Tag: haryana news live tv

  • Haryana: गुरुग्राम से साइकिल चलाकर पहुंचे अधिकारी, लौटे में नमक डाल युवाओं से लिया नशा छोड़ने का संकल्प

    Haryana: गुरुग्राम से साइकिल चलाकर पहुंचे अधिकारी, लौटे में नमक डाल युवाओं से लिया नशा छोड़ने का संकल्प

    Haryana: हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने और नशा मुक्त समाज बनाने के लिए एक अनोखी और संवेदनशील पहल शुरू की है। इसके तहत युवाओं और आम नागरिकों से लोटे में नमक डालकर नशा न करने का वचन लिया जा रहा है। इस मुहिम का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने गुरुग्राम से 59 किलोमीटर साइकिल चलाकर रेवाड़ी पहुंचकर इस मुहिम को बल दिया और नशे के खिलाफ समाज को एकजुट करने का संदेश दिया।

    साइकिल यात्रा से दिया नशा मुक्त समाज का संदेश

    रेवाड़ी पहुंचने के बाद डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को एकत्र कर नशा मुक्त समाज की आवश्यकता और महत्व पर चर्चा की। उन्होंने लोगों से लोटे में नमक डालकर यह संकल्प दिलवाया कि वे स्वयं भी नशा नहीं करेंगे और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। डॉ. वर्मा ने कहा कि इस अनोखे तरीके का उद्देश्य लोगों के मन में नशा छोड़ने का दृढ़ संकल्प पैदा करना है। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए समाज का सहयोग आवश्यक है।

    Haryana: गुरुग्राम से साइकिल चलाकर पहुंचे अधिकारी, लौटे में नमक डाल युवाओं से लिया नशा छोड़ने का संकल्प

    नशे के विरुद्ध ब्यूरो की उपलब्धियां

    कार्यक्रम के दौरान डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की उपलब्धियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि ब्यूरो दो तरह से काम कर रहा है: पहला, नशा तस्करों को पकड़कर उन्हें जेल तक पहुंचाना, और दूसरा, समाज में जागरूकता फैलाना। वर्ष 2023 में ब्यूरो ने 3823 अभियोग दर्ज कर 5930 अपराधियों को जेल भेजा है, जबकि वर्ष 2024 में अब तक 3330 अभियोग दर्ज कर 5328 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। जनवरी 2025 से जून 2025 तक 1858 अभियोग दर्ज कर 3051 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, नशा तस्करी में संलिप्त करीब 87 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है।

    नशा मुक्त भारत के लिए जागरूकता जरूरी

    डॉ. वर्मा ने कहा कि जागरूकता ही नशे की दलदल में फंसने से बचने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों को बताया कि सरकार ने 1933, NCB MANAS पोर्टल और हरियाणा के लिए हेल्पलाइन नंबर 9050891508 जारी किया है, जिन पर गुप्त सूचना देकर नशा तस्करी और नशे के कारोबार की जानकारी दी जा सकती है। इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ युवाओं को नशे के खतरे से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस और सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। लौटे में नमक डालकर लिया गया यह संकल्प भविष्य में नशा मुक्त भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • Haryana: जींद में गुपचुप करवाया 23 हफ्ते का गर्भपात, पीएनडीटी टीम की रेड, पुलिस ने दर्ज किया केस

    Haryana: जींद में गुपचुप करवाया 23 हफ्ते का गर्भपात, पीएनडीटी टीम की रेड, पुलिस ने दर्ज किया केस

    जींद शहर के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी (Pre-Natal Diagnostic Techniques) टीम ने रेड कर अवैध तरीके से 23 सप्ताह के गर्भपात का मामला उजागर किया है। यह रेड जिले में घटते लिंगानुपात की स्थिति पर नजर रखते हुए की गई, जहां स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग कर रहा है। विभाग को मुख्यालय से सूचना मिली थी कि शशी शर्मा अस्पताल में एक महिला का 23 सप्ताह का गर्भपात अवैध रूप से करवाया गया है, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने अस्पताल में जांच की। इस दौरान पाया गया कि अस्पताल के पास 20 सप्ताह तक के गर्भपात की अनुमति थी, जबकि 23 सप्ताह के गर्भपात के लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।

