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  • Haryana: CLU घोटाले की सीडी को फिर से जारी किया इनेलो ने, 50 करोड़ के घोटाले के आरोपी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का आरोप

    Haryana: CLU घोटाले की सीडी को फिर से जारी किया इनेलो ने, 50 करोड़ के घोटाले के आरोपी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का आरोप

    Haryana: कांग्रेस हाईकमान द्वारा राव नरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जोड़ी को मैदान में उतारने के बाद हरियाणा की सियासत में हलचल मच गई है। इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे पहले इनेलो भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ अपने आक्रामक तेवरों के लिए जानी जाती थी।

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की हालिया नियुक्तियों पर सवाल खड़े करते हुए रामपाल माजरा ने एक बार फिर से तथाकथित CLU घोटाले से जुड़ी पुरानी वीडियो सीडी को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए राव नरेंद्र सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और उन पर पहले से FIR दर्ज है।

    माजरा ने कहा कि हुड्‌डा सरकार में CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज़) को “उ‌द्योग” बना दिया गया था और उसी दौरान राव नरेंद्र सिंह ने कथित तौर पर 30 से 50 करोड़ रुपये की मांग की थी। इस मामले से जुड़ी एक पुरानी सीडी वीडियो को इनेलो ने एक बार फिर सार्वजनिक किया है।

    Haryana: CLU घोटाले की सीडी को फिर से जारी किया इनेलो ने, 50 करोड़ के घोटाले के आरोपी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का आरोप

    उन्होंने दावा किया कि यह मामला हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है और राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ FIR भी दर्ज है। साथ ही, माजरा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता विपक्ष और राव नरेंद्र सिंह को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर कांग्रेस और भाजपा दोनों पर “सांठगांठ” का आरोप लगाया।

    प्रेस को संबोधित करते हुए माजरा ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता विपक्ष और राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर वह दोनों को शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन बधाई भाजपा को भी देनी चाहिए, क्योंकि यही नियुक्तियां भाजपा चाहती थी। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा के बीच गुप्त सहमति का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि दोनों दल असल में एक ही सोच से संचालित हो रहे हैं।

    रामपाल माजरा ने प्रेस के सामने एक बार फिर वह सीडी वीडियो जारी किया, जिसे इनेलो पहले भी 2013 में सार्वजनिक कर चुकी है। उनका दावा है कि वीडियो में राव नरेंद्र सिंह एक व्यक्ति से CLU मंज़ूरी के बदले 30 से 50 करोड़ रुपये की मांग करते दिख रहे हैंमाजरा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पिछली सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में CLU एक उद्योग बन चुका था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हुड्डा सरकार ने स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी जैसी कंपनियों को बेशकीमती जमीनें सस्ते दामों पर अलॉट की थीं।

  • प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    हरियाणा की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। कांग्रेस के पूर्व नेता और जींद विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार रह चुके प्रदीप गिल, जो लंबे समय तक INLD में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रहे, आज अपनी मूल पार्टी में वापसी कर रहे हैं। यह “घर वापसी” रोहतक की नई अनाज मंडी में ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती समारोह के दौरान हुई।

    प्रदीप गिल की वापसी से इनैलो को जींद और रोहतक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। हरियाणा में 2029 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर यह आयोजन एक सियासी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। रोहतक, जो हमेशा से जाट और किसान वोट बैंक का गढ़ रहा है, में इनैलो का यह कदम कांग्रेस और बीजेपी के लिए चुनौती पेश कर सकता है।

    प्रदीप गिल ने INLD में की घर वापसी, रोहतक-जींद में पार्टी की स्थिति मजबूत बनाने की तैयारी शुरू

    प्रदीप गिल ने इनैलो में युवा प्रदेशाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक काम किया और किसान-केंद्रित मुद्दों को युवाओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जींद सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकी। हालांकि, वे जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता ने उन्हें चर्चा में रखा। अब उनकी INLD में वापसी को पार्टी की रणनीति के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है।

    प्रदीप गिल को राजनीति में ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जाता है जो राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी नहीं बदलता है। जब हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार थी तब प्रदीप गिल की पत्नी अनीता गिल जिला परिषद की सदस्य बनी थी। हरियाणा में कांग्रेस सरकार ने जिला परिषद में अपना अध्यक्ष बनने के लिए पार्षदों को अपने पक्ष में कर रही थी। तब प्रदीप गिल को प्रदेश सरकार ने बड़े राजनीतिक पद का ऑफर भी किया था लेकिन प्रदीप गिल ने उसे स्वीकार नहीं किया था। जब तक उनकी पत्नी जिला पार्षद रही तब तक वह इनेलो में ही बने रहे। बाद में वह कांग्रेस में गए और टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 8000 वोट हासिल किए।

