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  • Haryana Weather: कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी उफान पर, हथिनीकुंड से छोड़ा पानी, सात जिलों में बढ़ा खतरा

    Haryana Weather: कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी उफान पर, हथिनीकुंड से छोड़ा पानी, सात जिलों में बढ़ा खतरा

    Haryana Weather: देश के पहाड़ी इलाकों में अब भी मॉनसून की बारिश जारी है। हालांकि, मैदानी इलाकों में अब बारिश का सिलसिला कम होने लगा है। हालांकि, कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां लोगों को बाढ़ बारिश के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में बादल फटने की आशंका से भी लोग डरे हुए हैं। पिछले कुछ समय में यहां हुई घटनाओं ने लोगों को डरा दिया है।

    दिल्ली में 18 अगस्त को बारिश की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने आज के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, देर शाम तक मौसम का मिजाज बदल भी सकता है। बता दें कि बीते कुछ दिनों से दिल्ली में लगातार बारिश हो रहा है। यमुना का जलस्तर भी बढ़ गया है। यमुना के निचले इलाके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
    हरियाणा में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग चंडीगढ़ ने आज पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है। इनमें 7 जिलों पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों के 50 से 75% हिस्से में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बाकी जिलों में 25 से 50% हिस्से में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
    हथिनीकुंड बैराज के सभी फ्लड गेट खोल दिए गए हैं और पूर्वी व पश्चिमी यमुना नहरों की पानी की सप्लाई को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी ओवरफ्लो है।
    बारिश के आंकड़े देखें तो इस बार प्रदेश में सामान्य से 13% ज्यादा बरसात हुई है। 17 अगस्त तक जहां 290 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक औसतन 329.5 एमएम दर्ज की जा चुकी है।

    Haryana Weather: कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी उफान पर, हथिनीकुंड से छोड़ा पानी, सात जिलों में बढ़ा खतरा

    सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर (752.6 एमएम) में हुई है। इसके बाद महेंद्रगढ़ (562 एमएम) और नूंह (542 एमएम) का नंबर आता है। सबसे कम बारिश सिरसा में (155.2 एमएम) दर्ज की गई है। फिलहाल सिरसा सबसे गर्म जिला बना हुआ है, जहां रविवार को तापमान 34 डिग्री तक पहुँच गया। वहीं अंबाला, फतेहाबाद, जींद, कैथल, करनाल, पंचकूला और सोनीपत जैसे 7 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

    उत्तर प्रदेश में मौसमी परिस्थितियों ने अचानक करवट ले ली है। मॉनसून के कमजोर पड़ने के चलते प्रदेश भर में गरमी और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप के साथ तापमान लगातार बढ़ रहा है और रात के समय भी चिपचिपी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 72 घंटों तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। 18 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। 19 और 20 अगस्त को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और पूर्वी हिस्सों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    बिहार में 18 अगस्त को एक बार फिर से मौसम बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग पटना ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। लोगों से इस दौरान सावधान रहने की अपील की गई है।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने आज पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वही अन्य जिलों में कहीं- कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकते और बारिश के तीव्र दौर होने की संभावना है। देहरादून में भी आज आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्य दाऊद की बारिश भी हो सकती है। मंगलवार को भी कहीं-कहीं भारी बारिश के दौर होने की संभावना है। उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश भी हो रही है।

  • उफान पर सोम नदी और यमुना! यमुनानगर और फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, फरीदाबाद के 50 गांवों में करवाई गई मुनादी

    उफान पर सोम नदी और यमुना! यमुनानगर और फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, फरीदाबाद के 50 गांवों में करवाई गई मुनादी

    हिमाचल व हरियाणा में हो रही भारी वर्षा से नदियां उफान पर हैं। एक तरफ हथिनी कुंड बैराज में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, वहीं सोम नदी उफान पर है, जिसके चलते सोम नदी के इलाके में कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इधर यमुना में उफान के चलते दिल्ली से फरीदाबाद तक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

    सोम नदी की क्षमता हालांकि 10000 क्यूसेक की है, लेकिन उसमें 23000 क्यूसेक से अधिक कृषि पानी बह रहा है। जो आने वाले कुछ समय में विभिन्न गांवों को प्रभावित करेगा। हिमाचल प्रदेश के इलाके से धनौरा में मैदानी इलाके में सोम नदी उतरती है। इसी के चलते हरियाणा के रणजीतपुर को हिमाचल से जोड़ने वाले पुल पर नदी का पानी बह रहा है। जिससे स्थानीय लोगों को पुल बहने का खतरा सता रहा है। इससे यमुनानगर के कई गांव प्रभावित हो सकते है।

    यमुना में उफान ने दिल्ली से फरीदाबाद तक टेंशन बढ़ाने का काम किया है। कई इलाकों के घरों में पानी घुस गया है। यमुना नदी में आए उफान ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे 42 से 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना एक बार फिर से उफान पर है। वहीं, फरीदाबाद में यमुना का पानी निचले इलाके में स्थित घरों में घुस गया है।