    जांच में सामने आई नियमों की अनदेखी

    स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि गर्भपात करवाने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी की अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा केवल दो सदस्यों की अनुमति ली गई थी। अस्पताल संचालिका शशी शर्मा से जब दस्तावेज मांगे गए, तो उनके पास 20 सप्ताह तक के गर्भपात की ही स्वीकृति थी। इस पर अस्पताल संचालिका ने कहा कि महिला के पेट में ही बच्चे की मौत हो गई थी और महिला की तबीयत न बिगड़े, इसके लिए जल्द गर्भपात करना आवश्यक था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गर्भ में मृत बच्चा लड़का था, जिससे मामले में पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन की आशंका और गहरी हो गई है।

    Haryana: जींद में गुपचुप करवाया 23 हफ्ते का गर्भपात, पीएनडीटी टीम की रेड, पुलिस ने दर्ज किया केस

    पुलिस ने दर्ज किया केस, शुरू की जांच

    स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस पूरे मामले की शिकायत शहर थाना पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा अस्पताल प्रबंधन से सभी दस्तावेज और घटना की वास्तविक जानकारी मांगी गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गर्भपात किस परिस्थिति में और किन नियमों के तहत किया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह गर्भपात लिंग जांच के बाद तो नहीं करवाया गया। मामले में अस्पताल संचालिका और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध गर्भपात के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।

    घटते लिंगानुपात पर स्वास्थ्य विभाग की कड़ी नजर

    जिले में लगातार घटते लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले से ही सतर्क है और समय-समय पर निजी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के इलाज और गर्भपात के मामलों की जांच की जा रही है। पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा चुकी है। इस घटना के बाद जिले में अवैध तरीके से गर्भपात करने वाले अस्पतालों और क्लीनिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बेटियों को बचाने और लिंगानुपात को सामान्य बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन कर बेटियों के अधिकारों का हनन न हो सके।

  • Haryana में बहू ने सास को कांवड़ में बैठाकर किया बेमिसाल प्रेम का प्रदर्शन, सावन में भावुक कर देगी कहानी

    Haryana में बहू ने सास को कांवड़ में बैठाकर किया बेमिसाल प्रेम का प्रदर्शन, सावन में भावुक कर देगी कहानी

    Haryana: सावन के पवित्र माह में जहां हर शहर “बोल बम” के जयकारों से गूंज रहा है, वहीं हरियाणा के करनाल जिले के माजरा गांव की अंजलि ने अपने पति बलवान के साथ एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। अंजलि ने अपनी वृद्ध सास प्रसन्ना देवी को कांवड़ में बैठाकर सैकड़ों किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी की। यह कहानी सिर्फ आस्था की नहीं बल्कि कलियुग में माता-पिता के प्रति प्रेम और सेवा की भावना को दर्शाने वाली प्रेरणादायक घटना भी है। जब यह जोड़ा सहारनपुर से गुजरा, तो हर किसी की नजरें इस अद्भुत दृश्य पर टिक गईं, क्योंकि उन्होंने अपनी मां की इच्छा को पूरा करने के लिए श्रवण कुमार की तरह कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया।

    मां की इच्छा और बेटे-बहू का संकल्प

    बलवान ने बताया कि उनकी मां प्रसन्ना देवी की लंबे समय से यह इच्छा थी कि वह सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार जाकर गंगाजल लाएं और भगवान शिव पर अर्पित करें। लेकिन उम्र बढ़ने और पैरों की कमजोरी के कारण वह चलने में असमर्थ थीं। जब बलवान ने यह बात अपनी पत्नी अंजलि को बताई, तो अंजलि ने बिना किसी संकोच के निर्णय लिया कि वह अपनी सास की यह इच्छा जरूर पूरी करेंगी। अंजलि ने कहा, “माता-पिता का स्थान भगवान से भी ऊंचा होता है, और उनकी सेवा के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होती।” इस सोच के साथ उन्होंने अपनी सास को पालकी में बैठाया और भोलेनाथ से शक्ति मांगकर कांवड़ यात्रा की शुरुआत की।

