Tag: security measures

  • अहिल्यानगर में ‘I Love Mohammed’ विवाद से उपजी हिंसा, 30 लोग हिरासत में, पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की

    अहिल्यानगर में ‘I Love Mohammed’ विवाद से उपजी हिंसा, 30 लोग हिरासत में, पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की

    महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से बड़ी खबर सामने आई है। शहर में “I Love Mohammed” का स्लोगन लिखे जाने को लेकर हिंसा भड़क गई। पुलिस के अनुसार, कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने एक रांगोली में यह स्लोगन बनाया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसे पैगंबर मोहम्मद के अपमान के रूप में लिया और बड़ी संख्या में कचहरी पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने जुट गए।

    पुलिस की कार्रवाई और स्थिति नियंत्रण

    पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए रांगोली बनाने वालों की पहचान की और दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें से एक आरोपी पुलिस हिरासत में है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ स्थानों पर हल्के बल का इस्तेमाल किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को समझाया कि पूरे मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इसके बावजूद, कुछ उग्र तत्व अशांति फैलाते रहे।

    अहिल्यानगर में ‘I Love Mohammed’ विवाद से उपजी हिंसा, 30 लोग हिरासत में, पुलिस ने शहर में कड़ी सुरक्षा की

    सुरक्षा व्यवस्था और गिरफ्तारी

    पुलिस ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों को अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दी। अब तक 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और विभिन्न स्थानों पर पुलिस टीमों की गश्त जारी है।

    प्रारंभिक जानकारी और घटनाक्रम

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ अज्ञात लोगों ने अहिल्यानगर की सड़क पर “I Love Mohammed” शब्द लिखे। यह कार्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसके बाद सैकड़ों मुस्लिम समुदाय के लोग कोतवाली पुलिस स्टेशन के सामने इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन सतर्क है और जांच जारी है।

    देश में नया विवाद और प्रतिक्रिया

    यह घटना “I Love Mohammed” और “I Love Mahadev” पोस्टरों को लेकर देश में नए विवाद को जन्म दे रही है। कई स्थानों पर लोग सड़कों पर उतरकर इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • हरियाणा के नूह में फिर हिंसा! पुलिस छापे के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी, 13 गिरफ्तार, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

    हरियाणा के नूह में फिर हिंसा! पुलिस छापे के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी, 13 गिरफ्तार, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

    हरियाणा के नूह जिले के इंडाना गाँव में शनिवार (27 सितंबर) को पुलिस की छापेमारी के दौरान हिंसा की घटना हुई। पंजाब से लाई गई संदिग्ध गाड़ी के मामले में जब पुलिस टीम गाँव में पहुंची, तो लोगों ने पुलिस पर पथराव किया और हवा में गोलियां चलाईं। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।

    पुलिस के आने पर स्थिति बिगड़ी

    पुलिस टीम सुबह लगभग 11:30 बजे आरोपी आज़ाद के घर पहुंची। आरोपी आज़ाद, शाहिद और शाहरुख बताए जा रहे हैं। पुलिस को देखते ही आरोपी फरार हो गए। घर में मौजूद महिलाओं ने पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस पर महिला पुलिसकर्मियों की मदद से एक महिला को हिरासत में लिया गया। इस दौरान अन्य गाँववासी इकट्ठा हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

    हरियाणा के नूह में फिर हिंसा! पुलिस छापे के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी, 13 गिरफ्तार, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

    पत्थरबाजी और फायरिंग ने बढ़ाया तनाव

    पुलिस के अनुसार, भीड़ ने केवल पत्थर ही नहीं फेंके बल्कि हवा में गोलियां भी चलाईं। स्थिति अचानक बिगड़ने पर पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया। इसके बाद तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने बताया कि पत्थरबाजी और फायरिंग के बाद गश्त बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके। गाँव में शांति बहाल करने के लिए लगातार निगरानी जारी है।

    13 लोग गिरफ्तार, भारी पुलिस बल तैनात

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शौकीन, यूनुस, जावेद, नासिर, हाफिज, रिहान, मुश्ताक, अज़रुद्दीन, यूसुफ, वाजिद, नायमा, शाहिना और नजमा को गिरफ्तार किया। गाँव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर शांति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। बिचोर पुलिस थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर के अनुसार सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

