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  • Manisha murder case: परिवार और कमेटी ने पुलिस की सुसाइड थ्योरी को किया खारिज और जांच के नए मोड़ ने पूरे जिले में पैदा किया सस्पेंस

    Manisha murder case: परिवार और कमेटी ने पुलिस की सुसाइड थ्योरी को किया खारिज और जांच के नए मोड़ ने पूरे जिले में पैदा किया सस्पेंस

    Manisha murder case: हरियाणा के भिवानी में हुए शिक्षिका-कम-छात्रा मनीषा हत्याकांड में फॉरेंसिक साइंस लैब और पुलिस की अब तक की जांच के आधार पर जो सुसाइड थ्योरी तैयार हुई है उसे परिवार और इस मामले में बनी कमेटी ने सिरे से खारिज कर दिया है। सोमवार देर शाम को सुनारिया लैब से मेडिकल जांच रिपोर्ट भिवानी पुलिस को मिल गई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि रिपोर्ट में चिकित्सकों के अनुसार मनीषा की मौत कीटनाशक की वजह से हुई। मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक मिला है।

    एसपी ने बताया कि चिकित्सकों से हुई बातचीत में अब तक चार बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हो पाई हैं, जिसमें पहला मनीषा की बिसरा रिपोर्ट में कीटनाशक के अंश मिले हैं, दूसरा मनीषा के शरीर पर कोई सीमन नहीं मिला है, जिससे दुष्कर्म की कोई बात सामने नहीं आई है। तीसरा यह है कि मनीषा के चेहरे पर कोई भी एसिड या कैमिकल नहीं मिला है। जबकि चौथी बात मनीषा की मौत के बाद ही उसके शरीर के अंग गायब हुए हैं, जो जंगली जानवरों द्वारा नोंच कर खाए गए हैं। मनीषा के सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग भी मैच हो गई है।
    भिवानी पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार का कहना है कि मनीषा की मौत मामले में पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। अभी इस मामले में पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंची हैं। पुलिस ने लैब से बिसरा जांच रिपोर्ट परिजनों को भी दी है। परिजनों के पुलिस को लेकर कुछ सवाल हैं, लेकिन इस मामले में परिजनों की पुरी संतुष्टि की जाएगी। पुलिस की जांच अभी बंद नहीं हुई है, पुलिस इस मामले की हर पहलु से जांच कर इसकी तह तक जाने में लगी है।

    Manisha murder case: परिवार और कमेटी ने पुलिस की सुसाइड थ्योरी को किया खारिज और जांच के नए मोड़ ने पूरे जिले में पैदा किया सस्पेंस

    सुसाइड थ्योरी पर परिजनों ने उठाए सवाल

    मनीषा हत्याकांड मामले में पुलिस की थ्योरी से परिजन भी अनभिज्ञ हैं। मनीष की मौत के पांच दिन बाद परिजनों को सोशल मीडिया से सोमवार को पता चला कि सुसाइड नोट मिला है। जबकि परिजनों ने सुसाइड थ्योरी पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। वहीं मीडिया के सामने मनीषा के दादा रामकिशन भी फफक पड़े। रामकिशन ने बताया कि पौती सारी बातें सांझा करती थी। पौती मनीषा तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। दादा ने मनीषा को कोर्स के लिए खर्चा देने की बात कही थी। वहीं मनीषा के परिजनों ने बताया कि सुसाइड करने वाला कैसे अपना गला काट लेगा और चेहरे पर तेजाब कैसे छिड़ेगा? हालांकि पुलिस ने मनीषा के चेहरे पर तेजाब मिलने की बात को न कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने पहले सुसाइड नोट की कोई भी बात उन्हें नहीं बताई थी।

    मनीषा मामला संक्षेप में

    19 वर्षीय महिला शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त की सुबह ढाणी लक्ष्मण अपने घर से सिंघानी प्ले स्कूल जाने के लिए रोजाना की तरह तैयार होकर निकली थी। लेकिन दोपहर बाद वह घर नहीं लौटी तो देर शाम तक परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे। परिजनों ने उसी दिन रात को लोहारू थाना में भी शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया। मनीषा की तलाश करने की बजाए पुलिस ने लड़की के चरित्र पर ही सवाल उठा दिया। इसके बाद निराश परिजन वापस घर लौट आए। 13 अगस्त की सुबह सिंघानी नहर के पास किसी ने शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद परिजनों ने मौके पर पहुंचकर मृतका की पहचान मनीषा के रूप में कर दी। गला कटा हुआ था। चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा था वहीं दोनों आंखे भी गायब थी। महिला की पूरी गर्दन ही धड़ से अलग थी, मात्र पांच इंच ही गर्दन धड़ से जुड़ी थी। कपड़े भी फटे थे। वहीं वारदात स्थल के पास ही मनीषा का दुपट्टा और जूती भी पड़ी थी।

    मनीषा के शव के बाद की कार्रवाई

    14 अगस्त को मनीषा के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद एक कमेटी का गठन किया गया और भिवानी जिले की कई मंडियां इस हत्या के विरोध में बंद हुई। पुलिस पर भी कई तरह के आरोप लगे और इसके बाद 15 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कार्रवाई करते हुए एसपी का तबादला कर दिया और चार पुलिस वालों को दिन में एक इंस्पेक्टर भी शामिल थे सस्पेंड कर दिया। एक एसपीओ को बर्खास्त कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने हालांकि सुसाइड थ्योरी पर काम भी किया है लेकिन इसके बावजूद जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

  • Haryana News: काली थार से आई लाश, छोड़कर भागे साथी, पुलिस के सामने गहराया मामला

    Haryana News: काली थार से आई लाश, छोड़कर भागे साथी, पुलिस के सामने गहराया मामला

    Haryana News: रविवार सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर रोहतक के आकाशवाणी भवन के पास स्थित मान अस्पताल में एक काली थार गाड़ी आकर रुकी। उसमें सवार दो युवक एक घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे। जैसे ही डॉक्टरों ने उसकी जांच की तो उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही दोनों युवक अचानक अस्पताल से यह कहकर चले गए कि वे जिंद बाईपास से कुछ दस्तावेज लाने जा रहे हैं। लेकिन वे लौटकर नहीं आए।

    मृत युवक की पहचान बनी रहस्य

    जब अस्पताल प्रशासन ने मृत युवक की पहचान के बारे में जानना चाहा तो दोनों युवक कोई जानकारी दिए बिना वहां से निकल गए। युवक के शरीर पर चोट के कई निशान मिले जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया। इस अज्ञात युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है और ना ही यह साफ हो पाया है कि उसे किन हालात में अस्पताल लाया गया था।

    Haryana News: काली थार से आई लाश, छोड़कर भागे साथी, पुलिस के सामने गहराया मामला

     पुलिस पहुंची मौके पर, जांच शुरू

    अस्पताल की सूचना मिलते ही आर्य नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब हर पहलू की जांच कर रही है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि थार गाड़ी का नंबर क्या था और उसमें आए दोनों युवक कौन थे।

    अचानक गायब हुए दोनों युवक बना रहे हैं सवाल खड़े

    इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि घायल युवक को अस्पताल लाने वाले दोनों युवक अचानक क्यों गायब हो गए। अगर वे सच में मदद करना चाहते थे तो वापस क्यों नहीं लौटे। पुलिस को शक है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि कोई अपराध भी हो सकता है जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस और अस्पताल प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी सस्पेंस

    फिलहाल अस्पताल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है और जल्द ही दोनों युवकों की पहचान कर ली जाएगी। इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मृतक के शरीर पर मिले चोटों की मेडिकल रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा बनाई जाएगी।