    Haryana में बहू ने सास को कांवड़ में बैठाकर किया बेमिसाल प्रेम का प्रदर्शन, सावन में भावुक कर देगी कहानी

    सहारनपुर में दिखा भक्ति और सेवा का अनोखा संगम

    जब अंजलि और बलवान का यह जोड़ा सहारनपुर पहुंचा, तो सड़कों पर मौजूद हर व्यक्ति इस दृश्य को देखकर भावुक हो गया। रंग-बिरंगी कांवड़ों और “हर हर महादेव” के जयघोष के बीच यह जोड़ा अपनी सास को कंधे पर उठाकर आगे बढ़ता रहा। स्थानीय लोगों ने इस जोड़े का स्वागत कर उनके माता-पिता के प्रति प्रेम और भक्ति की सराहना की। सहारनपुर निवासी अंजु प्रताप ने कहा, “इस दृश्य को देखकर दिल भावुक हो गया। आज के समय में ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं। अंजलि और बलवान ने हमें यह दिखाया कि असली भक्ति माता-पिता की सेवा में ही है।”

    सास-बहू के रिश्ते में दिखा अटूट प्रेम, समाज के लिए बनी प्रेरणा

    सहारनपुर में पत्रकारों से बात करते हुए अंजलि ने कहा, “मां की इच्छा मेरे लिए सबसे बड़ी थी। हमने भोलेनाथ से प्रार्थना की थी कि इस यात्रा में हमें इतनी शक्ति दें कि मां को किसी प्रकार की तकलीफ न हो।” वहीं, सास प्रसन्ना देवी भी अपनी बहू और बेटे की सेवा से भावुक होकर कहती हैं, “मेरी बहू और बेटे ने मुझे वह खुशी दी है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। भोलेनाथ उनकी सभी इच्छाएं पूरी करें।” बलवान ने अपनी पत्नी अंजलि की प्रशंसा करते हुए कहा, “जिस प्रकार अंजलि ने मां की इच्छा पूरी करने में मेरा कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया, वह मेरे लिए गर्व की बात है।”

    यह कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का उदाहरण नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों की मिठास और माता-पिता के प्रति समर्पण का प्रतीक भी है। अंजलि और बलवान की यह यात्रा समाज को यह संदेश देती है कि सच्ची भक्ति वही है जो माता-पिता की सेवा और सम्मान से जुड़ी हो। इस जोड़े ने अपनी सास की इच्छा पूरी कर न केवल उनका आशीर्वाद प्राप्त किया, बल्कि समाज के हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा बनकर यह दिखा दिया कि बुजुर्गों की सेवा में ही ईश्वर की सच्ची भक्ति छिपी है।

  • Haryana News: बड़ी खबर! हरियाणा सरकार ने बदले लॉ अफसर, 72 नए लॉ अफसरों की हुई नियुक्ति

    Haryana News: बड़ी खबर! हरियाणा सरकार ने बदले लॉ अफसर, 72 नए लॉ अफसरों की हुई नियुक्ति

    Haryana News: प्रदेश सरकार ने 72 नए लॉ अफसरों की नियुक्ति की है। इससे पहले सरकार ने 64 लॉ अफसरों के त्यागपत्र स्वीकार कर लिए थे। जिन वकीलों के नाम सरकार की ओर से भेजे गए थे, उनको राज्यपाल ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इन नए लॉ अफसरों में एडिशनल एडवोकेट जनरल, सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल, डिप्टी एडवोकेट जनरल और असिस्टेंट एडवोकेट जनरल जैसे महत्वपूर्ण पदों पर लगाया गया है। इनका काम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल कार्यालय में सरकारी मामलों की प्रभावी ढंग से पैरवी करना होगा।

    ये बनाए गए एडिशनल एडवोकेट जनरल

    आकाश सिंघल, अमित साहनी, अनु पाल, अशोक कुमार खुब्बर, ध्रुव दयाल, नीरज गुप्ता, नेहा अवस्थी, पीयूष खन्ना, पुनीत गुप्ता, पुनीता सेठी, रुचि सेखड़ी, संदीप छाबड़ा, शशांक भंडारी, सौरभ गोयल, सुशील कुमार भारद्वाज, तरुण अग्रवाल, उदित गर्ग, तपन मस्ता और नितिन कौशल को एडिशनल एडवोकेट जनरल के रूप में नियुक्त किया गया है।

