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  • Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    कांग्रेस नेता Rahul Gandhi लंबे समय से वोट चोरी के आरोप लगाते आ रहे हैं। 7 अगस्त को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से बताया कि किस तरह से चुनाव आयोग वोटों की हेराफेरी कर रहा है। इसी क्रम में 18 सितंबर को उन्होंने एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हाइड्रोजन बम नहीं है, वह जल्द आएगा। उन्होंने वोट डिलीट होने के सबूत पेश किए और समझाया कि चुनाव आयोग किस तरह वोटों को हटा रहा है।

    कर्नाटक CID ने भेजे 18 पत्र

    राहुल गांधी ने बताया कि कर्नाटक CID ने इस वोट डिलीशन मामले को लेकर चुनाव आयोग को 18 पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में CID ने चुनाव आयोग से तीन सवाल पूछे। बावजूद इसके, इतने पत्रों के बाद भी चुनाव आयोग की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। राहुल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने वालों की रक्षा कर रहे हैं। यही कारण है कि इतने पत्रों के बाद भी कोई उत्तर नहीं मिल पाया।

    Rahul Gandhi ने ECI को दी 1 हफ्ते की चेतावनी, वोट चोरी और डिलीट होने वाले वोटों का किया खुलासा

    वोट चोरी के सबूत और आरोप

    राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत पेश करते हुए कहा कि हाइड्रोजन बम आने वाला है। उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्होंने वोटों के जोड़ने की जानकारी दी थी, आज उन्होंने वोटों के हटाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। यह सब केंद्रीकरण और कॉल सेंटर के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जानकारी ठोस सबूतों के साथ प्रस्तुत की जा रही है। उनका कहना था कि ECI के प्रमुख ज्ञानेश कुमार वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं।

    राज्यवार वोट हेराफेरी

    राहुल ने कहा कि कर्नाटक CID ने वोट डिलीट मामले की जांच शुरू की थी। CID ने चुनाव आयोग को कई सवालों के साथ पत्र भेजे, जिसमें OTP और मोबाइल नंबरों की जानकारी मांगी गई। फरवरी 2023 में जांच शुरू हुई। मार्च में पहला पत्र भेजा गया, जिसमें कई सवालों के जवाब मांगे गए। अगस्त में अधूरी जानकारी दी गई, जबकि आवश्यक जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कर्नाटक में नहीं हुआ, महाराष्ट्र के राजुरा में नाम जोड़े गए और कर्नाटक में नाम हटाए गए।

    चुनाव आयोग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम

    राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। उनका कहना था कि जनता को पूरी जानकारी एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करनी होगी। तभी चुनाव आयोग पर विश्वास कायम रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो लोकतंत्र की प्रक्रिया पर सवाल उठेंगे। राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक बार फिर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • Karnataka: पूरे विश्व में इस जैसा खून किसी का नहीं! मेडिकल साइंस भी हैरान, नए ग्रुप को दिया CRIB Antigen नाम

    Karnataka: पूरे विश्व में इस जैसा खून किसी का नहीं! मेडिकल साइंस भी हैरान, नए ग्रुप को दिया CRIB Antigen नाम

    Karnataka के कोलार जिले की एक महिला का जब इलाज शुरू हुआ तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामला पूरी दुनिया के मेडिकल इतिहास में दर्ज हो जाएगा। 38 साल की इस महिला को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया। ऑपरेशन से पहले उसकी रूटीन जांच के तहत जब ब्लड ग्रुप टेस्ट किया गया तो डॉक्टरों को जो सामने दिखा उसने सभी को हैरान कर दिया। रिपोर्ट में उसका ब्लड ग्रुप तो ओ पॉजिटिव बताया गया लेकिन जब ब्लड चढ़ाने की बात आई तो किसी भी ओ पॉजिटिव यूनिट ने काम नहीं किया।

    हर सैंपल फेल होता गया

    अस्पताल में जब डॉक्टरों ने दूसरे डोनर्स से ब्लड मंगवाकर मिलाने की कोशिश की तो कोई भी यूनिट उस महिला से मेल नहीं खाई। महिला के परिवार के करीब 20 लोगों के सैंपल लिए गए लेकिन सभी रिपोर्ट फेल हो गई। मामला गंभीर होता जा रहा था और ऑपरेशन का वक्त भी नजदीक था। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ब्लड सैंपल को रोटरी बंगलूरू टीटीके ब्लड सेंटर भेजा ताकि अत्याधुनिक लैब में इसकी गहन जांच हो सके।

    Karnataka: पूरे विश्व में इस जैसा खून किसी का नहीं! मेडिकल साइंस भी हैरान, नए ग्रुप को दिया CRIB Antigen नाम

    नई खोज की तरफ पहला कदम

    रोटरी बंगलूरू टीटीके ब्लड सेंटर में जब सैंपल की गहराई से जांच शुरू हुई तो सामने आया कि महिला के ब्लड में मौजूद एंटीजन किसी भी सामान्य ब्लड ग्रुप से मेल नहीं खा रहा है। यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य सभी टेस्ट सैंपल्स भी इस ब्लड के सामने असफल हो गए। यह देखकर डॉक्टरों ने महिला और उसके परिवार के ब्लड सैंपल ब्रिटेन की ब्लड ग्रुप रेफरेंस लेबोरेटरी को भेज दिए जहां विशेषज्ञों ने 10 महीने तक लगातार रिसर्च की।

    सीआरआईबी की खोज और नामकरण

    लगभग 10 महीने की रिसर्च के बाद जो सामने आया उसने मेडिकल साइंस में इतिहास बना दिया। वैज्ञानिकों को महिला के ब्लड में एक नया एंटीजन मिला जिसे उन्होंने सीआरआईबी नाम दिया। इस नाम का मतलब है ‘क्रोमर इंडिया बंगलूरू’। इस खोज को जून 2025 में इटली में हुई इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन की मीटिंग में साझा किया गया। यह खबर पूरे चिकित्सा जगत के लिए एक चौंकाने वाला लेकिन गौरव का विषय बनी।

    नई शुरुआत की उम्मीद

    इस खोज के बाद रोटरी बंगलूरू टीटीके ब्लड सेंटर ने दुर्लभ ब्लड डोनर रजिस्ट्री शुरू की है ताकि भविष्य में ऐसे और केस में लोगों को परेशानी न हो। डॉ. अंकित माथुर ने बताया कि महिला का ऑपरेशन बिना किसी ब्लड ट्रांसफ्यूजन के सफलतापूर्वक किया गया जो एक बड़ी उपलब्धि है। इस ब्लड ग्रुप की खोज न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन गई है कि कैसे आम घटनाएं भी एक नई दिशा दे सकती हैं।