    स्थानीय सुरक्षा और भविष्य की रणनीति

    इंडाना गाँव में हुई यह हिंसक घटना स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी है। पुलिस ने स्थिति पर पूरी नजर रखी और सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता और गश्त लगातार जारी रहेगी। जनता से अपील की गई है कि किसी भी तरह की हिंसा या अवैध गतिविधियों में शामिल न हों और पुलिस की मदद करें।

  • CM सिद्धारमैया ने Wipro के अजीम प्रेमजी को लिखा पत्र, Bengaluru ORR ट्रैफिक जाम कम करने का अहम प्रस्ताव

    CM सिद्धारमैया ने Wipro के अजीम प्रेमजी को लिखा पत्र, Bengaluru ORR ट्रैफिक जाम कम करने का अहम प्रस्ताव

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने वाइप्रो के संस्थापक अध्यक्ष अजीम प्रेमजी को पत्र लिखकर बेंगलुरु के आउटर रिंग रोड (ORR) पर बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद मांगी है। खासकर इब्लूर जंक्शन के पास स्थिति गंभीर है। सिद्दरमैया ने सुझाव दिया है कि कुछ वाहनों को वाइप्रो परिसर से गुजरने की अनुमति दी जाए ताकि जाम कम हो सके।

    ट्रैफिक जाम से प्रभावित हो रही जीवन गुणवत्ता

    सदस्याओं के अनुसार, सुबह और शाम के पीक घंटों में ORR पर ट्रैफिक जाम सामान्य से कई गुना अधिक हो गया है। इसका असर लोगों की आवाजाही, कार्य उत्पादकता और शहर की जीवन गुणवत्ता पर पड़ रहा है। सिद्दरमैया ने पत्र में लिखा, “पीक घंटों में ट्रैफिक जाम बेंगलुरु में बड़ी समस्या बन गया है। यह कम्यूटर्स की मोबिलिटी, प्रोडक्टिविटी और शहरी जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है।”

    CM सिद्धारमैया ने Wipro के अजीम प्रेमजी को लिखा पत्र, Bengaluru ORR ट्रैफिक जाम कम करने का अहम प्रस्ताव

    वाइप्रो परिसर से वाहनों को गुजरने की संभावना

    मुख्यमंत्री ने वाइप्रो से अनुरोध किया है कि कुछ वाहनों को परिसर से गुजरने की अनुमति दी जाए। इसके लिए दोनों पक्षों के बीच सहमति और जरूरी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होगी। ट्रैफिक और शहरी मोबिलिटी विशेषज्ञों के प्रारंभिक अध्ययन के अनुसार, यदि कुछ वाहन वाइप्रो परिसर से गुजरने की अनुमति पाते हैं, तो ORR और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम में लगभग 30 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

    अक्टूबर से ट्रैफिक की स्थिति और गंभीर होगी

    सिद्दरमैया ने कहा कि वाइप्रो को जल्द ही सरकार के अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा कर लाभकारी योजना बनानी चाहिए। बेंगलुरु पहले से ही ट्रैफिक जाम के लिए कुख्यात है और अक्टूबर से यह और गंभीर हो सकता है। कई निजी कंपनियों ने ORR पर वर्क-फ्रॉम-होम और हाइब्रिड वर्किंग खत्म कर दिया है। अक्टूबर 1 से कर्मचारियों को पूर्ण रूप से ऑफिस में काम करना अनिवार्य होगा।

    बढ़ती वाहनों की संख्या और कर्मचारियों की चिंता

    वर्क-फ्रॉम-ऑफिस की वापसी से प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने का खतरा है। कर्मचारी लंबे कम्यूट और तनाव को लेकर चिंतित हैं। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि ट्रैफिक पुलिस को इस बदलाव की जानकारी नहीं दी गई है। एक Reddit यूजर ने लिखा, “अक्टूबर 1 से ऑफिस में आना अनिवार्य हो रहा है। ट्रैफिक परेशानी के लिए तैयार रहें। ORR पर कई ऑफिस ने इसे नियम बना दिया है। वाहनों की संख्या बढ़ेगी और ट्रैफिक बढ़ेगा।

  • जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में जवान शहीद, आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना का बहादुरी भरा संघर्ष जारी

    जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में जवान शहीद, आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना का बहादुरी भरा संघर्ष जारी

    जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में एक सैनिक शहीद हो गया। यह घटना उच्च पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों की तलाश की जा रही थी। मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों ने फायरिंग की, जिसमें एक सैनिक घायल हो गया। घायल सैनिक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई।

    संयुक्त तलाशी अभियान और घटनास्थल का घेरेबंदी

    अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार देर शाम डुडू-बासंतगढ़ क्षेत्र और भद्रवाह के सियोज ढार जंगल सीमा में तलाशी अभियान शुरू किया गया। यह अभियान सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष संचालन दल (SOG) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल के आसपास कड़ी सुरक्षा और घेरेबंदी की गई।

    जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में जवान शहीद, आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना का बहादुरी भरा संघर्ष जारी

    आतंकवादियों की तलाश जारी

    शनिवार सुबह से संयुक्त तलाशी अभियान फिर से शुरू हुआ। अधिकारियों का कहना है कि दो से तीन आतंकवादी जंगल में छिपे हुए हो सकते हैं। तलाशी अभियान में ड्रोन और कुत्तों की टीम की मदद ली जा रही है। इसके अलावा किश्तवाड़ में भी आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ चल रही है, लेकिन वहां अभी तक आतंकवादियों का कोई सुराग नहीं मिला है।

    जैश आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी

    सेना और सुरक्षा बलों को जानकारी मिली है कि उधमपुर क्षेत्र में दो से तीन जैश आतंकवादी छिपे हुए हैं। इन आतंकवादियों ने कुछ समय से घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। इस जानकारी के आधार पर पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

    सुरक्षाबलों की सतर्कता और भविष्य की तैयारी

    अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने घाटी के आठ अलग-अलग स्थानों पर भी छापेमारी की, जिसमें श्रीनगर भी शामिल है। सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए सभी कदम उठा रहे हैं। उधमपुर में शहीद हुए सैनिक की वीरता और बलिदान को सलाम किया जा रहा है।

  • नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    सोमवार को नेपाल में Gen-G प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस हिंसक प्रदर्शन में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए। इस घटना के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को अपने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की। मंत्रालय ने नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिकों से सावधानी बरतने और हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षित रहने का आग्रह किया।

    भारत का आधिकारिक बयान और संवेदना

    विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि “हम कल से नेपाल में घटनाओं पर नजदीकी नजर रख रहे हैं और कई युवाओं की मौत से गहरा दुखी हैं। हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। भारत एक करीबी मित्र और पड़ोसी देश होने के नाते आशा करता है कि सभी संबंधित पक्ष संयम बरतें और शांति एवं संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करें।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि काठमांडू और अन्य शहरों में कर्फ्यू लागू किया गया है और भारतीय नागरिकों को नेपाल सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    नेपाल में Gen-Z हिंसा के बीच भारत ने जारी की आपात चेतावनी, भारतीयों को दी सुरक्षा सलाह

    काठमांडू में असीमित कर्फ्यू लागू

    नेपाल की राजधानी काठमांडू में मंगलवार को असीमित कर्फ्यू लगाया गया। यह आदेश पिछले कर्फ्यू हटाए जाने के कुछ ही घंटे बाद लागू किया गया। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने राजधानी में सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू का आदेश जारी किया। यह कदम सुरक्षा बलों और युवाओं के बीच सोशल मीडिया प्रतिबंध को लेकर हुई झड़पों के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया। कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही, किसी भी प्रकार की सभा, धरना या प्रदर्शन पर रोक रहेगी। आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य कर्मी और मीडिया कर्मियों को सुरक्षा बलों के समन्वय में कार्य करने की अनुमति होगी।

    नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाया

    नेपाल सरकार ने अपने पहले निर्णय को वापस लेते हुए देश में सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध हटा दिया। यह निर्णय Gen-G के हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया जिसमें कम से कम 19 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए। नेपाल के संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रिथ्वी सुब्बा गुरुङ ने कहा कि आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया।

    सोशल मीडिया की बहाली और भविष्य की तैयारी

    मंत्री गुरुङ ने कहा कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को सोशल मीडिया साइटों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। Gen-G ने संसद के सामने काठमांडू के केंद्र में विशाल प्रदर्शन किया था और उनके अनुरोध के अनुसार यह कदम उठाया गया। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया साइटों जैसे Facebook और X पर प्रतिबंध लगाया था क्योंकि वे नेपाल सरकार के साथ पंजीकरण नहीं करवा पाए थे। इस घटना से स्पष्ट है कि सोशल मीडिया और युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच संवेदनशील संतुलन बनाए रखना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया है।

  • मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    मुंबई में भारतीय नौसेना के रिहायशी क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात नौसेना के एक अग्निवीर के पास से उसकी ड्यूटी खत्म होने के नाम पर एक संदिग्ध व्यक्ति ने राइफल और 40 जिंदा कारतूस छीन लिए। इस व्यक्ति ने नौसेना का यूनिफॉर्म पहन रखा था। बाद में पता चला कि यह व्यक्ति नौसेना का कर्मी नहीं था बल्कि एक अज्ञात शख्स था। अब भारतीय नौसेना और मुंबई पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।

    नौसेना प्रवक्ता ने दी जानकारी

    इस घटना के बारे में नौसेना प्रवक्ता ने जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि “06 सितंबर 2025 की रात मुंबई के नौसेना के रिहायशी क्षेत्र में एक पोस्ट से राइफल और गोला-बारूद गायब होने की रिपोर्ट मिली है। ड्यूटी पर तैनात एक जूनियर नाविक को एक अन्य व्यक्ति, जो नौसेना का यूनिफॉर्म पहने था, ने ड्यूटी से मुक्त कर दिया। उसने दिखाया कि उसे भी वही ड्यूटी करने के लिए भेजा गया है। बाद में उस व्यक्ति को उसके पोस्ट से राइफल और गोला-बारूद के साथ गायब पाया गया।”

    मुंबई में नौसेना क्षेत्र में घुसा नकली यूनिफॉर्म वाला शख्स, राइफल और 40 कारतूस लेकर हुआ फरार

    खोज अभियान जारी

    नौसेना प्रवक्ता ने आगे बताया कि “गायब हुई चीजों को खोजने के लिए मुंबई पुलिस के सहयोग से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस घटना के कारणों की जांच के लिए एक जाँच बोर्ड का गठन किया गया है। अन्य सरकारी एजेंसियां भी इस मामले की जांच कर रही हैं। भारतीय नौसेना इस प्रयास में सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।”

    पुलिस ने दर्ज की FIR

    मुंबई पुलिस ने भी इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है। पुलिस के अनुसार, नौसेना अधिकारी की शिकायत पर कफ़ परेड थाना में FIR दर्ज की गई है। अभी तक उस संदिग्ध व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। राइफल और जिंदा कारतूस भी बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस और नौसेना मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।

    सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

    इस घटना ने नौसेना के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। एक अज्ञात व्यक्ति का नौसेना का यूनिफॉर्म पहनकर ड्यूटी पर तैनात जवान से हथियार छीन लेना चिंता का विषय है। यह मामला न केवल नौसेना बल्कि सामान्य नागरिकों के बीच सुरक्षा के प्रति भी सतर्कता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न केवल सैन्य प्रतिष्ठा को खतरा होता है बल्कि सुरक्षा तंत्र को भी मजबूत करने की आवश्यकता सामने आती है।

  • चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को मिला बम धमकी का खतरा, ईमेल के जरिए आई हाई कोर्ट को धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को मिला बम धमकी का खतरा, ईमेल के जरिए आई हाई कोर्ट को धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    चंडीगढ़ के सेक्टर-1 में स्थित पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को बुधवार को फिर से बम धमकी का खतरा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और हाई कोर्ट की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बम स्क्वाड और ऑपरेशन सेल की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। हाई कोर्ट परिसर की हर जगह तलाशी ली जा रही है।

