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  • हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही साफ कह चुके हैं कि किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बाढ़ और बारिश के कारण मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने, भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने का भी आश्वासन दिया है। भाजपा ने अपने विधायकों और चुनाव में हार गए उम्मीदवारों को पहले ही मैदान में उतार दिया था। भाजपा के कार्यकर्ता भी बाढ़ से प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया।

    हरियाणा सीएम नायब सैनी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए संभाली कमान, किसानों को मिलेगा फसल का पूरा मुआवजा!

    ‌मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वर्तमान प्राकृतिक आपदा की घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। प्रदेश के जिन भी इलाकों भारी बरसात की वजह से फसलों इत्यादि का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाएगी। इसके लिए प्रभावित इलाकों में गांव स्तर पर ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है, जिस पर किसान बरसात की वजह से हुए फसलों के नुकसान का ब्योरा अपलोड करवा रहे हैं। किसान, गरीब मजदूर तथा प्रभावित प्रदेशवासियों के हित पूर्णतया सुरक्षित हैं और वे स्वयं बरसात से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नरवाना से टोहाना जाते हुए विभिन्न गांवों के ग्रामीणों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री गांव धरोदी में बाबा जमीन नाथ गउशाला पर रूके और ग्रामीणों से वर्तमान बरसाती सीजन के हालात के बारे जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री गांव लोन, धमतान साहिब तथा कालवन में भी ग्रामीणों से मिले। सभी गांवों के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और सरकार व प्रशासन द्वारा बरसाती मौसम के दौरान किए गए राहत कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बारिश को देखते हुए पहले से काफी व्यवस्था की थी लेकिन इस बार पूरे हरियाणा में हो सकते डेढ़ गुना बारिश हुई है और इस कारण व्यवस्थाएं कम पड़ गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सभी पीड़ित लोगों के साथ है और किसी को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • हिसार: प्रेमिका की हत्या कर फंदे से झूला प्रेमी, जींद की महिला से था हिसार के युवक का प्रेम

    हिसार: प्रेमिका की हत्या कर फंदे से झूला प्रेमी, जींद की महिला से था हिसार के युवक का प्रेम

    हिसार जिले के गांव फ्रांसी में एक मकान से महिला का शव सड़ी गली अवस्था में मिला है। मकान से शव की सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक के टीम के सदस्यों ने मौके पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और महिला के शव को कब्जे में लिया। अग्रोहा मेडिकल कालेज के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है। मृत महिला के परिजनों को मामले की सूचना दे दी गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की हत्या की गई। उसके प्रेमी ने बुधवार को ही मंगाली में आत्महत्या कर ली थी।

    अग्रोहा के फ्रांसी गांव में लंबे समय से हिसार निवासी 45 वर्षीय कुलदीप किराए पर मकान लेकर रह रहा था। जो चूड़ी बेचने का काम करता था और आसपास के गांव में फेरी लगाकर चूड़ी और महिलाओं के श्रृंगार सामग्री बेचता था।

    हिसार: प्रेमिका की हत्या कर फंदे से झूला प्रेमी, जींद की महिला से था हिसार के युवक का प्रेम

    बताया जा रहा है कि कुलदीप करीब पांच दिन पहले प्रेम प्रसंग के चलते हुए जींद जिले के चाबरी गांव की शादीशुदा महिला पूनम को अपने किराए के मकान में लेकर आया था। महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट जींद थाना में उसके परिजनों द्वारा दर्ज करवाई गई थी। इस मामले में महिला की बेटी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसकी मां कुलदीप के साथ दवाई लेने की बात कह कर गई थी। लेकिन उसके बाद वह घर वापस नहीं आई। देर रात तक उनकी बात होती रही लेकिन उसके बाद उसका फोन बंद आ रहा है।

    कुलदीप मंगलवार को शाम में फ्रांसी में अपनी प्रेमिका की हत्या कर मकान को पूरी तरह से बंद कर दिया और अपने गांव मंगाली चला गया जहां वह अपने घर के कमरे में बुधवार सुबह फंदे से लटका हुआ मिला। इसका पोस्टमार्टम हिसार पुलिस द्वारा करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। कुलदीप द्वारा महिला की हत्या के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