    हाल ही में रोहतक से बलवान सिंह सुहाग (पूर्व जजपा उपाध्यक्ष) और उनके परिवार की इनैलो में वापसी के बाद प्रदीप गिल का यह कदम पार्टी के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। जिस रास्ते पर इस समय इनेलो चल रही है, उसे हरियाणा की राजनीति में आने वाले समय में बड़ी हलचल देखने को मिलेगी।

  • अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन आज राज्य के किसान भाजपा की नीतियों से नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यवासियों के सामने असली सच्चाई 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली विशाल रैली में सामने आएगी।

    लैडपुर में रैली का आमंत्रण

    अभय चौटाला झज्जर के लैडपुर गांव पहुंचे और वहां रैली में शामिल होने के लिए लोगों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती के अवसर पर आयोजित की जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर तीखे हमले किए और कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने किसानों के अधिकारों का हनन किया है और उनकी जमीन और संसाधनों पर कब्जा किया।

    अभय सिंह चौटाला का बड़ा दावा, कहा कांग्रेस ने BJP की सरकार गठन में दिया समर्थन, किसानों में बढ़ रही नाराजगी

    कांग्रेस और भाजपा पर निशाना

    अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से भाजपा के साथ रही है और अब भी इसका असर हरियाणा की राजनीति में देखने को मिलता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने सत्ता में आते ही किसानों की अनदेखी की और उनकी समस्याओं को हल करने में कोई कदम नहीं उठाया। चौटाला ने कहा कि यह रैली किसानों के लिए एक मजबूत संदेश होगी और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक करेगी।

    किसानों और ग्रामीणों से अपील

    उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से अपील की कि वे रैली में ऐतिहासिक संख्या में पहुंचें। चौटाला ने कहा कि यह रैली हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। उनका कहना है कि रैली के माध्यम से जनता को यह संदेश मिलेगा कि सत्ता में बैठे लोग उनके हितों के प्रति कितने गंभीर हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

    हरियाणा की राजनीति में संभावित बदलाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस रैली के बाद हरियाणा की राजनीति में बदलाव की संभावना है। किसान और ग्रामीण जनता अपनी असंतोषजनक भावनाओं को सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर सकते हैं। अभय सिंह चौटाला की अपील और रैली का व्यापक प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। यह रैली न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करेगी बल्कि हरियाणा की राजनीति में नई बहस और विमर्श को भी जन्म देगी।

  • Haryana News: हाईकोर्ट में सुरक्षित रखा गया उचाना फैसला, जनता और पार्टियों में उत्सुकता चरम पर

    Haryana News: हाईकोर्ट में सुरक्षित रखा गया उचाना फैसला, जनता और पार्टियों में उत्सुकता चरम पर

    Haryana News: उचाना विधानसभा सीट को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही जंग देश की राजनीति पर भी गहरा असर छोड़ेगी। इस मामले में न्यायमूर्ति अनूप चिटकारा की अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है और अभी यह फैसला कब आएगा? इसके बारे में कोई घोषणा नहीं की गई है।

    इस फैसले को लेकर उचाना में तो लोगों में उत्सुकता होना लाजिमी है लेकिन इस फैसले को लेकर उन लोगों में भी काफी उत्सुकता है, जिनका इस फैसले से सीधा कोई सरोकार नहीं है। फैसले को लेकर हरियाणा की कांग्रेस और भाजपा के साथ-साथ इनेलो और जजपा भी अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।

    असल में बृजेंद्र सिंह 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में 32 वोटों से चुनाव हार गए थे। उसे समय 258 वोट रद्द घोषित किए गए थे। बृजेंद्र सिंह ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल अपनी चुनाव याचिका में कहा था कि अगर रद्द घोषित किए गए वोटों की संख्या हार जीत के अंतर से ज्यादा होती है तो एक निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत वीडियोग्राफी करवाते हुए उन वोटों को खोला जाना चाहिए। बृजेंद्र सिंह का कहना था कि निर्वाचन अधिकारियों ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

    Haryana News: हाईकोर्ट में सुरक्षित रखा गया उचाना फैसला, जनता और पार्टियों में उत्सुकता चरम पर