    Haryana News: बड़ी खबर! हरियाणा सरकार ने बदले लॉ अफसर, 72 नए लॉ अफसरों की हुई नियुक्ति

    ये हुए सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल नियुक्त

    दीया सोढी, गगनदीप सिंह छिन्ना, करण वीर सिंह, कृष्ण लाल सैनी, महिमा यशपाल सिंगला, नीरज श्योराण, ओंकार सिंह, पंकज मूलवानी, पारस तलवाड़, पवन कुमार, राजिंद्र कुमार, राजीव सिद्धू, सौम्या आहुलवालिया, स्वाति बत्रा, तनुश्री गुप्ता, तजिंद्र पाल सिंह, वसुंधरा दलाल आनंद, वेद प्रकाश और विशाल कश्यप को सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल का पद सौंपा गया है।

    डिप्टी एडवोकेट जनरल बनाए गए

    अभिमन्यु अंतिल, अभिनव कालिया, अभिषेक यादव, अजीत कुमार शर्मा, अक्षिता चौहान, अमन मित्तल, अनुज गर्ग, अनुराग शर्मा, भूपेंद्र सिंह सरोहा, चिराग वाधवा, दीपक वशिष्ठ, देवांगना छिल्लर, गौतम कैले, हिमानी अरोड़ा, कनीचा सचदेवा, कोमल शर्मा, मालविका सिंह, परमजीत, पवन कुमार गर्ग, राजीव मल्होत्रा, रामकरण शर्मा, सतबीर सिंह गोरीपुरिया, श्वेता सांघी, शिवा खुरमी, श्वेता नाहटा, तीवार शर्मा और वरुण गुप्ता को डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी दी गई है।

    असिस्टेंट एडवोकेट जनरल नियुक्त

    अभिनव महंत, आदित्य पाल सिंगला, अमिष शर्मा, अश्विनी भाटिया, अतुल गौड़, छवि शर्मा, दीपाली वर्मा, गौरव गर्ग, गीता रानी, हर्षित सिंगला, जैसमीन गिल, मोहित चौधरी, क्षितिज भारती, सन्नी नामदेव, नरेश पाल चंदेल, प्रमोद कुमार, प्रियव्रत पराशर, राहुल गुप्ता, राकेश कुमार जांगड़ा, राजप्रताप सिंह बराड़, वैभव शर्मा, विजय कुमार, विकास, विक्रम सिंह, विनय सैनी और विशाल सिंह को असिस्टेंट एडवोकेट जनरल के रूप में नियुक्त किया गया है।

    दिल्ली में नियुक्त लॉ अफसर

    दिल्ली के लिए बानो देसवाल, सिद्धार्थ खटाना, अनुराग कुल्हाड़िया, जस्टिन जॉर्ज, करिश्मा के. मलानी और विकास को लॉ अफसर नियुक्त किया गया है।

  • Haryana News: हरियाणा के राहुल कुंडू का एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन! भारत का बढ़ाया मान

    Haryana News: हरियाणा के राहुल कुंडू का एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन! भारत का बढ़ाया मान

    Haryana News; बैंकॉक थाईलैंड में 30 जुलाई से 12 अगस्त तक आयोजित होने वाली अंडर-19 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हरियाणा के राहुल कुंडू भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह हरियाणावासियों के लिए गर्व की बात है कि उनके राज्य का होनहार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए मुक्केबाज़ी करेगा। राहुल का चयन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और मेहनत का नतीजा है।

    बचपन से था बॉक्सिंग का जुनून परिवार ने निभाई बड़ी भूमिका

    राहुल कुंडू ने साल 2015 में बॉक्सिंग की दुनिया में कदम रखा था और तब से वे लगातार प्रगति कर रहे हैं। राहुल बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही मुक्केबाज़ी का शौक था और उनके परिवार ने हमेशा उनका पूरा साथ दिया। उनके पिता संजय व्यवसायी हैं और माता सविता एक गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई सावन भी अब बॉक्सिंग की शुरुआत कर चुका है।

    Haryana News: हरियाणा के राहुल कुंडू का एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन! भारत का बढ़ाया मान

    आर्यन्स बॉक्सिंग क्लब में करते हैं कड़ी मेहनत

    राहुल वर्तमान में आर्यन्स बॉक्सिंग स्पोर्ट्स क्लब से जुड़े हैं जहां कोच संजीव की देखरेख में वे हर दिन सुबह तीन घंटे और शाम को चार घंटे कड़ी मेहनत करते हैं। कोच की सख्त ट्रेनिंग और राहुल की लगन ने उन्हें राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा दिया है। उनका अगला बड़ा सपना ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना है।

    पुणे में चल रहा राष्ट्रीय शिविर और ओलंपिक की तैयारी

    राहुल फिलहाल पुणे के नेशनल कैंप में ट्रेनिंग कर रहे हैं जहां देशभर के होनहार खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। वे हर दिन अपने खेल में सुधार लाने के लिए परिश्रम करते हैं। राहुल हरियाणा के ढोभ गांव से हैं और वहीं से उन्होंने अपना सफर शुरू किया था। आज वे देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

    मेडल्स की लंबी फेहरिस्त है राहुल की मेहनत की गवाही

    राहुल ने 2023 में एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था और उसी साल जूनियर वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लिया। 2024 में यूथ एशियन चैंपियनशिप और अंडर-19 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीते। 2025 में राष्ट्रीय युवा प्रतियोगिता और खेलो इंडिया गेम्स में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया।

  • Haryana News: 113 साल की उम्र में लोकतंत्र की मिसाल बनीं चंद्री देवी का निधन आखिरी सांस तक निभाई वोट की जिम्मेदारी

    Haryana News: 113 साल की उम्र में लोकतंत्र की मिसाल बनीं चंद्री देवी का निधन आखिरी सांस तक निभाई वोट की जिम्मेदारी

    Haryana News: हरियाणा के फरीदाबाद जिले की सबसे बुजुर्ग मतदाता चंद्री देवी का 113 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह हाल ही में नगर निगम चुनावों में घर से ही अपना आखिरी वोट डालकर चर्चा में आई थीं। चंद्री देवी लोकतंत्र की मजबूत प्रतीक थीं जो हर चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं और दूसरों को भी प्रेरित करती थीं।

    गाँव से शहर तक का सफर हर कदम पर दिखा आत्मबल

    चंद्री देवी मूल रूप से पृथला विधानसभा के पृथला गांव की रहने वाली थीं लेकिन वर्तमान में वह बल्लभगढ़ के सेक्टर 8 में अपने परिवार के साथ रह रही थीं। गुरुवार को उन्होंने अपने घर में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सेक्टर 8 बायपास के श्मशान घाट में किया गया जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

    Haryana News: 113 साल की उम्र में लोकतंत्र की मिसाल बनीं चंद्री देवी का निधन आखिरी सांस तक निभाई वोट की जिम्मेदारी

    परिवार का स्तंभ रही चंद्री देवी सादगी और अनुशासन की मिसाल

    चंद्री देवी के परिवार में दो बेटे सुखबीर तेवतिया और राजबीर तेवतिया हैं जिनकी उम्र क्रमशः 72 और 69 वर्ष है। उनकी चार बेटियाँ मोहनदेई लीलावती शकुंतला और ओमवती हैं। परिवार में दो पोते नवीन तेवतिया और सोनू तेवतिया भी हैं जो विवाहित हैं और उनके बच्चे भी हैं। चंद्री देवी के पति मुक्तियार सिंह का निधन 1997 में हो गया था जो कि एक जमींदार थे।

    सुबह की सैर और दूध से भरा जीवन सादा जीवन उच्च विचार

    चंद्री देवी का जीवन बहुत अनुशासित और सादा था। वह रोज़ सुबह छह बजे उठकर लगभग 200 कदम चलती थीं। उन्हें गाय का दूध बहुत पसंद था और उनके लिए खास तौर पर गिर नस्ल की गाय पाली गई थी। वे हर दिन डेढ़ लीटर दूध पीती थीं और सादी सब्ज़ी और रोटी खाती थीं। कुछ वर्ष पहले तक वे देसी घी भी खाती थीं लेकिन बाद में छोड़ दिया।