    मकान मालिक ने बताया कि लगातार हो रही वर्षा के कारण जब वह अपने मकान को संभालने के लिए गया था तो उसे अपने मकान में से बदबू आई। उसने आस पड़ोस के लोगों को एकत्र किया और मामले की सूचना अग्रोहा पुलिस थाने में दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • India Weather: भारी बारिश और बाढ़ से बेहाल देश, जानें जम्मू-कश्मीर से यूपी-दिल्ली तक कहां पड़ा सूखे का असर

    India Weather: भारी बारिश और बाढ़ से बेहाल देश, जानें जम्मू-कश्मीर से यूपी-दिल्ली तक कहां पड़ा सूखे का असर

    India Weather: इन दिनों पूरे देश में मौसम का कहर देखने को मिल रहा है। कई क्षेत्रों में जोरदार बारिश ने तबाही मचाई है, वहीं कई हिस्सों में सूखे की स्थिति पैदा हो गई है। भारी बारिश के कारण अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। इस समय सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब में देखने को मिल रहा है। यहाँ लगभग दो हजार गांव पानी के पानी में डूबे हुए हैं। वहीं, तमिलनाडु, बिहार, झारखंड, असम और मेघालय जैसे राज्य सूखे की चपेट में हैं।

    उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश का कहर

    उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण कई जगह दुर्घटनाएं सामने आई हैं। भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में अब तक 79 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 95 लोग लापता हैं। हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और भूस्खलन के कारण पिछले एक हफ्ते में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस समय पहाड़ों में न जाएँ। बावजूद इसके कई लोगों को बचाया गया है।

    India Weather: भारी बारिश और बाढ़ से बेहाल देश, जानें जम्मू-कश्मीर से यूपी-दिल्ली तक कहां पड़ा सूखे का असर

    पंजाब में बाढ़ से हालात गंभीर

    पंजाब में इस समय बारिश का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। यहाँ 1988 की बाढ़ का रिकॉर्ड भी टूट गया है। भारी बारिश के कारण अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। 1655 गांव पानी में डूब चुके हैं और 3.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। लोग अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ में उनके जानवर भी बह गए और फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं।

    दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बाढ़ का असर

    दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है। यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे राजधानी में गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया और शहर के मुख्य श्मशान कार्य बंद हो गए। उत्तर प्रदेश में भी कई नदियाँ खतरे के स्तर पर बह रही हैं, जिससे प्रयागराज जैसे शहरों में जलजमाव हुआ। हरियाणा में भी भारी बारिश के कारण सड़कें डूब गईं, छह लोगों की छत गिरने से मौत हुई और ट्रैफिक जाम में लोग घंटों फंसे रहे।

    जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में हालात

    जम्मू-कश्मीर में भी बारिश का कहर देखने को मिला। माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हुई। अचानक आई बाढ़ ने कई गांवों को प्रभावित किया। घर, दुकानें और वाहन बह गए। पूरे देश में सबसे ज्यादा बारिश जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हुई है। वहीं, तमिलनाडु, बिहार, असम, झारखंड और मेघालय में सामान्य से कम बारिश हुई है और सूखे की स्थिति पैदा हुई है। इस समय देश के एक हिस्से में भारी बारिश है, जबकि दूसरे हिस्से में किसानों की फसलें सूखे की चपेट में हैं।

  • हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    मंगलवार को हरियाणा के हिसार में एक भयावह हादसा हुआ। भारी बारिश के बीच 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन वायर टूटकर चार युवाओं पर गिर गई। यह घटना मिर्जापुर रोड पर दर्शन एकेडमी के सामने हुई। इस हादसे में तीन युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। ये सभी युवा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी का दर्शन करने के बाद अपने गाँव लौट रहे थे। मृतकों की पहचान बंटी (सुलखानी गांव), राजकुमार (सैंडलाना गांव) और अमित (सैंडलाना गांव) के रूप में हुई।

    हादसे के समय की स्थिति

    आगंतुकों और ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय चारों बाइक पर सवार थे। बंटी, राजकुमार और अमित सुबह अपने गांव सुलखानी लौट रहे थे। इस दौरान मिर्जापुर रोड पर अचानक हाई टेंशन वायर गिर गई। जैसे ही शमशेर, जो उनके साथ बाइक पर था, को बिजली का झटका लगा, वह बाइक से कूद गया और सुरक्षित रहा। लेकिन बंटी, राजकुमार और अमित विद्युत झटके से बुरी तरह झुलस गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    बिजली निगम की लापरवाही पर सवाल

    ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद लोग बिजली हाउस को सूचना देने के लिए पहुंचे। लेकिन बिजली सप्लाई को काटने में आधे घंटे से अधिक समय लग गया। तब तक तीनों युवाओं की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह बिजली निगम की लापरवाही का नतीजा है। अगर समय रहते विद्युत आपूर्ति काट दी जाती तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

    मृतकों का परिवार और पृष्ठभूमि

    मृतकों की पहचान करने के बाद उनके परिवारों में मातम का माहौल है। राजकुमार (37) के दो छोटे बच्चे हैं। अमित (14) उनके भतीजे थे। बंटी (27) सुलखानी गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) चलाता था। सभी तीनों युवाओं ने 31 अगस्त को नवरात्रि की नवमी पर गोगामेड़ी का दर्शन किया था। दर्शन के बाद वे बंटी की दादी के गांव बधावद में रुके थे और सुबह अपने गांव लौट रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।

    हादसे से इलाके में चिंता और आक्रोश

    इस हादसे ने इलाके में भारी शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग बिजली निगम की लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल में रखा गया है और ग्रामीणों ने परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। इस हादसे ने एक बार फिर हाई टेंशन लाइनों और सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर किया है।

  • हिसार में भारी बारिश से गिरी मकान की छत, महिला की मौत, पति और तीन बच्चे घायल

    हिसार में भारी बारिश से गिरी मकान की छत, महिला की मौत, पति और तीन बच्चे घायल

    हिसार के कोथ कलां गांव में आज अलसुबह करीब 2 बजे भारी बारिश के कारण एक मकान की छत गिरने से एक दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, छत गिरने के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्य मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उनकी मदद की और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके पति और तीन बच्चों का इलाज जारी है। इस हादसे के बाद गांव के लोगों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक और अन्य आवश्यक मदद की मांग की है।

    मलबे में दबे परिवार के सदस्यों की पहचान 35 वर्षीय आसीम, 33 वर्षीय मृतका रायशा, 11 वर्षीय रफीना, 9 वर्षीय आरिफ और 6 वर्षीय लजमा के रूप में हुई है। हादसे के समय परिवार सो रहा था। लगातार हो रही भारी बारिश और मकान की कमजोर छत गिरने से यह आपदा घटी।

    हिसार में भारी बारिश से गिरी मकान की छत, महिला की मौत, पति और तीन बच्चे घायल

    हादसे की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर जुटे और कड़ी मेहनत से सभी को मलबे से बाहर निकाला। पुलिस भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को जींद के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने रायशा को मृत घोषित कर दिया।

    ग्रामीणों ने बताया कि मृतका के पति आसीम गंभीर रूप से घायल हैं। रफीना के पैर में गंभीर चोट आई है, वहीं आरिफ और लजमा भी घायल हैं। सभी का इलाज जारी है। मृतका का शव शवगृह में रखवाया गया है।

    ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश और नमी की वजह से मकान कमजोर हो गया था, जिससे यह हादसा हुआ। आसीम का परिवार बेहद गरीब है और मजदूरी करके जीवन यापन करता है। इसलिए ग्रामीण प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और आवश्यक मदद की मांग कर रहे हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब और J&K में भारी बारिश-बाढ़ के नुकसान का आकलन करेंगे केंद्रीय IMCT टीम्स, अमित शाह के निर्देश पर शुरू राहत समीक्षा

    हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब और J&K में भारी बारिश-बाढ़ के नुकसान का आकलन करेंगे केंद्रीय IMCT टीम्स, अमित शाह के निर्देश पर शुरू राहत समीक्षा

    केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयीय केंद्रीय टीमों (IMCTs) का गठन किया है। अधिकारियों के अनुसार, ये टीमें स्थिति का जायजा लेंगी और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की समीक्षा करेंगी। गृह मंत्रालय ने गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर इन टीमों के गठन की जानकारी दी।

    गंभीर प्रभावित जिलों का दौरा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार प्रभावित राज्यों के लोगों के साथ खड़ी है और उनकी कठिनाइयों को कम करने का प्रयास कर रही है। अगले सप्ताह की शुरुआत में केंद्रीय टीम उन जिलों का दौरा करेगी, जो मौजूदा मानसून में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की स्थिति का आकलन करने के लिए एक IMCT टीम पहले ही वहां पहुंच चुकी है।

    हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब और J&K में भारी बारिश-बाढ़ के नुकसान का आकलन करेंगे केंद्रीय IMCT टीम्स, अमित शाह के निर्देश पर शुरू राहत समीक्षा

    टीम का नेतृत्व और सदस्य

    केंद्रीय टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय या राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। इस टीम में व्यय मंत्रालय, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, सड़क परिवहन और उच्च मार्ग मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्य तेजी और प्रभावी तरीके से किए जाएं।

    राहत कार्यों में सहयोग

    गृह मंत्रालय प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के संपर्क में है। आवश्यकतानुसार NDRF, सेना और वायुसेना की टीमें राहत कार्यों में सहायता प्रदान कर रही हैं। यह कदम प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता पहुंचाने और आपदा के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा। केंद्रीय टीम का दौरा और स्थिति का आकलन राहत कार्यों की योजना और प्रभावशीलता को और बेहतर बनाने में सहायक होगा।

    वित्तीय सहायता और तैयारी

    वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने 24 राज्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत कुल ₹10,498.80 करोड़ जारी किए हैं। इसका उद्देश्य प्रभावित लोगों को त्वरित राहत सहायता प्रदान करना है। केंद्रीय और राज्य स्तर पर किए गए प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रभावित परिवारों को भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर मिल सकें।

  • जन्माष्टमी की सुबह नवग्रह मंदिर पर बिजली का कहर, बाल-बाल बचे कर्मचारी, दीवारें टूटीं हुआ लाखों का नुकसान

    जन्माष्टमी की सुबह नवग्रह मंदिर पर बिजली का कहर, बाल-बाल बचे कर्मचारी, दीवारें टूटीं हुआ लाखों का नुकसान

    जगाधरी/छछरौली के प्राचीन श्री महाकालेश्वर महादेव मठ, कलेसर में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। जन्माष्टमी के पावन मौके पर सुबह करीब 6 बजे अचानक तेज बारिश के दौरान मंदिर परिसर स्थित नवग्रह मंदिर पर आसमानी बिजली गिर गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।

    मंदिर को हुआ भारी नुकसान

    बिजली गिरने से नवग्रह मंदिर की दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और हॉल की छत व हिस्सों में गहरी दरारें आ गईं। इतना ही नहीं मंदिर में लगे कई विद्युत उपकरण भी पूरी तरह जलकर खराब हो गए। अनुमान लगाया जा रहा है कि मंदिर को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मंदिर समिति अब नुकसान का आकलन कर रही है।

    जन्माष्टमी की सुबह नवग्रह मंदिर पर बिजली का कहर, बाल-बाल बचे कर्मचारी, दीवारें टूटीं हुआ लाखों का नुकसान

    बड़ा हादसा टला

    मंदिर समिति सदस्य प्रदीप कलेसर ने बताया कि घटना से कुछ ही मिनट पहले मंदिर में सेवा कर रहे दो कर्मचारी बाहर निकल गए थे। यदि वे अंदर होते तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताया कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।

    दहशत का माहौल

    स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज हुई जिससे आसपास के लोग सहम गए। कई घरों के लोग घबराकर बाहर निकल आए। अचानक हुई इस घटना ने जन्माष्टमी के उत्सव के बीच भय का माहौल बना दिया। हालांकि थोड़ी देर बाद लोग शांत हुए और मंदिर में पूजा-पाठ की तैयारियां दोबारा शुरू की गईं।

    प्रशासन को सूचना

    फिलहाल मंदिर समिति ने प्रशासन को इस घटना की जानकारी दे दी है। राजस्व विभाग और बिजली निगम की टीमों को नुकसान का आकलन करने के लिए मौके पर बुलाया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा उपाय और बिजली से बचाव के उपकरण जल्द लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसा हादसा न हो।

  • Meghalaya News: मेघालय मंत्री का दावा, भारी बारिश में बह गया 4 करोड़ किलो कोयला, मामला बना चर्चा का विषय

    Meghalaya News: मेघालय मंत्री का दावा, भारी बारिश में बह गया 4 करोड़ किलो कोयला, मामला बना चर्चा का विषय

