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  • हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    प्रदेश सरकार की दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना साइबर ठगी करने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए देने की हरियाणा सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर धोखाधड़ी शुरू हो गई है। फ्रॉड मोबाइल लिंक और फर्जी फॉर्म के मामले सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने लाभार्थियों को सचेत करते हुए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को अब इस मामले में सावधान रहने की जरूरत है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि विभाग के संज्ञान में आया है कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना से संबंधित कई फर्जी लिंक और फार्म प्रसारित किए जा रहे हैं। ऐसे सभी लिंक और फॉर्म धोखाधड़ी हैं। कृपया इन पर विश्वास न करें और न ही इनका उपयोग करें। इस योजना के लिए आवेदन केवल आधिकारिक मोबाइल ऐप्लीकेशन के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सही डाउनलोड लिंक सेवा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। अपने माेबाइल पर अधिकृत ऐप से ही आवेदन करें।

    हो जाएं सावधान! साइबर ठगों द्वारा लाडो लक्ष्मी के नाम पर फर्जी लिंक का खेल शुरू, हरियाणा सरकार ने जारी की एडवाइजरी

    साइबर ठगों द्वारा असली जैसे दिखने वाले फर्जी लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर लोग अनजाने में क्लिक कर देते हैं। इसके बाद उनके साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है। साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी है कि किसी अनजान लिंक को ओपन न करें। किसी भी अनजान खाते में पैसा जमा न करें। संदिग्ध काल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और यदि कोई व्यक्ति छोटे कारोबार का हवाला देकर बड़े लेन-देन करता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत बैंक या पुलिस को दें। अगर ठगी हो भी जाए तो तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल कर शिकायत दर्ज कराएं। हालांकि अभी तक हरियाणा में इस प्रकार का कोई मामला साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज नहीं किया है, लेकिन जिस प्रकार सरकार ने एडवाइजरी जारी की है उससे लगता है कि आने वाले दिनों में इस प्रकार के मामलों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

    हाल ही में सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का मोबाइल एप लॉन्च किया है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने के लिए दो टोल-फ्री नंबर भी जारी किए, ताकि हरियाणा की कोई भी महिला योजना का लाभ लेने में अड़चन न महसूस करे। दो टोल-फ्री नंबर 01724880500 और 18001802231 जारी किए। हरियाणा दिवस पर एक नवंबर से महिलाओं के खातों में पैसे आने शुरू हो जायेंगे। प्रथम चरण में विवाहित-अविवाहित दोनों वर्ग की 20,97,256 महिलाएं इसमें शामिल हैं। एक लाख रुपये वार्षिक तक आय वाले परिवारों की 23 से 60 साल की करीब 21 लाख महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 2,100 रुपये मासिक भत्ता मिलेगा। दूसरे चरण में 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को शामिल किया जा सकेगा। तीसरे चरण में 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकेगा। मोबाइल में लाडो लक्ष्मी योजना का एप डाउनलोड करें और अपना मोबाइल नंबर भर कर ओटीपी से वेरिफिकेशन करें। अब जिस महिला के नाम से फॉर्म भरना है, उसका पूरा विवरण दर्ज करें इसके बाद लाभार्थी महिला के घर का पूरा पता भरें फिर लाभार्थी महिला के परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें अगले चरण में परिवार की सालाना आय का पूरा विवरण दें अब अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी भरें।

  • जम्मू-कश्मीर में शांति सबसे जरूरी, ओमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, जिम्मेदारों से की अपील

    जम्मू-कश्मीर में शांति सबसे जरूरी, ओमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, जिम्मेदारों से की अपील

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्लाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्रीय सरकार पर हमला करते हुए कहा, “अगर माहौल शांतिपूर्ण नहीं है तो कौन शाम में डे-नाइट मैच खेलने आएगा? शांतिपूर्ण वातावरण की जिम्मेदारी जिम्मेदार लोगों की है। केवल जिम्मेदार लोग ही इसे पूरा कर सकते हैं।”

    शांति बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी

    श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्लाह ने कहा कि वर्तमान में राज्य में शांति बनाए रखना उनकी सरकार की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी नहीं है, हालांकि, असल में उनकी सरकार हर चीज़ की जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि “अगर राज्य में शांति नहीं है तो शांति सुनिश्चित होनी चाहिए। शांति ही प्रगति, पर्यटन और खेलों की नींव है और यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उनका मानना है कि शांति ही विकास और खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।

    जम्मू-कश्मीर में शांति सबसे जरूरी, ओमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, जिम्मेदारों से की अपील

    आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ

    जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कुछ गतिविधियाँ जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक और केरल के कुछ क्षेत्रों में अब भी जारी हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार इन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही है और इन्हें कुछ हद तक नियंत्रित किया जा चुका है।

    आतंकवाद गंभीर खतरा है

    उपराज्यपाल ने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि जहां भी आतंकवाद है, वहां गंभीर खतरे की संभावना होती है। आतंकवाद को पूरी तरह से पुलिस या सुरक्षा बल समाप्त नहीं कर सकते। इसके लिए समाज के हर सदस्य को आगे आना होगा और जिम्मेदार लोगों के साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ना होगा।” उनका मानना है कि केवल सुरक्षा बलों पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता और समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

    शांति के बिना विकास असंभव

    ओमर अब्दुल्लाह ने यह भी कहा कि शांति ही जम्मू और कश्मीर में पर्यटन, खेल और आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने की नींव है। उन्होंने सभी जिम्मेदार लोगों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का पालन करें और राज्य में शांति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा ही किसी भी क्षेत्र के विकास और लोगों की खुशहाली की आधारशिला हैं।

  • भारी बारिश से उत्तराखंड में तबाही, छह घर क्षतिग्रस्त और सात लोग लापता, SDRF-NDRF बचाव में जुटे

    भारी बारिश से उत्तराखंड में तबाही, छह घर क्षतिग्रस्त और सात लोग लापता, SDRF-NDRF बचाव में जुटे

    उत्तराखंड में एक बार फिर बादल फटने की घटनाएँ सामने आई हैं। चमोली जिले में रात भर हुई भारी बारिश के बाद कुंटरी लंगफली और धुरमा गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई। नंदानगर घाट क्षेत्र में कई घर और वाहन मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया।

    कुंटरी लंगफली में नुकसान और रेस्क्यू ऑपरेशन

    चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी के अनुसार, कुंटरी लंगफली वार्ड में छह घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और सात लोग लापता हैं। राहत और बचाव टीमों ने दो लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

    भारी बारिश से उत्तराखंड में तबाही, छह घर क्षतिग्रस्त और सात लोग लापता, SDRF-NDRF बचाव में जुटे

    धुरमा गांव में तबाही

    धुरमा गांव में भी बादल फटने के कारण व्यापक नुकसान हुआ। कई वाहन, दुकानों और घरों को मलबे में दबते देखा गया। सूचना मिलते ही SDRF, NDRF और तहसील प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र गोपेश्वर ने पुष्टि की कि भूस्खलन के मलबे ने कई घरों को नष्ट कर दिया।

    देहरादून में भी बादल फटने की घटनाएँ

    इससे पहले मंगलवार को देहरादून और राज्य के अन्य हिस्सों में भी बादल फटने और भारी बारिश ने तबाही मचाई थी। बढ़ती नदियों ने कई भवन, सड़क और पुल बहा दिए। इस घटना में छह लोगों की मृत्यु हुई, सात लोग लापता हैं और 600 से अधिक लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं।

    मौसम विभाग की चेतावनी और सुरक्षा उपाय

    मौसम विभाग ने अगले 20 घंटों के लिए उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इससे भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

  • कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि सरकार और पुलिस की हीलाहवाली के चलते हरियाणा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। सोमवार को एक ही दिन में सोनीपत, पलवल, बहादुरगढ़ और पानीपत में हुई चार हत्याएं यह साबित करती हैं कि प्रदेश में अपराधियों के हौंसले कितने बुलंद हैं। लोग और व्यापारी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं। भाजपा सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। प्रदेश की जनता को सुरक्षा देने की बजाय सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रदेश में नशे का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। हरियाणा के गांव-गांव और शहर-शहर में नशा युवाओं को बर्बाद कर रहा है और अपराध को बढ़ावा दे रहा है। सरकार की शह पर चल रहे इस नशे के धंधे ने समाज को खोखला कर दिया है।

    कुमारी शैलजा का बड़ा आरोप! भाजपा सरकार नाकाम, हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद

    सांसद कुमारी शैलजा ने कहा है कि हरियाणा में सरकार चल नहीं रही, बल्कि सोई हुई है। केंद्र सरकार की सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स (एसपीआई) रिपोर्ट में हरियाणा देश के सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अपराध बड़ी तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं और अपराधी बेखौफ हैं। राज्य सरकार का ध्यान अपराध रोकने पर नहीं है और पुलिस पर सरकार का कोई अंकुश नहीं रह गया, जिस कारण अपराधी निरंकुश हो चुके हैं। हरियाणा में लापता हो रहे हैं लोगों का आंकड़ा बहुत चिंताजनक है। अपहरण की वारदातें भी बढ़ रही है। इसके साथ ही हत्या और गैर इरादतन हत्या की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में चौंकाने वाली वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़े प्रदेश की बीजेपी सरकार के तहत आने वाले सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र के विफल होने की गंभीर स्थिति का स्पष्ट प्रमाण हैं।

    कुमारी शैलजा ने कहा कि प्रदेश में लूट, डकैती, चोरी, महिलाओं से छेडछाड, बलात्कार व फिरौती की बढ़ रही है। सांसद कुमारी सैैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि कानून-व्यवस्था को तुरंत सख्ती से लागू किया जाए और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो, नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कसकर पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाए, पुलिस प्रशासन को राजनीतिक दबाव से मुक्त करके निष्पक्ष और मजबूत बनाया जाए और आम जनता को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार का 11 साल का कार्यकाल अपराधों से रंगा हुआ है। हरियाणा की जनता अब और असुरक्षा व भय में नहीं जी सकती। भाजपा सरकार की विफलताओं ने प्रदेश को अपराध और नशे की गिरफ्त में धकेल दिया है। कांग्रेस पार्टी जनता के साथ खड़ी है और इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ेगी। सरकार के ये कहने से कि अपराधों में कमी दर्ज की जा रही है से काम चलने वाला नहीं है, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनतता को भयमुक्त वातावरण तैयार करे।

  • हरियाणा में बांध टूटने के बाद गांवों में हिंसक झड़प, 25 लोग घायल और पानी खतरे के निशान पर

    हरियाणा में बांध टूटने के बाद गांवों में हिंसक झड़प, 25 लोग घायल और पानी खतरे के निशान पर

    हरियाणा: गुराना गांव के पास छोटे बांध के टूटने के बाद शनिवार को दो गांवों में विवाद फैल गया। इस विवाद के दौरान गुराना और खानपुर गांव के लोगों के बीच भारी पत्थरबाजी हुई। इस झड़प में 25 लोग घायल हो गए। पत्थरबाजी की कई वीडियो सामने आई हैं। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि विवाद और बढ़ने से रोका जा सके।

    दोनों गांवों के बीच आरोप-प्रत्यारोप

    खानपुर गांव के लोग आरोप लगा रहे हैं कि गुराना गांव के लोगों ने जानबूझकर बांध को तोड़ा। उनका कहना है कि सभी पानी खानपुर और सिंधर गांव की ओर बह रहा है। अगर ऐसा हुआ, तो गुराना गांव, सिंधर, सिंहवा राघो और खानपुर गांव में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वहीं, गुराना गांव के लोग कहते हैं कि बांध दबाव के कारण टूटा है और इसका कोई इरादा नहीं था।

    हरियाणा में बांध टूटने के बाद गांवों में हिंसक झड़प, 25 लोग घायल और पानी खतरे के निशान पर

    बांध टूटने का समय और स्थिति

    सिंघवा राघो का बांध गुराना गांव में लगभग 3 बजे सुबह 5 सितंबर को टूट गया। इसके बाद खेतों में पानी भर गया और रात तक पानी तेजी से खानपुर और सिंधर गांव की ओर बहने लगा। पानी की यह स्थिति देखकर तीनों गांवों के लोग गुराना पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो रही थी, लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी तक मामला पहुंच गया।

    गांवों में पत्थरबाजी और तनाव

    विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे बांध के दोनों ओर गांव के लोग इकट्ठा हो गए और एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने लगे। पत्थरबाजी के दौरान कई लोग घायल हुए। लोग बता रहे हैं कि अगर प्रशासन तुरंत कदम नहीं उठाता है, तो दोनों गांवों का क्षेत्र पूरी तरह से पानी में डूब सकता है। स्थिति के तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