    लोकतंत्र की सच्ची प्रहरी थीं चंद्री देवी आखिरी सांस तक निभाई ज़िम्मेदारी

    चंद्री देवी न सिर्फ घर और समाज में संतुलन बनाए रखती थीं बल्कि वे लोकतंत्र के प्रति भी बेहद जागरूक थीं। पिछले लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने एक चुनावी गीत भी गाया था और बताया था कि पहले लोग गीत गाते हुए वोट डालने जाते थे। उन्होंने कहा था कि वोट देना एक खुशी की बात है और वह आखिरी सांस तक इसे निभाती रहीं।

  • Haryana News: ज्योतिसर में सीएम सैनी का दौरा! क्या नवंबर 2025 में खुलेगा रहस्य से भरा महाभारत अनुभव केंद्र?

    Haryana News: ज्योतिसर में सीएम सैनी का दौरा! क्या नवंबर 2025 में खुलेगा रहस्य से भरा महाभारत अनुभव केंद्र?

    Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर पहुंचे जहां उन्होंने महाभारत थीम पर आधारित अनुभव केंद्र का निरीक्षण किया। यह प्रोजेक्ट करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और शेष कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

    80 प्रतिशत काम हो चुका है पूरा नवंबर 2025 तक खुलेगा केंद्र

    इस महत्वाकांक्षी योजना का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि नवंबर 2025 तक इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही दो थीम आधारित केंद्रों का उद्घाटन कर चुके हैं और बाकी तीन केंद्रों का निर्माण कार्य जारी है।

    Haryana News: ज्योतिसर में सीएम सैनी का दौरा! क्या नवंबर 2025 में खुलेगा रहस्य से भरा महाभारत अनुभव केंद्र?

    आधुनिक तकनीक से जीवंत होगी महाभारत की कथा

    महाभारत अनुभव केंद्र में कुल पांच थीम-आधारित केंद्र होंगे जहां आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर महाभारत की घटनाओं को दर्शाया जाएगा। इसमें वर्चुअल रियलिटी, इंटरेक्टिव डिस्प्ले और 3D तकनीकों का उपयोग होगा। चक्रव्यूह की संरचना, योद्धाओं के झंडे और धनुर्विद्या जैसे दृश्य विशेष रूप से दर्शकों को आकर्षित करेंगे।

     गीता महोत्सव की तैयारियों की भी समीक्षा हुई

    मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर ज्योतिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों ने गीता महोत्सव से जुड़े अन्य विकास कार्यों की जानकारी भी दी। सरोवरों की सफाई, शहर की स्वच्छता और यातायात की व्यवस्था जैसे कार्यों की समीक्षा की गई और इन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

    पर्यटन को मिलेगा नया आयाम बढ़ेगा रोजगार

    महाभारत अनुभव केंद्र धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन दोनों को बढ़ावा देगा। इससे न केवल देश बल्कि विदेशों से भी पर्यटक कुरुक्षेत्र आएंगे जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। लोग मानते हैं कि यह केंद्र कुरुक्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी सुधारने में मदद करेगा।

  • Haryana News: गोल्ड मेडल वालों को 3 करोड़ की सौगात क्या आप जानते हैं किस जिले से हैं ये खिलाड़ी

    Haryana News: गोल्ड मेडल वालों को 3 करोड़ की सौगात क्या आप जानते हैं किस जिले से हैं ये खिलाड़ी

    Haryana News: हरियाणा सरकार ने पैरा एशियन गेम्स 2022 में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की मांग को गंभीरता से लिया है। खिलाड़ियों ने नकद पुरस्कार की मांग की थी जिसे राज्य सरकार ने पूरा कर दिया है। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने जानकारी दी कि राज्य के विभिन्न जिलों के 13 खिलाड़ियों के लिए 19 करोड़ 72 लाख 50 हजार रुपये और 4 खिलाड़ियों के लिए 12 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