    Meghalaya News: कुछ महीनों पहले बिहार में आबकारी विभाग द्वारा जब्त की गई हजारों लीटर शराब मालखाने से गायब हो गई। इस पर जब मामला सामने आया तो अफसरों ने दावा किया कि यह शराब चूहे पी गए। इसे लेकर खूब फजीहत हुई थी। अब मेघालय में भी इसी तरह का दिलचस्प मामला सामने आया है। कैबिनेट मंत्री और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक किर्मेन श्याला ने दावा किया है कि अवैध रूप से खोदा गया 4000 मीट्रिक टन से ज़्यादा कोयला भारी बारिश के कारण बह गया। यह वह कोयला है जो साउथ वेस्ट खासी हिल्स जिले के दो डिपो से गायब हो गया।

    हाल ही में रिटायर्ड जस्टिस बीपी कटाकेय कमेटी ने मेघालय हाईकोर्ट को इस मामले में अपनी 31वीं अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। मामला हाईकोर्ट में है। श्याला ने शिलॉन्ग में पत्रकारों से कहा कि मेघालय में हुई भारी बारिश के कारण राजजु और डिएंग्गन गांवों के स्टोरेज स्थलों से कोयला गायब हो सकता है।

    Meghalaya News: मेघालय मंत्री का दावा, भारी बारिश में बह गया 4 करोड़ किलो कोयला, मामला बना चर्चा का विषय

    श्याला ने कहा, ‘मैं किसी भी बात को सही साबित करने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। लेकिन देश में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है। इस तरह की बारिश में कुछ भी हो सकता है। यहां तक कि असम में आई बाढ़ का कारण भी मेघालय की बारिश को बताया जा रहा है। पूर्वी जयंतिया हिल्स से बहने वाला पानी बांग्लादेश तक जाता है। तो, कौन जानता है कि कोयला भी बह गया होगा।’

    मेघालय बेसिन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MBDA) ने री-भोई जिले के डिएंग्गन गांव के एक डिपो में 1839.03 मीट्रिक टन कोयला रखा था। यह सील किया गया था और रेकॉर्ड बनाए गए थे। हाल ही में हुए निरीक्षण के दौरान यहां सिर्फ़ 2.5 मीट्रिक टन कोयला ही मिला। इसी तरह वेस्ट खासी हिल्स जिले के राजजु गांव में भी हुआ। यहां के डिपो में MBDA ने 2121.62 मीट्रिक टन कोयला रखा था। यहां महज 8 मीट्रिक टन कोयला निकला।

    करीब साढ़े 4 हजार मेट्रिक टन कोयले के बह जाने के मामले में अब जमकर राजनीति भी होने लगी है और कहा जा रहा है कि सरकार ने इस कोयले को बेच दिया है। 4 करोड़ 30 लाख किलो कोयले का बह जाना किसी के भी गले से नीचे नहीं उतर रहा है। करोड़ों रुपए के इस घोटाले में कौन-कौन शामिल है यह तो जांच का विषय है लेकिन फिलहाल मामला कोर्ट में होने के चलते कोई भी इस पर ज्यादा बोलने को तैयार नहीं है।

  • नूंह में मकान गिरने से परिवार पर गिरा मलबा! दो बच्चों की मौत, तीन घायल, गांव वालों की मदद से बचाई जान

    नूंह में मकान गिरने से परिवार पर गिरा मलबा! दो बच्चों की मौत, तीन घायल, गांव वालों की मदद से बचाई जान

    नूंह जिले के पिनगवां खंड के गांव रीठठ में रविवार से सोमवार की दरमियानी रात एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। घटना के समय वे मकान में सो रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल सदस्यों को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां से 5 वर्षीय सलमान को उसकी नाजुक हालत के चलते दिल्ली के ट्रामा सेंटर के लिए रेफर किया गया।

    परिवार की दर्दनाक कहानी

    गांव के लोगों ने बताया कि 40 वर्षीय सलीम अपने परिवार के साथ पक्के मकान में सोया हुआ था। उनके साथ पत्नी फराना, तीन बच्चे उमर मोहम्मद, सलमान और बेटी नायरा भी सो रही थी। रात करीब 1 बजे मकान की पिछली दीवार गिर गई और छत का मलबा ऊपर सो रहे परिवार के सदस्यों पर आ गिरा। इससे सभी दब गए। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद पांचों को मलबे से निकाला। बच्चों उमर मोहम्मद और नायरा की मौत हो चुकी थी, जबकि पिता सलीम, पत्नी फराना और छोटा बेटा सलमान घायल थे।

