Tag: Rohit Sharma Video

  • Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता धर्म सिंह छोकर को फटकारा, 600 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में तुरंत सरेंडर का आदेश

    Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता धर्म सिंह छोकर को फटकारा, 600 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में तुरंत सरेंडर का आदेश

    Haryana News: हरियाणा की राजनीति में हलचल मचाने वाले कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक धरम सिंह छोकर को अदालत से लगातार झटके मिल रहे हैं। रियल एस्टेट घोटाले और 600 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से घिरे छोकर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

    पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी रद्द करने से इंकार कर दिया, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी मेडिकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत बढ़ाने की उनकी याचिका ठुकरा दी। अदालत ने न केवल छोकर को तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया, बल्कि गलत दलीलों के आधार पर अंतरिम राहत हासिल करने पर कड़ी फटकार भी लगाई। यह पूरा मामला 600 करोड़ रुपए से अधिक के रियल एस्टेट घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

    Haryana News: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता धर्म सिंह छोकर को फटकारा, 600 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में तुरंत सरेंडर का आदेश

    धरम सिंह छोकर ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी रद्द करने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने साफ कहा कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा की गई गिरफ्तारी सही है। कोर्ट ने माना कि छोकर ने जांच एजेंसी के साथ लगातार सहयोग नहीं किया। उनके खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है। इस फैसले से कांग्रेस नेता को बड़ा झटका लगा, क्योंकि वे गिरफ्तारी से राहत की उम्मीद कर रहे थे।

    ईडी ने अदालत के सामने तगड़े सबूत पेश किए। एजेंसी का आरोप है कि धरम सिंह छोकर ने अपनी कंपनी साईं आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए करीब 3,700 घर खरीदारों से धोखाधड़ी की। इस फर्जीवाड़े के जरिए 616 करोड़ रुपए से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। छोकर और उनकी कंपनी ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेशकों को फंसाकर पैसा हड़पा। ईडी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क संगठित धोखाधड़ी और अवैध धन शोधन का मामला है।

    धरम सिंह छोकर को पहले मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी गई थी ताकि वे सर्जरी करवा सकें। लेकिन अदालत ने पाया कि उन्होंने अब तक कोई सर्जरी नहीं करवाई और इस आधार पर दी गई राहत का दुरुपयोग किया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग ठुकरा दी। अदालत ने कहा कि आरोपी ने गलत दलीलों से अंतरिम राहत हासिल कर अदालत को गुमराह किया। कोर्ट ने तुरंत आत्मसमर्पण का आदेश दिया। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गलत बयान देने के लिए छोकर के वकील को भी फटकार लगाई।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छोकर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अदालत ने साफ कहा है कि वे अब तुरंत सरेंडर करें। उनकी ओर से जमानत अवधि बढ़ाने की अपील भी सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी। अदालत के रुख को देखते हुए छोकर ने खुद ही यह याचिका वापस ले ली। धरम सिंह छोकर हरियाणा के समालखा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। उन पर लगे गंभीर आरोप और अदालत के सख्त रुख ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है।

    यहां बता दें कि पिछले दिनों गुरुग्राम के डीएलएफ फेज 2 में बिल्डर की आवाज के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया था और इन लोगों का कहना था कि कांग्रेस नेता और उनके बेटे ने उन्हें ऐसा फंसाया कि अब वह इच्छा मृत्यु की मांग करने के अलावा और कुछ नहीं मांग सकते। यह लोग पिछले 7 साल से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। 7 साल पहले अफोर्डेबल फ्लैट लॉन्च किए गए थे। सेक्टर 68 में बनने वाले इन फ्लैट्स को अभी तक नहीं बनाया गया है और 1500 लोग इनके चंगुल में फंस कर रह गए हैं।

  • Kumari Selja का बड़ा दावा, GST दरों पर सरकार का निर्णय कांग्रेस की वर्षों पुरानी मांग की जीत

    Kumari Selja का बड़ा दावा, GST दरों पर सरकार का निर्णय कांग्रेस की वर्षों पुरानी मांग की जीत

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद Kumari Selja ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी वर्षों से लगातार सरल और न्यायपूर्ण जीएसटी की मांग करती रही है। जब 2016 में जीएसटी लागू किया गया था, उस समय ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे गब्बर सिंह टैक्स कहते हुए चेताया था कि 18 प्रतिशत से अधिक जीएसटी दर आमजन पर बोझ बढ़ाएगी। आखिरकार जब भाजपा का जनाधार गिरता दिखा तब कही जाकर भाजपा सरकार को कांग्रेस की मांग माननी पड़ी है, जीएसटी दरों में कमी जनता और कांगे्रस की जीत है।

    मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले जीएसटी के नाम पर दूध-दही, आटा-अनाज, बच्चों की किताबों, ऑक्सीजन व अस्पतालों तक पर टैक्स लगाया। इतना ही नहीं, वर्षों तक भाजपा सरकार ने जीएसटी कलेक्शन का जश्न मनाया, जबकि यह जश्न वास्तव में जनता की जेब पर डाले गए अतिरिक्त बोझ का उत्सव था।

    आज जब भाजपा का जनाधार गिरता जा रहा है, तब जाकर भाजपा सरकार को कांग्रेस की मांग माननी पड़ी है और जीएसटी 2.0 व रेट रेशनलाइजेशन लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिस प्रकार किसानों के आंदोलन पर सरकार को पीछे हटना पड़ा और जातिगत जनगणना पर नया रुख अपनाना पड़ा, उसी प्रकार जीएसटी पर भी सरकार को अब जागना पड़ा है।

    कांग्रेस पार्टी का मानना है कि दरों में कटौती से राज्यों की आय प्रभावित होगी, इसलिए 2024-25 को आधार वर्ष मानकर अगले 05 वर्षों तक क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही जीएसटी के जटिल अनुपालन को समाप्त कर प्रणाली को सरल बनाया जाए, तभी छोटे उद्योगों को वास्तविक राहत मिल सकेगी। यह फैसला जनता और छोटे कारोबारियों की जीत है और कांग्रेस पार्टी की लगातार की गई मांग का परिणाम है।

    Kumari Selja का बड़ा दावा, GST दरों पर सरकार का निर्णय कांग्रेस की वर्षों पुरानी मांग की जीत

    सांसद सैलजा ने बाढ़ राहत में लापरवाही पर उठाए सवाल

    पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में बाढ़ से बिगड़ते हालात पर कड़ी नाराजगी जताई है। सांंसद ने कहा कि सिरसा, फतेहाबाद, भूना, रतिया, टोहाना, रोहतक और गुरुग्राम सहित कई शहर पानी में डूबे हैं। लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। हरियाणा के 11 जिलों , 1932 गांवों पर मानसूनी आफत आई हुर्द है। करीब पांच लाख एकड फसल डूब चुकी है। इतना ही नहीं 70 से ज्यादा मकान गिर चुके है या उनमें दरार आ चुकी है। अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। हिसार में आठ ड्रेन टूट चुकी है, 307 गांवों में से 180 में पानी भरा हुआ है। जींद में 20 से ज्यादा गांव में खेती प्रभावित हुई है। सोनीपत के 30 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है। रोहतक, बहादुरगढ़ झज्जर में भी हालत बिगडे हुए है, कई स्थानों पर जलभराव से जनता परेशान है। कैथल, यमुनानगर, पानीपत,सिरसा, कुरूक्षेत्र, फतेहाबाद में भी फसल बरबाद होने और जलभराव से लोग परेशान है।

    चरखी दादरी, यमुनानगर, गुरुग्राम, सोनीपत, हिसार और जींद जैसे कई शहरों और जिलों में भारी बारिश के बाद जलभराव हुआ, जिससे लोग परेशान हैं। जलभराव के कारण सड़को पर पानी भर गया, यातायात बाधित हुआ, घरों में पानी घुस गया और कई जगहों पर लोग प्रदर्शन भी कर रहे हैं। गुरूग्राम में जलभराव और इसे लगे जाम की चर्चा विदेशों तक में हो रही है। रात भर बिजली न होने से लोग परेशान रहे, जिससे प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार पहले से कोई तैयारी नहीं कर सकी और अब राहत व बचाव कार्यों में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत मिशन मोड में राहत, मुआवज़ा और पुनर्वास कार्य शुरू करे और प्रभावित परिवारों की सहायता सुनिश्चित करे। शैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अभी भी जागी नहीं, तो जनता इस असंवेदनशीलता और लापरवाही को कभी माफ़ नहीं करेगी।

  • कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कैग की ताज़ा रिपोर्ट में सामने आई भारी लापरवाहियों और अनियमितताओं को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि इस रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि 64.86 लाख टन कचरा बिना निस्तारण डंप साइटों पर फेंका गया 79,967 मीट्रिक टन गेहूं खराब हुआ, और महिलाओं की योजनाओं में पुरुषों ने लाभ लिया। यह सब प्रदेश सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

    मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस ने बार-बार प्रदेश में कचरा प्रबंधन से लेकर स्मार्ट सिटी और अमृत योजना में हुए घोटालों पर जांच की मांग की थी, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। अब कैग की यह रिपोर्ट सरकार की कार्यप्रणाली का आईना है। कुमारी सैलजा ने विशेष रूप से कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सिरसा, रोहतक, हिसार, अंबाला, यमुनानगर जैसे शहरों में कचरा प्रबंधन और जलभराव की समस्या ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग में सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट को लेकर 2017-18 से 2021-22 का ऑडिट किया गया। इसके लिए सूबे के 18 शहरी स्थानीय निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के डॉक्यूमेंट की जांच की गई। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट की पॉलिसी और प्लानिंग में 15 महीने की देरी की गई। जांच में इसके अलावा भी कई खामियां मिलीं। 2017 से लेकर 2022 के दौरान टोटल वेस्ट 103.58 लाख टन बताया गया, जिसमें से 64.86 लाख टन अपशिष्ट (63 फीसदी) बिना किसी प्रोसैस के डंप साइटों पर फेंक दिया गया। निकाय विभाग द्वारा नगर निगम गुरुग्राम ने नवम्बर 2021 से मार्च 2022 तक प्रोजैक्ट में देरी के लिए 4.92 करोड़ रुपए की कंपनसैशन नहीं लगाया। गुरुग्राम और फरीदाबाद को तय समय पर लागू न होने के कारण 108.93 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। एन.जी.टी. ने बंधवाडी साइट पर लिगेसी वेस्ट का बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट न करने के लिए नगर निगम, गुरुग्राम पर 100 करोड़ का जुर्माना लगाया।

    कैग रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! कुमारी सैलजा बोली- कैग रिपोर्ट की रिपोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली का दिखाया आईना

    गेहूं खरीद से लेकर कई मामलों में मिलीं गड़बड़ियां

    गेहूं की खरीद, स्टोरेज और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई.) को डिलीवरी परफॉर्मेंस ऑडिट अप्रैल 2017 से मार्च 2022 तक 5 सालों में राज्य खरीद एजेंसियों (गेहूं के लिए) की जांच की गई। कुल 22 जिलों में से 8 जिलों की मंडियों को जांच के लिए चुना गया। जांच में पाया गया कि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं जैसे तौल कांटे, अग्निशमन व्यवस्था, किसान विश्राम गृह, कैंटीन पर्याप्त नहीं थी। कुछ मंडियों में तौल कांटे नहीं होने के कारण हैफेड द्वारा मंडियों के बाहर स्थित तौल कांटों तक गेहूं के परिवहन पर 2.93 करोड खर्च किया गया। इसके अलावा विभाग ने गेहूं की खरीद के लिए ऊंची दरों पर फंड्स की व्यवस्था की थी, जिसके कारण 222.24 करोड़ का ज्यादा ब्याज देना पड़ा। किसानों को भुगतान में देरी हुई। इसके अलावा बड़ी मात्रा में गेहूं को ओपन प्लिंथ किराए पर लेकर अवैज्ञानिक तरीके से भंडारित किया गया, जिससे गेहूं का स्टॉक खराब हुआ। मंडियों में आढ़तियों को 48,12 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन दिया गया, जबकि निगम ने 46 प्रति क्विंटल कमीशन तय किया, जिससे एजेंसियों को 14.27 करोड़ नुकसान हुआ। इसके अलावा रखरखाव प्रभार को लागत शीट में शामिल न किए जाने के कारण खरीद एजेंसियों को 90.30 करोड़ का नुकसान हुआ।

    आपकी बेटी, हमारी बेटी योजना में अतिरिक्त भुगतान

    महिला एवं बाल विकास विभाग में आपकी बेटी हमारी बेटी योजना के तंत्र में स्वीकृति के लिए आवेदनों के चयन और फंड की मंजूरी की प्रक्रिया के दौरान, डबल आवेदनों को पहचानने और उन्हें हटाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण जीवन बीमा निगम को 15.54 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया। सांसद कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी ठोस कदम नहीं उठाए तो जनता आंदोलन के लिए विवश होगी और कांग्रेस जनता के साथ खड़ी रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए।

    सांसद कुमारी सैलजा 29 अगस्त को रानियां में

    सांसद कुमारी सैलजा 29 अगस्त, 2025 को रानियां विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी, लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं जानेगी साथ ही पार्टी की नीतियों से उन्हें अवगत करवांएगी। सांसद 29 अगस्त की सुबह 10:00 बजे गांव सहुवाला प्रथम मे सुबह 11:00 बजे गांव खारियां में दोपहर 12:00 बजे गांव चक्कां में दोपहर 1: 00 बजे गांव मम्मड़ खेड़ा में दोपहर 2:00 बजे गांव ढुडियांवाली में, दोपहर 3:00 बजे जीवन नगर (पेट्रोल पम्प), शाम 4:00 बजे गांव नकौड़ा में और शाम 5:00 बजे रानियां में पहुंचेंगी।