    गोल्ड सिल्वर और ब्रॉन्ज विजेताओं को मिलेगा बड़ा इनाम

    राज्य सरकार द्वारा गोल्ड मेडल विजेता को 3 करोड़ रुपये सिल्वर मेडल विजेता को 1.50 करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 75 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह इनाम खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण को सम्मान देने का तरीका है। सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने से उनमें आत्मविश्वास और जोश बढ़ता है जिससे वे और बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

    Haryana News: गोल्ड मेडल वालों को 3 करोड़ की सौगात क्या आप जानते हैं किस जिले से हैं ये खिलाड़ी

    हरियाणा की खेल नीति बनी मिसाल देशभर में हो रही सराहना

    खेल मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि राज्य सरकार ने एक बेहतरीन खेल नीति बनाई है जिसके कारण हरियाणा के खिलाड़ी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। इस नीति का फायदा उठाकर हमारे खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि देश का नाम भी रोशन कर रहे हैं। यही कारण है कि अब देश के दूसरे राज्य भी हरियाणा की खेल नीति को अपनाने लगे हैं।

     पैरा खिलाड़ी बन रहे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

    गौरव गौतम ने कहा कि पैरा खिलाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। ये खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद देश के लिए मेडल जीत रहे हैं और साहस का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे हैं। राज्य सरकार न केवल आर्थिक सहायता दे रही है बल्कि यदि खेल के दौरान कोई खिलाड़ी घायल हो जाए तो उसके इलाज का पूरा खर्चा भी सरकार उठाती है।

    खेल महाकुंभ की तारीख में होगा बदलाव अब अगस्त में होंगे मुकाबले

    हरियाणा में 28 से 30 जुलाई तक खेल महाकुंभ आयोजित होना था लेकिन इसी दौरान CET और HTET जैसी बड़ी परीक्षाएं भी होनी हैं। इसलिए खिलाड़ियों और परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए खेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खेल महाकुंभ की तारीखों में बदलाव किया जाए। अब यह आयोजन अगस्त 2025 में होगा जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

  • Haryana News: 6 दिनों से लापता चार युवकों के शव मिले! गाड़ी की लोकेशन ट्रेस होने के बाद मिली नहर में गाड़ी

    Haryana News: 6 दिनों से लापता चार युवकों के शव मिले! गाड़ी की लोकेशन ट्रेस होने के बाद मिली नहर में गाड़ी

    Haryana News: सिरसा जिले के डबवाली उपमंडल में बीते छह दिनों से लापता चार युवकों का मामला अब एक भीषण हादसे के रूप में सामने आया है। गांव कालूआना से निकले चार युवक अचानक गायब हो गए थे और शुक्रवार सुबह उनकी बोलेरो गाड़ी राजस्थान नहर में मिली। गाड़ी के भीतर से तीन युवकों के शव और एक शव नहर में बहता हुआ मिला। यह हादसा पूरे इलाके में सनसनी फैला चुका है और गांव में मातम पसरा हुआ है।

    13 जुलाई की रात निकले थे घर से

    गांव कालूआना निवासी रायसिंह, विनोद उर्फ बिंदर, रवींद्र उर्फ चौथ राम और बलबीर 13 जुलाई की रात बोलेरो में सवार होकर राजस्थान के गांव गणेशगढ़ जाने के लिए निकले थे। परिजनों ने अगली सुबह जब युवकों के फोन बंद पाए तो अनहोनी की आशंका जताई। उन्होंने हर संभव जगह तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और खुद भी खोजबीन में जुट गए।

    Haryana News: 6 दिनों से लापता चार युवकों के शव मिले! गाड़ी की लोकेशन ट्रेस होने के बाद मिली नहर में गाड़ी

    सीसीटीवी फुटेज बना बड़ा सुराग

    परिजनों ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। एक फुटेज में बोलेरो गाड़ी को राजस्थान नहर के पास जाते हुए देखा गया। इसी लोकेशन को ट्रैक करके पुलिस ने गोताखोरों की मदद ली और सर्च ऑपरेशन चलाया। शुक्रवार को यह ऑपरेशन सफल रहा जब गाड़ी नहर की तलहटी में मिली और उसी में से तीन युवकों के शव निकाले गए जबकि एक शव पानी में बहता हुआ मिला जो विनोद उर्फ बिंदर का था।