    नूंह में मकान गिरने से परिवार पर गिरा मलबा! दो बच्चों की मौत, तीन घायल, गांव वालों की मदद से बचाई जान

    घायलों का इलाज जारी

    घायल सलीम और फराना का इलाज नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं, 5 वर्षीय सलमान की हालत गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। पूरे गांव में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है और लोग परिवार के लिए दुआ कर रहे हैं। घायल परिवार को जल्द स्वस्थ देखकर सभी गांव वाले राहत की सांस लेना चाहते हैं।

    मकान गिरने का कारण

    ग्रामीणों के अनुसार, यह मकान लगभग 10-15 साल पहले सलीम ने बनवाया था। मकान के पीछे खेत हैं और मकान को भराव करके ऊंचा बनाया गया था। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों हुई भारी वर्षा की वजह से मकान की पिछली दीवार कमजोर हो गई थी। इसी वजह से रात के वक्त दीवार टूट गई और मकान गिर गया। यह एक प्राकृतिक कारणों से हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना मानी जा रही है।

    गांव में शोक और चेतावनी

    इस हादसे ने गांव में भारी दुख और चेतावनी दोनों का संदेश दिया है। कई लोग कह रहे हैं कि बारिश के मौसम में मकान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। कमजोर दीवारों और पुराने मकानों की मरम्मत न कराना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन को भी ऐसे इलाकों में मकानों की स्थिति जांचने और जरूरत पड़ने पर सुधार करवाने की कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • Weather Update: उत्तर से दक्षिण तक मॉनसून का तांडव जारी! गहराया बाढ़ का खतरा, कई गांवों में मची तबाही

    Weather Update: उत्तर से दक्षिण तक मॉनसून का तांडव जारी! गहराया बाढ़ का खतरा, कई गांवों में मची तबाही

    Weather Update: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने की वजह से कई इलाकों में तबाही मच गई है। तेज बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कों पर मलबा और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों में पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है। उत्तरकाशी के साथ ही राज्य के अन्य जिलों में भी भारी बारिश का दौर जारी है जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

    हिमाचल और राजस्थान में भी बिगड़े हालात

    हिमाचल प्रदेश में भी बारिश ने तबाही मचा दी है। शिमला, मंडी और कांगड़ा जैसे जिलों में भूस्खलन और भारी जलभराव की खबरें आ रही हैं। कई सड़कें बंद हो चुकी हैं और यातायात पूरी तरह ठप है। वहीं राजस्थान के कई हिस्सों में भी लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। बाड़मेर और जोधपुर जैसे इलाकों में जलभराव से आमजन परेशान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में अगले 24 घंटे में और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    Weather Update: उत्तर से दक्षिण तक मॉनसून का तांडव जारी! गहराया बाढ़ का खतरा, कई गांवों में मची तबाही

    दिल्ली-एनसीआर में उमस से बेहाल लोग

    दिल्ली और एनसीआर में बारिश न होने की वजह से भीषण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। पिछले कुछ दिनों से तापमान 38 डिग्री से ऊपर बना हुआ है और हवा में नमी की वजह से हालत और खराब हो गई है। मौसम विभाग ने 6 से 8 अगस्त के बीच हल्की बारिश की संभावना जताई है जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि लोगों को तेज बारिश का अभी भी इंतजार है ताकि उमस से छुटकारा मिल सके।

    हरियाणा में भी हल्की बारिश की उम्मीद

    हरियाणा में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम साफ बना रह सकता है लेकिन कहीं-कहीं बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है क्योंकि लंबे समय से सूखा पड़ा हुआ था।

    उत्तर प्रदेश में बाढ़ और राहत का मिला-जुला असर

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुई भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रयागराज में तो स्थिति और गंभीर है जहां कई घर पानी में डूब गए हैं। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे आस-पास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, बारिश की वजह से लोगों को उमस से राहत जरूर मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि 6 अगस्त के बाद से प्रदेश में भारी बारिश की संभावना नहीं है और तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।