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  • Bhupendra Singh Hooda का बड़ा आरोप– हरियाणा डूबा, सरकार सोई! 5200 गांव तबाह, अब चाहिए केंद्र से खास पैकेज

    Bhupendra Singh Hooda का बड़ा आरोप– हरियाणा डूबा, सरकार सोई! 5200 गांव तबाह, अब चाहिए केंद्र से खास पैकेज

    चंडीगढ़, 9 सितंबर । पूर्व मुख्यमंत्री Bhupendra Singh Hooda ने कहा है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने जिस तरह बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है, वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। प्रति एकड़ मात्र 7 से 15 हजार मुआवजे के ऐलान किसानों के साथ भद्दा मजाक है। क्योंकि किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। उन्हें प्रति एकड़ करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आने वाली फसल के होने की भी उम्मीद नजर नहीं आती। यानी किसानों को पूरे दो सीजन का घाटा हुआ है। बावजूद इसके सरकार खाद के खर्च से भी कम मुआवजे का ऐलान कर रही है। किसानों को कम से कम 50-60 प्रति एकड़ मुआवजा मिलना चाहिए।

    हुड्डा आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान के साथ पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने बताया कि बाढ़ के चलते किसानों की 14 लाख एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। हजारों मकान में दरारें आई हैं। दुकानें, इमारतें व अन्य प्रतिष्ठान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों को भारी आर्थिक चोट पहुंची है। इन सबकी भरपाई के लिए उचित मुआवजे की आवश्यकता है, जिसके लिए केंद्र सरकार को हरियाणा के लिए विशेष राहत पैकेज देने का ऐलान करना चाहिए।

    Bhupendra Singh Hooda का बड़ा आरोप– हरियाणा डूबा, सरकार सोई! 5200 गांव तबाह, अब चाहिए केंद्र से खास पैकेज

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि उन्होंने खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। आधे हरियाणा की स्थिति भयावह बनी हुई है। बावजूद इसके दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश सरकार ने हरियाणा को बाढ़ प्रभावित स्टेट घोषित नहीं किया है। जबकि प्रदेश सरकार को इसे बाढ़ प्रभावित घोषित करके, केंद्र से पैकेज की मांग करनी चाहिए थी। क्योंकि राज्य के 5200 गांव बाढ़ से प्रभावित है। चौधरी उदयभान ने भी इस मांग को दोहराते हुए प्रदेश सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर की।

    हुड्डा ने कहा कि सरकार को पोर्टल का चक्कर छोड़कर तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों तक आर्थिक मदद पहुंचानी चाहिए। क्योंकि पराली जलाने पर केस दर्ज करने वाली सरकार सेटेलाइड इमेज का सहारा लेती है। लेकिन जब बाढ़, बीमारी व दूसरी आपदा की बात आती है तो किसानों को पोर्टल के हवाले कर दिया जाता है। बीजेपी ने पोर्टल को अपनी जिम्मेदारी से भागने और मुआवजे में देरी का जरिया बना लिया है।

  • Bhupendra Singh Hooda: बाढ़ से हुए नुकसान की गिरदावरी कर मुआवजा तुरंत दें और राहत कार्यों में सरकार तुरंत सक्रियता बढ़ाए

    Bhupendra Singh Hooda: बाढ़ से हुए नुकसान की गिरदावरी कर मुआवजा तुरंत दें और राहत कार्यों में सरकार तुरंत सक्रियता बढ़ाए

    जींद, 5 सितंबर । पूर्व मुख्यमंत्री Bhupendra Singh Hooda ने कहा है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा बाढ़ नियतंत्रण और राहत के लिए किए जा रहे कार्य अपर्याप्त हैं। लोगों की परेशानी और जान-माल के ख़तरे की गंभीरता को समझते हुए उसे अपनी सक्रियता बढ़ानी चाहिए। आज लगभग पूरा हरियाणा बाढ़ और जलभराव की चपेट में आ चुका है। गांव, खेत, गलियां, सड़कें, हाइवे और शहर सब जलमग्न हो गए हैं। तमाम प्रभावित लोग सरकारी मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। सरकार को तुरंत विशेष गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू करके, फसलों को हुए नुकसान का 100 प्रतिशत मुआवजा देना चाहिए। साथ ही मकानों व दुकानों को हुए नुकसान का मुआयना करके जल्द मुआवजे का ऐलान करना चाहिए।