    इसी मामले को लेकर वह पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचे थे और अदालत इस मामले में सुनवाई कर रही है। अदालत ने कम से कम तीन अलग-अलग मौकों पर इस बात का संकेत दिया है कि वह इस मामले का निपटारा जल्द करने के मूड में है।

    इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें और बहस का काम पूरा हो चुका है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। अभी तक इस मामले में अदालत की ओर से फैसले की डेट नहीं दी गई है लेकिन माना जाता है कि इस पर फैसला बहुत जल्द आ सकता है। अदालत के फैसले को लेकर हर व्यक्ति के मन में उत्सुकता बनी हुई है।

    उचाना पर फैसला देश की राजनीति पर भी डालेगा असर

    वर्तमान में जो राजनीतिक माहौल देश में चल रहा है उसमें सबसे बड़ी बात यह है कि कांग्रेस वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा आगे बढ़ा रही है। इस बात को लेकर कांग्रेस पूरे देश में अभियान चला रही है। अगर यह फैसला कांग्रेस के पक्ष में आता है तो कांग्रेस के इस अभियान को और गति मिलने की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में कांग्रेस का यह अभियान जनता के बीच अपने असर को कम करेगा। उस स्थिति में भाजपा को भी कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाने का एक बड़ा मौका मिलेगा।

  • Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    Haryana की राजनीति में देवीलाल परिवार का दखल अच्छा खासा रहा है यह एक अलग बात है कि पिछले दिनों परिवार के टूटने के बाद इस परिवार का दखल काम हो गया। JJP ने एक बार अपनी ताकत भी दिखाई लेकिन उसके बाद से वह लगातार सिकुड़ती नजर आ रही है।

    इस बीच INLD प्रमुख अभय चौटाला अब अपने पैर जमाने की कोशिश में जुट गए हैं। इसके लिए वह 25 सितंबर को रोहतक में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। यह तारीख चौटाला परिवार के बुजुर्ग नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती भी है। यह रैली खास इसलिए भी है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री और अभय चौटाला कि पिता ओमप्रकाश चौटाला के दिसंबर 2024 में निधन के बाद यह चौटाला परिवार का पहला बड़ा आयोजन होगा।

    रैली का स्थल रोहतक चुना गया है, जो कांग्रेस के दिग्गज और जाट नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। अभय चौटाला ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि हुड्डा का यहां कोई आधार नहीं है। वह खुद भाजपा के साथ मिले हुए हैं। इसीलिए उन्होंने इस स्थान को चुना है।

    Haryana: रोहतक में अभय चौटाला की शक्ति परीक्षा, क्या दोबारा जगेगा देवीलाल परिवार का दबदबा?

    देवीलाल परिवार के पास हमेशा से जाट वोट बैंक बड़ी संख्या में रहा है और वर्तमान में भी इनेलो इस बड़े वोट बैंक को अपनी तरफ करने में लगी हुई है।

    अभय चौटाला ने इस मौके पर कई अन्य क्षेत्रीय नेताओं को भी आमंत्रित किया है। जिनमें शिरोमणि अकाली दल प्रमुख और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को बुलाया है। अभय का कहना है कि यह किसी तीसरे मोर्चे का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास है जो भाजपा और कांग्रेस दोनों से अलग हैं।

    2018 में परिवारिक विवाद के बाद अभय के भतीजे दुष्यंत चौटाला ने JJP बनाई थी, जिसने 2019 में 10 सीटें जीतकर भाजपा सरकार में साझेदारी की। लेकिन किसानों के आंदोलन (2020) के समय भाजपा के साथ बने रहने की वजह से JJP का ग्राफ गिरा और 2024 विधानसभा चुनाव में उसका वोट शेयर 14.8% से गिरकर 0.90% तक पहुंच गया। इसके उलट INLD ने 2024 में दो सीटें (डबवाली और रानियां) जीतीं और 4.14% वोट शेयर हासिल किया। अभय का दावा है, “JJP खत्म हो चुकी है। उनके कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब हमारे साथ हैं।”

    रोहतक पहले से ही देवीलाल आंदोलन का पारंपरिक गढ़ रहा है, लेकिन 1990 के दशक से हुड्डा परिवार ने इसे अपने नियंत्रण में लिया। अब अभय उसी जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं। फिलहाल, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अभय की रैली को महत्वहीन बताया है।

  • हरियाणा में विपक्षी नेता की नियुक्ति पर कांग्रेस में उठी नई लहर, MLA बोले- विपक्षी नेता की नियुक्ति जरूरी

    हरियाणा में विपक्षी नेता की नियुक्ति पर कांग्रेस में उठी नई लहर, MLA बोले- विपक्षी नेता की नियुक्ति जरूरी

    हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले कांग्रेस पार्टी में विपक्षी नेता की मांग जोर पकड़ रही है। कांग्रेस विधायक जसी पेटवार ने कहा कि विपक्षी नेता का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि इसका ऐलान अभी देरी से हो रहा है।

     राहुल गांधी से सीखने का मौका

    जसी पेटवार ने कहा कि अब जल्द ही पार्टी उच्च कमान विपक्षी नेता का ऐलान कर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास विपक्ष और सरकार के अनुभव की भरमार है। नए जिला अध्यक्ष उनसे बहुत कुछ सीख पाएंगे।

    हरियाणा में विपक्षी नेता की नियुक्ति पर कांग्रेस में उठी नई लहर, MLA बोले- विपक्षी नेता की नियुक्ति जरूरी

    हरियाणा में कानून-व्यवस्था बड़ी समस्या

    कांग्रेस विधायक ने कहा कि राज्य में अपराध और कानून-व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या है। हर रोज़ हत्या, बलात्कार और फिरौती के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं बेरोज़गारी में हरियाणा देश में पहले नंबर पर है। इसके बावजूद कर्मचारियों की छंटनी जारी है।

    वोट चोरी पर राहुल गांधी का मुद्दा

    जसी पेटवार ने कहा कि वोट चोरी सबसे बड़ा मुद्दा है और राहुल गांधी इसे गंभीरता से उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र का सबसे अधिक हनन हरियाणा में हुआ है। जल्द ही वरिष्ठ नेता भूपेंद्र हुड्डा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई खुलासे करेंगे।

     INLD विधायक आदित्य देवी लाल चौटाला की प्रतिक्रिया

    INLD विधायक आदित्य देवी लाल चौटाला ने कहा कि राज्य में कई मुद्दे हैं जो मानसून सत्र में उठाए जाएंगे। उन्होंने राहुल गांधी की वोट चोरी की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने समय में भी यही करती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया।

  • हरियाणा में JJP और INLD में महिला कार्यकर्ता की ज्वाइनिंग पर गरमा विवाद, झूठे दावों को JJP ने किया खारिज

    हरियाणा में JJP और INLD में महिला कार्यकर्ता की ज्वाइनिंग पर गरमा विवाद, झूठे दावों को JJP ने किया खारिज

    हरियाणा में एक बार फिर क्षेत्रीय पार्टियां JJP और INLD आमने-सामने आ गई हैं। इस बार विवाद का कारण बनीं सोनिपत की पूर्व महिला जिला अध्यक्ष सरोज बेनीवाल की कथित ज्वाइनिंग। हाल ही में INLD ने दावा किया कि सरोज बेनीवाल ने पार्टी ज्वाइन कर ली है। लेकिन JJP ने इसे पूरी तरह गलत ठहराया और INLD पर झूठी प्रचार करने का आरोप लगाया।

    सरोज बेनीवाल का बयान

    सरोज बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि वे हमेशा से JJP के साथ हैं और JJP में ही बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि INLD ने उन पर सामाजिक दबाव डालने की कोशिश जरूर की, लेकिन वे अपने पद और पार्टी के प्रति वफादार रही हैं। सरोज बेनीवाल ने यह भी कहा कि वे लगातार JJP की नीतियों को प्रचारित कर रही हैं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने में सक्रिय हैं।

    हरियाणा में JJP और INLD में महिला कार्यकर्ता की ज्वाइनिंग पर गरमा विवाद, झूठे दावों को JJP ने किया खारिज

    JJP ने INLD को बताया झूठों का प्रोजेक्ट

    JJP की महिला राज्य अध्यक्ष रजनी मलिक ने कहा कि INLD की यह पुरानी आदत है कि वे झूठों को बड़े प्रोजेक्ट के रूप में पेश करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के झूठ हमारे मजबूत कार्यकर्ताओं को प्रभावित नहीं कर सकते। रजनी मलिक ने INLD नेताओं से अपील की कि वे जनता को भ्रमित करने की कोशिश न करें क्योंकि जनता समझदार है।

    महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर

    रजनी मलिक ने कहा कि JJP हमेशा से महिलाओं की भागीदारी को महत्व देती रही है। वर्तमान में पार्टी संगठन के पुनर्निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। JJP की महिला टीम लगातार 22 जिलों में महिलाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए बैठकें और कार्यक्रम आयोजित कर रही है।

