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  • Haryana: बारिश ने रावण बनाने वाले कारीगरों की मेहनत पर फेरा पानी, आए थे कमाई करने अपनी पूंजी लुटा बैठे

    Haryana: बारिश ने रावण बनाने वाले कारीगरों की मेहनत पर फेरा पानी, आए थे कमाई करने अपनी पूंजी लुटा बैठे

    Haryana: इस साल मानों भगवान भी नहीं चाहता कि फरीदाबाद में रावण दहन हो। फरीदाबाद के NIT दशहरा ग्राउंड में अचानक आई तेज बारिश ने रावण के पुतलों को भिगोकर नष्ट कर दिया। कारीगरों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। लाखों रुपए का नुकसान हुआ। कई परिवारों की आजीविका पर संकट आ गया है। बता दें कि फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त धीरेन्द्र खड़गटा ने पहले ही रावण दहन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

    तेज बारिश ने फरीदाबाद के NIT दशहरा ग्राउंड में त्यौहार का मजा किरकिरा कर दिया। मंगलवार दोपहर बाद अचानक आई बरसात ने पूरे मैदान को कीचड़ में बदल दिया। जिन रावण के पुतलों पर कारीगरों के परिवार का गुजारा टिका था वो भीगकर बर्बाद हो गए। कुछ पुतलों को पन्नी से ढंककर बारिश से बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज बारिश के सामने ये प्रयास नाकाफी साबित हुए। मैदान में कीचड़ के बीच पुतलों की हालात देखकर वहां काम करने वाले कारीगरों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी।

    नुकसान ही नुकसान

    कारीगर पिंटू ने बताया कि बारिश में उसका करीब 10 हजार का रावण पूरी तरह खराब हो गया। ये 1 फुट का रावण था जो पूरी तरह तैयार हो चुका था। उसका परिवार इसी काम से चलता है। कुल मिलाकर पिंटू का नुकसान करीब 40 हजार रुपए का हुआ है। कारीगर सुनील ने कहा कि बारिश ने उसके सारे रावण भिगा दिए। एक 30 फुट का रावण था, जिसका ऑर्डर ग्राहक ने पहले ही दे दिया था। कीमत करीब 35 हजार थी, लेकिन बारिश में बर्बाद हो गया। एक ही दिन में सुनील का नुकसान करीब 1 लाख रुपए का हो गया।

    Haryana: बारिश ने रावण बनाने वाले कारीगरों की मेहनत पर फेरा पानी, आए थे कमाई करने अपनी पूंजी लुटा बैठे

    ऑर्डर का क्या होगा

    कारीगर सचिन ने बताया कि हम लोग पिछले 5 साल से दशहरे के मौके पर रावण बनाते आए हैं। यही उनकी आजीविका का जरिया है। इस बार बारिश ने लाखों का नुकसान कर दिया। छोटे-बड़े, 3 फुट से लेकर 35 फुट तक के सभी रावण भीग गए। ग्राहक जो ऑर्डर देकर लेने आए थे उनका भी पुतला गीला हो गया। कारीगर ऊषा कानपुर से आई हैं। उन्होंने कहा कि इस साल नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है। कम से कम 1 लाख से डेढ़ लाख का नुकसान। बड़े रावण भीग गए और केवल 2-3 रावण ही बिक पाए।

    झटके से कम नहीं

    कारीगर राज ने भी अपनी पीड़ा सांझा करते हुए कहा कि इस बार बारिश ने बहुत नुकसान किया। सारा माल भीग गया। रावण भी कम बिके हैं। 2 अक्टूबर को होने वाले दशहरा के मद्देनजर ये नुकसान कारीगरों के लिए किसी बड़ा झटका से कम नहीं है। ये लोग हर साल त्यौहार के मौके पर अपने परिवार का गुजारा इसी काम से चलाते हैं, लेकिन इस साल अचानक आई बारिश ने उनकी मेहनत और कमाई दोनों पर पानी फेर दिया।

  • Haryana Weather: हरियाणा के 18 ज़िलों में रातभर बरसी बारिश, खेतों में पानी-पानी, किसानों की उम्मीदें डूबने लगीं!

    Haryana Weather: हरियाणा के 18 ज़िलों में रातभर बरसी बारिश, खेतों में पानी-पानी, किसानों की उम्मीदें डूबने लगीं!

    Haryana Weather: हरियाणा में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश ने राज्य के 18 जिलों को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिसार जिले में नाला ओवरफ्लो होने से आसपास के इलाकों में पानी भर गया। इसके अलावा खेतों में भी जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट आई है और अब यह 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है।

    आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना, सात जिलों में येलो अलर्ट जारी

    मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को सात जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पूरे राज्य में सामान्य से मध्यम बारिश की संभावना है। यह बारिश जहां एक ओर तापमान को नियंत्रित कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों की फसलों और खेतों को नुकसान भी पहुंचा रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर भी जलभराव हो गया है, जिससे आवागमन में दिक्कत आ रही है।

    Haryana Weather: हरियाणा के 18 ज़िलों में रातभर बरसी बारिश, खेतों में पानी-पानी, किसानों की उम्मीदें डूबने लगीं!

    किसानों को हुआ भारी नुकसान, प्रशासन से मदद की अपील

    बारिश के कारण खेतों में पानी भर जाने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई जिलों के किसान अपने खेतों से पानी निकालने में लगे हुए हैं। धान, मक्का, सब्जियां और अन्य खरीफ फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों ने प्रशासन से मदद की अपील की है ताकि खेतों से पानी निकासी के लिए व्यवस्था की जा सके। किसानों का कहना है कि यदि जलनिकासी शीघ्र नहीं हुई तो फसलें पूरी तरह खराब हो जाएंगी, जिससे आर्थिक नुकसान और कर्ज बढ़ सकता है। प्रशासन द्वारा अब तक राहत कार्य शुरू नहीं किए गए हैं, जिससे नाराजगी भी देखी जा रही है।

    इन जिलों में भारी बारिश की संभावना, सतर्क रहने की चेतावनी

    राज्य के जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है उनमें पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, रोहतक, झज्जर, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा शामिल हैं। वहीं येलो अलर्ट वाले जिलों में यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। प्रशासन को भी अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपात स्थिति में राहत कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके। मौसम की इस स्थिति को देखते हुए राज्य में आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की तैयारी करनी होगी।