    पूर्व में भी मिल चुकी है धमकी

    हाई कोर्ट को इससे पहले 22 मई को भी बम धमकी मिली थी। उस समय हाई कोर्ट बार एसोसिएशन को इस धमकी की जानकारी मिली थी और सभी वकीलों से सतर्क रहने की अपील की गई थी। इस धमकी के बाद हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी और जांच-पड़ताल की गई थी।

    चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को मिला बम धमकी का खतरा, ईमेल के जरिए आई हाई कोर्ट को धमकी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    खतरे का जरिया ईमेल

    जानकारी के अनुसार इस बार धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई। रजिस्ट्रार को ईमेल मिला जिसमें हाई कोर्ट परिसर को बम से उड़ा देने की चेतावनी दी गई। पुलिस के अनुसार, मौके पर तलाशी अभियान के दौरान अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पूरी जगह को जांचा जा रहा है।

    सतर्कता के बीच हाई कोर्ट परिसर में जांच

    पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर के आने-जाने वाले सभी लोगों की तलाशी शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ हर व्यक्ति और वाहन की जांच की जा रही है। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीम तैयार है।

    सुरक्षा बढ़ाने के आदेश

    पुलिस विभाग ने हाई कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है और बम धमकी की गंभीरता को देखते हुए हर संभव कदम उठाया जा रहा है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि हाई कोर्ट के आस-पास आने-जाने में सतर्क रहें और संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।

  • गुरुग्राम में सनसनीखेज लूट, 8 किलो सोना और 8.56 लाख नकद लूटे गए, पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए

    गुरुग्राम में सनसनीखेज लूट, 8 किलो सोना और 8.56 लाख नकद लूटे गए, पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए

    गुरुग्राम के सेक्टर-5 में स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी की शाखा में शनिवार को हुई सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस ने मंगलवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस लूट में दो गिरोहों के 8-9 लोग मिलकर लगभग 8 किलो 540 ग्राम सोना और 8 लाख 56 हजार रुपये नकद लूटकर ले गए। लूटे गए सोने की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

    गिरफ्तार हुए आरोपी

    पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा है, उनकी पहचान मोहन उर्फ मोहन (22 वर्ष) निवासी शिवांका, सोनिपत, राहुल उर्फ बेहरा (21 वर्ष) निवासी खुरलत, करनाल और सनी उर्फ सुनील (20 वर्ष) निवासी दासना, सोनिपत के रूप में की है। आरोपियों को ढानकोट के पास से पकड़ लिया गया।

    गुरुग्राम में सनसनीखेज लूट, 8 किलो सोना और 8.56 लाख नकद लूटे गए, पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए

    लूट का तरीका और हिंसक घटनाएं

    पुलिस के अनुसार, लूट में शामिल पांच लोग फर्जी आईडी दिखाकर शाखा में ऑडिटर बनने का बहाना बनाकर प्रवेश किए। अंदर जाकर उन्होंने असिस्टेंट मैनेजर और दो अन्य कर्मचारियों को पिस्टल के बल पर बंधक बना लिया। जब कर्मचारियों ने विरोध किया तो सभी को पिस्तौल की बट से मारा गया। लूट का पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।

    सोने की चोरी और पूर्व कर्मचारी का शक

    ब्रांच के असिस्टेंट मैनेजर के अनुसार, उस समय शाखा में लगभग 32 किलो सोना था, जिसमें से 8.5 किलो सोना लूट लिया गया। जांच के दौरान पुलिस को शक है कि इस लूट में पूर्व कर्मचारी की भी भूमिका हो सकती है क्योंकि लूटेरों को ब्रांच की लेआउट और सुरक्षा प्रणाली की पूरी जानकारी थी।

    ग्राहकों की चिंता और पुलिस की कार्रवाई

    लूट की घटना के बाद कई ग्राहक शाखा पहुंचे और अपने जमा किए सोने की स्थिति जानने की कोशिश की। पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और शेष आरोपियों की तलाश जारी है। इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं।