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  • कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    कैथल में आयोजित खाटू श्याम जागरण के दौरान ‘महाराजा सूरजमल स्टेडियम’ को “महाराजा सूरज खान स्टेडियम” बताने के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। जाट समाज के लोगों ने कन्हैया मित्तल के पोस्टरों पर कालिख पोतते हुए उनका कड़ा विरोध जताया है।

    यह जागरण कैथल के महाराजा सूरजमल स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल मुख्य गायक के रूप में शामिल हुए। विवाद तब शुरू हुआ जब कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में स्टेडियम का नाम गलत तरीके से “महाराजा सूरज खान स्टेडियम” लिखा गया। जैसे ही यह प्रसारण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जाट समाज में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसे महाराजा सूरजमल के सम्मान का अपमान बताया।

    कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    नाराज लोगों ने स्टेडियम के गेट पर ताला जड़ दिया और कार्यक्रम का सारा सामान रोक दिया। जाट समाज ने मांग की है कि कन्हैया मित्तल को अपने सोशल मीडिया पेज पर लाइव आकर सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जाएगी और कन्हैया मित्तल का कैथल में प्रवेश वर्जित रहेगा।

    जाट समाज के लोगों का कहना है कि यह मामला केवल एक नाम की गलती नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं का मुद्दा है। उन्होंने जाट समिति से भी स्पष्ट किया कि आगे से ऐसे आयोजनों में सावधानी बरती जाए ताकि क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक तनाव न फैले और माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।

    कैथल खाटू श्याम जागरण में स्टेडियम नाम विवाद, महाराजा सूरजमल को महाराजा सूरज खान बताने से जाट समाज भड़का

    इस मामले में कन्हैया मित्तल की प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस मामले में अभी तक कन्हैया मित्तल के पेज पर सार्वजनिक माफी भी नहीं मांगी गई है। लेकिन उनके पेज पर अब वह पोस्ट लाइव भी नजर नहीं आ रही है, जिसको लेकर विवाद चल रहा है। यह कार्यक्रम 22 सितंबर को आयोजित किया गया था।

  • Haryana में फिर उठेगी आवाज़! अक्टूबर में शुरू हो सकता है जाट आरक्षण आंदोलन, भाईचारा सम्मेलन में लिया संकल्प

    Haryana में फिर उठेगी आवाज़! अक्टूबर में शुरू हो सकता है जाट आरक्षण आंदोलन, भाईचारा सम्मेलन में लिया संकल्प

    Haryana में एक बार फिर से अक्टूबर माह में जाट आरक्षण को लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन से पहले जहां प्रत्येक जिलों में विधानसभा स्तर पर भाईचारा सम्मेलन आयोजित कर लोगों से रायशुमारी की जा रही है, वहीं एकजुट होकर अपने हकों को लेकर मंथन किया जा रहा है। जाट आरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया की अगुवाई में भाईचारा सम्मेलन का आयोजन कर समाज के लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प दिलाया जा रहा है।

    हैबतपुर के ग्राम सचिवालय में आयोजित भाईचारा सम्मेलन में जाट नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा जाट समाज को सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। इस बार समाज को एकजुट कर हकों को लेकर जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी अपने हकों के लिए 52 दिन तक शांतिपूर्वक आंदोलन किया था। उस दौरान कुछ लोगों ने आंदोलन के बीच घुसकर उनके आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया था। उन्हें बार-बार सरकार द्वारा सैनी, अहीर, गुर्जर के समान आरक्षण देने का वादा किया गया है लेकिन इसे धरातल पर लागू नहीं किए जाने के कारण जाट समाज को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।

    Haryana में फिर उठेगी आवाज़! अक्टूबर में शुरू हो सकता है जाट आरक्षण आंदोलन, भाईचारा सम्मेलन में लिया संकल्पHaryana में फिर उठेगी आवाज़! अक्टूबर में शुरू हो सकता है जाट आरक्षण आंदोलन, भाईचारा सम्मेलन में लिया संकल्प

    जाट नेताओं ने कहा कि प्रदेश के सभी 90 विधानसभा स्तर पर भाईचारा सम्मेलन कर रहे हैं। वहीं 5 अक्टूबर को रोहतक के जसिया में छोटूराम धाम पर प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर जाट आरक्षण को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस बार वे शांतिपूर्वक ढंग से दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के बाढ़ के हालातों को देखते हुए यह तारीख आगे हो सकती है।

    दहिया ने कहा कि यदि हम संगठित रहेंगे तो कोई ताकत हमें आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि भाईचारा यात्रा के समापन पर 5 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में छोटूराम धाम जसिया पहुंचें और इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं।

    कंडेला खाप के प्रधान ओम प्रकाश कंडेला ने कहा कि यह पहल बहुत ही सराहनीय है, जाट आरक्षण से समाज को बहुत ज्यादा फायदा होगा। हम सभी ने एक साथ मिलकर इस लड़ाई को लड़ना होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सर्व समाज के भाईचारे को साथ लेकर आगे इस संघर्ष के मैदान में फिर से उतरेंगे।

    सम्मेलन में उपस्थित सभी लोगों ने एकमत होकर कहा कि यह सम्मेलन भाईचारे के उद्देश्य और महत्व को लेकर समाज में नई ऊर्जा और जागरूकता का संदेश भरेगा और इसके परिणाम समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होंगे। साथ ही सभी ने यह भी आश्वासन दिया कि 5 अक्टूबर को भाईचारा यात्रा के समापन अवसर पर वे अधिक से अधिक संख्या में छोटूराम धाम जसिया अवश्य पहुंचेंगे।