Mohan Lal Baroli-Rocky Mittal Case: सोलन सेशंस कोर्ट ने आज हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल बरोली और गायक रॉकी मित्तल के खिलाफ कथित दुष्कर्म मामले को दोबारा खोलने की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले की सुनवाई अब कल (15 जुलाई) तक के लिए स्थगित कर दी गई है। माना जा रहा है कि कल कोर्ट इस मामले में फैसला सुना सकती है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरोली और मित्तल के खिलाफ इस मामले में कार्यवाही दोबारा शुरू होगी या उन्हें राहत मिलेगी। सोलन कोर्ट में इस सुनवाई के चलते राज्य और क्षेत्रीय राजनीति में हलचल बनी हुई है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से चर्चाओं में रहा है।
पीड़िता पक्ष ने पुलिस क्लोजर रिपोर्ट को लेकर उठाए सवाल
इस मामले में पीड़िता पक्ष ने कोर्ट में यह दलील दी है कि निचली अदालत ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को पीड़िता की बात सुने बिना ही स्वीकार कर लिया, जो न्याय की प्रक्रिया के विपरीत है। पीड़िता पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस ने जांच के दौरान उनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और बयानों को गंभीरता से नहीं लिया और जल्दबाजी में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। पीड़िता की ओर से कहा गया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए इस मामले की दोबारा जांच आवश्यक है ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया है।

पहले से ही कसाुली कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट हुई थी मंजूर
उल्लेखनीय है कि इस मामले में कसौली कोर्ट पहले ही पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे चुकी है, जिसके खिलाफ पीड़िता ने सोलन सेशंस कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। मामले के अनुसार, पीड़िता ने मोहन लाल बरोली और रॉकी मित्तल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले की जांच की थी। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी, जिसमें दोनों को आरोपों से मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद कसौली कोर्ट ने भी इस रिपोर्ट को मंजूर कर लिया था। अब सोलन कोर्ट में इस मामले को दोबारा खोलने को लेकर सुनवाई हो रही है।
कल के फैसले पर टिकी राजनीतिक नजरें
कल सोलन सेशंस कोर्ट द्वारा आने वाला फैसला राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर कोर्ट मामले को दोबारा खोलने का आदेश देती है तो हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल बरोली और गायक रॉकी मित्तल की राजनीतिक छवि पर असर पड़ सकता है। वहीं, अगर कोर्ट क्लोजर रिपोर्ट को सही ठहराते हुए मामले को बंद रखने का फैसला देती है तो दोनों को राहत मिलेगी। यह मामला पहले से ही मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें कल कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि इस मामले की आगे की दिशा क्या होगी।