     उफान पर सोम नदी और यमुना! यमुनानगर और फरीदाबाद में बाढ़ का खतरा, फरीदाबाद के 50 गांवों में करवाई गई मुनादी

    सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह 6 बजे हथिनीकुंड बैराज से 42,000 और शाम छह बजे 45,736 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। सूर घाट सहित कई जगहों पर पानी भर गया है। यमुना बाजार, मजनूं का टीला सहित निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया।

    आईटीओ, ओखला, किशनकुंज, मजनू का टीला, लोहा पुल, सोनिया विहार सहित 14 स्थानों पर बोट के साथ टीमें तैनात की गई हैं। जानकारों के अनुसार, एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए अफसर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से फरीदाबाद में बसंतपुर इलाके के कई घरों में शनिवार दोपहर पानी घुस गया। लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही सभी से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की गई। बिजली निगम भी सुरक्षा के लिहाजा से क्षेत्र की बिजली काट दी है।

    घरों में पानी घुसने से सबसे अधिक दिक्कत यमुना के तलहटी में स्थित शिव एंक्लेव पार्ट तीन, अटल कॉलोनी में रह रहे लोगों को हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार को अधिकांश जन्माष्टमी की तैयारी करने में जुटे थे। इस दौरान देखा कि यमुना का जलस्तर बढ़कर कुछ ही देर में कई घरों तक पहुंच गया।

    लोगों ने तुरंत डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पल्ला, नवीन नगर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके अलावा जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रेां में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बताया जा रहा है कि इसके चलते हथिनीकुंड बैराज से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना में पानी का स्तर 50 हजार क्यूसेक से अधिक हो गया। इससे आसपास के इलाकों में घुस गया।

    जिस तरह से पहाड़ों पर बारिश हो रही है, इससे यमुना के जलस्तर में लगातार इजाफा होने की आशंका है। इससे बसंतपुर, ददसिया, किडावली, लालपुर, मौजमाबाद, भस्कोला, महावतपुर,अमीपुर, सिधोला, चिरसी, कबूलपुर पट्टी महताब, कबूलपुर पट्टी, परवरीश गांव आदि स्थानों में बाढ़ आने की आशंका है। डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि जानकारी के अनुसार बसंतपुर और इस्माइलपुर के आवासीय क्षेत्र तथा किडावली और लालपुर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। बसंतपुर-इस्माइलपुर में एक फीट तक पानी है। जबकि 50 घरों में जलस्तर अधिक है।

    पल्ला-ईस्माइलपुर रोड बसंतपुर गांव और पुस्ता को जोड़ता है। इस मार्ग के दोनों ओर एक दर्जन के आसपास कॉलोनियों व गांव बसे हैं। अगवानपुर, बसंतपुर गांव के अलावा कई नई-नई कॉलोनियां बसी हैं। यहां की आबादी एक लाख के आसपास है। साल-2023 में यमुना से लिंक नाले-सीवर का पानी बैक मारकर पुस्ता पार कई इलाकों में पहुंच गया था। पुस्ता के आसपास बसे ईस्माइलपुर, शिव एंक्लेव, पंचशील एंक्लेव,ज्ञान मंदिर रोड, नवीन नगर, जगमाल एंक्लेव, रोशन नगर आदि में खतरा है।

  • Delhi News: दिल्ली में बाढ़ की आहट, यमुना का पानी बढ़ा, हथिनीकुंड बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

    Delhi News: दिल्ली में बाढ़ की आहट, यमुना का पानी बढ़ा, हथिनीकुंड बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

    Delhi News: दिल्ली में यमुना जीवनदायिनी है और बरसाती मौसम में यही यमुना दिल्ली के लोगों के लिए आफत भी है। यमुना का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शाम 4 बजे यमुना का जलस्तर 204.13 मीटर पर था जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से थोड़ा नीचे है। हालांकि, शाम 7 बजे से जलस्तर कम होने लगा लेकिन पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण सतर्कता बरती जा रही है।

    Delhi News: दिल्ली में बाढ़ की आहट, यमुना का पानी बढ़ा, हथिनीकुंड बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

    सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के मुताबिक, हथिनीकुंड बैराज से मंगलवार को 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो बुधवार को दिल्ली पहुंचा। इसके बाद बुधवार शाम को 50 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है जो कल तक पहुंचेगा। इससे यमुना का जलस्तर बढ़ेगा और यह खतरे के निशान को पार कर सकता है।

    अगर जलस्तर खतरे के निशान को पार करता है तो हाथी घाट, एमनेस्टी मार्केट, मजनूं का टीला, यमुना विहार, सोनिया विहार और यमुना खादर जैसे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है। यदि एक लाख क्यूसेक या इससे अधिक पानी छोड़ा जाता है तो चेतावनी जारी की जाएगी। तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर निचले इलाकों में बोट तैनात होंगी और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा।