Tag: Rahul Gandhi statement

  • हरियाणा मंत्री अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज, कहा- मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकोलॉजिस्ट से इलाज कराएं

    हरियाणा मंत्री अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज, कहा- मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकोलॉजिस्ट से इलाज कराएं

    हरियाणा कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर राहुल गांधी पर हमला बोला। अंबाला में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेगेटिव सोच के शिकार हैं और उन्हें मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता का दृष्टिकोण देश के हित में नहीं है और हमेशा आलोचनात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं।

    विश्व भारत के साथ हाथ मिलाना चाहता है

    अनिल विज ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के साथ जुड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि 2011 में भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, लेकिन आज यह तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मविश्वास और सम्मान दिलाया है। आज भारत विश्व स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक रूप से सम्मानित है।

    हरियाणा मंत्री अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज, कहा- मानसिक स्वास्थ्य के लिए साइकोलॉजिस्ट से इलाज कराएं

    राहुल गांधी ने मोदी को बताया कमजोर प्रधानमंत्री

    राहुल गांधी ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H-1B वीजा फीस बढ़ाने के फैसले पर पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “भारत का प्रधानमंत्री कमजोर है।” इसके साथ ही राहुल ने 2017 का पुराना पोस्ट भी साझा किया, जिसमें उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमेरिका के साथ H-1B वीजा मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं की। यही कारण है कि अनिल विज ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

    अमेरिका ने H-1B वीजा फीस बढ़ाई

    पिछले शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा फीस में बड़ी वृद्धि की घोषणा की। नए आदेश के तहत H-1B वीजा की वार्षिक फीस $100,000 (लगभग 88 लाख रुपये) कर दी गई है। इस फैसले का भारतीय पेशेवरों पर बड़ा असर पड़ सकता है। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय H-1B वीजा पर काम करते हैं, और इस नए शुल्क से उनकी नौकरी और कर खर्च पर असर पड़ेगा।

    अनिल विज का संदेश और भारत की उपलब्धियां

    अनिल विज ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व स्तर पर सम्मान और आर्थिक मजबूती हासिल की है। उन्होंने लोगों से कहा कि राहुल गांधी जैसी नेगेटिव सोच से प्रभावित न हों और देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय सम्मान पर ध्यान दें। विज ने यह भी कहा कि भारत आज विश्व समुदाय में एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरा है।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त का Rahul Gandhi को अल्टीमेटम: या तो 7 दिन में हल्फनामा दे या देश से माफी मांगे, तीसरा कोई विकल्प नहीं

    मुख्य चुनाव आयुक्त का Rahul Gandhi को अल्टीमेटम: या तो 7 दिन में हल्फनामा दे या देश से माफी मांगे, तीसरा कोई विकल्प नहीं

    नई दिल्ली: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस करके विपक्ष के नेता Rahul Gandhi को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि Rahul Gandhi या तो 7 दिन के अंदर हलफनामा दें, जिसमें अपने आरोपों को साबित करें, या फिर पूरे देश से माफी मांगे। उन्होंने साफ कहा कि तीसरा कोई विकल्प नहीं है। दरअसल, बीते कुछ दिनों से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग पर वोट चोरी और गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगा रहे थे।

    इन्हीं आरोपों का जवाब देने के लिए खुद मुख्य चुनाव आयुक्त मीडिया के सामने आए और अपनी बात खुलकर रखी। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अगर हमें सात दिनों के अंदर राहुल गांधी का हलफनामा नहीं मिलता है, तो इसका साफ मतलब है कि लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। चुनाव आयोग पर निराधार आरोप लगाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। देश को वोटर को फर्जी कहना पूरी तरह से गलत है।

    मुख्य चुनाव आयुक्त का Rahul Gandhi को अल्टीमेटम: या तो 7 दिन में हल्फनामा दे या देश से माफी मांगे, तीसरा कोई विकल्प नहीं

    चुनाव आयोग देश के हर मतदाता के साथ चट्टान की तरह से खड़ा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस मौके पर सभी राजनीतिक दलों से भी अपील की कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया में कोई खामी दिखाई देती है तो वे 1 सितंबर से पहले चुनाव आयोग को बताएं। आयोग उन खामियों को सुधारने के लिए तैयार है, लेकिन 1 सितंबर के बाद मौका नहीं मिलेगा क्योंकि उसके बाद मतदान की शेष प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। एक पार्टी के साथ साठगांठ के आरोपों पर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हमारे लिए न कोई पक्ष और न विपक्ष है।

    सभी राजनीतिक दल बराबर हैं। अगर सही समय पर त्रुटि हटाने का आवेदन न हो और फिर वोट चोरी जैसे गलत शब्दों का इस्तेमाल कर जनता को गुमराह किया जाए तो ये लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने कहा कि कुछ मतदाताओं ने वोट चोरी के आरोप लगाए, सबूत मांगने पर जवाब नहीं मिला। ऐसे आरोपों से इलेक्शन कमीशन नहीं डरता है। चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हम स्पष्ट करते हैं कि चुनाव आयोग निडरता के साथ गरीब, अमीर, बुजुर्ग, महिला, युवा समेत सभी धर्मों-वर्गों के लोगों के साथ चट्टान के साथ खड़ा है, खड़ा था और खड़ा रहेगा।

