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  • गुरुग्राम में कचरा और जलभराव के खिलाफ कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन! राज बब्बर भी हुए शामिल बोले- तिगुनी सरकार के बावजूद शहर की हालत खराब

    गुरुग्राम में कचरा और जलभराव के खिलाफ कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन! राज बब्बर भी हुए शामिल बोले- तिगुनी सरकार के बावजूद शहर की हालत खराब

    गुरुग्राम में स्वच्छता और जलभराव की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के कार्यकर्ता सेक्टर-34 स्थित नगर निगम गुरुग्राम (MCG) कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी और फिल्म अभिनेता राज बब्बर भी मौजूद रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अर्बन पंकज डावर और ग्रामीण अध्यक्ष वर्धन यादव ने किया।

    तिगुनी सरकार पर हमला: जनता परेशान

    पंकज डावर ने कहा कि गुरुग्राम में तिगुनी सरकार होने के बावजूद, यानी नगर निगम, राज्य और केंद्र की सरकार होने के बावजूद शहर की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर सड़क और मोहल्ले में कचरे के ढेर लगे हैं और जनता इससे परेशान है। मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर महापौर के पास कोई जवाब नहीं है।

    गुरुग्राम में कचरा और जलभराव के खिलाफ कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन! राज बब्बर भी हुए शामिल बोले- तिगुनी सरकार के बावजूद शहर की हालत खराब

    केंद्र और नगर निगम की निष्क्रियता

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार ने शहर को विकास की राह पर नहीं बल्कि “कुदाग्राम” बना दिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम और प्रशासन छोटे ठेले वालों पर कार्रवाई करते हैं, टैक्स वसूलते हैं, लेकिन बड़े कब्जाधारियों और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

    किसानों और मजदूरों के हितों की उपेक्षा

    ग्रामीण अध्यक्ष वर्धन यादव ने कहा कि मजदूरी करने वाले लोगों की आजीविका झोंपड़ियों और ठेलों पर JCB चलाकर छीन ली जा रही है, जबकि बड़े अवैध कब्जाधारियों पर प्रशासन चुप बैठा है। यह दोहरा मापदंड सीधे तौर पर जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि अब गुरुग्राम के लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    कांग्रेस जनता की आवाज बनेगी

    वर्धन यादव ने यह भी कहा कि अब हर कांग्रेस कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह जनता की आवाज बने और सरकार की असफलताओं को उजागर करे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे जनता के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी और नगर निगम एवं प्रशासन की लापरवाही को बेनकाब करेगी।

  • Haryana News: गढ़ीबाला के गरीबों की अनोखी लड़ाई! वादों की चिट्ठियां झोटे पर चिपकाकर पूछे सवाल

    Haryana News: गढ़ीबाला के गरीबों की अनोखी लड़ाई! वादों की चिट्ठियां झोटे पर चिपकाकर पूछे सवाल

    Haryana News: गढ़ीबाला गांव के बीपीएल परिवारों को प्लॉट की रजिस्ट्री और कब्जा दिलाने की मांग अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 7 जून 2024 को इन परिवारों को मालिकाना हक के पत्र तो जरूर दिए थे लेकिन हकीकत यह है कि जमीन की रजिस्ट्री और कब्जा अभी तक नहीं मिल पाया। इन परिवारों को एक साल से ज्यादा हो चुका है पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    झोटे के साथ प्रदर्शन बना सुर्खियों का कारण

    इस बार प्रदर्शन का तरीका भी बहुत अलग था। जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने पात्र परिवारों के साथ मिलकर एक झोटे के साथ छोटूराम चौक से उपायुक्त कार्यालय तक मार्च निकाला। झोटे के शरीर पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए मालिकाना हक के पत्र चिपकाए गए थे। इस प्रदर्शन ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। डीसी कार्यालय पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी और झोटे को वहीं बैठा दिया गया।

    Haryana News: गढ़ीबाला के गरीबों की अनोखी लड़ाई! वादों की चिट्ठियां झोटे पर चिपकाकर पूछे सवाल

    प्रशासन पर खुलेआम अनदेखी का आरोप

    संजय बड़वासनिया ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सार्वजनिक मंच से की गई घोषणा के बावजूद अधिकारी जानबूझकर आदेशों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने इसे गरीबों के साथ अन्याय करार दिया। उनका कहना है कि यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा। यह मामला सिर्फ गढ़ीबाला का नहीं बल्कि पूरे हरियाणा के गरीबों की आवाज बन चुका है।

    बड़े आंदोलन की चेतावनी

    बड़वासनिया ने प्रशासन को चेताया है कि यदि पांच दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे 21 झोटों के साथ बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन अब गरीबों ही नहीं बल्कि किसानों, व्यापारियों और मजदूरों की भी लड़ाई बन गया है। उन्होंने इसे सम्मान और अधिकार की लड़ाई करार दिया। इससे साफ है कि यह मामला अब राजनीतिक रूप लेने की ओर बढ़ रहा है।

    समर्थन में उतरे सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण

    इस विरोध प्रदर्शन में केवल ग्रामीण ही नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता और रिटायर्ड कर्मचारी संगठन भी शामिल हुए। ऋतुराज, कृष्ण हुड्डा, जयवीर राठी जैसे कई नेता इस प्रदर्शन में नजर आए। साथ ही गांव की महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं जिससे यह आंदोलन और मजबूत दिखा। लोगों का कहना है कि अगर अब भी आवाज नहीं उठाई गई तो प्रशासन कभी सुनवाई नहीं करेगा।