राशन कार्ड धारकों का राशन आने वाले दिनों में बंद हो सकता है।

    दरअसल, प्रदेश में 46 लाख 14 हजार 604 राशन कार्ड बने हुए हैं। इनमें 1 करोड़ 75 लाख 69 हजार 739 लाभ प्राप्तकर्ता यानी बेनिफिशरीज हैं। इनमें से अभी तक 1 करोड़ 67 हजार 754 लोगों ने ई-केवाईसी कराई है। मगर 75 लाख 1 हजार 985 लोगों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है।

    ई-केवाईसी करवाने में सबसे पिछड़ा जिला गुरुग्राम है। यहां मात्र 28.98 प्रतिशत कार्ड होल्डर्स ने ई-केवाईसी कराई है। वहीं, सबसे अधिक ई-केवाईसी कैथल जिले में हुई है। यहां 70.94 प्रतिशत कार्ड होल्डर ई-केवाईसी करवा चुके हैं।

    दूसरे नंबर पर सिरसा में 70.74, तीसरे नंबर पर भिवानी में 66 प्रतिशत, चौथे नंबर पर रोहतक में 65.43 प्रतिशत और पांचवें नंबर पर फतेहाबाद में 64.63 प्रतिशत कार्ड होल्डर्स ने ई-केवाईसी कराई है। 22 में से 4 जिले तो ऐसे हैं, जहां ई-केवाईसी करवाने वालों का आंकड़ा 50 फीसदी भी नहीं पहुंचा है।

    Haryana: राशनकार्डों की e-KYC करवाने में कैथल अव्वल, गुरुग्राम सबसे पीछे, e-KYC नहीं करवाने वालों का हो सकता है राशन बंद

    ई-केवाईसी (e-KYC) एक ऑनलाइन प्रक्रिया है। इसमें किसी व्यक्ति की पहचान और पते का सत्यापन आधार कार्ड और फैमिली आईडी जैसी डिजिटल आईडी के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। यह प्रक्रिया सुरक्षित और तत्काल होती है।

    हरियाणा में बीपीएल और एएवाई कार्डधारक हैं। बीपीएल के पीले जबकि एएवाई श्रेणी वालों के गुलाबी रंग के कार्ड बने हुए हैं। गुलाबी कार्डधारकों को हर महीने 35 किलो गेहूं, साढ़े 13 रुपए किलोग्राम के हिसाब से एक किलोग्राम चीनी और 30 रुपए का एक लीटर जबकि 100 रुपए में दो लीटर सरसों का तेल मिलता है। इसी तरह बीपीएल यानी पीले कार्ड वालों को प्रति मेम्बर 5 किलो गेहूं, एक किलो चीनी साढ़े 13 रुपए के हिसाब से और 30 रुपए लीटर का लीटर या 100 रुपए में दो लीटर सरसों का तेल मिलता है। सरसों का तेल एक लीटर लेना है या दो लीटर, यह कार्ड धारक की मर्जी है।

    ई-केवाईसी करवाने की बेहद सरल प्रक्रिया है। इसके लिए सिर्फ कार्ड धारक के पास आधार नंबर होना चाहिए। राशन डिपो या बैंक में जाकर भी ई-केवाईसी करवाया जा सकता है। राशन डिपो पर जाते ही आधार नंबर देना है। इसके बाद आधार नंबर डालने पर मशीन में फिंगर प्रिंट लगेंगे। इतना होते ही ई-केवाईसी हो जाएगी। इसमें मात्र 10 सेकेंड का समय लगेगा।

    हालांकि यह प्रक्रिया काफी सरल है लेकिन कई बार विभिन्न कारणों से मशीनों के काम नहीं करने के कारण लोगों को काफी इंतजार के बाद बिना ई केवाईसी करवाए वापस लौटना पड़ता है।

  • Haryana: सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए तलाश रही जमीन, जींद में बन सकता है हरियाणा का सबसे बड़ा आईएमटी

    Haryana: सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए तलाश रही जमीन, जींद में बन सकता है हरियाणा का सबसे बड़ा आईएमटी

    Haryana सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए दस शहरों में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन (आईएमटी) स्थापित करने का फैसला किया है। आईएमटी बनने से प्रदेश में बेरोजगारी कम होगी और विकास को भी गति मिलेगी। सरकार ने इसके लिए बड़े आईएमटी स्थापित करने की कोशिश शुरू की है।

    विधानसभा में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।पहले चरण में पांच शहरों में आईएमटी के लिए भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है। दूसरे चरण में बाकी पांच शहरों में आईएमटी स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की मांग डाल दी है और अब यह देखना होगा कि किसान स्वेच्छा से अपनी जमीन पोर्टल पर अपलोड करते हैं या नहीं। जैसे ही पर्याप्त भूमि उपलब्ध होती है, सरकार तत्काल आगे की कार्रवाई शुरू करेगी।

    विधानसभा में कांग्रेस विधायक राजबीर सिंह फरटिया ने लोहारू हलके के पिछड़ेपन का मुद्दा उठाया और यहां आईएमटी स्थापित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यह इलाका राजस्थान से सटा हुआ है और औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्त है। वहीं, महेंद्रगढ़ के खुड़ाना में प्रस्तावित आईएमटी का मुद्दा विधायक कंवर सिंह यादव ने उठाया। मंत्री ने बताया कि यहां परियोजना के लिए कम से कम 1500 एकड़ भूमि चाहिए, लेकिन इतनी जमीन अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है। प्रस्तावित स्थल नेशनल हाईवे से ढाई किलोमीटर दूर है, लिहाजा सड़क विस्तार के लिए भी अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। यहां बता दें कि खुड़ाना आईएमटी पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है।

