INDI Alliance Protest: नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संसद भवन के बाहर एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के खिलाफ जमकर विरोध किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कांग्रेस सांसदों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने साफ मतदाता सूची बनाने पर ज़ोर दिया और चुनाव आयोग द्वारा 30 विपक्षी सांसदों को बुलाए जाने को राजनीतिक रणनीति करार दिया।
राहुल गांधी का बयान: संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती जरूरी
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने वन मैन वन वोट के सिद्धांत को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा 30 सांसदों को बुलाना पारदर्शिता के खिलाफ है और यह विपक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश है। उनका कहना था कि यह कोई व्यक्तिगत या पार्टी का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र का मसला है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने जताई गंभीर चिंता, की निष्पक्षता की मांग
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष के 30 सांसदों को चुनना असंभव है क्योंकि ये सभी गठबंधन दलों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मूल भावना पर हमला बताया। खड़गे ने चुनाव आयोग और एसआईआर से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने और निष्पक्ष कार्यवाही करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार और एजेंसियां विपक्ष पर कार्रवाई जारी रखेंगी, तो विरोध और ज्यादा बड़ा होगा।
केसी वेणुगोपाल का आरोप: सांसदों की आवाज दबाने का प्रयास
कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पुलिस और सरकार सांसदों को संसद के बाहर मार्च करने तक की अनुमति नहीं दे रही है। वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि क्या देश में ऐसा लोकतंत्र चल सकता है जहां सांसदों को चुनाव आयोग मिलने की भी आज़ादी न हो। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और कहा कि विपक्ष को चुप कराने की ये कोशिशें देश के लिए घातक हैं।
विपक्ष में बढ़ा आक्रोश, सरकार पर विपक्ष दबाने के आरोप
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन संसद भवन के बाहर एक बड़ा राजनीतिक विषय बन गया है। विपक्ष के नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। विपक्ष ने साफ किया है कि अगर उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश जारी रही तो वे और भी सशक्त विरोध करने को तैयार हैं। इस घटना ने देश में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
