Tag: September 28

  • New Railway Line: हरियाणा के इन शहरों की होने वाली है बल्ले-बल्ले, 5600 करोड़ की लागत से बिछेगी नई ट्रेन लाइन

    New Railway Line: हरियाणा के इन शहरों की होने वाली है बल्ले-बल्ले, 5600 करोड़ की लागत से बिछेगी नई ट्रेन लाइन

    Haryana New Railway Line: भारत में रेलवे (Indian Railways) का इतिहास बहुत पुराना और गौरवशाली रहा है। पहली ट्रेन 1853 में मुंबई से ठाणे तक चली थी और तब से लेकर आज तक भारतीय रेलवे न सिर्फ देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बना बल्कि आम आदमी की जीवनरेखा भी साबित हुआ है। चाहे गांव हो या शहर रेलवे ने लोगों को जोड़ा रोजगार दिया और व्यापार को नई दिशा दी।

    आज के समय में जब देश तेज़ी से डिजिटल और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर की तरफ बढ़ रहा है ऐसे में रेलवे भी खुद को नए रूप में ढाल रहा है। हाई-स्पीड ट्रेन (Metro Projects) और अब ऑर्बिटल ट्रेन जैसे इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स इसका प्रमाण हैं।

    ऑर्बिटल ट्रेन परियोजना

    हरियाणा सरकार ने अब एक और बड़ा कदम उठाते हुए कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (KGP Expressway) के साथ ऑर्बिटल ट्रेन (Orbital Rail Corridor) चलाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

    इस योजना के तहत एक फिजिबिलिटी सर्वे रिपोर्ट हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई है। इस रिपोर्ट में प्रोजेक्ट की संभावनाओं लागत संरचना और सामाजिक-आर्थिक असर का गहराई से अध्ययन किया गया है।

    नेतृत्व में नया विज़न

    इस प्रोजेक्ट की निगरानी खुद हरियाणा राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह परियोजना न केवल एक ट्रांसपोर्ट सुविधा होगी बल्कि यह एक आर्थिक इंजन भी साबित होगी जो आसपास के क्षेत्रों के विकास को एक नई दिशा देगी।

    सोनीपत से शुरू होकर गाजियाबाद होते हुए पलवल तक यह ऑर्बिटल ट्रेन दौड़ेगी और ये सभी बड़े शहर एक डेडिकेटेड रेल कॉरिडोर से जुड़ेंगे। इसे Eastern Orbital Rail Corridor के नाम से विकसित किया जाएगा।

    क्या मिलेगा इस ट्रेन से?

    अब बात करते हैं इस प्रोजेक्ट के फायदों की। सबसे पहला फायदा ये होगा कि (passenger transportation) में जबरदस्त सुधार आएगा। लोग कम समय में ज्यादा दूरी तय कर पाएंगे। इसके अलावा (goods transportation) भी अब और ज्यादा कुशल हो जाएगा जिससे छोटे व्यापारी से लेकर बड़े कारोबारी तक सभी को फायदा होगा।

    इस रेल कॉरिडोर से बनने वाले नए रेलवे स्टेशन ट्रैक और सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से इलाके में बड़े पैमाने पर रोज़गार के मौके भी पैदा होंगे। खासकर कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन फेज़ में युवाओं के लिए नौकरी के दरवाज़े खुलेंगे।

    परियोजना का ढांचा और निवेश

    इस ऑर्बिटल ट्रेन परियोजना की अनुमानित लागत ₹5617 करोड़ बताई जा रही है। इतने बड़े प्रोजेक्ट को केवल सरकारी बजट पर निर्भर नहीं रखा जा सकता इसीलिए इसमें निजी निवेशकों की भूमिका को भी खासा महत्व दिया गया है।

    राज्य सरकार चाहती है कि (Public Private Partnership) मॉडल पर इस प्रोजेक्ट को अमल में लाया जाए जिससे फंड की कोई कमी ना रहे और समयबद्ध ढंग से इसका कार्यान्वयन हो।

    स्थानीय विकास की नई मिसाल

    गौरतलब है कि सोनीपत गाजियाबाद और पलवल वो क्षेत्र हैं जहां शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ऑर्बिटल ट्रेन इन इलाकों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देगी। आसपास के कस्बों और गांवों को भी इसका लाभ मिलेगा क्योंकि ये ट्रेन मुख्य शहरों से उन्हें जोड़ेगी।

    यातायात के दबाव को कम करने के साथ-साथ यह परियोजना (pollution control) में भी सहायक साबित हो सकती है क्योंकि ज्यादा लोग पर्सनल व्हीकल्स की बजाय ट्रेन को प्राथमिकता देंगे।