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  • Himachal Pradesh News: हिमाचल पुलिस के जवानों को ड्यूटी के दौरान शराब खरीदना पड़ा भारी! चारो पुलिसकर्मी किए गए सस्पेंड

    Himachal Pradesh News: हिमाचल पुलिस के जवानों को ड्यूटी के दौरान शराब खरीदना पड़ा भारी! चारो पुलिसकर्मी किए गए सस्पेंड

    Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को शुक्रवार को शिमला से दिल्ली जाना था। मौसम खराब होने के कारण उनका हेलिकॉप्टर नहीं उड़ सका। इसके चलते उन्हें सड़क मार्ग से चंडीगढ़ जाना पड़ा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोलन पुलिस से चार जवानों को सीएम की एस्कॉर्ट ड्यूटी पर चंडीगढ़ भेजा गया था। इनमें से दो जवान कोलर बटालियन से थे जबकि दो सोलन पुलिस से संबंधित थे।

    शराब ठेके पर वर्दी में पहुंचे जवान

    मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ से दिल्ली रवाना होने के बाद यह चारों जवान ड्यूटी से लौट रहे थे। लौटते समय चंडीगढ़ में एक शराब के ठेके पर उन्होंने वर्दी पहनकर शराब खरीदी। इस दौरान किसी व्यक्ति ने इन पुलिसकर्मियों का वीडियो बना लिया जिसमें वे काले रंग की स्कॉर्पियो में शराब की पेटियां रखते हुए दिखाई दे रहे थे। वर्दी में शराब खरीदने की यह हरकत कैमरे में कैद हो गई।

    Himachal Pradesh News: हिमाचल पुलिस के जवानों को ड्यूटी के दौरान शराब खरीदना पड़ा भारी! चारो पुलिसकर्मी किए गए सस्पेंड

    सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

    वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई। जनता के बीच पुलिस की साख को लेकर सवाल उठने लगे। लोगों ने इसे कानून व्यवस्था का मजाक बताया। कई यूजर्स ने पुलिस की इस हरकत पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कार्रवाई की मांग की। वीडियो की पुष्टि होते ही मामला और गंभीर हो गया।

    एसपी सोलन ने की तुरंत कार्रवाई

    वीडियो वायरल होने के बाद सोलन के एसपी गौरव सिंह ने मामले की जांच करवाई। प्रारंभिक जांच में वीडियो को सही पाया गया। इसके बाद बिना देरी किए चारों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस की छवि खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

    पुलिस विभाग की छवि पर फिर लगा सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब वर्दीधारी जवान ही कानून की अवहेलना करेंगे तो आम जनता में भरोसा कैसे बनेगा। यह मामला एक उदाहरण है कि ड्यूटी पर रहते हुए अनुशासन का पालन न करने पर कितनी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। विभागीय जांच के बाद इन पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है।

  • Haryana News: हरियाणा पुलिस कांस्टेबल को काले जादू की वजह से गंवानी पड़ी नौकरी! 12 साल में 42 बार गैरहाजिर रहा सिपाही

    Haryana News: हरियाणा पुलिस कांस्टेबल को काले जादू की वजह से गंवानी पड़ी नौकरी! 12 साल में 42 बार गैरहाजिर रहा सिपाही

    Haryana News: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस के कांस्टेबल अरशद की बर्खास्तगी को सही ठहराया है। कांस्टेबल अरशद ने अपनी गैरहाजिरी का कारण काले जादू से इलाज बताया था। कोर्ट ने साफ कहा कि अनुशासित बल में अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जस्टिस जगमोहन बंसल ने फैसले में लिखा कि एक सशस्त्र बल के जवान से कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की सर्वोच्च अपेक्षा होती है।

    छुट्टी लेकर गया और फिर नहीं लौटा

    अरशद मेवात का रहने वाला है और 2012 से हरियाणा पुलिस में सेवाएं दे रहा था। 2023 में उसने एक सप्ताह की छुट्टी ली लेकिन फिर 300 से अधिक दिनों तक बिना किसी सूचना या अनुमति के ड्यूटी पर नहीं लौटा। विभाग ने कई बार संपर्क की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार उसे एक सितंबर 2023 को निलंबित कर दिया गया और फिर विभागीय जांच शुरू हुई।

    Haryana News: हरियाणा पुलिस कांस्टेबल को काले जादू की वजह से गंवानी पड़ी नौकरी! 12 साल में 42 बार गैरहाजिर रहा सिपाही