    हुड्डा आज जींद में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने बताया कि वो पूरे हरियाणा से जानकारी एकत्र कर रहे हैं। आधे से ज्यादा जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और आने वाले दिनों में बारिश की संभावना के चलते हालात और बिगड़ने की आशंका है। इसलिए सरकार को जल निकासी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने के लिए पूरी मुस्तैदी दिखानी चाहिए।

    Bhupendra Singh Hooda: बाढ़ से हुए नुकसान की गिरदावरी कर मुआवजा तुरंत दें और राहत कार्यों में सरकार तुरंत सक्रियता बढ़ाए

    Bhupendra Singh Hooda ने कहा कि बाढ़ के लिए सिर्फ प्रकृति नहीं, बल्कि बीजेपी सरकार के घोटाले और निष्क्रियता भी दोषी है। क्योंकि लगातार इस सरकार द्वारा अमृत योजना, साफ-सफाई और सीवरेज व्यवस्था के मामलों में घोटाले किए जाते रहे। कैग की रिपोर्ट में भी कई अनियमितताओं के खुलासे हुए हैं। यही वजह है कि अब तमाम गांव से लेकर शहर तक, जल भराव व बाढ़ का सामना कर रहे हैं। क्योंकि ना सरकार ने समय रहते नहरों की सफाई करवाई और ना ही सीवरेज की।

    चौ. रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में कोर्सिज बंद होने के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि आज प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्टाफ की 52 प्रतिशत सीटें खाली पड़ी हैं। यही वजह है कि प्रदेश के विश्वविद्यालय लगातर पिछड़ते जा रहे हैं। यह लगतार छठा साल है, जब हरियाणा की कोई भी यूनिवर्सिटी देश की टॉप-100 में जगह नहीं बना पाई है। कांग्रेस सरकार ने चौ. रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी का निर्माण जींद व आसपास के जिलों में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए किया था। लेकिन अब बीजेपी सरकार लगातार स्कूलों और कॉलेज-यूनिवर्सिटीज़ के कोर्सिज पर ताले लगा रही है।

    कानून व्यवस्था के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध चरम पर है। ऐसा लगता है कि हरियाणा में सरकार नाम की चीज ही नहीं है। बढ़ते अपराध के चलते प्रदेस में कोई नया निवेश नहीं आ रहा। निवेश नहीं होने के चलते हरियाणा बेरोजगारी में नम्बर वन हो गया है। बेलगाम अपराध और बेरोजगारी, बीजेपी सरकार की बड़ी नाकामी साबित हो रही है।

  • बाढ़ से बेहाल हरियाणा, Bhupendra Singh Hooda ने सरकार को चेतावनी दी – जल निकासी में देरी, तो नुकसान का बोझ बढ़ेगा

    बाढ़ से बेहाल हरियाणा, Bhupendra Singh Hooda ने सरकार को चेतावनी दी – जल निकासी में देरी, तो नुकसान का बोझ बढ़ेगा

    चंडीगढ़, 4 सितंबर । पूर्व मुख्यमंत्री Bhupendra Singh Hooda ने कहा है कि पंजाब के बाद लगभग पूरा हरियाणा भी अब बाढ़ और जलभराव की चपेट में आ चुका है। गांव, खेत, गलियां, सड़कें, हाइवे और शहर सब जलमग्न हो गए हैं। तमाम प्रभावित लोग सरकारी मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। सरकार को तुरंत विशेष गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू करके, फसलों को हुए नुकसान का 100 प्रतिशत मुआवजा देना चाहिए। साथ ही मकानों व दुकानों को हुए नुकसान का मुआयना करके जल्द मुआवजे का ऐलान करना चाहिए। प्रदेश और केंद्र सरकार को सक्रिय होकर बाढ़ प्रभावित स्थानों पर राहत कार्य शुरू करना चाहिए। अबतक जो कार्य किए जा रहे हैं, वो नाकाफी हैं, जिसके चलते जलभराव लगातार बढ़ता जा रहा है।

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में कांग्रेस के तमाम नेता, कार्यकर्ता, विधायक और सांसद भी लगातार अपनी क्षमतानुसार राहत कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में अधिकारियों को चाहिए कि जो भी जमीनी जानकारी कांग्रेसजन प्रशासन तक पहुंचाए, उसका तुरंत संज्ञान लेते हुए मुस्तैदी के साथ समाधान किया जाए।

    हुड्डा ने तमाम सक्षम लोगों से भी आगे आकर हाथ बंटाने की अपील की है। तमाम लोग आर्थिक या राहत सामग्री के तौर पर, जिस भी तरह की मदद बाढ़ पीड़ित लोगों को पहुंच सकें, जल्द से जल्द पहुंचानी चाहिए। मुश्किल की इस घड़ी में एक-दूसरे का साथ देना ही इंसानियत और भाईचारा है।