    बाढ़ से सुरक्षा के उपाय

    पानी की तेज़ी से बढ़ती बहाव को देखकर लोग अपने पशु और जरूरी सामान सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित करने लगे हैं। ग्रामीण प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि गांवों में पानी की तबाही रोकी जा सके। इस बीच, लोग तनाव और डर के माहौल में अपने घरों और खेतों की सुरक्षा के उपाय कर रहे हैं।

  • महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन हादसे! करंट और डूबने से कई लोगों की मौत, कई लापता

    महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन हादसे! करंट और डूबने से कई लोगों की मौत, कई लापता

    महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का जश्न हर साल बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। यहां का उत्सव सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि दुनियाभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता है। लोग अलग-अलग जिलों से इस महापर्व को देखने आते हैं और भक्तिमय वातावरण का आनंद लेते हैं। हालांकि, विसर्जन के समय सुरक्षा की कमी और भारी भीड़ के कारण कई हादसों की खबरें भी सामने आती हैं। इस साल भी विभिन्न जिलों में विसर्जन के दौरान कई दुर्घटनाएं हुईं। कहीं लोग डूबने से मारे गए, तो कहीं बिजली के करंट की चपेट में आने से श्रद्धालुओं की जान चली गई।

    विरार में समुद्र में फंसे तीन लोगों की बचाव

    विरार के मारंबळ पाडा जेट्टी पर विसर्जन के दौरान तीन लोग समुद्र की गहराई में फंस गए। इन लोगों में एक महिला भी शामिल थी। मौके पर मौजूद सुवर्णदुर्ग रो-रो सेवा के कर्मचारी और स्थानीय मछुआरों ने तुरंत स्पीड बोट की मदद से तीनों की जान बचाई। इस तरह का त्वरित बचाव कार्य हादसे की गंभीरता को कम करने में सहायक साबित हुआ। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले में राहत और बचाव कार्य में तेजी दिखाई।

    महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन हादसे! करंट और डूबने से कई लोगों की मौत, कई लापता

    मुंबई में हाई टेंशन वायर का हादसा, एक की मौत

    मुंबई के साकीनाका क्षेत्र में खैरानी रोड स्थित एस. जे. स्टूडियो के पास टाटा पावर की हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आने से पांच श्रद्धालु करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे में बिनू शिवकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, चार अन्य लोगों का इलाज पैरामाउंट हॉस्पिटल और सेवन हिल्स हॉस्पिटल में जारी है। प्रशासन ने इस हादसे के बाद सुरक्षा के उपायों को और कड़ा करने की बात कही।

    नांदेड और पुणे में डूबने की घटनाएं

    नांदेड के गाडेगांव शिवार स्थित आसना नदी में विसर्जन के दौरान तीन लोग डूब गए। इनमें से एक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि बालाजी उबाळे और योगेश उबाळे अब भी लापता हैं। SDRF टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है। वहीं पुणे के चाकण क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर चार श्रद्धालुओं की पानी में डूबने से मौत हो गई। इन घटनाओं ने राज्य में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ठाणे में पांच लोग डूबे, एक का शव बरामद

    ठाणे के शहापुर क्षेत्र के आसनगांव मुंडेवाड़ी स्थित भारंगी नदी के गणेश घाट पर विसर्जन के दौरान पांच लोग डूब गए। दो को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि प्रतिक मुंढे (24) का शव बरामद हुआ। दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं और अंधेरा होने की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

    प्रशासन और रेस्क्यू टीमें अलर्ट

    गणेश विसर्जन के दौरान हुई इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि सुरक्षा व्यवस्था में और सुधार की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने कहा है कि एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और मछुआरों के सहयोग से कई लोगों की जान बचाई गई, लेकिन अभी भी कई लोग लापता हैं। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और नदी या समुद्र में भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अत्यधिक जोखिम न लें। सुरक्षित उत्सव के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीम पूरी तरह अलर्ट हैं।

  • हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    मंगलवार को हरियाणा के हिसार में एक भयावह हादसा हुआ। भारी बारिश के बीच 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन वायर टूटकर चार युवाओं पर गिर गई। यह घटना मिर्जापुर रोड पर दर्शन एकेडमी के सामने हुई। इस हादसे में तीन युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। ये सभी युवा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी का दर्शन करने के बाद अपने गाँव लौट रहे थे। मृतकों की पहचान बंटी (सुलखानी गांव), राजकुमार (सैंडलाना गांव) और अमित (सैंडलाना गांव) के रूप में हुई।