    पुलिस ने शुरू की जांच लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं

    सदर थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि लोकेशन के आधार पर ही गाड़ी की तलाश शुरू की गई थी। बोलेरो को हाइड्रा मशीन की मदद से बाहर निकाला गया है। फिलहाल शुरुआती जांच में कोई साजिश या संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है। पुलिस ने शवों को डबवाली के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा और नियमानुसार कार्यवाही कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

    गांव में शोक की लहर और कई सवाल

    इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। चार जवान बेटों की मौत से गांव कालूआना में मातम पसरा हुआ है। लोग इस हादसे को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या गाड़ी नहर में हादसे से गिरी या इसके पीछे कोई और वजह थी। फिलहाल पुलिस की ओर से कोई साजिश नहीं मानी जा रही लेकिन लोगों के मन में सवाल बाकी हैं।

  • Haryana News: हरियाणा में बन सकते हैं 2 नए जिले! 31 दिसंबर कैबिनेट सब-कमेटी का कार्यकाल बढ़ा

    Haryana News: हरियाणा में बन सकते हैं 2 नए जिले! 31 दिसंबर कैबिनेट सब-कमेटी का कार्यकाल बढ़ा

    Haryana News: हरियाणा में पिछले नौ सालों से नए जिलों के गठन की जो चर्चा ठंडी पड़ी थी वह अब फिर से गर्मा गई है। राज्य सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट सब-कमेटी का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया है। इसका मतलब साफ है कि सरकार इस बार जिलों की संख्या बढ़ाने को लेकर गंभीर नजर आ रही है। कमेटी की अगली बैठक इसी महीने बुलाई गई है जिसमें जिलों और उपमंडलों के गठन पर आखिरी फैसला लिया जा सकता है।

     हांसी और गोहाना सबसे आगे रेस में

    पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने संकेत दिए हैं कि हिसार का हांसी और सोनीपत का गोहाना जिला बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। हांसी पहले ही पुलिस जिला है और लोग लंबे समय से इसे प्रशासनिक जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद गोहाना को जिला बनाने का वादा किया है जिससे इसकी संभावना और मजबूत हो गई है।

    Haryana News: हरियाणा में बन सकते हैं 2 नए जिले! 31 दिसंबर कैबिनेट सब-कमेटी का कार्यकाल बढ़ा

    कमेटी में शामिल हैं बड़े मंत्री और अधिकारी

    इस सब-कमेटी में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, राजस्व मंत्री विपुल गोयल और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी सदस्य हैं। अब तक कमेटी की कुल पांच बैठकें हो चुकी हैं और सभी जिलों के उपायुक्तों से फाइनल रिपोर्ट मांगी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि इस पूरे बदलाव का मकसद जनगणना 2026 से पहले सभी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करना है ताकि नई जनसंख्या के अनुसार काम आसान हो सके।

    इन क्षेत्रों की भी है जिला बनने की मांग

    मानेसर (गुरुग्राम), डबवाली (सिरसा), सफीदों (जींद) और असंध (करनाल) जैसे क्षेत्रों से भी जिला बनने की मांग जोर पकड़ रही है। लेकिन इन इलाकों से अभी तक कमेटी को जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव नहीं मिले हैं। ऐसे में हो सकता है कि इन क्षेत्रों को फिलहाल इंतजार करना पड़े। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि बिना जनसंख्या और स्थानीय प्रतिनिधियों की सहमति के कोई नया जिला नहीं बनाया जाएगा।

     नए जिले बनाएंगे प्रशासन को मजबूत

    हरियाणा जैसे तेजी से बढ़ते राज्य में प्रशासनिक कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए नए जिलों का गठन जरूरी माना जा रहा है। इससे न सिर्फ सरकारी सेवाएं लोगों के नजदीक पहुंचेंगी बल्कि विकास योजनाएं भी तेज रफ्तार से लागू हो सकेंगी। खास बात यह है कि सरकार इस बार केवल राजनीतिक दबाव पर नहीं बल्कि ठोस आधारों पर जिले बना रही है।