    बाढ़ से बेहाल हरियाणा, Bhupendra Singh Hooda ने सरकार को चेतावनी दी – जल निकासी में देरी, तो नुकसान का बोझ बढ़ेगा

    पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में और बारिश होने की संभवना है, जो चिंता बढ़ाने वाली है। इससे निपटने के लिए सरकार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल निकासी के लिए वाटर पंप, मोटर और जनरेटर की व्यवस्था कर देनी चाहिए। साथ ही लोगों के लिए खाने व पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करे और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की व्यवस्था की जाए।

    हुड्डा ने कहा कि इस जल प्रलय से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। उनकी फसलें, मकान और मवेशी तक डूब गए हैं। इंसानों के लिए खाने और मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार चारे व खाने का बंदोबस्त करने के साथ तुरंत किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे का ऐलान करे।

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित पंजाब के लिए भी मदद की मांग करी है। उन्होंने कहा है कि इस बाढ़ ने खेती-बाड़ी, मवेशी, मकान, दुकान और व्यापार सबकुछ तबाह कर दिया है। पंजाब में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रदेश और केंद्र की दोनों सरकारों को राहत कार्य और मुआवजे में किसी तरह की कोर कसर नहीं छोड़नी चाहिए।

  • Haryana Weather: भारी बारिश की चेतावनी, पंजाब-हरियाणा में स्कूलों में छुट्टी, रेल सेवाओं पर प्रभाव और एक बच्चे की मौत

    Haryana Weather: भारी बारिश की चेतावनी, पंजाब-हरियाणा में स्कूलों में छुट्टी, रेल सेवाओं पर प्रभाव और एक बच्चे की मौत

    Haryana Weather: मानसून का अंतिम दौर आ गया है। भादो महीने में भी सावन जैसी झड़ी लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी भारी बारिश के आसार हैं। आज प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की उम्मीद है वहीं अगले दो दिन गुरुवार और शुक्रवार को पूरे हरियाणा में तेज बारिश की संभावना है। पंजाब सरकार ने भारी बारिश की चेतावनी के बाद 5 दिनों के लिए स्कूल बंद कर दिए हैं। इस बीच बहादुरगढ़ में एक बच्चे की खेलते समय करंट लगने से मौत हो गई।

    आज हरियाणा के अंबाला और यमुनानगर के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। बाकी हरियाणा में कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है लेकिन फिर भी कहा गया है कि कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। 18 जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, पलवल, मेवात, फरीदाबाद में 25 से 50 प्रतिशत एरिया में हल्की बारिश के आसार हैं। जींद, कैथल, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद में 25 प्रतिशत एरिया में हल्की बूंदाबांदी रहेगी।

    इससे पहले मंगलवार को प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश हुई। बारिश के कारण रेलवे ने 18 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। दरअसल पंजाब के पठानकोट और हिमाचल के कंदरोड़ी रेलवे ट्रैक पर बने चक्की पुल के क्षतिग्रस्त होने से ये हालात बने हैं। इसके अलावा जम्मू तवी से श्री वैष्णो देवी कटरा स्टेशन और जम्मू तवी से बाड़ी ब्राह्मण डाउन लाइन पर भी बाढ़ का पानी आ गया।

    Haryana Weather: भारी बारिश की चेतावनी, पंजाब-हरियाणा में स्कूलों में छुट्टी, रेल सेवाओं पर प्रभाव और एक बच्चे की मौत

    हरियाणा में सबसे कम सिरसा में हुई बारिश प्रदेश में इस मानसून सीजन में 26 अगस्त तक औसतन 330.2 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 402 एमएम बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से 22 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे ज्यादा यमुनानगर में 891.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। सबसे कम सिरसा में 195.1 एमएम बारिश हुई है। हालांकि भिवानी में 241.9 एमएम, कैथल में 257.9 एमएम, जींद में 277 एमएम बारिश भी कम ही है। इन चार जिलों में इस बार अभी तक मानसून मेहरबान नजर नहीं आया है।

    मंगलवार शाम 4 बजे बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में विकास नगर में बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। गली में खेल रहे 11 वर्षीय कृष को एक दुकान के शटर में आया करंट लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेजा।

    इधर पंजाब में भारी बारिश की चेतावनी के चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने 27 से 30 अगस्त तक राज्य के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके चलते यह फैसला लिया गया है। 31 अगस्त को रविवार है और इस दिन स्कूल बंद रहने वाला है। पंजाब में अब एक सितंबर को ही स्कूल खुलेंगे।