    हादसे के समय की स्थिति

    आगंतुकों और ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय चारों बाइक पर सवार थे। बंटी, राजकुमार और अमित सुबह अपने गांव सुलखानी लौट रहे थे। इस दौरान मिर्जापुर रोड पर अचानक हाई टेंशन वायर गिर गई। जैसे ही शमशेर, जो उनके साथ बाइक पर था, को बिजली का झटका लगा, वह बाइक से कूद गया और सुरक्षित रहा। लेकिन बंटी, राजकुमार और अमित विद्युत झटके से बुरी तरह झुलस गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    हिसार में हाईटेंशन तार का मंजर, बारिश में गिरा 11,000 वोल्ट का तार, बाइक सवार 3 युवकों की मौके पर मौत, जानें पूरी घटना

    बिजली निगम की लापरवाही पर सवाल

    ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद लोग बिजली हाउस को सूचना देने के लिए पहुंचे। लेकिन बिजली सप्लाई को काटने में आधे घंटे से अधिक समय लग गया। तब तक तीनों युवाओं की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह बिजली निगम की लापरवाही का नतीजा है। अगर समय रहते विद्युत आपूर्ति काट दी जाती तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

    मृतकों का परिवार और पृष्ठभूमि

    मृतकों की पहचान करने के बाद उनके परिवारों में मातम का माहौल है। राजकुमार (37) के दो छोटे बच्चे हैं। अमित (14) उनके भतीजे थे। बंटी (27) सुलखानी गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) चलाता था। सभी तीनों युवाओं ने 31 अगस्त को नवरात्रि की नवमी पर गोगामेड़ी का दर्शन किया था। दर्शन के बाद वे बंटी की दादी के गांव बधावद में रुके थे और सुबह अपने गांव लौट रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।

    हादसे से इलाके में चिंता और आक्रोश

    इस हादसे ने इलाके में भारी शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग बिजली निगम की लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। मृतकों के शवों को सिविल अस्पताल में रखा गया है और ग्रामीणों ने परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। इस हादसे ने एक बार फिर हाई टेंशन लाइनों और सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर किया है।

  • अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    अंबाला कैंट, हरियाणा में रविवार शाम अचानक भाजपा मंडल सदर के अध्यक्ष रवि बुद्धिराजा के घर में आग लग गई। परिवार उस समय घर पर मौजूद नहीं था, जिससे किसी की जान जाने का खतरा टल गया। हालांकि, आग की लपटों ने उनके कई सामानों को राख कर दिया। पड़ोसियों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार का हौसला बढ़ाया और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि प्रशासन को सभी संभव मदद सुनिश्चित करनी चाहिए। इस दौरान SDM और थाना कैंट के SHO भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

    अंबाला कैंट में BJP नेता के घर लगी आग, मंत्री अनिल विज ने किया मौके पर हौसला अफजाई, प्रशासन को दिए तुरंत निर्देश

    आग कैसे लगी, अभी जांच जारी

    नॉमिनेटेड काउंसलर बी.एस. बिंद्रा ने बताया कि रवि बुद्धिराजा को इस आग से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आग कैसे लगी इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकती है। वहीं फायरमैन राजेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ लोग पहले से ही आग बुझा रहे थे, जिससे स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।

    फायर ब्रिगेड और पड़ोसियों की तत्परता

    घटना के दौरान पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में मदद की। फायर ब्रिगेड की सक्रियता की वजह से बड़ा हादसा टल गया। मंत्री अनिल विज ने प्रशासन को निर्देश दिए और परिवार को सभी संभव मदद का आश्वासन दिया। SHO थाना सदर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आग में किसी की जान नहीं गई और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।

    भविष्य में सुरक्षा और सतर्कता

    हालांकि आग लगने के कारण की जांच अभी जारी है, प्रारंभिक रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट सबसे संभावित वजह माना जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा और अग्नि-रोकथाम के उपायों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग इस आग की घटना से सकते में हैं और प्रशासन की तत्परता से राहत महसूस की जा रही है।

  • मोरनी रोड पर हादसा टला, मोरनी-पंचकुला रोड पर बस फिसली, चालक की सूझबूझ ने बचाई यात्रियों की जान

    मोरनी रोड पर हादसा टला, मोरनी-पंचकुला रोड पर बस फिसली, चालक की सूझबूझ ने बचाई यात्रियों की जान