    12 साल की नौकरी में 42 बार गैरहाजिर

    जांच के दौरान सामने आया कि अरशद का सेवा रिकॉर्ड पहले से ही खराब था। उसने अपने 12 साल की सेवा में कुल 42 बार ड्यूटी से गैरहाजिरी दर्ज करवाई थी। इसके चलते उसके 19 वेतनवृद्धि स्थायी रूप से रोक दी गई थीं और चार बार बड़ी सजा भी दी गई थी। इतना ही नहीं वह विभागीय जांच में भी सहयोग नहीं कर रहा था और अजीबो-गरीब तर्क पेश कर रहा था।

    काले जादू से इलाज और तांत्रिक का हवाला

    अरशद ने अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ कोर्ट में दलील दी कि वह इलाज के लिए एक तांत्रिक के पास गया था क्योंकि उसे किसी ने काला जादू कर दिया था। उसने मेडिकल दस्तावेज भी पेश किए लेकिन कोर्ट ने इन्हें असंगत और अविश्वसनीय माना। कोर्ट ने कहा कि सशस्त्र बलों में किसी भी तरह की अंधविश्वास या असंगत तर्कों की कोई जगह नहीं है।

    सख्त अनुशासन की जरूरत: कोर्ट

    जस्टिस बंसल ने अपने फैसले में कहा कि कांस्टेबल अरशद ने अपने आचरण से न सिर्फ विभाग की छवि खराब की बल्कि यह गंभीरतम कदाचार की श्रेणी में आता है। एक पुलिसकर्मी से समाज यह अपेक्षा करता है कि वह नियमों का पालन करेगा और कर्तव्यों के प्रति ईमानदार रहेगा। ऐसे में उसे सेवा में बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

  • Haryana News: हवलदार की छुट्टी बनी नौकरी का आखिरी दिन! कोर्ट ने कहा – अनुशासनहीनता की कोई जगह नहीं

    Haryana News: हवलदार की छुट्टी बनी नौकरी का आखिरी दिन! कोर्ट ने कहा – अनुशासनहीनता की कोई जगह नहीं

    Haryana News: हरियाणा पुलिस में 2012 में भर्ती हुए कांस्टेबल अर्शद ने जनवरी 2023 में एक हफ्ते की छुट्टी ली थी। लेकिन जब वह छुट्टी खत्म होने के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटा तो मामला गंभीर हो गया। अर्शद बिना किसी पूर्व अनुमति के 300 दिन से भी ज्यादा समय तक अनुपस्थित रहा। इससे पुलिस विभाग की अनुशासन प्रणाली पर सवाल उठने लगे।

    जांच में निकली काली जादू वाली कहानी

    जब विभागीय जांच शुरू हुई तो अर्शद ने अपनी गैरहाज़िरी को सही ठहराने के लिए कुछ मेडिकल दस्तावेज जमा किए। इनमें से कुछ दस्तावेजों में लिखा था कि वह किसी तांत्रिक से काले जादू का इलाज करवा रहा था। हाईकोर्ट के जज जगमोहन बंसल ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक अनुशासित बल का सदस्य इस तरह की बातों का सहारा नहीं ले सकता।

    Haryana News: हवलदार की छुट्टी बनी नौकरी का आखिरी दिन! कोर्ट ने कहा – अनुशासनहीनता की कोई जगह नहीं

    बार-बार गैरहाज़िरी और बड़ी सज़ाएं

    जांच में यह भी सामने आया कि अर्शद ने पिछले 12 वर्षों की नौकरी में कुल 42 बार ड्यूटी से गायब रहने की हरकत की है। इसके चलते उसे विभागीय तौर पर पहले भी सज़ाएं मिल चुकी थीं। उसकी 19 वेतनवृद्धियां रोक दी गई थीं और चार बार बड़ी सज़ाएं दी गई थीं। इन सबके बावजूद उसने अपने व्यवहार में कोई सुधार नहीं किया।

     सभी अपीलें भी हुईं खारिज

    अर्शद को पहले निलंबित किया गया और फिर 20 जून 2024 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उसने इस बर्खास्तगी को चुनौती देने के लिए चार बार अपील की। लेकिन 16 अक्टूबर 2024 को उसकी पहली अपील और 21 फरवरी 2025 को पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी गई। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि जब कोई बार-बार ऐसे गंभीर कृत्य करता है तो उसे बल में बने रहने का कोई अधिकार नहीं।

    कोर्ट का सख्त संदेश – अनुशासन सर्वोपरि

    जस्टिस बंसल ने सुप्रीम कोर्ट के 2023 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस या सेना जैसे बलों में ऐसे व्यक्ति के लिए कोई जगह नहीं हो सकती जो बार-बार ड्यूटी से गायब रहता है और अनुशासनहीनता करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अर्शद का आचरण “गंभीरतम कदाचार” की श्रेणी में आता है। इसलिए उसकी याचिका खारिज की जाती है।