  • Priyanka Gandhi का पलटवार! कौन सच्चा भारतीय? प्रियंका गांधी का सुप्रीम कोर्ट को जवाब, राहुल का बचाव

    Priyanka Gandhi का पलटवार! कौन सच्चा भारतीय? प्रियंका गांधी का सुप्रीम कोर्ट को जवाब, राहुल का बचाव

    कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi ने मंगलवार को संसद भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “माननीय जजों का सम्मान करते हुए मैं कहना चाहती हूं कि वे यह तय नहीं कर सकते कि कौन सच्चा भारतीय है।” उनका यह बयान उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से कहा था कि “अगर आप सच्चे भारतीय होते, तो ऐसी बातें नहीं कहते।”

    राहुल गांधी का बचाव, सेना के सम्मान पर प्रियंका का बयान

    प्रियंका गांधी ने अपने भाई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वह कभी भी भारतीय सेना के खिलाफ नहीं बोल सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि “राहुल को सेना के प्रति गहरा सम्मान है और उनकी बातों को गलत ढंग से पेश किया गया।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि बतौर विपक्ष के नेता, सरकार से सवाल पूछना राहुल की जिम्मेदारी है और इसी कर्तव्य का पालन वह कर रहे हैं।

    Priyanka Gandhi का पलटवार! कौन सच्चा भारतीय? प्रियंका गांधी का सुप्रीम कोर्ट को जवाब, राहुल का बचाव

    पीएम मोदी ने बताया सुप्रीम कोर्ट की ‘बड़ी फटकार’

    वहीं संसद भवन में NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को ‘बड़ी फटकार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अब समझ लेना चाहिए कि जनभावनाओं के खिलाफ बोलने का नतीजा क्या होता है। पीएम मोदी की इस टिप्पणी से यह साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को सियासी मोर्चे पर भुनाने की तैयारी में है।

    क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?

    4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज क्रिस्टियन की पीठ ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने पूछा था, “क्या आपके पास कोई प्रमाण है कि चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर लिया है? यदि आप सच्चे भारतीय होते, तो ऐसी टिप्पणी नहीं करते।” कोर्ट ने हालांकि राहुल के खिलाफ लखनऊ कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर स्थगन (Stay) भी दे दिया।

    सियासत और न्यायपालिका के बीच खिंचती रेखाएं

    यह पूरा विवाद अब एक संवेदनशील राजनीतिक बहस बन चुका है, जहां न्यायपालिका की टिप्पणियों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। प्रियंका गांधी का बयान विपक्ष के उस भाव को दर्शाता है, जिसमें सरकार और न्यायपालिका के कथित गठजोड़ की आशंका जताई जा रही है। वहीं भाजपा इसे राष्ट्रभक्ति बनाम राष्ट्रविरोध की लड़ाई में बदलने की तैयारी में है।

  • Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    Haryana News: दिल्ली में आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी केवल दिखावा करते हैं और उनके पास कोई ताकत नहीं है। राहुल गांधी का यह बयान सियासी हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

    मनोहर लाल खट्टर ने दिया करारा जवाब

    राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कड़ा पलटवार किया। करनाल में मीडिया से बात करते हुए खट्टर ने कहा कि राहुल गांधी का मकसद सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में बने रहना है। इसलिए वे इस तरह के बयान देते रहते हैं। खट्टर ने यह भी कहा कि इस तरह की बातों का कोई महत्व नहीं है।

    Haryana News: राहुल गांधी के बयान पर मनोहर लाल खट्टर का पलटवार! सिर्फ चर्चा में बने रहने की कोशिश

    राजनीति में बयानबाज़ी का दौर तेज़

    चुनाव नजदीक आते ही नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो जाता है। राहुल गांधी और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है। इस बार भी राहुल गांधी के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले भी राहुल गांधी कई बार पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं।

    क्या है इसके पीछे की रणनीति

    राजनीतिक जानकार मानते हैं कि राहुल गांधी का यह बयान कांग्रेस के नए सियासी अभियान का हिस्सा हो सकता है जिसमें वे खुद को जनता का सच्चा प्रतिनिधि और बीजेपी को सत्ता का प्रतीक बताने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भाजपा इसे केवल एक नकारात्मक राजनीति की रणनीति मान रही है। खट्टर जैसे वरिष्ठ नेताओं के बयान यही दर्शाते हैं कि भाजपा इस तरह की बातों को तवज्जो नहीं देना चाहती।

    जनता पर कितना असर डालेंगे ऐसे बयान

    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी के इस बयान का जनता पर क्या असर होता है। क्या यह कांग्रेस के लिए कोई सियासी फायदा लाएगा या फिर भाजपा इसे एक और अवसर में बदल देगी। फिलहाल तो खट्टर जैसे नेताओं के जवाब से यह साफ है कि भाजपा इन बयानों को गंभीरता से नहीं ले रही लेकिन जवाब देने से भी नहीं चूक रही।