    सोमवार को मोरनी-पंचकुला रोड पर बड़ा हादसा होने से टल गया। सड़क पर कीचड़ जमा होने के कारण एक हरियाणा रोडवेज़ बस फिसल गई और खाई की ओर बढ़ने लगी। लेकिन चालक ने समय रहते समझदारी और तेजी से निर्णय लिया और बस को काबू में कर लिया। इसी वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया।

    भुड़ी गांव के पास हुई घटना

    यह घटना भुड़ी गांव के पास हुई। बस में सवार यात्री अचानक हुए झटके से दहशत में आ गए। बस के अंदर अफरातफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। हालांकि, सौभाग्यवश इस घटना में किसी के घायल होने या किसी की जान जाने की सूचना नहीं है।

    मोरनी रोड पर हादसा टला, मोरनी-पंचकुला रोड पर बस फिसली, चालक की सूझबूझ ने बचाई यात्रियों की जान

    चालक की सूझबूझ से टला बड़ा खतरा

    इस घटना में बस चालक की त्वरित और समझदारी भरी प्रतिक्रिया ने बड़ा खतरा टाल दिया। अगर चालक ने सही समय पर वाहन को नियंत्रित नहीं किया होता तो स्थिति बहुत गंभीर हो सकती थी। यात्रियों की जान बचाने के लिए चालक की इस तत्परता की सराहना की जा रही है।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    स्थानीय ग्रामीणों ने मोरनी-पंचकुला रोड की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सड़क की खराब हालत अक्सर हादसों का कारण बनती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि सड़क की तुरंत मरम्मत और नियमित रखरखाव किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

    प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग

    ग्रामीणों की मांग है कि सड़क पर सुरक्षा के लिए समय पर सुधार किया जाए। नियमित निगरानी और मरम्मत से बस और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। प्रशासन की ओर से जल्द ही सड़क की जांच और सुधार कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

  • Haryana News: हरियाणा में बाढ़ की संभावना से हाई अलर्ट, कर्मचारियों की छुट्टी रद्द

    Haryana News: हरियाणा में बाढ़ की संभावना से हाई अलर्ट, कर्मचारियों की छुट्टी रद्द

    Haryana News: प्रदेश सरकार ने जींद के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सभी कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द कर हेड क्वार्टर पर बने रहने के आदेश जारी किए हैं। बारिश के चलते जिला प्रशासन को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल में प्रशासन पहले ही अलर्ट मोड पर है क्योंकि इनमें से कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हो रहे हैं। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    आज हरियाणा में 10 जिलों में बारिश हो रही है। इनमें हिसार, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, पंचकूला, जींद और फतेहाबाद शामिल हैं। लगातार बरसात से कुरुक्षेत्र की मारकंडा नदी और फरीदाबाद में यमुना नदी ओवरफ्लो हो गई है।

    Haryana News: हरियाणा में बाढ़ की संभावना से हाई अलर्ट, कर्मचारियों की छुट्टी रद्द

    जींद में हालांकि अभी तक औसत का आधा बारिश ही हुई है लेकिन इसके बावजूद जींद इस समय बाढ़ की दृष्टि से काफी नाजुक बना हुआ है। एक और जहां जींद का नरवाना पंजाब के साथ बिल्कुल सटा हुआ है और पंजाब में इस समय हालात काफी खराब हैं। नरवाना में भाखड़ा नहर चलती है जिसमें पंजाब से भाखड़ा का पानी आता है। इधर सफीदों में मुनक हैड से नहर आ रही है। 1995 की बाढ़ के दौरान भी सबसे ज्यादा नुकसान नरवाना और सफीदों इलाके को हुआ था।

    भाखड़ा में पानी इस समय काफी ज्यादा चल रहा है और मुनक हैड से भी सफीदों की नहर में पानी छोड़े जाने की संभावनाएं बनी हुई हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने जींद के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को हाई अलर्ट मोड पर रखते हुए यहां के सभी कर्मचारियों की छुट्टी को रद्द कर हैडक्वार्टर पर बने रहने के आदेश जारी किए हैं।

    जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता भानु प्रकाश शर्मा ने बताया कि जींद जिले के विभाग के सभी कर्मचारियों की अगले 48 घंटे के लिए छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि जींद में भारी बरसात की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन कर्मचारियों की छुट्टियां पहले मंजूर हो चुकी थी उन्हें भी वापस कम पर आने को कहा गया है।