    आगामी कार्यक्रम और संगठन अभियान

    इस क्रम में JJP महिला विंग 18 अगस्त को रीवाड़ी और 19 अगस्त को रोहतक में कार्यक्रम आयोजित करेगी। इससे पहले भिवानी और महेंद्रगढ़ में महिलाओं और वरिष्ठ जिला पदाधिकारियों के साथ बैठकें की गई हैं। राज्य अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का संगठन अभियान लगातार जारी है और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने का कार्य जारी रहेगा।

  • अर्जुन चौटाला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘बेवड़ा’ और ‘पियक्कड़ कौवा’ बताया नए अंदाज में सुनाई थ्रस्टी क्रो की कहानी

    अर्जुन चौटाला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘बेवड़ा’ और ‘पियक्कड़ कौवा’ बताया नए अंदाज में सुनाई थ्रस्टी क्रो की कहानी

    हरियाणा में सिरसा जिले की रानियां विधानसभा सीट से इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक अर्जुन चौटाला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘बेवड़ा’ और ‘पियक्कड़ कौवा’ बताया है। अर्जुन चौटाला के इस बयान से राजनीतिक विवादित शुरू हो गया है।

    गुरुवार रात भिवानी के बवानीखेड़ा में दौरा करने पहुंचे अर्जुन चौटाला ने कहा- “पंजाब का मुख्यमंत्री भगवंत मान पियक्कड़ कौआ है। उन्हें होश में रहकर काम करना चाहिए, क्योंकि उनका भरोसा नहीं वे कितनी घूंट मारकर आ जाए और क्या बात कह दे।” अर्जुन चौटाला ने आगे कहा, एक बेवड़ा आदमी प्रदेश को चला रहा है। मैं तो भगवान से यही प्रार्थना करता हूं कि वह होश में बैठ जाए, यही बहुत है।

    अर्जुन चौटाला ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'बेवड़ा' और 'पियक्कड़ कौवा' बताया नए अंदाज में सुनाई थ्रस्टी क्रो की कहानी

    वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब प्रवक्ता नील गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा- यह राजनीति के स्तर को रसातल में ले जाने की साजिश है वह भी उन लोगों द्वारा, जिनके पास न तमीज है, न तथ्यों का ज्ञान और न ही जनसेवा का कोई रिकॉर्ड। अर्जुन चौटाला जी, पहले हरियाणा में अपनी पार्टी की जमीन बचाइए। इनेलो तो हरियाणा में खुद वेंटिलेटर पर है। जो नेता अपने क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल भी ठीक से नहीं चला सके, वो पंजाब के मुख्यमंत्री को ज्ञान दे रहे हैं।

    वहीं हरियाणा के आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कहा कि ये नौकरियों के भ्रष्टाचार में खुद जेल में रहे। इन्हें खुद से सवाल करना चाहिए। एसवाइएल के पानी पर अर्जुन चौटाला ने कहा कि एसवाइएल का पानी हरियाणा का हक है और इसका सीधा-सीधा फायदा भिवानी जिले को सबसे ज्यादा होगा। सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए। कई लोगों की आदत होती है कि वे कह देते हैं कि ये तो राजनीति कर रहे हैं। यह तो सबको पता है कि पानी की किल्लत आती है तो कितनी परेशानी होती है। हमारी सरकार को तो गंभीरता से लेना चाहिए।

    चौटाला ने आगे कहा कि भगवंत मान एक चुटकुला सुनाया करते हैं। वे कौए की कहानी सुनाते हैं। पंजाब का हाल वैसा ही हो गया है। आपने प्यासे कौए की कहानी सुनी होगी, तो पंजाब का मुख्यमंत्री एक पियक्कड़ कौआ है। ‘वन्स देयर वज अ क्रो, ही वज वेरी-वेरी हंगरी। ओथे पेंदी सी अग, लाल परी दा जग। लाल परी में दारू वाज थोड़ा, मुख्यमंत्री कठ्‌ठे करदा रोड़ा, रोड़ा कठ्‌ठे करी उसकी दारू उत्थे आ गई, तो मुख्यमंत्री पैग मार के वो गया-वो गया।’ यही हाल आज पंजाब का है।

  • Haryana: अभय सिंह चौटाला ने सरकार से किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।

    Haryana: अभय सिंह चौटाला ने सरकार से किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।

    Haryana के आठ जिलों में भारी बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है जिससे करीब 55 हजार एकड़ की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। धान नरमा बाजरा मूंगफली और सब्जियां सब कुछ जलभराव की भेंट चढ़ गईं। इससे किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों तबाह हो गई हैं।