  • Manisha Case: भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार कल, परिवार की मांगें पूरी, ग्रामीणों ने धरना खत्म किया

    Manisha Case: भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार कल, परिवार की मांगें पूरी, ग्रामीणों ने धरना खत्म किया

    Manisha Case: हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का कल अंतिम संस्कार किया जाएगा। मनीषा के दादा राम किशन ने कहा कि हमारी दोनों मांगें पूरी हो गई हैं। हम बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि कल सुबह 8 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। उधर, ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया।

    बुधवार को तीसरी बार मनीषा का दिल्ली एम्स (AIIMS) में पोस्टमॉर्टम हुआ। करीब 2 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला। दोपहर को मनीषा की डेडबॉडी भिवानी से दिल्ली ले जाई गई थी। इस दौरान मनीषा के परिवार के 3 लोगों को भी पुलिस एस्कॉर्ट करके दिल्ली ले गई।

    Manisha Case: भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का अंतिम संस्कार कल, परिवार की मांगें पूरी, ग्रामीणों ने धरना खत्म किया

    अब मनीषा की डेडबॉडी भिवानी के सिविल अस्पताल लाई जा रही है। यहां पर शव रखा जाएगा। इसके बाद सुबह शव गांव लाया जाएगा। वहीं, CM नायब सैनी ने कहा कि परिवार की मांग पर जांच CBI को सौंपी जा रही है। इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा।

    उधर, हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन रेणु भाटिया ढिगावा गेस्ट हाउस पहुंची। उन्होंने फोन पर परिवार से बात की। चेयरमैन ने कहा कि परिवार उनसे गेस्ट हाउस में मिल सकता है। उन्होंने परिवार से विनती करते हुए कहा कि मनीषा का अंतिम संस्कार होने दें।

    हालात बिगड़ने की आशंका से पुलिस भी हाईअलर्ट पर है। भिवानी और चरखी दादरी में 19 अगस्त की सुबह 11 बजे से 21 अगस्त सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद किया जा चुका है। गांव से 5 किमी दूर दंगा रोकू वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और 3 जिलों की पुलिस फोर्स तैनात है।

  • Manisha Murder Case के चलते ढिगावा में चल रहे धरना स्थल पर पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी

    Manisha Murder Case के चलते ढिगावा में चल रहे धरना स्थल पर पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी

    लोहारू, 17 अगस्त। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा सिंचाई व जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी रविवार को Manisha Murder Case को लेकर ढिगावा गाँव में चल रहे धरने पर पहुँचीं। धरना स्थल पर पहुँचे ग्रामीणों और पीड़ित परिवार से उन्होंने मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पूरी प्रदेश सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

    घटना पर तुरंत कार्रवाई, लापरवाह पुलिस अधिकारी निलंबित

    श्रुति चौधरी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री से बात की। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। उन्होंने उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए, जिन्होंने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई और मामले को गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही, जिले के एसपी का भी तबादला किया गया ताकि जाँच निष्पक्ष और तेज़ी से हो सके। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का निलंबन खुशी की बात नहीं होती, क्योंकि यह उनकी एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) में दर्ज हो जाता है और उनके करियर को प्रभावित करता है।

    Manisha Murder Case के चलते ढिगावा में चल रहे धरना स्थल पर पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी

    अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई

    मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हत्याकांड की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। यह एक बेहद संवेदनशील और अमानवीय घटना है, जिसे समाज कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि मनीषा हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और किसी भी हालत में कोई अपराधी बचने न पाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी, जो नज़ीर बने।

    पीड़ित परिवार के साथ सरकार की संवेदनाएँ

    धरने पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए श्रुति चौधरी ने कहा कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी और इंसाफ दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन हर कदम उठाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और प्रशासन को जाँच में सहयोग दें। श्रुति चौधरी ने आश्वासन दिया कि पीड़िता को न्याय मिलने तक सरकार चैन से नहीं बैठेगी और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

  • Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

    Haryana News: नूंह जिले में ओवरलोडेड डंपरों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। कुछ डंपर मालिकों ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी अमन यादव हर महीने उनसे पैसे वसूलता था। इसके बदले में उन्हें अपने ओवरलोडेड वाहनों को बेरोकटोक चलाने की छूट दी जाती थी। यह लेन-देन महीने दर महीने चलता रहा और किसी ने कुछ नहीं कहा। लेकिन जब हदें पार हुईं तो मामला आखिरकार अदालत तक पहुंचा।

    हाईकोर्ट की सख्ती से टूटी चुप्पी

    डंपर मालिकों ने जब देखा कि पुलिस विभाग खुद इस भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में स्पष्ट आरोप लगाए गए कि SHO अवैध वसूली करता है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए। इससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया।

    Haryana News: नूंह के SHO पर अवैध वसूली का आरोप! हाईकोर्ट के आदेश से दर्ज हुई FIR

     अमन यादव समेत कई पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। फिरोजपुर झिरका थाना के तत्कालीन प्रभारी अमन यादव समेत अन्य पुलिसकर्मियों और दलालों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के तहत केस दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है।

    टायर फाड़कर भड़की आग

    मामला उस समय और गर्मा गया जब 5 अप्रैल की रात SHO अमन यादव ने एक डंपर के सामने जानबूझकर कांटे डाल दिए जिससे उसके टायर फट गए। इस घटना ने डंपर मालिकों में आक्रोश भर दिया और उन्होंने मीडिया व अधिकारियों के सामने पूरी कहानी रख दी। लेकिन जब पुलिस ने फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूरी में मामला हाईकोर्ट में ले जाया गया।

    अब जांच और सजा की उम्मीद

    इस मामले के सामने आने के बाद नूंह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक नई चेतना जगी है। स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। पुलिस विभाग भी अब गंभीरता से जांच में जुट गया है और उम्मीद की जा रही है कि इस बार दोषियों को कानून का डर जरूर दिखेगा।

  • Haryana News: रोहड़ टोल प्लाजा पर ग्रामीणों का गुस्सा! स्थानीय वाहनों से टोल वसूली पर हंगामा

    Haryana News: रोहड़ टोल प्लाजा पर ग्रामीणों का गुस्सा! स्थानीय वाहनों से टोल वसूली पर हंगामा

    Haryana News: हरियाणा के रोहतक जिले में दिल्ली-रोहतक नेशनल हाईवे पर स्थित रोहड़ टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला स्थानीय लोगों से बार-बार टोल वसूली को लेकर गरमा गया। समपला क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस टोल वसूली को अन्यायपूर्ण बताते हुए टोल प्लाजा पर धावा बोल दिया और सभी लेन को फ्री करवा दिया। करीब दो घंटे तक टोल प्लाजा पर किसी भी वाहन से टोल नहीं वसूला गया।

    समपला गांव के लोगों की शिकायतें

    ग्रामीणों का कहना है कि रोहड़ टोल प्लाजा उनके क्षेत्र के बिल्कुल नजदीक है और वे हर दिन अपने निजी और व्यावसायिक कामों के लिए इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में बार-बार टोल वसूली करना अनुचित है। उनका आरोप है कि पास के दूसरे गांवों के वाहनों से टोल नहीं लिया जाता लेकिन समपला के लोगों को राहत नहीं दी जा रही। उन्होंने यह भी बताया कि टोल कर्मियों का व्यवहार भी अक्सर अपमानजनक और झगड़े की स्थिति पैदा करने वाला होता है।

    Haryana News: रोहड़ टोल प्लाजा पर ग्रामीणों का गुस्सा! स्थानीय वाहनों से टोल वसूली पर हंगामा

    बार-बार निवेदन के बाद भी समाधान नहीं

    ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार टोल प्रबंधन से बात की लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। हर बार उन्हें आश्वासन तो मिला लेकिन नतीजा शून्य रहा। इससे तंग आकर उन्होंने आज टोल वसूली को पूरी तरह से रोक दिया और धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक टोल प्लाजा से किसी भी वाहन से टोल नहीं वसूला जाएगा।

     प्रशासन और पुलिस की कोशिशें नाकाम

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण अपने फैसले पर अडिग रहे। कई बार बातचीत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया। ग्रामीणों ने टोल प्लाजा के सभी लेन पर धरना जारी रखा और किसी भी वाहन से टोल वसूली नहीं होने दी।

    अब आगे क्या होगा फैसला

    अब सवाल यह है कि क्या टोल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच कोई सहमति बन पाएगी या यह आंदोलन और तेज होगा। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन हाईवे पर यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। प्रशासन के लिए यह चुनौती बनता जा रहा है कि वह ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से ले या फिर सख्त कदम उठाए।