    Haryana: सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए तलाश रही जमीन, जींद में बन सकता है हरियाणा का सबसे बड़ा आईएमटी

    सरकार ने साफ कर दिया है कि आईएमटी योजना की सफलता किसानों के सहयोग पर निर्भर है। अगर किसान जमीन पोर्टल पर उपलब्ध करवाते हैं तो प्रदेश में उद्योगों के नए द्वार खुलेंगे और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मंत्री ने कहा कि लोहारू जैसे पिछड़े ब्लॉकों में उद्योग लगाने वालों को सरकार कई तरह की सुविधाएं देगी। इनमें बिजली पर सब्सिडी, विशेष योजनाएं और नीति आधारित छूटें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां भी जमीन मिलेगी, सरकार वहां उद्योग से पीछे नहीं हटेगी।

    अगर सरकार को जमीन उपलब्ध हुई तो जींद में प्रदेश का सबसे बड़ा आईएमटी स्थापित होगा। जींद के आईएमटी के लिए सरकार ने 12000 एकड़ जमीन की मांग की है। यह जमीन दिल्ली कटरा सुपर एक्सप्रेसवे और नारनौल चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 152 डी के बीच मांगी गई है। जींद जिले में यह दोनों हाईवे पास पास से गुजरते हैं और अगर यहां जमीन उपलब्ध हुई तो यहां स्थापित होने वाले उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार माल देश में कहीं भी भेजने में काफी आसानी होगी।

    असल में आज किसान आसानी से जमीन देना नहीं चाहते हैं और यह आईएमटी के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। जींद में जहां अब सरकार 12000 एकड़ जमीन पर आईएमटी विकसित करना चाहती है वहां पर सरकार ने पूर्व में 3500 एकड़ जमीन पर आईएमटी विकसित करने की बात कही थी लेकिन वह भी सिरे नहीं चढ़ पाई और अब सरकार या 12000 एकड़ जमीन पर आईएमटी विकसित करने की तैयारी कर रही है।

    हरियाणा में भाजपा सरकार के आने से पहले सरकार जमीन का अधिग्रहण करते भी और किसानों के पास सरकार को जमीन देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता था। लेकिन अब सरकार ने ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन मांगने का काम शुरू किया है। भाजपा की यह नीति निश्चित तौर पर किसानों के हित में है लेकिन इससे औद्योगिक विकास को झटका लग सकता है।

  • Haryana Weather: हरियाणा में आज मौसम साफ रहने की उम्मीद, कल फिर प्रदेश में बरसेंगे बादल, उत्तराखंड समेत देश के कई भागों में मानसून की आज भी तेज बारिश

    Haryana Weather: हरियाणा में आज मौसम साफ रहने की उम्मीद, कल फिर प्रदेश में बरसेंगे बादल, उत्तराखंड समेत देश के कई भागों में मानसून की आज भी तेज बारिश

    Haryana Weather: मौसम विभाग के अनुसार आज हरियाणा के 13 जिलों पंचकूला, अंबाला, करनाल, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। आज कहीं भी हरियाणा में भारी बारिश होने की कोई संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अगस्त से प्रदेश में तेज बारिश होगी जो 3 दिन जारी रहेगी। प्रदेश में इस सीजन सामान्य से अधिक बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश यमुनानगर में, जबकि सिरसा में सबसे कम बारिश दर्ज हुई है।

    बुधवार को झज्जर, चरखी दादरी, कैथल और सोनीपत में करंट लगने से एक बच्चे समेत 4 की मौत हो गई। वहीं, गुरुग्राम के बादशाहपुर में घर की छत गिरने से दंपती दब गया, जिसमें महिला की मौत हो गई। फरीदाबाद में भी पानी भरे गड्ढे में बाइक सवार गिरकर डूब गया। हालांकि, उसे लोगों ने बचा लिया।

    मौसम विभाग के अनुसार आज दिनभर मौसम साफ रहने के बाद कल फिर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनेगी। शुक्रवार को पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, रोहतक, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद में बूंदाबांदी हो सकती है। जबकि, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल और कुरूक्षेत्र में तेज बारिश की संभावना है।

    Haryana Weather: हरियाणा में आज मौसम साफ रहने की उम्मीद, कल फिर प्रदेश में बरसेंगे बादल, उत्तराखंड समेत देश के कई भागों में मानसून की आज भी तेज बारिश

    उत्तराखंड में आज बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश और गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इन तीन जिलों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलर्ट को देखते हुए चमोली प्रशासन में स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। वहीं देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी बारिश और गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश की तीव्र दौर होने की संभावना है।

    अगले दो दिन मध्य प्रदेश के आसमान पर मानसून छाया रहेगा। 28 अगस्त को प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने जहां भारी बारिश की आशंका जताई है, उनमें बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी शामिल है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इन जिलों में कहीं-कहीं 24 घंटे में 3 से 4 इंच तक पानी गिर सकता है।

    28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं पर बारिश व गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि इस दौरान प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश होने का अलर्ट नहीं जारी किया गया है। लेकिन सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद में हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है।