    जिलेवार नुकसान की भयावह तस्वीर

    अभय चौटाला ने जिन जिलों में सर्वाधिक नुकसान बताया उनमें रोहतक में सबसे ज्यादा 19000 एकड़ में फसल बर्बाद हुई है। इसके बाद भिवानी में 12000 एकड़ झज्जर में भी इतनी ही जमीन डूबी है। हिसार में 7000 एकड़ सिरसा में 2000 फतेहाबाद में 1800 कुरुक्षेत्र में 800 और यमुनानगर में 500 एकड़ जमीन बर्बाद हो गई है।

    Haryana: अभय सिंह चौटाला ने सरकार से किसानों को 50 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।

    प्रशासन की लापरवाही बनी किसानों की मुसीबत

    इनेलो नेता का आरोप है कि प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिन खेतों में पानी भरा है वहां से निकासी की व्यवस्था तक नहीं हुई है। किसान अपनी फसलों की बर्बादी से परेशान हैं और कर्ज के बोझ तले दब चुके हैं। सरकार की बेरुखी ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

    मुआवजे की मांग और खर्चों का आंकलन

    अभय चौटाला ने कहा कि एक एकड़ में किसान का खर्च 50000 रुपये से अधिक बैठता है जिसमें ठेका खाद बीज दवाइयां और डीजल जैसी चीजें शामिल हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों को कम से कम 50000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा देना चाहिए। ताकि किसान अगली फसल की तैयारी कर सके।

    इनेलो ने सरकार पर बोला हमला

    अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है। हर साल जलभराव से फसलें बर्बाद होती हैं लेकिन सरकार कोई ठोस समाधान नहीं निकालती। किसानों की मदद की बजाय उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। इनेलो ने यह मांग दोहराई है कि यदि सरकार समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

  • Haryana News: विपक्ष के दबाव में झुकी सरकार, बराला को दिखाया बाहर का रास्ता

    Haryana News: विपक्ष के दबाव में झुकी सरकार, बराला को दिखाया बाहर का रास्ता

    Haryana News: हरियाणा सरकार ने हाल ही में जब अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर विकास बराला की नियुक्ति की तो यह फैसला तुरंत ही विपक्ष के निशाने पर आ गया। विकास बराला वही नाम है जो वर्ष 2017 में वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामले में सुर्खियों में आया था। उनके खिलाफ अब भी कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को लेकर पूरे राज्य में विवाद खड़ा हो गया।

    विपक्ष का हमला और सरकार की फजीहत

    जैसे ही सरकार ने विकास बराला का नाम अपनी लीगल टीम में शामिल किया वैसे ही कांग्रेस और इनेलो जैसे दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्ष ने सवाल उठाया कि एक आरोपी को सरकार का प्रतिनिधि कैसे बनाया जा सकता है। इस कदम को उन्होंने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया और बीजेपी की नीति और नीयत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।

    Haryana News: विपक्ष के दबाव में झुकी सरकार, बराला को दिखाया बाहर का रास्ता

    सरकार का यू-टर्न और हटाने का आदेश

    लगातार दबाव और आलोचना के बीच सरकार को आखिरकार बैकफुट पर आना पड़ा। सोमवार दोपहर सरकार ने विकास बराला को अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। ये वही सरकार थी जो कुछ दिन पहले तक उनकी नियुक्ति का बचाव कर रही थी। लेकिन जब राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ने लगी तो सरकार ने यू-टर्न ले लिया।

    विकास बराला की नियुक्ति पर बीजेपी की दलीलें

    जब विकास बराला की नियुक्ति पर बीजेपी नेताओं से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि नेताओं के बेटे भी तो कोई नौकरी या पेशा अपना सकते हैं। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह उचित है कि एक ट्रायल फेस कर रहा व्यक्ति राज्य का कानूनी अधिकारी बने तो वे सवालों से बचते नजर आए। इससे उनकी स्थिति और भी असहज हो गई।

    विपक्ष ने छीना सरकार का मुद्दा

    विकास बराला को हटाने के इस फैसले से यह साफ हो गया कि सरकार विपक्ष के हमलों को झेलने की स्थिति में नहीं थी। सरकार ने एक ऐसा फैसला वापस लिया जिसे लेकर विपक्ष ने माहौल बना लिया था। अब यह कहना गलत नहीं होगा कि विकास बराला का नाम सरकार के लिए राजनीतिक सिरदर्द बन गया था जिसे हटाकर ही राहत मिली।