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  • भाजपा ने Mission 2029 के लिए लगाई और ताकत, जनता से सीधे संवाद पर भाजपा का जोर

    भाजपा ने Mission 2029 के लिए लगाई और ताकत, जनता से सीधे संवाद पर भाजपा का जोर

    Mission 2029: प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी 4 साल से ज्यादा का समय बाकी है लेकिन इसके बावजूद जहां कांग्रेस ने अपने संगठन को खड़ा कर आने वाले चुनाव में अपनी उपस्थिति पहले से अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने की तैयारी की है वहीं सत्तारूढ़ पार्टी ने भी अभी से 2029 का लक्ष्य साध लिया है।

    सत्ता में बैठे राजनीतिक लोग अक्सर सत्ता हासिल होने के बाद कम से कम 4 साल सत्ता का सुख भोगते हैं और उसके बाद ही चुनाव की तैयारी करते हैं। लेकिन भाजपा ने अभी से अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है और इसी कड़ी में उसने सबसे पहले उन 42 सीटों को अपने लक्ष्य पर रखा है जहां पार्टी 2024 में चुनाव हार गई थी। पार्टी ने साफ कर दिया है कि 2024 की हर अतीत का हिस्सा है और अब उसकी नजर 2029 पर है।

    सबसे पहले पार्टी ने अपने 42 विधायक और मंत्रियों को हारी हुई सीटों पर प्रभारी बनाने का काम किया और उसके बाद अब पार्टी ने एक बड़ी बैठक आयोजित कर हारे हुए नेताओं और प्रभारी नेताओं के साथ संयुक्त बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के संगठन मंत्री विशेष रूप से मौजूद थे।

    भाजपा ने Mission 2029 के लिए लगाई और ताकत, जनता से सीधे संवाद पर भाजपा का जोर

    यूं तो पार्टी 42 सीटों पर चुनाव हारी थी लेकिन उसे कैप्टन अभिमन्यु, ज्ञानचंद गुप्ता, कुंवर पाल गुर्जर, ओमप्रकाश धनखड़, भव्य बिश्नोई, असीम गोयल की हार से बड़ा झटका लगा था।

    पार्टी ने फैसला किया है कि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियां को जनता तक अधिक प्रभावी और सटीक तरीके से पहुंचाया जाए ताकि पार्टी की पकड़ गांव-गांव, घर-घर तक मजबूत हो सके। पार्टी ने संगठन और सरकार के बीच तालमेल की जरूरत पर बल दिया। पार्टी ने इस बात का भी फैसला किया है कि अब पिछली हार को पीछे छोड़कर नए विजन और आक्रामक तेवर के साथ मैदान में उतरा जाए।

    भाजपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने इन सभी 42 सीटों का फीडबैक लिया है और यहां पर स्थानीय मुद्दों, विपक्ष की रणनीति, जातीय समीकरणों पर मंथन का काम पूरा कर लिया है। इस मंथन के बीच निकलकर यह आया है कि पार्टी इन 42 सीटों में से कम से कम 24 सीटों पर बढ़त हासिल करने की स्थिति बना सकती है। जिन सीटों पर पार्टी बढ़त हासिल करने की मजबूत स्थिति बना सकती है उन सीटों पर पार्टी आने वाले दिनों में और अधिक ध्यान देने वाली है।

    भाजपा की अभी से शुरू हुई तैयारियों के बीच आने वाले समय में हरियाणा में राजनीतिक माहौल में काफी गर्मी देखने को मिलेगी क्योंकि यहां पर अब कांग्रेस ने भी अपना संगठन खड़ा कर लिया है।

  • Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    Haryana News: दिल्ली में आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी केवल दिखावा करते हैं और उनके पास कोई ताकत नहीं है। राहुल गांधी का यह बयान सियासी हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

    मनोहर लाल खट्टर ने दिया करारा जवाब

    राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कड़ा पलटवार किया। करनाल में मीडिया से बात करते हुए खट्टर ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में बने रहना है। इसलिए वे इस तरह के बयान देते रहते हैं। खट्टर ने यह भी कहा कि इस तरह की बातों का कोई महत्व नहीं है।

    Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    राजनीति में बयानबाज़ी का दौर तेज़

    चुनाव नजदीक आते ही नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो जाता है। राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है। इस बार भी राहुल गांधी के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले भी राहुल गांधी कई बार पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं।

    क्या है इसके पीछे की रणनीति

    राजनीतिक जानकार मानते हैं कि राहुल गांधी का यह बयान कांग्रेस के नए सियासी अभियान का हिस्सा हो सकता है जिसमें वे खुद को जनता का सच्चा प्रतिनिधि और बीजेपी को सत्ता का प्रतीक बताने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भाजपा इसे केवल एक नकारात्मक राजनीति की रणनीति मान रही है। खट्टर जैसे वरिष्ठ नेताओं के बयान यही दर्शाते हैं कि भाजपा इस तरह की बातों को तवज्जो नहीं देना चाहती।

    जनता पर कितना असर डालेंगे ऐसे बयान

    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी के इस बयान का जनता पर क्या असर होता है। क्या यह कांग्रेस के लिए कोई सियासी फायदा लाएगा या फिर भाजपा इसे एक और अवसर में बदल देगी। फिलहाल तो खट्टर जैसे नेताओं के जवाब से यह साफ है कि भाजपा इन बयानों को गंभीरता से नहीं ले रही लेकिन जवाब देने से भी नहीं चूक रही।